होम पर वापस जाएं
जवान लड़की पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 998 बार

रैगिंग ने रंडी बना प्रिया-20

पिंकी सेन

22 Oct 2025 को प्रकाशित

रैगिंग ने रंडी बना प्रिया-20
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

अब तक की इस सेक्स स्टोरी में आपने पढ़ा कि दीपक की मुँहबोली भांजी नेहा दीपक के साथ सोने की जिद करने लगी।

अब आगे..नेहा- मॉम, मैं तो मामू के पास सोऊंगी.. आप बहुत खर्राटे मारती हो।नेहा की बात सुनकर सभी हंसने लगे। फिर दीपक की माँ ने कहा- अच्छा जा सो जा!मगर किरण ने कहा- ये रात को दीपक को परेशान करेगी, इसको हाथ-पैर चलाने की आदत है।

मगर नेहा कहाँ मानने वाली थी, आख़िर उसकी मर्ज़ी ही चली और वो दीपक के साथ उसके रूम में चली गई।नेहा ने एक ट्रॅक सूट पहना हुआ था.. जिसमें वो बड़ी प्यारी लग रही थी।

दीपक- बड़ी शैतान हो गई है तू.. अपनी मॉम के साथ क्यों नहीं सोई?नेहा- मॉम के साथ मज़ा नहीं आता मामू.. आपके साथ सोऊंगी तो अच्छी नींद आएगी। फिर आपके साथ मस्ती करने का आज मेरा मन भी बहुत कर रहा है। एक बार आपकी फुन्नी दिखाओ ना मुझे!दीपक- अरे बदमाश कहीं की.. अभी नहीं, पहले सबको सोने दो और मैंने कहा था ना.. फुन्नी नहीं..

दीपक आगे बोलता इससे पहले ही नेहा ने कहा- हाँ पता है.. लंड.. अब दिखाओ ना प्लीज़!दीपक- अरे पूरी रात पड़ी है.. दिखा भी दूँगा और आज नए तरीके से मज़ा भी दूँगा.. मगर थोड़ा सब्र कर, मैं बाथरूम जाकर फ्रेश होकर आता हूँ.. तब तक नीचे सब सो भी जाएंगे ओके!

नेहा को वहीं बैठाकर दीपक बाथरूम चला गया। उसका लंड तो पहले ही अधूरा था, अब नेहा की बात सुनकर उसको लगा कि फ्लॉरा की कमी अब नेहा पूरा कर देगी।

अरे अरे अभी ग्रुप सेक्स का मज़ा लेकर आए हो.. इतनी जल्दी दोबारा सेक्स.. ना ना.. थोड़ा वेट करो, दीपक को फ्रेश होने दो। तब तक चलो आज साधना को भी तो कुछ नया करना है.. याद है या भूल गए? लो खुद देख लो।

शाम को खाने के बाद साधना ने अपनी माँ से मोबाइल ले लिया कि उसको कुछ काम की बात नेट से देखनी है और उसको लेकर वो अपने कमरे में चली गई।

जैसे-जैसे साधना सेक्स स्टोरी पढ़ रही थी.. उसका बदन जलने लगा था, उसके निप्पल हार्ड हो गए थे और चुत तो मानो ऐसे जल रही थी, जैसे कोई आग की भट्टी हो।

साधना अब वासना की आग में जल रही थी, उसने अपने मम्मों को सहलाना शुरू कर प्रिया था.. कभी चुत को रगड़ती। ऐसे ही एक घंटा वो कहानी पढ़ती रही और गरम होती रही। अब उसकी बर्दाश्त की ताक़त खत्म हो गई, वो चुत को जोर-जोर से रगड़ने लगी।साधना- आह.. आ आह.. दीदी आह.. ये कैसी कहानी बताई आपने आह.. मेरी चुत में आग लगा दी इसने.. उफ़ आह..

साधना चुत को जोर-जोर से रगड़ने लगी। अब उसकी उत्तेजना चरम पर थी मगर उसको लगा कि ऐसे तो उसका नाइट ड्रेस खराब हो जाएगा तो उसने फ़ौरन अपना हाथ रोक लिया और जल्दी से कपड़े निकाल दिए। कुछ पल बाद उसने ब्रा-पेंटी भी निकाल दी, वो एकदम नंगी हो गई। तभी उसे टीना की बात याद आई कि कैसे नंगी होकर ज़्यादा मज़ा आता है।

साधना को कहानी का सीन भी याद आया कि कैसे वो लड़की नंगी अपने आपको देखती है। बस फिर क्या था साधना ने लाइट ऑन की और अपने आपको मिरर में देखने लगी।

चांद सा चमकता उसका गोरा जिस्म उस पर कश्मीरी सेब जैसे उसके 30″ के चूचे और उन पर हल्के पिंक कलर के निप्पल.. जो सेक्स की आग में जलकर बाहर को निकल आए थे.. एकदम नुकीले हो गए थे। नीचे पतली बल खाती उसकी कमर और उसके नीचे बड़ा पाव जैसी फूली हुईकुंवारी चुत, जिसकी लकीर पिंक थी। मगर दोनों फांकें ऐसी चिपकी हुई थीं कि कागज की नोक भी अन्दर ना जाए और उसकी गांड भी 30″ की एकदम साँचे में ढली हुई।

साधना का ये हुस्न देख कर किसी का भी लंड सलामी देने लगे।

कुछ देर तक साधना अपने जिस्म को निहारती रही, फिर बिस्तर पे जाकर स्टोरी पढ़ने लगी और अपनी उंगली चुत पर घुमाने लगी।

साधना- आह.. आह.. दीदी सच में उफ़ बिना कपड़ों के आह.. ज़्यादा मज़ा आ रहा है.. उई आह.. ये इतनी खुजली क्यों हो रही है.. एयेए आह.. आ दीदी उफ़ आह.. आह..

साधना पहले ही गर्म थी। अब उंगली ने अपना कमाल दिखाया और साधना की चुत झड़ने लगी। उसका पूरा हाथ चुत रस से भर गया।

काफ़ी देर तक साधना वैसे ही पड़ी रही फिर वॉशरूम जाकर उसने अपनी चुत को साफ किया और बिस्तर पर आकर नंगी लेट गई। अब उसके दिमाग़ में लंड की पिक चल रही थी कि कैसे वो उसकी चुत में जाएगा.. फिर उसको दर्द का ख्याल आया तो वो डर गई।

साधना- नहीं बस उंगली से ही मज़ा लूँगी.. लंड से बहुत दर्द होगा आह.. मगर एक ना एक दिन तो लेना होगा.. नहीं, जब होगा तब की बात अलग है।

साधना काफ़ी देर तक अपने आपसे बातें करती रही। वो कशमकश में थी कि चुदाई का मज़ा ले या नहीं। फिर उसने सारे विचार झटके और फिर कहानी रीड करने लगी।

दोस्तों ये चुदाई की कहानी का चस्का ऐसा ही होता है.. साधना बस पढ़ती जा रही थी और फिर उसकी वासना बढ़ती जा रही थी। साथ ही वो अपनी चुत को सहला कर मज़ा ले रही थी।

कुछ ही पलों में साधना फिर से उत्तेजित हो गई और जोर से चुत रगड़ने लगी। उसको ऐसा लगा कि अन्दर बहुत खुजली हो रही है, उसने थोड़ी सी उंगली अन्दर की तो उसको दर्द हुआ। फिर उसने चुत को ऊपर से ही रगड़ कर अपने आपको शांत किया और खुद को साफ करके कपड़े पहन लिए।

साधना- बाप रे ये मुझे क्या हो गया.. कितना टाइम हो गया, मैं ऐसे करती रहूंगी तो सुबह हो जाएगी और ये पानी क्या निकला.. मेरी तो टांगें जवाब दे गईं और ये चुत की खुजली भी वैसी की वैसी है। उंगली से कितना दर्द हुआ तो इतना बड़ा लंड कैसे जाता होगा.. ना बाबा मैं लंड कभी नहीं लूँगी.. बस ये फाइनल है।

काफ़ी देर तक साधना अपने आपसे बात करती रही, फिर कब उसकी आँख लगी पता भी नहीं चला। उसको इतनी ज़बरदस्त नींद आई.. जैसे बरसों बाद आज सोई हो।

उधर दीपक भी बाथरूम से बाहर आ गया था। नेहा तो बस पेट के बल लेटी आने वाले पलों को याद करके मुस्कुरा रही थी।

दीपक ने सोचा एक बार नीचे देख लिया जाए.. फिर इस कच्ची कली को मसलेगा। यही सोच कर वो नीचे गया और उसकी उम्मीद के मुताबिक खर्राटे जोरों पर चल रहे थे यानि सब सो गए। वो धीरे से वापस ऊपर आ गया।

दीपक ने जब दरवाजा लॉक किया तो नेहा पलट गई और एक क़ातिल मुस्कान देने लगी।

दीपक- क्या बात है.. बहुत मुस्कुरा रही हो.. क्या सोच रही हो?नेहा- कुछ नहीं मामू.. आपने कहा था ना कि आज अलग मज़ा दोगे.. वही सोच रही हूँ।दीपक- अच्छा ये बात है.. तो चल एक काम कर.. पहले सारे कपड़े निकाल दे फिर देख तुझे कैसे मज़ा देता हूँ।नेहा- सारे कपड़े क्यों मामू.. नहीं मुझे आपसे शर्म आएगी।दीपक- ओये होये.. क्या बात है चुत चुसवाई तब शर्म नहीं आई.. अब कैसी शर्म! चल निकाल देर मत कर आज तुझे मैं जन्नत की सैर कराता हूँ।नेहा- ठीक है मामू.. आपकी बात कैसे टाल सकती हूँ.. अभी निकाल देती हूँ।

नेहा ने झट अपने कपड़े निकाल दिए और इधर दीपक तो पहले ही भरा हुआ था, उसने भी नंगे होने में देर ना की।जब दीपक की नज़र नेहा पर पड़ी.. तो वो बस देखता रह गया।

जैसा मैंने पहले बताया था, नेहा बहुत खूबसूरत लड़की है.. उसके छोटे-छोटे गहरे काले बाल, एकदम बड़ी-बड़ी आँखें और आँखों का कलर नीला, जैसे कोई लेंस लगाया हुआ हो, चाँदी जैसा चमकता रंग.. सीना तो ज़्यादा नहीं.. मगर संतरे जैसे इसके गोल मम्मे हैं.. एकदम ठोस गेंदें जैसे.. पूरे सुडौल चूचे जैसे साँचे में ढाल कर बनाए गए हों। उसके मम्मों पर मुकुट से तने एकदम छोटे से निप्पल.. जैसे कोई हल्के भूरे रंग के बटन टंके हों.. और चुत तो आपको पता ही है.. एकदम क्लीन.. बस चुत के आस-पास हल्के से मखमली रोंए उगे हुए थे। नेहा की छोटी सी चुत एकदम फूली हुई थी और हाँ इसकी जांघें मोटी-मोटी और गांड बाहर को निकली हुई बहुत मस्त लग रही थी।

ये देख कर दीपक का लंड फुंफकारने लगा, उसमें आज अलग ही कड़कपन आ गया था।

नेहा- क्या हुआ आ जाओ ना.. कल आपने मेरी फुन्नी चाटी थी, तो मज़ा आ गया था.. मामू आप आज भी चाटोगे ना?दीपक- फिर फुन्नी.. चुत बोल मेरी जान और आज तुझे उससे भी ज़्यादा मज़ा दूँगा।

दीपक की बात सुनकर नेहा खुश हो गई और भाग कर उससे लिपट गई।दीपक का लंड उसके पेट में चुभने लगा तो नेहा ने अलग होकर उसको पकड़ लिया।

नेहा- बहुत गंदा है.. हमेशा चुभता रहता है, अभी इसको चूस कर इसका मज़ा रस निकाल देती हूँ.. फिर कैसे चुभेगा।दीपक- मेरी नेहा.. ये लंड ऐसे नहीं मानेगा इसे तेरी कच्ची चुत चाहिए.. अब तो उसके अन्दर जाकर ही ये शांत होगा।नेहा- मामू ये आप क्या बोल रहे हो.. ये बहुत बड़ा है और मेरी फु.. नहीं चुत छोटी सी है.. इसमें ये कैसे जाएगा?दीपक- मेरी जान ये जो चुत है ना.. इस लंड के लिए ही बनी है, ये बाहर से ज़रूर छोटी दिखती है.. मगर ये इससे भी बड़ा लंड निगल सकती है, बस थोड़ी मेहनत करनी होगी.. फिर असली मज़ा आएगा।नेहा- ओह मामू रियली..! फिर तो आज आप इसे डाल ही दो, मुझे बहुत ज़्यादा मज़ा लेना है आज.. अब जल्दी डालो ना।दीपक- हा हा हा पागल है तू.. लंड ऐसे नहीं जाएगा.. पहले कुछ तैयारी करनी होगी। चल अब बिस्तर पे आ, वहीं तुझे सब समझा दूँगा।

नेहा बिस्तर पर लेट गई और दीपक उसके पास लेट गया। अब वो नेहा को किस करने लगा, उसके मुलायम होंठों का रस पीने लगा। वैसे तो नेहा अनाड़ी थी मगर वो संजू का साथ देने की पूरी कोशिश कर रही थी।

दीपक पर अब हवस हावी हो गई थी। वो नेहा के छोटे चूचे दबाए जा रहा था.. उन्हें पूरा मुँह में लेकर चूस रहा था।

नेहा- आह.. ससस्स मामू आह.. धीरे आह.. दर्द होता है आह.. ऑच प्लीज़ आह.. काटो मत आह.. उई ऐसे ही चूसो आह.. अब मज़ा आ रहा है।

दीपक धीरे-धीरे नेहा के पूरे जिस्म को चाटने लगा। उसकी टांगें ऊपर करके वो अब अपनीभानजी की नंगी चिकनी चुतपे टूट पड़ा।अब भानजी की चुदाई तय थी.

प्यारे साथियो, आप मुझे मेरी इस सेक्स स्टोरी पर कमेंट्स कर सकते हैं.. पर आपसे एक इल्तिजा है कि आप मर्यादित भाषा में ही कमेंट्स करें क्योंकि मैं एक सेक्स स्टोरी की लेखिका हूँ, बस इस बात का ख्याल करते हुए ही सेक्स स्टोरी का आनन्द लें और कमेंट्स करें।support@mohakkisse.comकहानी जारी है।

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

रैगिंग ने रंडी बना प्रिया

कुल भाग: 104
भाग 1
भाग 1: पढ़ें
भाग 2
भाग 2: पढ़ें
भाग 3
भाग 3: पढ़ें
भाग 4
भाग 4: पढ़ें
भाग 5
भाग 5: पढ़ें
भाग 6
भाग 6: पढ़ें
भाग 7
भाग 7: पढ़ें
भाग 8
भाग 8: पढ़ें
भाग 9
भाग 9: पढ़ें
भाग 10
भाग 10: पढ़ें
भाग 12
भाग 12: पढ़ें
भाग 14
भाग 14: पढ़ें
भाग 15
भाग 15: पढ़ें
भाग 16
भाग 16: पढ़ें
भाग 17
भाग 17: पढ़ें
भाग 20
भाग 20: पढ़ें
भाग 21
भाग 21: पढ़ें
भाग 22
भाग 22: पढ़ें
भाग 23
भाग 23: पढ़ें
भाग 24
भाग 24: पढ़ें
भाग 25
भाग 25: पढ़ें
भाग 26
भाग 26: पढ़ें
भाग 28
भाग 28: पढ़ें
भाग 29
भाग 29: पढ़ें
भाग 30
भाग 30: पढ़ें
भाग 31
भाग 31: पढ़ें
भाग 32
भाग 32: पढ़ें
भाग 33
भाग 33: पढ़ें
भाग 34
भाग 34: पढ़ें
भाग 35
भाग 35: पढ़ें
भाग 36
भाग 36: पढ़ें
भाग 37
भाग 37: पढ़ें
भाग 38
भाग 38: पढ़ें
भाग 39
भाग 39: पढ़ें
भाग 40
भाग 40: पढ़ें
भाग 41
भाग 41: पढ़ें
भाग 42
भाग 42: पढ़ें
भाग 43
भाग 43: पढ़ें
भाग 44
भाग 44: पढ़ें
भाग 45
भाग 45: पढ़ें
भाग 46
भाग 46: पढ़ें
भाग 47
भाग 47: पढ़ें
भाग 48
भाग 48: पढ़ें
भाग 49
भाग 49: पढ़ें
भाग 50
भाग 50: पढ़ें
भाग 51
भाग 51: पढ़ें
भाग 52
भाग 52: पढ़ें
भाग 53
भाग 53: पढ़ें
भाग 54
भाग 54: पढ़ें
भाग 55
भाग 55: पढ़ें
भाग 56
भाग 56: पढ़ें
भाग 57
भाग 57: पढ़ें
भाग 58
भाग 58: पढ़ें
भाग 59
भाग 59: पढ़ें
भाग 60
भाग 60: पढ़ें
भाग 61
भाग 61: पढ़ें
भाग 62
भाग 62: पढ़ें
भाग 63
भाग 63: पढ़ें
भाग 64
भाग 64: पढ़ें
भाग 65
भाग 65: पढ़ें
भाग 66
भाग 66: पढ़ें
भाग 67
भाग 67: पढ़ें
भाग 68
भाग 68: पढ़ें
भाग 69
भाग 69: पढ़ें
भाग 70
भाग 70: पढ़ें
भाग 71
भाग 71: पढ़ें
भाग 72
भाग 72: पढ़ें
भाग 73
भाग 73: पढ़ें
भाग 74
भाग 74: पढ़ें
भाग 75
भाग 75: पढ़ें
भाग 76
भाग 76: पढ़ें
भाग 77
भाग 77: पढ़ें
भाग 78
भाग 78: पढ़ें
भाग 79
भाग 79: पढ़ें
भाग 80
भाग 80: पढ़ें
भाग 81
भाग 81: पढ़ें
भाग 82
भाग 82: पढ़ें
भाग 83
भाग 83: पढ़ें
भाग 84
भाग 84: पढ़ें
भाग 85
भाग 85: पढ़ें
भाग 86
भाग 86: पढ़ें
भाग 87
भाग 87: पढ़ें
भाग 88
भाग 88: पढ़ें
भाग 89
भाग 89: पढ़ें
भाग 90
भाग 90: पढ़ें
भाग 91
भाग 91: पढ़ें
भाग 92
भाग 92: पढ़ें
भाग 93
भाग 93: पढ़ें
भाग 94
भाग 94: पढ़ें
भाग 95
भाग 95: पढ़ें
भाग 96
भाग 96: पढ़ें
भाग 97
भाग 97: पढ़ें
भाग 98
भाग 98: पढ़ें
भाग 99
भाग 99: पढ़ें
भाग 100
भाग 100: पढ़ें
भाग 101
भाग 101: पढ़ें
भाग 102
भाग 102: पढ़ें
भाग 103
भाग 103: पढ़ें
भाग 104
भाग 104: पढ़ें
भाग 105
भाग 105: पढ़ें
भाग 106
भाग 106: पढ़ें
भाग 107
भाग 107: पढ़ें
भाग 108
भाग 108: पढ़ें
भाग 109
भाग 109: पढ़ें
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

गाँव की छोरी के साथ खेत में चोदा चोदी का खेल
जवान लड़की

गाँव की छोरी के साथ खेत में चोदा चोदी का खेल

नमस्ते दोस्तो, मैं महावीर एक गाँव में रहता हूँ।बात उस समय की है जब मैं 19 साल का था।

3 मिनट 1,006
एक उपहार ऐसा भी- 25
जवान लड़की

एक उपहार ऐसा भी- 25

मेरी इस लम्बी इंडियन गर्ल सेक्स स्टोरी का पूरा आनन्द लेने के लिए और कहानी को समझने के लिए शुरू से पढ़ना आवश्यक है.

16 मिनट 931
एक नर्स से फोन सेक्स के बाद चुदाई-2
जवान लड़की

एक नर्स से फोन सेक्स के बाद चुदाई-2

एक नर्स से फोन सेक्स के बाद चुदाई-1

11 मिनट 1,014

पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

श्रेया मिस

1 month ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

नरेश

1 month ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

हैरी स्टील

2 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।