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रिश्तों में चुदाई पठन समय: 15 मिनट पढ़ा गया: 707 बार

रैगिंग ने रंडी बना प्रिया-96

पिंकी सेन

13 May 2026 को प्रकाशित

रैगिंग ने रंडी बना प्रिया-96
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इस होम सेक्स स्टोरी के पिछले भाग में आपने पढ़ा था दीपक के लंड ने नेहा की गांड का उदघाटन भी कर प्रिया.अब आगे..

दोस्तो, आपके भेजे गए मेल से मुझे पता लग रहा है कि आप सभी को मेरी स्टोरी बहुत पसंद आ रही है. तो मजा लेते रहिये.

थोड़ी देर दोनों मामा भांजी वैसे ही नंगे लेटे रहे. फिर नेहा ने अपने मामा दीपक के होंठों को चूम लिया और उसकी तरफ़ देखने लगी. जब दीपक ने देखा की नेहा की आँखें अभी भी भीगी हुई हैं तो उसने नेहा के आँसू साफ किए और उसको बेतहाशा चूमने लगा.दीपक- आई लव यू नेहा, तुम बहुत अच्छी हो, मेरे लिए तुमने कितना दर्द सहन किया.नेहा- आई लव यू टू मेरे मामू.. ये नेहा आपकी ही तो है. अब प्लीज़ मुझे कभी ना मत कहना. आपके लंड के बिना मुझे कुछ अच्छा नहीं लगता. अब आप मुझे रोज चोदेंगे ना?दीपक- हाँ मेरी जान, मैं अब तुझे कभी नाराज़ नहीं करूँगा. चल अब लंड को चूस.. एक बार और तेरीचुत और गांडको चोद देता हूँ ताकि शाम तक तुझे लंड की याद ही ना आए.

दीपक की बात सुनकर नेहा खुश हो गई और लंड को चूसने लगी और दीपक उसके मम्मों से खेलने लगा.

जब ये चूसना बंद हुआ तो दीपक ने फिर उसकी गांड की ठुकाई की. अबकी बार नेहा को दर्द कम हुआ तो उसने भी पूरा साथ प्रिया. फिर उसकी चुत को भी दीपक ने जमकर चोदा और उसको चोद-चोद कर थका प्रिया.

जब दोनों की चुदाई का कोटा पूरा हो गया तो वो सो गए और रात को घर वालों के आने के बाद किसी को शक भी नहीं हुआ क्योंकि सोकर उठने के बाद दीपक ने नेहा को सीढ़ियों के कई चक्कर लगवाए ताकि उसकी चाल ठीक रहे. वैसे तो उसने मोच का नाटक किया हुआ था मगर दीपक कोई रिस्क नहीं लेना चाहता था, इसलिए उसने ये सब किया.

बस भी करो यार.. अब यहाँ का होम सेक्स तो हो गया. अब डिनर करके जाओगे क्या?चलो थोड़ा साधना के होम सेक्स को भी देख लो, आज उसकी सील टूटने वाली है तो उसने क्या किया है.

रात को अपने पापा से वादा करके साधना सो गई थी. सुबह वो उठी तो पापा जी का लंड अकड़ा हुआ था, जिसे देख कर साधना के मुँह में पानी आ गया.साधना- उह… पापा आपका लंड है या गन्ना, हमेशा खड़ा ही रहता है, अब सुबह-सुबह ही देखो कैसे तना हुआ है. अब इसको ठंडा करने के बाद ही मैं फ्रेश होने जाऊंगी. नहीं तो ये आपको परेशान करेगा.साधना ने अपने पापा के लंड के सुपारे को मुँह में ले लिया और उसको मजे से चूसने लगी. तभी गुलशन की आँख खुल गई और वो ये नजारा देख कर बहुत खुश हो गए.

पापा- आह.. मजा आ गया बेटी.. अगर ऐसे ही सुबह सुबह लंड को मसाज मिल जाए तो क्या कहने. वाह… तेरी जैसी बेटी पाकर मैं धन्य हो गया साधना.. आह.. चूस मेरी जान.. ओफ्फ.. मजा आ रहा है आह!साधना- ये कैसा लंड है पापा.. मैं उठी तो अकड़ा हुआ था तो मैंने सोचा इसको ठंडा कर देती हूँ.. नहीं तो ये पूरा दिन आपको परेशान करेगा.पापा- बहुत अच्छा सोचा तूने.. आह.. चूस दे इसे, अगर तेरी चुत भी मचल रही है तो बता दे.. मैं उसको भी ठंडी कर देता हूँ.साधना- नहीं पापा इसको तड़पने दो आज तो आप इसको लंड से ही ठंडा करना.पापा- ठीक है साधना, तू कॉलेज से आकर अच्छी तरह नहा लेना. आज रात मैं तेरे लिए यादगार बनाना चाहता हूँ.साधना- सीधे से कहो ना.. सारे बाल साफ करने हैं और आप भी कर लेना. ये छोटे-छोटे बाल मेरे मुँह को चुभते हैं.पापा- हा हा हा तू बड़ी स्यानी हो गई है.. अच्छा कर लूँगा अब जल्दी कर, इसका पानी निकालने के बाद तुझे नाश्ता भी रेडी करना है और खुद को भी रेडी करना है.

साधना ने फिर लंड को मुँह में ले लिया और स्पीड से लंड चूसने लगी. साथ ही वो लंड की गोटियां भी चूस रही थी और गुलसन जी मजे की अलग ही दुनिया में खो गए थे.

बीस मिनट की ज़बरदस्त चुसाई के बाद गुलशन जी के लंड ने पानी चोदा, जिसे उनकी बेटी साधना रसमलाई समझ कर गटक गई.

पापा- आह.. मजा आ गया साधना बेटी ओफ्फ.. काश तू रोज ऐसे ही सुबह सुबह मेरे लंड को शांत कर प्रिया करे तो कितना मजा आए.साधना- अच्छा ऐसी बात है तो रोज कर दूँगी, इसमें क्या है.. पापा, ये तो अब मेरा ही लंड है ना.साधना ने अपने बाप के लंड पे एक किस किया, फिर मुस्कुराते हुए वहाँ से उठ कर चली गई.

बस गुलशन जी बहुत देर तक आँखें बंद किए वहीं लेटे रहे.

साधना रेडी हो गई, उसने नाश्ता बना प्रिया और पापा के साथ नाश्ता करके वो टीना के घर की तरफ़ निकल गई.

जब साधना वहाँ पहुँची तो टीना पहले से रेडी थी और वो बाहर ही निकल रही थी.साधना- क्या बात है दीदी, आज आप इतनी जल्दी बाहर निकल आईं, सब ठीक तो है ना?टीना- अरे हाँ यार, सब ठीक है, शाम को दीपक का फ़ोन आया था, उसने जल्दी आने को कहा था. उसको कोई जरूरी काम है.साधना- अच्छा ऐसा क्या काम है जो सुबह सुबह बुलाया है. कहीं उनके इरादे वो वाले तो नहीं है ना?टीना- वाह भाई बड़ी फास्ट हो गई.. तू तो सेक्सी बातें भी करने लगी.साधना- सॉरी दीदी मैं तो ऐसे ही मजाक कर रही थी.. वैसे दीपक जी को क्या काम है?

टीना ने साधना को बताया कि इन दिनों माँ की तबीयत की वजह से उसने पढ़ाई पर ध्यान नहीं प्रिया और आज प्रॉजेक्ट्स सब्मिट करना है. बस दीपक उसकी हेल्प कर रहा है और इसी वजह से वो जल्दी जा रही है.

दोस्तो अब हमें थोड़ी चुदाई भी देखनी है.. आज ये सब तो बिज़ी रहने वाले हैं तो इनको जाने दो, मोना के पास ही जाने में फायदा है.

रोज की तरह गोपाल घर आ गया था और मोना से मिन्नतें कर रहा था कि जल्दी साधु को बुलाओ. अब नीतू का यौवन देख कर वो सब्र नहीं कर सकता है.मोना ने गोपाल को बताया- कल वो घड़ी आ रही है क्योंकि बाबा ने कल सन्डे को आने का कहा था, अब बस कल तक अपने आपको संभालो.मोना की बात सुनकर गोपाल बहुत खुश हो गया था और उसने मोना को बांहों में भर लिया, उसको चूमने लगा.

मोना- अरे बस बस इतना भी खुश मत हो, ये बस एक बार होगा ओके.. उसके बाद नीतू को भूल जाना. तुम्हें सिर्फ़ और सिर्फ़ मेरी चुत की आग मिटानी होगी.गोपाल- ऐसा मत कहो यार.. एक बार में तो मजा भी नहीं आएगा.मोना- अच्छा मैं यहाँ तुम्हारी जान बचाने के चक्कर में लगी हूँ और तुम्हें मजे की पड़ी हुई है?गोपाल- अरे प्लीज़ यार ग़लत मत समझो. अच्छा तुम्हें मैं फुल आज़ादी देता हूँ, जिसके साथ तुम्हारा मन करे, तुम कभी भी कर सकती हो ओके.मोना- मुझे रंडी बोल तो चुके हो.. अब बनाने का भी इरादा है क्या?गोपाल- अरे नहीं जान मेरा ये मतलब नहीं था. मैं तो बस ये चाहता हूँ कि तुम भी खुलकर मजा ले सकती हो.मोना- अच्छा अच्छा ज़्यादा मस्का मत लगाओ. नीतू को बाद में भी चोद लेना और रही बात मेरी, तो उसका बाद में देखेंगे.

मोना की बात सुनकर गोपाल खुश हो गया और मोना को किस करने लगा मगर मोना का मूड नहीं था तो उसने गोपाल को हटा प्रिया और काम में लग गई.

यहाँ भी कुछ हाथ नहीं लगा. कोई बात नहीं दोस्तो चलो आज कुछ नया बताती हूँ.

कॉलेज के बाद सब अपने अपने घर की तरफ़ निकल लिए मगर आज साधना और टीना के साथ फ्लॉरा भी आ गई और ये तीनों टीना के घर में आ गईं. उस वक़्त मॉंटी घर पर नहीं था और टीना की माँ तो हैं, नहीं हैं, एक बराबर है.. तो चलो इनकी बातें सुनते हैं.

टीना- यार आज तो दीपक ने बचा लिया. नहीं तो प्रॉजेक्ट के चक्कर में आज मेरीगांड फट जाती.फ्लॉरा- जिसने बचाया है उसी ने फाड़ी भी होगी तेरी गांड.. हा हा हा हा.टीना- कमीनी तुझे बड़ा पता है ना.. तू भी तो उस दिन उससे चुदने को मरी जा रही थी और कैसे उन पाँचों के लंड तूने सारे छेदों में लिए हुए थे.साधना- उह.. माँ.. सबके एक साथ लिए थे, फ्लॉरा दीदी आपको दर्द नहीं हुआ क्या?फ्लॉरा- अरे दर्द तो बहुत साल पहले हो चुका, अब तो बस मजे ही मजे हैं यार.

टीना- किसे बता रही है यार.. इसमें इतनी हिम्मत है ही नहीं, ये कभी इस मजे को नहीं समझ सकेगी.साधना- आप ऐसे क्यों बोल रही हो दीदी? मैंने मना कब किया, मौका आएगा तब मैं भी कर लूँगी ना.फ्लॉरा- अरे मौके की तलाश लड़कों को होती है. लड़की तो बस इशारा कर दे, एक से एक लंड उसको चोदने को आ जाएंगे.टीना- यार, ये ऊपर के मजे तो सारे लेती है.. मगर चुत में लंड लेने के नाम से बिना चुदे ही इसकी चुत फट जाती है.फ्लॉरा- यार ये क्या बात हुई, आख़िर तुझे किस बात का डर है?

साधना- व्व..वो मेरी उम्र कम है ना और मेरी चुत भी छोटी है.. इसलिए डरती हूँ.टीना- क्या यार साधना बड़ी पकाऊ है तू.. तेरी एज में लड़कियां शादी कर लेती हैं और चुत कितनी भी छोटी हो लंड आराम से ले लेती है.. समझी!फ्लॉरा- यार तू उम्र की बात कर रही है. मैं और टीना तो टीन एजर थीं, तब हमने अपनी चुत में लंड ले लिया था.साधना- दीदी आज मौका अच्छा है. आप दोनों अपनी कहानी बताओ ना प्लीज़.. शायद उससे मेरा डर निकल जाए.टीना- चल फ्लॉरा आज इसको सुना ही देते हैं. ये भी क्या याद करेगी हमको.

साधना की बात दोनों ने मान ली और तय ये हुआ कि सबसे पहले टीना अपनी चुत की चुदाई की कहानी बताएगी, उसके बाद फ्लॉरा.

फ्लॉरा- चलो टीना, शुरू हो जाओ और बताओ इसको कि कैसे तुमने लंड लिया था.

टीना- बात पहले की है जब मैं बहुत छोटी थी, तब पापा का बिजनेस अच्छा चलता था और मेरे एक अंकल थे जो उनके पार्ट्नर थे. मगर वो अंकल अजीब ही थे, मेरे पापा से उम्र में बड़े थे मगर उन्होंने शादी नहीं की थी, बस अपनी ही मस्ती में रहते थे.फ्लॉरा- यार तू फिल्मी अंदाज में मत बता, ऐसे तो शाम हो जाएगी. सीधे चुदाई की कहानी बता, बस वो कैसे हुई और किसके साथ हुई.टीना- चुपचाप सुन लो, ऐसे डायरेक्ट ही बताऊंगी तो क्या समझ आएगा.साधना- नहीं दीदी आप शुरू से ही बताओ.

टीना- सब अच्छा चल रहा था, फिर एक दिन पापा को मौत हो गई और सारा काम बिगड़ गया. मगर अंकल ने हमें संभाल लिया और मेरी माँ को उन्होंने व्यापार का काम समझा प्रिया ताकि पापा की जगह वो बिजनेस चला सकें.फ्लॉरा- उह.. ये बात है.. फिर क्या हुआ?टीना- होना क्या था मॉम काम में इतनी उलझ गईं कि बहुत कम उम्र में ही मुझे खुद को और अपने भाई को संभालना पड़ा और धीरे धीरे दिन गुजरने लगे.

फ्लॉरा- यार लंबी मत कर.. चुदाई का बता ना, देख मेरे निपल्स हार्ड हो गए हैं.टीना- कमीनी अभी कोई गंदी बात सुनी भी नहीं और तुझ पे सेक्स चढ़ गया क्या?साधना- दीदी आगे क्या हुआ बताओ ना!टीना- अच्छा अच्छा अब पॉइंट पे आती हूँ. सुनो, मैं जब स्कूल में थी, तब मुझे अंकल का व्यवहार अलग सा लगने लगा. वो घर आते तो किसी ना किसी बहाने से मुझे टच करते, मुझे गोद में बिठाकर हिलते, मगर उस वक़्त मुझे नहीं पता था कि उनके इरादे क्या हैं.

फ्लॉरा- अंकल लंड को आराम देते थे तेरी कच्ची चुत की गर्मी से.. हा हा हा हा.टीना- हाँ पता है, ज़्यादा ज्ञान मत दे कुतिया.. मगर उस वक़्त पता नहीं था और एक बात बताऊं, अंकल ने शादी नहीं की थी मगर चुदाई बिना वो रहते भी नहीं थे. हर बार नई लड़की की चुदाई करते थे. उनको रोज नई बीवी चाहिए थी इसी लिए शादी नहीं की.

साधना- दीदी आपको ये सब कैसे पता और अगर वो इतने गंदे थे तो आपकी माँ ने उन्हें आपके करीब कैसे आने प्रिया?टीना- यार यही तो बात है, वो माँ के सामने बहुत शरीफ बनते थे और वैसे भी शादीशुदा औरतों को वो देखना पसंद नहीं करते थे, इसी कारण किसी को उन पर शक नहीं होता था. वो तो कॉलेज गर्ल्स या कोई मजबूर लड़की ढूँढते थे, जिससे उनको पैसे और अंकल को नई लड़की की चुत मिल जाती थी.फ्लॉरा- अच्छा अब आगे बता तू?

टीना- अंकल के ऊपर माँ का दिन पे दिन भरोसा बढ़ता जा रहा था और अंकल की हरकतें भी बढ़ती जा रही थीं. एक दिन घर में कोई नहीं था, मॉंटी पड़ोसी के यहाँ खेलने गया हुआ था और माँ काम के सिलसिले में बाहर गई हुई थीं. तब अंकल घर पे आए और मुझे देख के मुस्कुराने लगे.फ्लॉरा- अब आई ना असली कहानी पर.. चल आगे बता क्या हुआ था?टीना- वैसे तो उस टाइम मुझे सेक्स के बारे में इतना नहीं पता था, मगर हाँ अच्छे-बुरे की पहचान थी और मर्द और औरत के बीच का फ़र्क भी अच्छी तरह जानती थी कि क्या सही है क्या ग़लत इतनी समझ मुझमें थी.फ्लॉरा- यार तू बहुत पका रही है.टीना- अच्छा अच्छा ऐसे तुमको मज़ा नहीं आएगा उस दिन क्या हुआ वो विस्तार से बताती हूँ. हाँ घूर मत सिर्फ़ सेक्स के बारे में ही बता रही हूँ ओके.

दोस्तो हम भी कुछ साल पीछे जाकर ही देखते हैं वहाँ क्या हुआ था.

बस दोस्तो अब इनकी कहानी अगले पार्ट में सुनना आप, तब तक जल्दी से आप मुझे मेरी इस होम सेक्स स्टोरी पर कमेंट्स कर सकते हैंsupport@mohakkisse.comकहानी जारी है.

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रैगिंग ने रंडी बना प्रिया

कुल भाग: 104
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भाग 3
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भाग 4
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भाग 5
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भाग 6
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भाग 7
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भाग 8
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भाग 9
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भाग 10
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भाग 12
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भाग 14
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भाग 15
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भाग 16
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भाग 20
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भाग 23
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भाग 24
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भाग 26
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भाग 29
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भाग 30
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भाग 31
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भाग 33
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भाग 36
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भाग 46
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भाग 47
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भाग 48
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