होम पर वापस जाएं
रिश्तों में चुदाई पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 980 बार

रैगिंग ने रंडी बना प्रिया-37

पिंकी सेन

04 Dec 2025 को प्रकाशित

रैगिंग ने रंडी बना प्रिया-37
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

अब तक की इस हिंदी सेक्स स्टोरी में आपने पढ़ा था कि दीपक ने अपनी भांजी नेहा की चुत की सील खोल दी थी और दोनों बिस्तर पर थे।अब आगे..

नेहा रोज की तरह दीपक के सीने पे पेट के बल लेट गई और लंड को चूसने लगी, इधर दीपक भी उसकी चुत पर अपनी जीभ से मरहम लगाने में लग गया।थोड़ी ही देर में दीपक का लौड़ा फिर से हार्ड हो गया और उसको बस चुत की जरूरत होने लगी तो दीपक ने नेहा को हटाया और कहा- धीरे से लंड पे बैठ जा, अब चुदाई का टाइम हो गया है।

नेहा- मामू मज़ा आ रहा था.. थोड़ी देर मेरी चुत को और चाट लेते।दीपक- चुत चाटने से इसका दर्द नहीं जाएगा.. ये लंड की मार से ही ठीक होगी, अब चल जल्दी कर लंड पे बैठ जा।

नेहा ने वैसे ही किया, जैसे दीपक ने समझाया था। उसने लंड को चुत पर अड्जस्ट किया और धीरे से बैठने लगी मगर इतना मोटा लंड आसानी से थोड़ी जाएगा, अभी सिर्फ सील टूटी है चुत थोड़े ढीली हुई, उसको दर्द तो होगा ही, सो बस बेचारी कराह उठी- आह.. मामू दुख़्ता है और नहीं जाएगा ये.. उफ़ सस्स बहुत जलन हो रही है।दीपक- अरे अभी तो तेरी चुत में मेरा पूरा लंड गया था.. अब कैसे नहीं जाएगा कोशिश कर, बैठ जा आराम से।

नेहा ने बहुत धीरे-धीरे बैठना शुरू किया। उसको दर्द हुआ मगर वो सहन कर गई और पूरा लौड़ा चुत में घुस गया।नेहा- आह आह.. क्या है मामू उफ़फ्फ़ कितना मोटा है ससस्स.. पूरी चुत फैला दी.. आह.. कितना दर्द हो रहा है।दीपक- अरे आज ठीक से चुदवा ले, सारा दर्द हवा हो जाएगा। फिर तू रोज मज़ा लेना.. चल अब ऊपर-नीचे होकर चुदवा ले, मज़ा आएगा।

नेहा अब गांड को हिलाने लगी, उसको थोड़ा दर्द था मगर लंड की गर्माहट उसको सुकून दे रही थी। उसकी चुत भी गीली हो गई थी तो अब लौड़ा फिसलने लगा था। अब उसको हल्के दर्द के साथ मज़ा आने लगा।

नेहा- आह.. आइ मामू उफ़ अब मज़ा आह.. रहा है आह.. आपने सच कहा था आह.. असली मज़ा तो चुदाई में ही आता है।

नेहा गांड को हिलाकर मज़ा ले रही थी और नीचे से दीपक भी झटके मार रहा था। दस मिनट तक ये सीन चलता रहा, फिर दीपक ने नेहा को नीचे लेटा प्रिया और स्पीड से उसको चोदने लगा। नेहा भी कामुक सिसकारियों संग चुदाई का साथ मज़ा ले रही थी।

कई मिनट तक दीपक ने नेहा को चोदा और उसकी चुत को लाल कर प्रिया। इस दौरान वो दो बार झड़ गई थी मगर दीपक अभी भी चुत में लंड की ठोकर देने में लगा हुआ था। फिर उसने नेहा को घोड़ी बना प्रिया और उसकी कमर को कस कर पकड़ कर तेज़ी से चुदाई करने लगा।

नेहा- आह.. आह आह मामू बस करो आह.. आज आह.. जान लेके आह.. रहोगे क्या उफ़ आह…दीपक- तेरी जैसी कच्ची कली की चुत नसीब वालों को मिलती है.. उहह उहह साली तुझे तो अपनी रखैल बना के रखूँगा.. आह.. जब तक तेरी शादी नहीं हो जाती, तुझे चोदता रहूँगा आह.. मेरे भाग खुल गए जो घर में ही ऐसी मस्त चुत मिल गई.. ले आह.. ले आह..

दीपक की बातें नेहा की समझ के बाहर थीं.. वो तो बस मज़े ले रही थी। अब उसकी उत्तेजना फिर से चरम पर पहुँच गई थी। वो ज़ोर-ज़ोर सीत्कार करने लगी- अह.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… ज़ोर से करो मामू.. मजा आ रहा है।कुछ देर और चुदाई के बाद दीपक का ज्वालामुखी भी फटने वाला था। थोड़ी देर में दोनों साथ में झड़ गए और बिस्तर पर ही ढेर हो गए। अब कमरे में सिर्फ़ उनकी तेज चलती साँसों की आवाज़ सुनाई दे रही थी।

दोस्तो, दीपक तो कॉलेज नहीं गया, मगर बाकी सब तो गए ही थे, तो वहां दीपक के ना आने के सब अलग-अलग कारण बता रहे थे। उसका फ़ोन भी बंद था खैर जाने दो, वहां कुछ खास बातें नहीं हुईं।

बस टीना ने फ्लॉरा और साधना को मिला प्रिया और साधना को किसी टीचर ने बुला लिया तो वो चली गई.. बाकी सब वहीं रह गए।

वीरू- क्या बात है फ्लॉरा आज तो बड़ी अलग लग रही हो.. क्या आज कुछ खास किया है?फ्लॉरा- बस रहने दो.. मैं तुम्हें समझ गई हूँ.. तारीफ करके मुझे बनाओ मत।विक्की- कल क्यों नहीं आई मेरी जान.. बीमार हो गई थीं क्या?फ्लॉरा- पांच भूखे शेर एक बकरी पे टूट पड़ेंगे.. तो बकरी बीमार नहीं होगी क्या? पता है.. मेरा पूरा जिस्म दर्द कर रहा था?

साहिल- वैसे कुछ भी कहोग्रुप सेक्स में मज़ा बहुत आया.. अब दोबारा कब आओगी?फ्लॉरा- ना बाबा.. अब ग्रुप सेक्स कभी नहीं तुम सब बहुत भारी पड़ते हो.. हाँ अगर टीना साथ होगी तो शायद कर सकते हैं।टीना- तू मुझे क्यों घसीट रही है, ये साले कुत्ते हैं। तेरी हालत मैंने देखी है.. ना बाबा.. मैं तो कभी ना करूँ।

विजय- क्या यार क्यों भाव खा रही है फ्लॉरा तो अकेली 5 को झेल गई। अब तो तुम दोनों होगी तो आधे-आधे कर लेना।विक्की- आधे कैसे होंगे? हम 5 हैं अब कैसे होगा?‘तू साला चूतिया ही रहेगा.. सुन तुम और दीपक फ्लॉरा को चोद लेना और ये और ये टीना को.. बचा मैं तो एक बार टीना को चोद लूँगा, दूसरी बार फ्लॉरा को चोद दूँगा, हो गया ना!’टीना- साले तू दो बार मज़ा लेगा ज़्यादा होशियार बनता है.. ऐसा कुछ नहीं होगा ओके अब चलो।

ये तो गए, उधर दीपक और नेहा को भी रेस्ट मिल गया था तो आओ वहाँ देख लो अब वो क्या करता है।

नेहा- मामू ये चुदाई तो बहुत अच्छा खेल है.. कितना भी खेलो मन नहीं भरता। आपने पहले क्यों नहीं की मेरी चुदाई.. ये तो हम घर पे भी कर सकते थे?दीपक- अच्छा तो मतलब ये है कि मेरी जान की चुत में फिर खुजली हो रही है। सब्र कर मेरी जान आज तेरी सारी खुजली मिटा दूँगा और ये खेल अगर घर पे खेलते ना.. तो सब को पता लग जाता समझी!नेहा- कैसे लगता मामू मेरे चिल्लाने से ना.. तो अभी जैसे मुँह बंद किया वहां भी आप मेरे मुँह को बंद कर देते।दीपक- ऐसे तुझे समझ नहीं आएगा.. एक काम कर, वो सामने से तेरा स्कूल बैग उठा कर तो ला ज़रा!नेहा- उससे क्या होगा मामू बताओ?दीपक- अरे तू उठकर जा और बैग उठा कर ला.. फिर तुझे बताता हूँ।

नेहा जैसे ही बेड से उतरी उसको चुत में बहुत दर्द हुआ.. उसके पैर काँपने लगे। वो दो कदम भी नहीं चल पाई और वापस बेड पे बैठ गई, उसको बहुत दर्द हुआ- ओह मामू ये क्या हो गया.. मैं चल भी नहीं पा रही हूँ, मुझे चुत में बहुत दर्द हो रहा है और पैर भी दुख रहे हैं.

दीपक- यही तुझे समझाना था, अब कुछ समझ में आया। अगर घर पे करता तो तेरी ये हालत देख कर सब समझ जाते कि मैंने तेरी चुदाई की है। अब तू तो स्कूल से घर जाएगी तो किसी को शक नहीं होगा।नेहा- मगर मामू मैं जाऊंगी कैसे? अभी चला ही नहीं गया, घर पे सब पूछेंगे ऐसे क्यों चल रही हो तब उनको शक नहीं होगा कि मैंने चुदाई की है?दीपक- बहुत भोली है तू.. अब सुन मैं तुझे अभी चलने लायक बना दूँगा, फिर थोड़ा दर्द होगा तो तू घर पे कह देना स्कूल में गिर गई थी, तो पैर और कमर में मोच आई है। किसी को पता भी नहीं चलेगा और तुझे फ्री में मालिश भी मिल जाएगी।नेहा- वाउ मामू आप सच में बहुत अच्छे हो। अब मुझे चलने लायक कैसे बनाओगे आप वो भी बता दो?

दीपक- मेरी जान अभी तेरा स्कूल छूटने में बहुत टाइम है। पहले एक बार औरतेरी जम कर चुदाई कर दूँ, फिर बताऊंगा कैसे चलेगी तू.. और घर कैसे जाएगी?नेहा- मामू अब रहने दो ना.. फिर दर्द करोगे आप बाकी का घर पे कर लेना।दीपक- अरे अभी तो बोल रही थी कि ये खेल अच्छा है.. मन नहीं भरता, अब क्या हो गया?नेहा- मन तो है मामू लेकिन मेरे पैर और कमर भी दुखने लगे हैं।दीपक- सब ठीक हो जाएँगे, रात को मैं खुद तेरी मालिश करूँगा। चल इधर आ मेरे पास.. देख लौड़ा कैसे उदास हो रहा है.. इसे थोड़ा प्यार कर खुश हो जाएगा।

नेहा ने मुस्कुरा कर देखा और दीपक के पास जाकर उसके लंड को किस करने लगी।

दीपक भी कहाँ कम था, वो भी उसके मम्मों को मसलने लगा और धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे में खो गए। इस बार दीपक ने नेहा को गोद में उठा कर उसकी चुदाई की, नेहा भी अपनी बाँहें दीपक के गले में डालकर इस नई स्टाइल की चुदाई को एंजाय कर रही थी।

फिर काफी देर तक दीपक ने अलग-अलग तरीके से नेहा की खूब चुदाई की, तब कही जाकर वो ठंडा हुआ और नेहा की तो हालत ख़स्ता हो गई थी। उसकी चुत का तो जैसे झड़-झड़ कर पानी ही सुख गया था। वो एकदम बेजान सी हो गई और बेड पे लेट गई।

एक घंटा दोनों ने आराम किया.. फिर दीपक ने नेहा को कमरे में चलने को कहा, उसको शुरू में थोड़ी तकलीफ़ हुई मगर लगातर चलने से उसको दर्द कम हो गया। अब वो आराम से चल पा रही थी मगर उसकी चाल देख कर कोई भी बता सकता था कि इसको कुछ प्राब्लम तो है.. शायद पैर में मोच है या कुछ और है।

अब चुदाई करवा कर आई है ऐसा तो कोई सोचेगा नहीं.. बस फिर क्या था दीपक ने मौका देख कर उसको वहां से निकाल लिया और घर से थोड़ा दूर छोड़ कर खुद चला गया ताकि किसी को शक ना हो कि सुबह से ये उसके साथ थी।

नेहा घर चली गई और उसकी माँ ने उसको देखा तो उसने झूठ कह प्रिया कि गिर गई थी। बस फिर क्या माँ ने पूछताछ की कि ज़्यादा तो नहीं लगी.. ये वो.. फिर उसको चेंज करने को कहा। उसको थोड़ी मलहम वगैरह दे दी। बात खत्म हो गई और चुदाई का राज छुप गया।

दोपहर को दीपक आया तो नेहा के लिए मेडिकल से कुछ जरूरी दवा और ट्यूब ले आया ताकि चुदाई की तकलीफ़ कम हो और कोई बच्चा ना ठहर जाए। अब ये तो जरूरी चीजें है जो दीपक जैसे लड़के को ध्यान में रहती ही हैं।

शारदा- अरे आ गया तू.. खाना लगा दूँ बेटा?दीपक- हाँ जोरों की भूख लगी है और बाकी सब कहाँ गए.. दिख नहीं रहे?शारदा- क्या बताऊं आज नेहा स्कूल में गिर गई तो किरण उसके पास है।दीपक- क्या कैसे गिर गई ज़्यादा चोट तो नहीं लगी ना उसको?

दोस्तो, आप मुझे मेरी इस सेक्स स्टोरी पर संयमित भाषा में ही कमेंट्स करें.

support@mohakkisse.comहिन्दी सेक्स स्टोरी जारी है।

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

रैगिंग ने रंडी बना प्रिया

कुल भाग: 104
भाग 1
भाग 1: पढ़ें
भाग 2
भाग 2: पढ़ें
भाग 3
भाग 3: पढ़ें
भाग 4
भाग 4: पढ़ें
भाग 5
भाग 5: पढ़ें
भाग 6
भाग 6: पढ़ें
भाग 7
भाग 7: पढ़ें
भाग 8
भाग 8: पढ़ें
भाग 9
भाग 9: पढ़ें
भाग 10
भाग 10: पढ़ें
भाग 12
भाग 12: पढ़ें
भाग 14
भाग 14: पढ़ें
भाग 15
भाग 15: पढ़ें
भाग 16
भाग 16: पढ़ें
भाग 17
भाग 17: पढ़ें
भाग 20
भाग 20: पढ़ें
भाग 21
भाग 21: पढ़ें
भाग 22
भाग 22: पढ़ें
भाग 23
भाग 23: पढ़ें
भाग 24
भाग 24: पढ़ें
भाग 25
भाग 25: पढ़ें
भाग 26
भाग 26: पढ़ें
भाग 28
भाग 28: पढ़ें
भाग 29
भाग 29: पढ़ें
भाग 30
भाग 30: पढ़ें
भाग 31
भाग 31: पढ़ें
भाग 32
भाग 32: पढ़ें
भाग 33
भाग 33: पढ़ें
भाग 34
भाग 34: पढ़ें
भाग 35
भाग 35: पढ़ें
भाग 36
भाग 36: पढ़ें
भाग 37
भाग 37: पढ़ें
भाग 38
भाग 38: पढ़ें
भाग 39
भाग 39: पढ़ें
भाग 40
भाग 40: पढ़ें
भाग 41
भाग 41: पढ़ें
भाग 42
भाग 42: पढ़ें
भाग 43
भाग 43: पढ़ें
भाग 44
भाग 44: पढ़ें
भाग 45
भाग 45: पढ़ें
भाग 46
भाग 46: पढ़ें
भाग 47
भाग 47: पढ़ें
भाग 48
भाग 48: पढ़ें
भाग 49
भाग 49: पढ़ें
भाग 50
भाग 50: पढ़ें
भाग 51
भाग 51: पढ़ें
भाग 52
भाग 52: पढ़ें
भाग 53
भाग 53: पढ़ें
भाग 54
भाग 54: पढ़ें
भाग 55
भाग 55: पढ़ें
भाग 56
भाग 56: पढ़ें
भाग 57
भाग 57: पढ़ें
भाग 58
भाग 58: पढ़ें
भाग 59
भाग 59: पढ़ें
भाग 60
भाग 60: पढ़ें
भाग 61
भाग 61: पढ़ें
भाग 62
भाग 62: पढ़ें
भाग 63
भाग 63: पढ़ें
भाग 64
भाग 64: पढ़ें
भाग 65
भाग 65: पढ़ें
भाग 66
भाग 66: पढ़ें
भाग 67
भाग 67: पढ़ें
भाग 68
भाग 68: पढ़ें
भाग 69
भाग 69: पढ़ें
भाग 70
भाग 70: पढ़ें
भाग 71
भाग 71: पढ़ें
भाग 72
भाग 72: पढ़ें
भाग 73
भाग 73: पढ़ें
भाग 74
भाग 74: पढ़ें
भाग 75
भाग 75: पढ़ें
भाग 76
भाग 76: पढ़ें
भाग 77
भाग 77: पढ़ें
भाग 78
भाग 78: पढ़ें
भाग 79
भाग 79: पढ़ें
भाग 80
भाग 80: पढ़ें
भाग 81
भाग 81: पढ़ें
भाग 82
भाग 82: पढ़ें
भाग 83
भाग 83: पढ़ें
भाग 84
भाग 84: पढ़ें
भाग 85
भाग 85: पढ़ें
भाग 86
भाग 86: पढ़ें
भाग 87
भाग 87: पढ़ें
भाग 88
भाग 88: पढ़ें
भाग 89
भाग 89: पढ़ें
भाग 90
भाग 90: पढ़ें
भाग 91
भाग 91: पढ़ें
भाग 92
भाग 92: पढ़ें
भाग 93
भाग 93: पढ़ें
भाग 94
भाग 94: पढ़ें
भाग 95
भाग 95: पढ़ें
भाग 96
भाग 96: पढ़ें
भाग 97
भाग 97: पढ़ें
भाग 98
भाग 98: पढ़ें
भाग 99
भाग 99: पढ़ें
भाग 100
भाग 100: पढ़ें
भाग 101
भाग 101: पढ़ें
भाग 102
भाग 102: पढ़ें
भाग 103
भाग 103: पढ़ें
भाग 104
भाग 104: पढ़ें
भाग 105
भाग 105: पढ़ें
भाग 106
भाग 106: पढ़ें
भाग 107
भाग 107: पढ़ें
भाग 108
भाग 108: पढ़ें
भाग 109
भाग 109: पढ़ें
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

मेरी बहन और जीजू की अदला-बदली की फैंटेसी-2
रिश्तों में चुदाई

मेरी बहन और जीजू की अदला-बदली की फैंटेसी-2

अब तक की मेरी इस मस्त सेक्स कहानी में आपने पढ़ा कि मेरी बहन चित्रा और उसके पति ने अपनी अदला बदली की अर्चना को साकार करने के लिए मुझे और जीजाजी की बहन आलिया को राजी कर लिया था.

13 मिनट 569
दीदी के देवर की शादी में दीदी की ननद की चुदाई
रिश्तों में चुदाई

दीदी के देवर की शादी में दीदी की ननद की चुदाई

दोस्तो, मैं किंशुक फिर हाजिर हूँ, मैं काफी स्मार्ट हूँ, ऐसा मैं नहीं मेरे दोस्त कहते हैं। मेरा कद 5’10” हैं और मेरा लन्ड काफी लंबा और मोटा है जो किसी भी लड़की की चूत को फाड़ सकता है।मेरे घर में कुल 4 सदस्य हैं, मैं, मेरी बड़ी सिस्टर और मम्मी पापा!...

9 मिनट 626
बहन के ससुर से चुद गई- 3
रिश्तों में चुदाई

बहन के ससुर से चुद गई- 3

हार्ड फक का मजा अंकल से लिया मैंने. वे मेरी छोटी बहन के ससुर थे. मैंने उनसे सेटिंग होने के बाद उन्हें अपने घर बुलाया था चुदाई का मजा लेने के लिए. बहुत जोर से चोदा मुझे उन्होंने.

18 मिनट 1,263

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।