होम पर वापस जाएं
जवान लड़की पठन समय: 11 मिनट पढ़ा गया: 1,236 बार

रैगिंग ने रंडी बना प्रिया-34

पिंकी सेन

26 Nov 2025 को प्रकाशित

रैगिंग ने रंडी बना प्रिया-34
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

अब तक की इस सेक्स स्टोरी में आपने पढ़ा था कि नेहा की छोटी सी बुर दीपक का मोटा लंड सहन नहीं कर पाई और वो चिल्ला पड़ी.अब आगे..

दीपक कुछ सोचने लगा जिसे देख कर नेहा उसके पास बैठ गई. थोड़ी देर बाद दीपक को आइडिया आ गया.दीपक- देख घर पर तो तुझे चोदना ख़तरनाक होगा. एक काम कर.. कल तू स्कूल के लिए निकलना मगर जाना मत.. वो पीछे जो पार्क है ना, वहीं रुक जाना, मैं से जल्दी वहाँ आकर तुझे अपने साथ ले जाऊंगा और हाँ बैग में अपनी कोई पुरानी टी-शर्ट रख लेना याद से.नेहा- ठीक है मामू मगर पुरानी टी-शर्ट का क्या करोगे आप?दीपक- कल बता दूँगा.. अब चल मेरे ऊपर आकर लेट जा.. तू लौड़ा चूस, मैं तेरीबुर का रसनिकालता हूँ. आज तो ऐसे ही काम चलाना पड़ेगा, कल ही तेरी सील तोड़कर तुझे चुदने लायक बना दूँगा ताकि ऐसी नौबत दोबारा ना आए.

वो दोनों 69 के पोज़ में हो गए और एक-दूसरे को मज़ा देने लगे. नेहा पहले ही ओर्गज्म पर आ चुकी थी इसलिए उसने जल्दी पानी फेंक प्रिया मगर दीपक को टाइम लगता है.. तो बस वो नेहा की बुर चाटता रहा और उसे फिर गर्म कर प्रिया. फिर 15 मिनट बाद नेहा झड़ गई, तब दीपक ने उसको उकड़ू बिठा कर उसका मुख चोदन किया और अपना पानी उसके मुँह में भर प्रिया. अब दोनों शांत हो गए थे.

दो बार झड़ने के बाद नेहा को नींद आने लगी, मगर दीपक संतुष्ट नहीं था वो कल के लिए सोचने लगा कि उसको क्या करना है.नेहा तो थोड़ी देर में ही सो गई मगर दीपक को बहुत देर बाद नींद आई और वो नेहा से लिपट कर सो गया.

उधर साधना और टीना ने भी चाय बना ली थी और कमरे में बैठ कर दोनों आराम से चुस्की लेते हुए बातें कर रही थीं.

साधना- दीदी एक बात पूछूँ.. आप बुरा तो नहीं मनोगी ना?टीना- अरे पूछ यार.. बुरा क्या मानना जो दिल में है पूछ ले.साधना- दीदी अपने कभी सेक्स किया है?टीना- ले, इस बात के लिए मैं बुरा मानूंगी.. अरे पागल सेक्स तो भगवान का प्रिया अनमोल तोहफा है.. हर लड़की को एक ना एक दिन इसका सुख मिलता है. मुझे थोड़ा जल्दी मिल गया था और उसके बाद तो बस पूछ मत.. लंड बुर में जाता है तो ही क्या बताऊं कैसा मज़ा आता है. तू सोच भी नहीं सकती कि चुदाई करवाने में कितना मज़ा आता है.

साधना- पहली बार में बहुत ज़्यादा दर्द होता होगा ना दीदी?टीना- अरे किसने कहा.. अगर चोदने वाला अनाड़ी होगा तो दर्द ज़्यादा होगा मगर कोई पक्का खिलाड़ी चुदाई करेगा ना तो बड़े प्यार से बुर को खोलेगा. तब दर्द कम होगा और मज़ा ज़्यादा आएगा.साधना- सस्स दीदी ये चुदाई पता नहीं क्या होती है.. मगर इसका नाम सुनकर नीचे तेज खुजली ज़रूर शुरू हो जाती है.टीना- अगर तू मेरी बात माने तो तुझे मैं एक बहुत ज़्यादा मज़ा लेने का आइडिया दूँ?साधना- हाँ दीदी बताओ, मैं आपकी बात कैसे नहीं मानूँगी.. आप बस जल्दी से बोलो.टीना- अपने पूरे कपड़े निकाल दे फिर मेरे भाई के लंड को चूस.. उसे अपने मम्मों पे रगड़.. अपनी दहकती बुर पे रगड़.. जैसे डिल्डो को रगड़ा था. फिर देख कितना मज़ा आता है तुझे.. फिर तू इस लम्हे को याद करेगी.

साधना- दीदी बात तो अपने अच्छी कही मगर इतना सब कुछ करने से मॉंटी उठ गया तो?टीना- अरे डर मत वो नहीं उठेगा, मुझे पता है ना तू शुरू हो जा बस.साधना- नहीं दीदी अगर उठ गया तो उस सिचुयेशन में हम क्या करेंगे. उसके बारे में पहले सोच लो, फिर मैं खुल कर मज़े ले सकती हूँ, नहीं तो डर के मज़ा नहीं आएगा.टीना- ये भी ठीक है.. अच्छा सुन ये चादर तू अपने पास में रख ले.. अगर ये उठ गया तो मैं फ़ौरन लाइट ऑफ कर दूँगी. ये कुछ समझे तब तक तुम उसके लंड को अन्दर करके ये चादर लपेट लेना. वो गहरी नींद से जागेगा उसे जल्दी कुछ समझ नहीं आएगा. फिर मैं बहाना बना दूँगी कि तू इसे डराने के लिए उसके पास गई थी.. सिंपल!साधना- वाउ दीदी आपका दिमाग़ है या कंप्यूटर.. आपने तो फ़ौरन मुश्किल हल कर दी.टीना- आगे-आगे देख तुझे भी ऐसे ही फास्ट बना दूँगी मैं.. फिर तू भी ऐसे आइडिया आराम से लगा लेगी. चल अब शुरू हो जा.. देख मॉंटी का लंड अभी भी तेरा इन्तजार कर रहा है.. जाकर टूट पड़ उस पर.

साधना पर तो चुदास की मस्ती छाई हुई थी. उसने जल्दी से अपने कपड़े निकाल फेंके और एक चादर लेकर मॉंटी के पास जाकर बैठ गई.

साधना का नंगा जिस्म तो आपने उस दिन देखा ही था तो अब आगे इसकी जवानी की प्यास भी देख लो कि ये क्या-क्या करती है.

साधना अब लंड को सहलाए जा रही थी.. उसे किस करके खड़ा करने की कोशिश कर रही थी. टीना का तो आपको पता ही है ना.. वो इस हसीन पल को अपने मोबाइल में कैद कर रही थी. साधना को इस बात का पता नहीं था.. वो तो बस अपने ही ख्यालों में खोई हुई थी और लंड को चूमे जा रही थी.

साधना- सस्सश आह… कितना अच्छा है मॉंटी तुम्हारा लंड आह मन करता है इसे खा जाऊं अभी के अभी.. आह उफ़ उम्म उम्म आह..

साधना बड़बड़ाए जा रही थी और मॉंटी के लंड को चूसे जा रही थी. अब वो पूरा खड़ा हो गया था.

साधना कीवासना की आगबहुत बढ़ गई थी, उसके निप्पल एकदम हार्ड हो गए थे. वो मॉंटी के लंड पर अपने निप्पल रगड़ने लगी.. कभी दोनों मम्मों को दबा कर लंड को चूसती और आहें भरती जा रही थी.

साधना- आह ससस्स मॉंटी.. उफ़ आह.. तेरे लंड तो आह.. बुर में हलचल मचा दी है आह.. उफ़ थोड़ा सा आह.. इसे बुर पे भी रगड़ लेती हूँ आह.. मज़ा आएगा आ.

साधना बिस्तर पर चढ़ गई और खड़े लंड पर अपनी देसी चुत को घिसने लगी. ये नजारा देख कर तो टीना भी हिल गई. इतनी जल्दी ये शरीफजदी ऐसे रंडी की तरह कर रही है.. उसको यकीन नहीं आया. मगर जब उसको दीपक की बात याद आई तो वो मुस्कुराने लगी.

टीना- सच ही कहा था दीपक तुमने.. जब एक शरीफ लड़की वासना की आग में जलती है.. तो उसके सामने बड़ी से बड़ी रंडी भी फीकी पड़ जाती है. यही हाल आज इसका हो रहा है.

साधना अब बड़े प्यार से अपनी बुर को लंड पर घिस रही थी. सामने से कोई देखे तो ऐसे लगता जैसे वो मॉंटी से चुद रही है. मगर असल में वो बस बुर की घिसाई कर रही थी.

अब दोस्तो, आप सोच रहे होंगे इतना सब कुछ होने के बाद आँख ना खुले तो ऐसा हो सकता है क्या.. मगर यहाँ तो हो रहा है.. अब ऐसे लोग भी होते हैं यार, ज़्यादा सोचो मत.. बस कहानी एंजाय करो.

खड़े लंड की रगड़ साधना को पागल कर रही थी. अब उसका पानी किसी भी पल निकल सकता था. वो वापस नीचे उतरी और लंड को चूसने लगी. साथ ही अपनी बुर को हाथ से मसलने लगी. इसमें उसको बहुत मज़ा आ रहा था. वो लंबी साँसें लेने लगी थी.

मॉंटी के लंड से पानी की बूँदें आने लगी थीं.. जिसे साधना जीभ से चाटकर मज़ा ले रही थी. अब शायद मॉंटी का रस उसको अच्छा लगने लगा था या वो वासना के चलते ऐसा कर रही थी, ये तो वही जाने.

करीब 5 मिनट बाद उसकी बुर एकदम आग का गोला बन गई जो किसी भी पल फटने वाली थी और उसी जोश में वो लंड को पूरा मुँह में लेके ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी, साथ में अपनी बुर को रगड़ने लगी.

दोनों का फव्वारा साथ में छूटा.. मगर इस बार साधना जोश में थी तो मॉंटी का सारा रस वो गटक गई और अपनी बुर का रस अपने हाथ पर लेकर वहीं ज़मीन पे निढाल होकर बैठ गई.

टीना जल्दी से उसके पास आई और उसके हाथ को चाटकर उसका रस पीने लगी. वो भी कब से तड़प रही थी. अब उसके बर्दाश्त के बाहर हुआ तो उसने साधना का रस चाट लिया.

साधना- ओइह दीदी.. सच कहा था आपने.. लंड का रस बड़ा टेस्टी होता है. अबकी बार मैंने पूरा पी लिया मगर अपने मेरा रस क्यों पिया.. बोलो?टीना- अरे तेरा रस वेस्ट ना हो इसलिए पी लिया मेरी जान.. अब चल मॉंटी के कपड़े ठीक कर और वहाँ बेड पे चल वही बातें करेंगे.साधना- रूको मैं वॉशरूम होकर आती हूँ दीदी फिर हम बातें करेंगे.

साधना थोड़ी देर में फ्रेश होकर वापस आ गई, उसने कपड़े भी पहन लिए. टीना ने सोचा अगर पीरियड्स नहीं होते तो इसके साथ मज़ा लेती.. मगर उसने कुछ और ही सोचा हुआ था. वो साधना के पास आराम से बैठ गई और उसके चेहरे के बाल उसने ठीक किए.

साधना- दीदी एक बात कहूँ.. क्या आप भी मॉंटी के साथ ऐसा करती हो?टीना- नहीं कभी नहीं.. यार वो मेरा भाई है और मुझे ऐसी ज़रूरत है ही नहीं.. मेरे पास पहले ही अच्छा ख़ासा लौड़ा है.. तो मैं क्यों इस छोटे से लंड से खेलूँगी?साधना- दीदी वो तगड़ा लौड़ा दीपक सर का है ना.. प्लीज़ सच बताना आप?टीना- क्या बात है मेरी जान.. बड़े दिमाग़ लगा रही है, एक बार लंड का रस पिया तो ये हाल है.. बार-बार पिएगी तो सुपर फास्ट हो जाएगी तू हा हा हा हा.

साधना- दीदी प्लीज़ बताओ ना आप पहली बार दीपक सर से कैसे चुदी थीं?टीना- ये क्या सर सर लगा रखा है, अब दीपक बोला कर.. बस जल्दी तुझे उसके लंड का रस पीना है.साधना- नो दीदी.. प्लीज़ नहीं आप उनको ऐसा कुछ नहीं बताओगी मेरे बारे में.. प्लीज़ दीदी ये बस हमारे बीच की बात है.टीना- अच्छा अच्छा ठीक है.. मैं समझी तुझे एक असली मर्द के लंड के दीदार फ्री में करवा देती.. मगर तेरा मान नहीं तो जाने दे. वैसे भी दीपक ऐसा लड़का नहीं है, जो किसी के साथ भी चुदाई कर ले.. ही इज एक नाइस गाई यार.. चल जाने दे.

साधना- दीदी बताओ ना पहली बार दीपक ने कैसे आपको प्रपोज किया था?टीना- अबे, ये कोई लव वाला मामला नहीं है जो वो मुझे प्रपोज करेगा समझी?साधना- अच्छा जो भी मामला है आपकी पहली चुदाई कैसे की थी दीपक ने, वो तो मुझे आप बता सकती हो ना?टीना- बता सकती हूँ मेरी जान, मगर आज नहीं जब मेरे पीरियड ख़त्म होंगे तब बताऊंगी.

मेरे प्यारे साथियो, आप मेरी इस देसी चुत की कहानी पर कमेंट्स कर सकते हैंsupport@mohakkisse.comदेसी चुत की कहानी जारी है.

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

रैगिंग ने रंडी बना प्रिया

कुल भाग: 104
भाग 1
भाग 1: पढ़ें
भाग 2
भाग 2: पढ़ें
भाग 3
भाग 3: पढ़ें
भाग 4
भाग 4: पढ़ें
भाग 5
भाग 5: पढ़ें
भाग 6
भाग 6: पढ़ें
भाग 7
भाग 7: पढ़ें
भाग 8
भाग 8: पढ़ें
भाग 9
भाग 9: पढ़ें
भाग 10
भाग 10: पढ़ें
भाग 12
भाग 12: पढ़ें
भाग 14
भाग 14: पढ़ें
भाग 15
भाग 15: पढ़ें
भाग 16
भाग 16: पढ़ें
भाग 17
भाग 17: पढ़ें
भाग 20
भाग 20: पढ़ें
भाग 21
भाग 21: पढ़ें
भाग 22
भाग 22: पढ़ें
भाग 23
भाग 23: पढ़ें
भाग 24
भाग 24: पढ़ें
भाग 25
भाग 25: पढ़ें
भाग 26
भाग 26: पढ़ें
भाग 28
भाग 28: पढ़ें
भाग 29
भाग 29: पढ़ें
भाग 30
भाग 30: पढ़ें
भाग 31
भाग 31: पढ़ें
भाग 32
भाग 32: पढ़ें
भाग 33
भाग 33: पढ़ें
भाग 34
भाग 34: पढ़ें
भाग 35
भाग 35: पढ़ें
भाग 36
भाग 36: पढ़ें
भाग 37
भाग 37: पढ़ें
भाग 38
भाग 38: पढ़ें
भाग 39
भाग 39: पढ़ें
भाग 40
भाग 40: पढ़ें
भाग 41
भाग 41: पढ़ें
भाग 42
भाग 42: पढ़ें
भाग 43
भाग 43: पढ़ें
भाग 44
भाग 44: पढ़ें
भाग 45
भाग 45: पढ़ें
भाग 46
भाग 46: पढ़ें
भाग 47
भाग 47: पढ़ें
भाग 48
भाग 48: पढ़ें
भाग 49
भाग 49: पढ़ें
भाग 50
भाग 50: पढ़ें
भाग 51
भाग 51: पढ़ें
भाग 52
भाग 52: पढ़ें
भाग 53
भाग 53: पढ़ें
भाग 54
भाग 54: पढ़ें
भाग 55
भाग 55: पढ़ें
भाग 56
भाग 56: पढ़ें
भाग 57
भाग 57: पढ़ें
भाग 58
भाग 58: पढ़ें
भाग 59
भाग 59: पढ़ें
भाग 60
भाग 60: पढ़ें
भाग 61
भाग 61: पढ़ें
भाग 62
भाग 62: पढ़ें
भाग 63
भाग 63: पढ़ें
भाग 64
भाग 64: पढ़ें
भाग 65
भाग 65: पढ़ें
भाग 66
भाग 66: पढ़ें
भाग 67
भाग 67: पढ़ें
भाग 68
भाग 68: पढ़ें
भाग 69
भाग 69: पढ़ें
भाग 70
भाग 70: पढ़ें
भाग 71
भाग 71: पढ़ें
भाग 72
भाग 72: पढ़ें
भाग 73
भाग 73: पढ़ें
भाग 74
भाग 74: पढ़ें
भाग 75
भाग 75: पढ़ें
भाग 76
भाग 76: पढ़ें
भाग 77
भाग 77: पढ़ें
भाग 78
भाग 78: पढ़ें
भाग 79
भाग 79: पढ़ें
भाग 80
भाग 80: पढ़ें
भाग 81
भाग 81: पढ़ें
भाग 82
भाग 82: पढ़ें
भाग 83
भाग 83: पढ़ें
भाग 84
भाग 84: पढ़ें
भाग 85
भाग 85: पढ़ें
भाग 86
भाग 86: पढ़ें
भाग 87
भाग 87: पढ़ें
भाग 88
भाग 88: पढ़ें
भाग 89
भाग 89: पढ़ें
भाग 90
भाग 90: पढ़ें
भाग 91
भाग 91: पढ़ें
भाग 92
भाग 92: पढ़ें
भाग 93
भाग 93: पढ़ें
भाग 94
भाग 94: पढ़ें
भाग 95
भाग 95: पढ़ें
भाग 96
भाग 96: पढ़ें
भाग 97
भाग 97: पढ़ें
भाग 98
भाग 98: पढ़ें
भाग 99
भाग 99: पढ़ें
भाग 100
भाग 100: पढ़ें
भाग 101
भाग 101: पढ़ें
भाग 102
भाग 102: पढ़ें
भाग 103
भाग 103: पढ़ें
भाग 104
भाग 104: पढ़ें
भाग 105
भाग 105: पढ़ें
भाग 106
भाग 106: पढ़ें
भाग 107
भाग 107: पढ़ें
भाग 108
भाग 108: पढ़ें
भाग 109
भाग 109: पढ़ें
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

कामुकता का इलाज, पड़ोसी से चुत चुदाई
जवान लड़की

कामुकता का इलाज, पड़ोसी से चुत चुदाई

मेरी पिछली कहानीभाई बहन की चुदाई स्टोरीमें आपने पढ़ा कि कैसे मैंने अपने भाई की कामुकता को जगाया और मेरे भाई ने मेरी चुत चुदाई की और स्वाति मेरे घर आई।

8 मिनट 510
वी-चैट से मिली कुंवारी चूत को चोदा
जवान लड़की

वी-चैट से मिली कुंवारी चूत को चोदा

मेरा नाम अनंत है, दिल्ली का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 25 साल है.. मैं एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करता हूँ।बात आज से लगभग 2 साल पहले की है, जब जॉब से आने के बाद फ्रेश होकर मैं अपने बिस्तर पर लेट कर वी-चैट यूज किया करता था। वी-चैट में भी मस्त फीचर्स...

8 मिनट 475
जीजा जी की बहन की चूत चुदाई- 3
जवान लड़की

जीजा जी की बहन की चूत चुदाई- 3

कॉलेज की लड़की को चोदा मैंने उसी के घर की छत पर रात को. वह मेरे जीजा की बहन थी. एक शादी में मैंने उसे सेट किया था. उसके बाद उसे सेक्स के लिए राजी किया था.

14 मिनट 417

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।