अब तक आपने मेरी इस देसी गर्ल सेक्स स्टोरी में आपने पढ़ा कि दीपक अपनी भांजी की चुत पर अपना लंड घिस रहा था।अब आगे..
अब दीपक जोर-जोर से कुर्सी हिला रहा था जिससे चुत की घिसाई और तेज हो गई थी। अब बेचारी नन्हीं सी जान कब तक इस हमले से बच पाती, उसको पता भी नहीं चला और वो स्खलन के करीब पहुँच गई।नेहा- आह.. आ मामू आह.. रोको आह.. प्लीज़ उफ़फ्फ़ मेरा आह.. जोर से सूसू निकल रहा है आह.. प्लीज़ आह.. नहीं..
दीपक तो खिलाड़ी थी.. उसको पता था यह इस कच्ची कली का पहला मौका है, जब वो झड़ रही है, उसने उसको कस के पकड़ लिया और तेजी से उसकी चुत पे लंड घिसने लगा।
नेहा अनजानी कामुकता से सिसकती रही और दीपक लंड घिसने में लगा रहा क्योंकि नेहा की चुत बहुत गर्म थी, उसने दीपक के पॉवरफुल लंड को भी झड़ने के लिए मजबूर कर प्रिया.. उसकी साँसें तेज हो गईं- आह.. आह मामू जोर से आह.. आ रही है.. उफ़ अब नहीं रुकेगी आह.. नहीं आ..दीपक- आह.. नेहा तू कितनी अच्छी है ले आह.. उफ़ ले और तेज ले आह.. ऐसा झूला फिर नहीं मिलेगा आह.. आ..
नेहा अगर चाहती तो उठ कर भाग बाथरूम की तरफ सकती थी मगर ये सूसू नहीं उसका चुत रस आने वाला था और आप जानते हो ये मज़ा ऐसा होता है इसमें इंसान बेबस हो जाता है। वो चाहकर भी नहीं उठ पा रही थी और अब इतने करीब आकर तो सवाल ही पैदा नहीं होता था कि वो उठ जाए।नेहा ने कस कर दीपक की जाँघ पकड़ लीं और अपने दाँत भींच लिए उसकी चुत से गर्म लावा बहने लगा था।
नेहा- आह ससस्स उफ़फ्फ़ मामू आह.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… ये क्या किया आह मेरी आह.. सूसू निकल गई उफ़फ्फ़ आ..
दीपक के लंड पे जब गर्म पानी का अहसास हुआ, वो भी अपना कंट्रोल नहीं रख पाया उसके लंड से भी फव्वारा निकल गया, जो नेहा के पेट और जाँघ पर बहने लगा।
पानी निकल जाने के बाद दीपक को अहसास हुआ कि उसने ये क्या कर प्रिया। तब उसके शैतानी दिमाग़ ने फिर नई स्कीम बनाई।दीपक- ओह शिट नेहा ये क्या किया तुमने.. उठो देखो तो क्या हो गया।
जैसे ही नेहा खड़ी हुई दीपक ने फ़ौरन अपना बरमूडा पहन लिया।
नेहा- सॉरी मामू मैंने तो आपको कितना कहा मेरा सूसू आ रहा है मगर आप सुने ही नहीं और मैं रोक नहीं पाई। नेहा बहुत डर गई थी और उसकी आँखों से आँसू भी आने लगे थे। दीपक ने लाइट ऑन की और नेहा को अपने गले से लगा लिया।
दीपक- अरे अरे पागल रोती क्यों है मैंने डांटा थोड़े ही है.. बस ऐसे ही मजाक से कहा और बचपन में तो कितनी बार हे तूने मेरी गोदी में सूसू किया है।नेहा- आई एम सॉरी मामू..दीपक- अरे पागल कुछ नहीं हुआ, देख मैं एकदम सूखा हूँ.. ज़रा सा निकल गया होगा।नेहा- नहीं मामू ज़्यादा निकाला, मेरी चड्डी पूरी खराब हो गई और पेट पे भी गीला-गीला हो गया।दीपक- अरे कुछ नहीं हुआ आ इधर आ मुझे दिखा।
दीपक ने पास से अपनी टी-शर्ट उठाई और नेहा की टी-शर्ट को ऊपर करके उसके पेट और जाँघ से अपना वीर्य साफ किया। फिर उसकी नज़र पैंटी पे गई जो आगे से गीली हो रही थी।
दीपक- अरे अरे ये चड्डी तो गीली हो गई.. ला उतार इसको.. मैं साफ कर देता हूँ।
नेहा बेचारी इतना डर गई थी, उसको कुछ समझ ही नहीं आ रहा था। उसने साइड होकर अपनी पेंटी उतार कर दीपक को दे दी।
दीपक- तू जा बाथरूम में.. अपने आप को साफ कर ले और सुन कपड़े पूरे उतार कर अच्छे से साफ करना.. नहीं तो सूसू के दाग कपड़ों पर लग जाएंगे।नेहा- ठीक है मामू ये टी-शर्ट भी देखो गीली हो गई अब मॉम गुस्सा करेगी।दीपक- तू एक काम कर ये टी-शर्ट भी उतार कर मुझे दे दे.. मैं इसको साफ करके अभी सुखा दूँगा। तब तक तू बाथरूम होके आ जा हाँ..!
नेहा ने बिना कुछ सोचे अपनी टी-शर्ट वहीं दीपक के सामने निकाल कर रख दी।
नेहा ने अन्दर बच्चों वाली ब्रा जो एक बेल्ट टाइप की होती है, वो पहनी हुई थी जिसमें उसके संतरे जैसे गोल-गोल चूचे साफ दिख रहे थे।
नेहा के जाने के बाद दीपक ने उसकी पेंटी को सूँघा.. कुँवारी चुत की खुशबू ही अलग होती है। वो पागल हो गया उसने पेंटी पर लगे नेहा के रस को जीभ से चाट कर साफ किया। उसका लंड फिर से खड़ा हो गया।
दीपक अपने लंड से बोलने लगा- अबे साले मरवाएगा क्या, अभी तो कांड किया है.. अब तो बैठ जा।
फिर उसको ख्याल आया कि घर वाले कभी भी आ सकते हैं तो उसने टी-शर्ट पर लगा अपना वीर्य साफ किया, उस जगह को पानी से अच्छी तरह साफ करके प्रेस से उसको सुखा प्रिया, तब तक नेहा भी बाहर आ गई थी।
शत्रुता का दूसरा दौर- 1
नेहा- ओह मामू आप कितने अच्छे हो अपने टी-शर्ट को सुखा प्रिया।दीपक- चल जल्दी से तू इसको पहन ले।
नेहा ने टी-शर्ट पहन ली.. दीपक उसको कुछ कहने वाला था, तभी वो बोल पड़ी- मामू प्लीज़ ये बात आप मॉम को या किसी को मत बताना कि मैंने आपके ऊपर सूसू किया.. नहीं तो मॉम गुस्सा करेगी।दीपक- अरे पगली मैं क्यों कहूँगा किसी को, बल्कि मैं तो खुद तुझे मना करने वाला था। ग़लती से भी यहाँ जो हुआ किसी को मत बताना.. नहीं सब तेरा मजाक उड़ाएंगे समझी ना तू!नेहा भाग कर दीपक के पास आई और उससे लिपट गई।
नेहा- ओह मेरे प्यारे मामू.. आप सच में बहुत अच्छे हो आई लव यू मामू।
दीपक का लंड तो पहले ही कड़क था। अब तो वो फुंफकार मारने लगा और सीधा नेहा के पेट में चुभने लगा।दीपक- आई लव यू टू बेबी तू बहुत स्वीट है सच में।नेहा- उफ़ मामू ये क्या है.. फिर से पेट में चुभने लगा है।
दीपक ने उसको अलग किया और बिस्तर पे अपने पास बिठाया।
दीपक- कुछ नहीं नेहा तू इस पर अभी ध्यान मत दे और ये बता झूला कैसा था?
नेहा बेचारी भोली-भाली थी, उसको क्या पता कि जो उसको चुभा है वो लंड था और दीपक के सवाल ने उसको उस पल को याद करवा प्रिया जब वो झड़ी थी।
नेहा- ओह मामू क्या बताऊं, सच्ची आज मुझे बहुत मज़ा आया और पता नहीं मुझे क्या हुआ कि मेरा सूसू निकाल गया। मगर मामू एक बात कहूँ मैं रोज सूसू करती हूँ तब कुछ नहीं होता मगर आज तो मेरे पूरे बदन में चींटियां जैसी रेंगने लगीं और नीचे सूसू की जगह बहुत जोर की खुजली हुई, फिर सूसू निकली.. तब भी बहुत मज़ा आया।
दीपक कुछ कहता तभी उसको नीचे से किसी के ऊपर आने की आवाज़ आई।दीपक- ओह चुप कोई आ रहा है, ये बातें अब बंद कर और हाँ याद रखना किसी को कुछ नहीं बताना है। चल मैं डोर का लॉक खोल कर आता हूँ। तू बेड पर जाकर बैठ जा।
नेहा ने कुछ नहीं कहा और बेड पर चुपचाप बैठ गई। उधर दीपक ने जल्दी से लॉक खोला और खुद कुर्सी पर आकर बैठ गया।दीपक- अच्छा नेहा तूने बताया नहीं तू अब कौन सी क्लास में आ गई है।
तभी दरवाजा खुला और दीपक की मॉम अन्दर आ गईं।
शारदा- अच्छा तुम दोनों यहाँ बैठे गप्पें लड़ा रहे हो। नेहा जाओ तुम्हारी मॉम बुला रही है तुमको और संजू बेटा तुम ये लिस्ट लेकर बाजार से दीदी के लिए सामान लाकर दो।दीपक- आप चलो मॉम.. मैं बस 5 मिनट में आया।मॉम के जाने के बाद नेहा बोली- मामू आपको मालूम तो है कि मैं किस क्लास में हूँ।
नेहा की बात सुनकर दीपक को हँसी आ गई.. उसने तो सिचुयेशन संभालने के लिए ऐसे ही पूछा था और नेहा समझ नहीं पाई- क्या हुआ मामू आप हंस क्यों रहे हो.. मैंने अब क्या किया?दीपक- कुछ नहीं मेरी प्यारी नेहा ऐसे ही हँसी आ गई। चल अब तू घर जा ओके।नेहा- मामू वो मेरी चड्डी कहाँ है.. वो दे दो मुझे।दीपक- अरे वो गीली है.. अभी तू ऐसे ही चली जा और चुपके से दूसरी पहन लेना, किसी को बताना मत ओके.. मैं कल तुझे तेरी चड्डी सुखा कर दे दूँगा ठीक है ना!
नेहा ने एक बार फिर दीपक को हग किया और भागती हुई वहाँ से चली गई।दीपक ने उसकी पेंटी को अपनी अलमारी में रखा और खुद भी रेडी होकर निकल गया।
ये सब टीना बड़े ध्यान से सुन रही थी।
दीपक- अबे साली पहले तो बहुत चपर-चपर कर रही थी.. अब क्यों चुप बैठी है क्या हो गया तुझे?दीपक की आवाज़ सुनकर टीना का ध्यान टूटा ही नहीं, वो तो उसी कमरे में पहुँच गई थी.. जहाँ ये सब कुछ हुआ था।
टीना- ओ माय गॉड संजू यार तेरी बातें सुनकर मेरा जिस्म जलने लगा है। अगर पीरियड्स ना होते कसम से मैं अभी तेरा लंड चुत में घुसा लेती।दीपक- साली हालत तो मेरी भी खराब है मगर क्या करूँ, अब तू ही बता मैंने जो किया वो सही था या ग़लत?टीना- देख संजू जो उम्र नेहा की है वो अब बच्ची नहीं रही है.. वो पूरा लंड ले सकती है.. मगर वो थोड़ी भोली है इन सब बातों से अनजान है, तो उस हिसाब से बच्ची ही है और रही बात सही ग़लत की, तो तुम मर्द जात हो ही ऐसे.. बस मौका मिलना चाहिए फिर नहीं देखते कि सामने कौन की चुत है।दीपक- क्या बात कर रही है साली पूरा लंड ले सकती है.. तुझे कैसे पता? और ये मर्द जात वाली क्या बात है मेरे लंड को उसी ने खड़ा किया था।
टीना- यार इससे भी एक साल छोटी थी मेरी फ्रेंड.. जब उसके चाचा ने उसको चोद प्रिया था। नेहा तो नादान थी साले तुम्हारे ही दिमाग़ में खुराफात आई।दीपक- चल चल ये ज्ञान बंद कर और ये बता कौन सी फ्रेंड थी जिसने इतनी छोटी उम्र में लंड ले लिया था?टीना- अरे तू नहीं जानता यार.. थी एक चल अब देर हो रही है, मुझे घर भी जाना है।दीपक- अच्छा मत बता, जाने दे मगर ये तो बता अब इस नेहा का क्या करूँ?टीना- हा हा हा साला पक्का रंडीबाज है तू.. अरे वो ज्ञान तो ऐसे ही था, असल बात ये है कि जहाँ चुत मिले ठोक दो साली को, बना दो उसको कली से फूल मगर प्यार से हाँ.. कहीं बेचारी की चुत फाड़ मत देना हा हा हा हा..
ये कच्ची कली की सील तोड़ने की चर्चा कितनी मीनूर होती है कि साली चुत किसी की भी खुले लेकिन आप लोगों के लंड फड़कने लगते हैं। चलो अभी तो आप मेरी इस देसी गर्ल सेक्स स्टोरी पर अपने मेल लिखिएगा।support@mohakkisse.comकहानी जारी है।