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रिश्तों में चुदाई पठन समय: 11 मिनट पढ़ा गया: 975 बार

रैगिंग ने रंडी बना दिया-109

पिंकी सेन

17 Jun 2026 को प्रकाशित

रैगिंग ने रंडी बना दिया-109
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दोस्तो, आपकी पिंकी आ गई है आज का पार्ट लेकर या ऐसा कहूँ तो ज़्यादा अच्छा लगेगा कि इस कहानी का आख़िरी पार्ट लेकर आई हूँ.

तो कहानी जहाँ रुकी थी, वहीं से देखो.

सुमन- पापा छुपाने से कोई फायदा नहीं.. मुझे सब पता है. अब आप बताते हो या..

सुमन आगे कुछ बोल पाती, उसके पहले टीना ने उसको चुप करा दिया.टीना- रूको सुमन, ऐसे इनकी समझ में बात नहीं आएगी. मैं ही पूरी बात इनको बताती हूँ.

टीना ने शुरू से सारी बातें बताईं, जिसे सुनकर गुलशन जी का पारा चढ़ गया- उस कमीने की ये मजाल वो मेरी बेटी को रंडी बनाएगा.. उसको तो ऐसी मौत मारूँगा कि उसकी रूह भी कांप जाएगी.सुमन- उसकी कोई जरूरत नहीं है.. क़ानून उसको सज़ा दे देगा. आप अनिता के बारे में बताओ.. वो कौन है, कहाँ से आई.. मुझे सब कुछ जानना है.गुलशन- इस बारे में हम बाद में बात करेंगे. ऐसे बाहर वालों के सामने तुम अपने बाप को क्यों जलील कर रही हो?सुमन- कौन बाहर वाला? इनको सब पता है.. ये फ्लॉरा जिसके साथ आप कितनी बार सो चुके हो और ये टीना इसी की वजह से अपने मुझे भी नहीं बख्शा है.गुलशन- ये ग़लत है मैंने कुछ नहीं किया. मैं हमेशा से तुम्हें अच्छी नज़रों से देखता था. मेरे अन्दर के मर्द को तुमने जगाया था. तुमने ही मुझे ये पाप करने पे मजबूर किया था.

अपनी ग़लती का अहसास होते ही सुमन शांत हो गई मगर अनिता वाली बात उसने नहीं छोड़ी. आख़िर गुलशन जी को उन सबको सारी कहानी बतानी पड़ी.

सुमन- छी.. पापा आप इतने कैसे गिर सकते हो.. कितनी शादी करोगे आप.. उस अनिता को बेटी बनाकर घर लाते तो मुझे ख़ुशी होती, आपने तो उसको रखैल बना दिया और उसके होते हुए भी आप क्यों तड़पने का नाटक कर रहे थे.. क्यों मेरी जिंदगी बर्बाद की आपने?गुलशन- वो नाटक तेरी माँ को दिखाने के लिए था ताकि उसको शक ना हो मगर मैं करता भी क्या? तुम्हारी माँ शुरू से ऐसी ही थी. मजबूर होकर मैंने अनिता की माँ से शादी की, जब वो बीमार पड़ गई तो अनिता को मैंने अपनी बना लिया.सुमन- पापा आपने पाप किया है अब आप इसको छुपाने की कोशिश मत करो.गुलशन- ऐसा कुछ नहीं है, तुम अनिता से मिल चुकी हो.. वो अपनी मर्ज़ी से मेरे साथ है. मैंने उसको पहले ऑफर दिया था मगर वो मेरे साथ ही खुश थी.. चाहो तो तुम उससे मिल कर पूछ लो.

सुमन को वो शॉपिंग वाली बात याद आ गई जब वो अनिता से मिली थी. उसके बाद टीना और फ्लॉरा चली गईं और सुमन के ज़िद करने पर गुलशन जी उसको अनिता के पास ले जाने को तैयार हो गए और दोनों घर से अनिता के घर की ओर निकल गए.

मगर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, अनिता जब मार्केट सामान लेने गई तो ममता से उसकी मुलाकात हो गई. ममता याद है ना आपको, अरे फ्लॉरा की मॉम.. हाँ वही सुमन की बुआ ममता, तो उनकी मुलाकात हो गई. अब बातों बातों में अचानक ममता की तबीयत खराब हो गई तो अनिता उसको अपने साथ अपने घर ले गई ताकि थोड़ा आराम करेगी तो ठीक हो जाएगी.

वहां पहुँच कर ममता ने अपने पति जॉय को कॉल कर दिया कि उसकी तबीयत खराब है तो वो किसी के यहाँ रुकी है. उसने अनिता के घर का पता भी दे दिया.

अब दोस्तो आप समझ रहे होंगे कि यहाँ क्या होने वाला है? हाँ सही समझे भाई और बहन का मिलाप होने वाला है. तो चलो देर किस बात की, करवा देते है मिलाप.

गुलशन और सुमन जैसे ही अनिता के घर के बाहर पहुँचे, तभी वहां जॉय और फ्लॉरा भी आ गए.

सुमन- तुम यहाँ कैसे फ्लॉरा और ये साथ में कौन हैं?फ्लॉरा- ये मेरे पापा हैं यार मेरी मॉम यहाँ हैं.. उनकी तबीयत ठीक नहीं तो यहाँ रुक गई थीं और उन्होंने पापा को कॉल पर बता दिया था. उस वक़्त मैं पापा के साथ थी तो हम दोनों ही यहाँ आ गए.

उनकी बातें गुलशन जी ने भी सुनी. अब उनकी हालत तो देखने लायक थी.

उन्होंने सुमन से बहाना किया कि तुम अन्दर जाओ मैं थोड़ी देर में आता हूँ मगर सुमन नहीं मानी और उनको अन्दर साथ ही लेकर गई, जहाँ सबसे पहले उनकी मुलाकात ममता से ही हुई और ममता को एक सेकेंड भी नहीं लगा अपने भाई को पहचानने के लिए.

अब यहाँ तो भाई और बहन का मिलाप हो रहा था. वहीं सुमन और फ्लॉरा की नज़रें एक दूसरे से मिलीं कि ये क्या अनहोनी हो गई. फ्लॉरा ने अपने सगे मामा से चुदाई की थी.

ममता ने एक के बाद एक सवाल पूछने शुरू कर दिए- भाभी, कहाँ हैं बच्चे कितने हैं वगैरह वगैरह..

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गुलशन जी ने जैसे तैसे ममता के सवालों का जवाब दिया और उसको कहा कि घर जाकर सब बातें करेंगे, अभी नहीं. वैसे अनिता के बारे में वो सब कुछ साफ छुपा गए.

जॉय और ममता से सुमन को मिलवाया और जैसे तैसे करके उन्हें घर भेज दिया बस फ्लॉरा वहीं रुक गई.

अनिता को जब सारी कहानी पता लगी. उसने भी गुलशन जी को बहुत सुनाई और फ्लॉरा ने भी सुमन को बता दिया कि उस दिन ये मेरी मॉम के बारे में बहुत पूछ रहे थे. शायद इन्हें पहले ही पता था कि मैं इनकी भांजी हूँ. तो सुमन ने अपने पापा को बहुत कोसा, भला बुरा कहा और गुलशन जी मायूस होकर वहां से निकल गए.

आप सोच रहे होंगे मैं ये किस तरह कहानी बता रही हूँ तो दोस्तो इसका जवाब मैं लास्ट में आपको दूँगी. पहले ये देखो कि यहाँ क्या गजब हो गया.

गुलशन जी ने समाज और इंसानियत के सारे नियम तोड़ दिए थे. अब वो अपनी सग़ी बेटी, सौतेली बेटी और भांजी की नज़रों में गिर गए थे. अब बस उनको टेंशन थी तो ममता की कि वो कैसे उनका सामना करेंगे. उन्होंने तो उनकी बेटी को भी गंदा कर दिया था. बस यही सब सोच कर वो घर गए, एक पेपर पे कुछ लिखा और खुद को खत्म कर लिया.

जब सुमन और फ्लॉरा अनिता के साथ घर आए तो उनकी हालत देख कर दंग रह गए. अब गुलशन जी इस दुनिया को अलविदा कह चुके थे और कागज पर उन्होंने सबसे माफी माँगी थी. खास तौर पर वो सबको कह गए कि बस ये राज को यहीं खत्म कर दो. ममता को कभी मत बताना कि मैं ऐसा था.

लो दोस्तो, यही होता है बुरे काम का बुरा नतीजा. गुलशन जी ने जो किया, वो शुरू में बड़ा मजेदार था. आपको भी पढ़कर मज़ा आ रहा था. पहले अनिता फिर सुमन और फ्लॉरा.. मगर आख़िर में पाप का घड़ा भर गया तो जान देनी पड़ी.

बस दोस्तो यही मेरा मकसद था आपको बताना कि कभी रिश्तों को गंदा मत करना. ये कहानी शुरू में अच्छी लगती है मगर इसका एंड कोई नहीं समझता.

अब खुद देखो संजय ने क्या नहीं किया. उसने भी खूब एंजाय किया, आपमें से कई नौजवान संजय जैसा बनने की चाहत करने लगे मगर ग़लत काम का कभी अच्छा फल नहीं मिलता और देखो आज संजय जेल की सलाखों के पीछे है, ऊपर से किसी को मुँह दिखाने लायक भी नहीं बचा. साथ में उसके दोस्त भी अपनी करनी का फल भुगत रहे हैं.

इनकी एक साथी टीना को भूल गए, आप सोच रहे होंगे इसने भी मज़े किए थे, ये कैसे बच गई. तो इसकी भी सुनो इसने अपने भाई को फास्ट करने के लिए जो पाप किया था, उसकी सज़ा इसको ये मिली कि धीरे धीरे मॉंटी इतना बिगड़ गया कि बाहर दोस्तो के साथ हर किस्म के फालतू काम करने लगा, रंडियों के पास जाने लगा. एक बार तो सोते टाइम टीना के साथ ज़बरदस्ती करने की कोशिश भी की, टीना ने उसको मारा पीटा, मगर वो नहीं सुधरा.

तो यही थी टीना की सज़ा, उसकी करनी की सज़ा उसके भाई और माँ को भुगतनी पड़ी.

बहुत दोस्तो को शुरू से लगता था कि गोपाल और मोना का सुमन से कोई रिश्ता होगा.. मगर दोस्तो ऐसा कुछ नहीं है. ये दो अलग अलग कहानी थीं, जो मैंने आपको साथ साथ सुना दी थीं. वैसे गोपाल के बारे में बता देती हूँ कि वो उस लड़की के खूब मज़े लेने लगा और मौके का फायदा उठा कर मोना भी सुधीर से चुदती रही. हाँ वो अलग बात है गोपाल की नज़रों में वो शरीफ़ ही बनी रही. फिर एक बार काका भी गाँव से आए थे तो गोपाल की गैर मौजूदगी में उन्होंने जमकर मोना की चुदाई की. मतलबचाचा ससुर के मोटे लंड से बहु की चुदाईहोती रही.

अब आप सोच रहे होंगे कि काका और मोना ने भी पाप किया है तो इनको सज़ा मिली या नहीं, तो दोस्तो जरूरी नहीं सब को यही सज़ा मिले, कुछ फैसले भगवान के हाथ होते हैं, वो कब और कैसे किसको सज़ा दे दे, ये सिर्फ़ वही जानता है. इनकी लाइफ में आगे क्या हुआ ये किसी को नहीं पता.

तो दोस्तो ये थी कहानी रैंगिंग ने बना दिया रंडी.. मैं जानती हूँ कि इतनी जल्दी कहानी खत्म होने से मेरे फ्रेंड दुखी होंगे मगर दोस्तो कहानी तो एक ना एक दिन एंड होनी ही थी.

अब मेरी बीमारी ना होती तो शायद आपको कुछ दिन और एंजाय करने को मिलता, लेकिन आप यकीन नहीं करोगे कि ये पार्ट लिखते टाइम भी मेरे हाथ में ग्लूकोज की ड्रिप लगी हुई है. अब आपसे विदा लेती हूँ और जाते जाते फिर कहती हूँ कि हिन्दुस्तान हमारा है, इसकी सबसे बड़ी ख़ासियत ही रिश्ते नाते हैं. तो प्लीज़ इसकी कदर करें और प्यार से रहें. सभी रिश्ते बड़े होते हैं, इनको गंदा मत करना, बाकी ऊपर वाला आपको समझ देता ही है.

मेरी इस दिलचस्प सेक्स स्टोरी पर आपके कमेन्ट और मेल मुझे मिलते रहने चाहियेंsupport@mohakkisse.com

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रैगिंग ने रंडी बना दिया

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