होम पर वापस जाएं
भाभी की चुदाई पठन समय: 11 मिनट पढ़ा गया: 1,006 बार

मेरा गुप्त जीवन-64

यश देव

14 Nov 2025 को प्रकाशित

मेरा गुप्त जीवन-64
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

जब मैं कॉलेज से वापस आया तो कम्मो मुझको बैठक में मिली और बोली- भाभी तुम्हारा खाने पर इंतज़ार कर रही है।

कम्मो खाना लेने रसोई गई ही थी कि भाभी बैठक मैं आ गई और आते ही मुझको एक बहुत प्रगाढ़ आलिंगन प्रिया और मेरे होटों पर चुम्मी दी।वैसे ही मैंने उनका स्वागत किया और पूछा- क़ैसी हो भाभी जान? नीचे ऊपर सब ठीक है ना?भाभी ज़ोर से हंस दी और बोली- ऊपर तो ठीक है लेकिन नीचे अभी भी कुछ कुछ हो रहा है।मैं भी शरारत भरी मुस्कान के साथ बोला- लगता है कि नीचे का कोटा अभी पूरा नहीं हुआ शायद!भाभी भी शर्माते हुए बोली- कहाँ होगा लला, बरसों की प्यास है, ऐसे थोड़ी ही जायेगी।मैं बोला- भाभी जान, आप फ़िक्र ना करो, अब मैं आ गया हूँ आपकी प्यास यूँ ही मिट जायेगी देखती जाओ. वो कम्मो से आप की बात हुई क्या?

कम्मो कमरे में आते हुए कहा- पूरी बात हो गई है छोटे मालिक, सुना है रात में आपकी काफी चुदाई हुई है क्या?मैं बोला- तुम को कैसे पता चला?कम्मो बोली- वो रेडियो पर खबर थी और अखबार में भी छपा है यह सब!भाभी और मैं बड़े ज़ोर से हंस दिए।

मैं बोला- भाभी जान के लिए क्या ख़ास बनाया है पारो ने?भाभी बोली- पारो कह रही थी कि हमारे घरेलू सांड को बहुत मेहनत करनी पड़ती है सो सांड और साँडनी के लिए कुछ ख़ास बनाया गया है।मैं बोला- मैं इतने दिनों से कई गायों की सेवा कर रहा हूँ और मेरे लिए कुछ ख़ास नहीं बनाया गया है।कम्मो बोली- आज आपको फिर पाये का सूप यानि पाये का शोरबा पीना पड़ेगा ताकि आप का लंडम षंडम लम्बा और मोटा हो जाए हमारे ख़ास मेहमान के लिए!

बस इसी तरह हंसी मज़ाक में खाना हो गया और फिर भाभी और कम्मो मेरे साथ मेरे कमरे में आ गई।वहाँ कम्मो ने बताया- मैंने भाभी को समझा प्रिया है कि भैया को एक पूर्ण पुरुष बनाया जा सकता है यदि भाभी साथ दे तो! भाभी का चेकअप किया है और वो बिल्कुल नार्मल है और भैया द्वारा ही गर्भवती हो सकती है यदि कोशिश की जाए तो!मैं बोला- तो भैया में जो कमी है वो कैसे पूरी करोगी?कम्मो बोली- मैंने भाभी को समझा प्रिया है कि क्या दवा देनी है और कैसा भोजन देना है। कल जब भैया वापस आएंगे तो भाभी उनको समझा देगी और ज़रूरत पड़ी तो चुदाई का असली तरीका भी दिखा प्रिया जाएगा।

मैं चौंकते हुए बोला- वो कैसे संभव है यार?भाभी बोली- अगर तुम तैयार हो तो तुम और कम्मो हम दोनों के सामने चुदाई करके दिखाओगे? और भैया को समझा दोगे कि चुदाई का सही तरीका क्या है?मैं कुछ परेशान हो कर बोला- अरे वाह, यह कैसे संभव है? मुझको शर्म आएगी भैया के सामने!कम्मो बोली- कल रात एकदम अनजान भाभी के सामने उनको चोदते हुए शर्म नहीं आई आपको छोटे मालिक?

मैं बोला- देखो कम्मो, भाभी एक औरत है और क्योंकि वो मुझको चोद रही थी इसलिए मैं तो काफी देर सारी रात की चुदाई को एक सपना मात्र ही समझता रहा। वो तो मुझको काफी देर बाद पता चला कि मैं तो चुद गया हूँ और मुझको चोदने वाली मेरे ऊपर ही बैठी है!!!!कम्मो और भाभी हंसी के मारे लोटपोट हो रहीं थी।

तब कम्मो बोली- वाकयी में भाभी ने बड़ी बहादुरी का काम किया। शेर को शेर के पिंजरे में ही हरा प्रिया। खैर वो तो छोड़ो, अब भैया को सिखाना है सही तरीका चुदाई का… वो कैसे करें?

भाभी बोली- सोमू ही कर सकता है यह काम और वो डर के मारे आगे नहीं आ रहा! सोमु तुम ही बताओ कैसे करें अब?मैं बोला- अभी काफी टाइम है यह सब सोचने का, चलो पहले हो जाए थोड़ी चुदाई भाभी और कम्मो के साथ!

भाभी फ़ौरन मान गई और कम्मो पारो को बता आई कि हम सब चुदाई कार्यक्रम में लगे हैं तो किसी को अंदर मत आने देना।

सबसे पहले भाभी ने मेरे कपड़े उतारने शुरू किये और जब मैं नंगा हो गया तो काफी देर वो मुझको देखती रही। मेरा लंड तो तना हुआ ही था, वो उसको हाथ में लेने लगी तो मैंने भाभी का हाथ पकड़ लिया और उनके कपड़े उतारने लगा।

उधर कम्मो भी अपने कपड़े उतार रही थी।जैसे ही भाभी पूरी नंगी हो गई, कम्मो उसकी सफाचट चूत को हाथ से सहलाने लगी।

कम्मो और मैंने भाभी के नंगे जिस्म को भरपूर निगाहों से देखा, बहुत ही सुन्दर और सुगठित शरीर था भाभी का सिवाये उस की सफाचट चूत का, जो चूत लगती ही नहीं थी, वैसे भी चूत के स्थान पर बाल इसीलिए बनाये गए थे ताकि उस जन्मजननी स्थान को उजागर किया जाए, बालों के बिना वहाँ कुछ भी नहीं दिखता है सिवाए एक पतली सी लाइन के!

मैं और कम्मो जल्दी से भाभी के सुंदर भागों पर अपना कब्ज़ा ज़माने की होड़ में लग गए। मैंने भाभी के मम्मों पर कब्ज़ा जमा लिया और कम्मो भाभी के चूतड़ों पर काबिज़ हो गई।

मैं बड़े प्यार से उसके काले चुचूकों को मुंह में लेकर गोल गोल घुमाने लगा और उसके मोटे गोल उरोजों को छूने और सहलाने लगा।भाभी के काले घने बाल बहुत लम्बे और रेशमी लग रहे थे।भाभी ने मेरे खड़े लंड को दोनों हाथों में पकड़ रखा था और उस की हल्की हल्की मुठी मार रही थी।कम्मो ने भाभी में अपनी ऊँगली डाल रखी थी और उसकी भग को मसल रही थी।भाभी भी दोनों हाथों का आनन्द ले रही थी।

तभी कम्मो ने कहा- भाभी तैयार है!और तभी भाभी और मुझको एक सख्त आलिंगन में ले लिया, हम दोनों को बिस्तर पर ले गई, पहले उसने भाभी को लिटा प्रिया और मुझको भाभी की चौड़ी हुई टांगों में बैठने का इशारा किया और मैं लेकर वहां बैठ गया और धीरे से लंड को चूत के मुंह और उसकी भग से रगड़ने लगा।

यह भी पढ़ें (Recommended)

Hot Pooja Bhabhi Ko Orgasm Dilwaya

थोड़ी देर में भाभी की अति गीली चूत के ऊपर लंड घिसाई करता रहा और फिर लंड को चूत के ऊपर रख कर हल्का धक्का प्रिया और लंड सारा का सारा अंदर चला गया भाभी ने अपनी दोनों टांगें मेरी कमर के चारों ओर फैला दी।

अब मैं धीरे धीरे लंड को अंदर बाहर करने लगा।

भाभी के रसीले होटों को चूमना और उसके गोल उभरे हुए गालों को किस करना एक अपना ही आनन्द देता था।गर्म भाभी ने गर्मजोशी दिखाते हुए नीचे से ही कमर उठा उठा कर चुदाई में साथ देना शुरू कर प्रिया।ऐसे में भाभी जल्दी ही छूट गई लेकिन फिर तैयार हो गई।

अब मैंने पोजीशन बदल दी, उनको उठाया और अपनी गोदी में ले लिया और उसकी उभरी हुई चूत में मोटा लंड डाल प्रिया।वो भी मुझ से पूरी तरह से चिपक गई।

उधर कम्मो भाभी की आनंद में वृद्धि करते हुए उसके पीछे बैठ गई और हम दोनों को एक सख्त जफ़्फ़ी डाल कर हमको पूरा ही चिपका प्रिया।मैं लंड चूत में डाल कर बैठा था लेकिन कम्मो भाभी की गांड को हाथ से पकड़ कर आगे पीछे करने लगी।भाभी मेरे और कम्मो के बीच में फंसी हुई थी और जैसे कम्मो चाहती थी वैसे ही हम दोनों को करना पड़ता था।

अब भाभी की चूत का खुलना और बंद होना शुरू हो गया था तो मैंने कम्मो को आँख का इशारा किया और वो अब तेज़ी से भाभी की गांड को आगे पीछे करने लगी।

फिर भाभी ज़ोर की ‘हाय मैं गई…’ कह कर मेरे साथ और चिपक गई और उसकी चूत मेरे लंड को दोहने लगी।फिर उसने अपना सर मेरी छाती में रख प्रिया और अपने शरीर की कम्पन से मेरे लंड को जीत की ख़ुशी दे दी।अब मैंने भाभी को लिटा प्रिया और उसके पीछे बैठी कम्मो को निशाना बना प्रिया और जम कर उसकी चुदाई शुरू कर दी।भाभी मेरे इस हमले को देख रही थी और कम्मो के मम्मों को उँगलियों से मसल रही थी। क्यूंकि कम्मो चुदाई देख रही थी तो वो बहुत ही गर्म हुई हुई थी, वो भी चंद धक्कों के बाद झड़ गई और मुझको बैठे हुए ही अपने से चिपका लिया।

कम्मो ने ज़रा हट कर मेरे गीले लंड को अपनी चूत से निकाला और उसको हैरानी से देखने लगी।मैंने पूछा- क्या देख रही हो रानी?कम्मो बोली- आज यह कुछ और भी लम्बा और मोटा हो गया है।

भाभी ने भी मेरे लंड को हाथ में लिया और कहा- यह रात से तो और मोटा और लम्बा हो गया है कम्मो, यह कैसे?कम्मो हँसते हुए बोली- यह सब मेरी खुराक का कमाल है, आप आगे आगे देखिये, मैं छोटे मालिक के लंड को लोहे का हथोड़ा बना दूंगी, सख्त सख्त चूत को फाड़ कर रख देंगे यह!हम सब हंस पड़े।तब कम्मो ने भाभी से पूछा- और चुदाना है क्या?भाभी हँसते हुए बोली- नहीं कम्मो रानी, इतना ही काफी है, और फिर रात भी तो है अपने पास!

मैं और भाभी एक दूसरे के गले में बाहें डाल कर सो गए थोड़ी देर के लिए, मैं भाभी के मोटे मम्मों को बड़ी ललक से देख रहा था और बार बार उनको चूस भी रहा था।लेकिन मेरे दिमाग में ‘भैया को कैसे मनाएँगे’ का प्रश्न ही चल रहा था। फिर मैंने सोचा भैया को मनाने का काम सिर्फ भाभी का है और किसी का नहीं… तो भाभी को पूरी कोशिश करनी होगी भैया को राज़ी करने में!यह ही सब सोचते हुए मैं गहरी नींद में सो गया।

जब उठा तो भाभी जा चुकी थी, सिर्फ मैं ही लेटा हुआ था एकदम नंगा। मैं उठ कर नहाने चला गया और फ्रेश होकर बैठक में आकर बैठ गया जहाँ कम्मो मेरे लिए चाय ले आई थी।

चाय पीते हुए हम दोनों भैया के बारे में सोचते रहे कि कैसे मनाया जाए उनको!मैंने कम्मो से पूछा- अगर भैया कहें कि मैं कम्मो की भी लूंगा तो क्या तुम तैयार हो जाओगी?कम्मो बोली- आपका क्या विचार है? मुझको क्या करना चाहिए?मैं बोला- नहीं नहीं, तुम अपनी मर्ज़ी बताओ?कम्मो बोली- मेरी मर्ज़ी तो जो आप की मर्ज़ी होगी वही मेरी भी होगी।मैं मुस्करा प्रिया- तुम बड़ी चलाक लोमड़ी हो! चलो जब मौक़ा आएगा तो देखेंगे।

यह बात करके हम दोनों भी बैठक में आ गए जहाँ भाभी पहले से बैठी थी।

कहानी जारी रहेगी।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

मेरा गुप्त जीवन

कुल भाग: 189
भाग 1
भाग 1: पढ़ें
भाग 2
भाग 2: पढ़ें
भाग 3
भाग 3: पढ़ें
भाग 4
भाग 4: पढ़ें
भाग 5
भाग 5: पढ़ें
भाग 6
भाग 6: पढ़ें
भाग 7
भाग 7: पढ़ें
भाग 8
भाग 8: पढ़ें
भाग 9
भाग 9: पढ़ें
भाग 10
भाग 10: पढ़ें
भाग 12
भाग 12: पढ़ें
भाग 13
भाग 13: पढ़ें
भाग 14
भाग 14: पढ़ें
भाग 15
भाग 15: पढ़ें
भाग 16
भाग 16: पढ़ें
भाग 17
भाग 17: पढ़ें
भाग 18
भाग 18: पढ़ें
भाग 19
भाग 19: पढ़ें
भाग 20
भाग 20: पढ़ें
भाग 21
भाग 21: पढ़ें
भाग 22
भाग 22: पढ़ें
भाग 23
भाग 23: पढ़ें
भाग 24
भाग 24: पढ़ें
भाग 25
भाग 25: पढ़ें
भाग 26
भाग 26: पढ़ें
भाग 27
भाग 27: पढ़ें
भाग 28
भाग 28: पढ़ें
भाग 29
भाग 29: पढ़ें
भाग 30
भाग 30: पढ़ें
भाग 31
भाग 31: पढ़ें
भाग 32
भाग 32: पढ़ें
भाग 33
भाग 33: पढ़ें
भाग 34
भाग 34: पढ़ें
भाग 35
भाग 35: पढ़ें
भाग 36
भाग 36: पढ़ें
भाग 37
भाग 37: पढ़ें
भाग 38
भाग 38: पढ़ें
भाग 39
भाग 39: पढ़ें
भाग 40
भाग 40: पढ़ें
भाग 41
भाग 41: पढ़ें
भाग 42
भाग 42: पढ़ें
भाग 43
भाग 43: पढ़ें
भाग 44
भाग 44: पढ़ें
भाग 45
भाग 45: पढ़ें
भाग 46
भाग 46: पढ़ें
भाग 47
भाग 47: पढ़ें
भाग 48
भाग 48: पढ़ें
भाग 49
भाग 49: पढ़ें
भाग 50
भाग 50: पढ़ें
भाग 51
भाग 51: पढ़ें
भाग 52
भाग 52: पढ़ें
भाग 53
भाग 53: पढ़ें
भाग 54
भाग 54: पढ़ें
भाग 55
भाग 55: पढ़ें
भाग 56
भाग 56: पढ़ें
भाग 57
भाग 57: पढ़ें
भाग 58
भाग 58: पढ़ें
भाग 59
भाग 59: पढ़ें
भाग 60
भाग 60: पढ़ें
भाग 61
भाग 61: पढ़ें
भाग 62
भाग 62: पढ़ें
भाग 63
भाग 63: पढ़ें
भाग 64
भाग 64: पढ़ें
भाग 65
भाग 65: पढ़ें
भाग 66
भाग 66: पढ़ें
भाग 67
भाग 67: पढ़ें
भाग 68
भाग 68: पढ़ें
भाग 69
भाग 69: पढ़ें
भाग 70
भाग 70: पढ़ें
भाग 71
भाग 71: पढ़ें
भाग 72
भाग 72: पढ़ें
भाग 73
भाग 73: पढ़ें
भाग 74
भाग 74: पढ़ें
भाग 75
भाग 75: पढ़ें
भाग 76
भाग 76: पढ़ें
भाग 77
भाग 77: पढ़ें
भाग 78
भाग 78: पढ़ें
भाग 79
भाग 79: पढ़ें
भाग 80
भाग 80: पढ़ें
भाग 81
भाग 81: पढ़ें
भाग 82
भाग 82: पढ़ें
भाग 83
भाग 83: पढ़ें
भाग 84
भाग 84: पढ़ें
भाग 85
भाग 85: पढ़ें
भाग 86
भाग 86: पढ़ें
भाग 87
भाग 87: पढ़ें
भाग 88
भाग 88: पढ़ें
भाग 89
भाग 89: पढ़ें
भाग 90
भाग 90: पढ़ें
भाग 91
भाग 91: पढ़ें
भाग 92
भाग 92: पढ़ें
भाग 93
भाग 93: पढ़ें
भाग 94
भाग 94: पढ़ें
भाग 95
भाग 95: पढ़ें
भाग 96
भाग 96: पढ़ें
भाग 97
भाग 97: पढ़ें
भाग 98
भाग 98: पढ़ें
भाग 99
भाग 99: पढ़ें
भाग 100
भाग 100: पढ़ें
भाग 101
भाग 101: पढ़ें
भाग 102
भाग 102: पढ़ें
भाग 103
भाग 103: पढ़ें
भाग 104
भाग 104: पढ़ें
भाग 105
भाग 105: पढ़ें
भाग 106
भाग 106: पढ़ें
भाग 107
भाग 107: पढ़ें
भाग 108
भाग 108: पढ़ें
भाग 109
भाग 109: पढ़ें
भाग 110
भाग 110: पढ़ें
भाग 111
भाग 111: पढ़ें
भाग 112
भाग 112: पढ़ें
भाग 113
भाग 113: पढ़ें
भाग 114
भाग 114: पढ़ें
भाग 115
भाग 115: पढ़ें
भाग 116
भाग 116: पढ़ें
भाग 117
भाग 117: पढ़ें
भाग 118
भाग 118: पढ़ें
भाग 119
भाग 119: पढ़ें
भाग 120
भाग 120: पढ़ें
भाग 121
भाग 121: पढ़ें
भाग 122
भाग 122: पढ़ें
भाग 123
भाग 123: पढ़ें
भाग 124
भाग 124: पढ़ें
भाग 125
भाग 125: पढ़ें
भाग 126
भाग 126: पढ़ें
भाग 127
भाग 127: पढ़ें
भाग 128
भाग 128: पढ़ें
भाग 129
भाग 129: पढ़ें
भाग 130
भाग 130: पढ़ें
भाग 131
भाग 131: पढ़ें
भाग 132
भाग 132: पढ़ें
भाग 133
भाग 133: पढ़ें
भाग 134
भाग 134: पढ़ें
भाग 135
भाग 135: पढ़ें
भाग 136
भाग 136: पढ़ें
भाग 137
भाग 137: पढ़ें
भाग 138
भाग 138: पढ़ें
भाग 139
भाग 139: पढ़ें
भाग 140
भाग 140: पढ़ें
भाग 141
भाग 141: पढ़ें
भाग 142
भाग 142: पढ़ें
भाग 143
भाग 143: पढ़ें
भाग 144
भाग 144: पढ़ें
भाग 145
भाग 145: पढ़ें
भाग 146
भाग 146: पढ़ें
भाग 147
भाग 147: पढ़ें
भाग 148
भाग 148: पढ़ें
भाग 149
भाग 149: पढ़ें
भाग 150
भाग 150: पढ़ें
भाग 151
भाग 151: पढ़ें
भाग 152
भाग 152: पढ़ें
भाग 153
भाग 153: पढ़ें
भाग 154
भाग 154: पढ़ें
भाग 155
भाग 155: पढ़ें
भाग 156
भाग 156: पढ़ें
भाग 157
भाग 157: पढ़ें
भाग 158
भाग 158: पढ़ें
भाग 159
भाग 159: पढ़ें
भाग 160
भाग 160: पढ़ें
भाग 161
भाग 161: पढ़ें
भाग 162
भाग 162: पढ़ें
भाग 163
भाग 163: पढ़ें
भाग 164
भाग 164: पढ़ें
भाग 165
भाग 165: पढ़ें
भाग 166
भाग 166: पढ़ें
भाग 167
भाग 167: पढ़ें
भाग 168
भाग 168: पढ़ें
भाग 169
भाग 169: पढ़ें
भाग 170
भाग 170: पढ़ें
भाग 171
भाग 171: पढ़ें
भाग 172
भाग 172: पढ़ें
भाग 173
भाग 173: पढ़ें
भाग 174
भाग 174: पढ़ें
भाग 175
भाग 175: पढ़ें
भाग 176
भाग 176: पढ़ें
भाग 177
भाग 177: पढ़ें
भाग 178
भाग 178: पढ़ें
भाग 179
भाग 179: पढ़ें
भाग 180
भाग 180: पढ़ें
भाग 181
भाग 181: पढ़ें
भाग 182
भाग 182: पढ़ें
भाग 183
भाग 183: पढ़ें
भाग 184
भाग 184: पढ़ें
भाग 185
भाग 185: पढ़ें
भाग 186
भाग 186: पढ़ें
भाग 187
भाग 187: पढ़ें
भाग 188
भाग 188: पढ़ें
भाग 189
भाग 189: पढ़ें
भाग 190
भाग 190: पढ़ें
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

दोस्त की चुदक्कड़ भाभी श्वेता-1
भाभी की चुदाई

दोस्त की चुदक्कड़ भाभी श्वेता-1

मेरा नाम बिपिन है। मैं धुले (महाराष्ट्र) का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 33 साल की है और मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ। यह कहानी दिसम्बर महीने की ही है, जब मैंने मेरे सबसे पक्के दोस्त की भाभी को चोदा था और उस दिन से वो चाहती है कि वो हर रोज म...

11 मिनट 1,125
Bhabhi Ne A-Z Bataya
भाभी की चुदाई

Bhabhi Ne A-Z Bataya

Story pedhne wali Larkiyo, Beheno, Bhabhiyo, ye meri pehli story hai. mai ye nahi likhna chahta hu ki ye sach hai ya juth kyunki koi kitna v kyun na likh de lakin Biswas kam hi log kerte hai aur sach ye hai ki likhne walon k sabd hi bata dete hai ...

89 मिनट 1,156
Hot Pooja Bhabhi Ko Orgasm Dilwaya
भाभी की चुदाई

Hot Pooja Bhabhi Ko Orgasm Dilwaya

Hello dosto, mera naam Vijay hai aur main 21 saak ka hun. Main 5’11” ka muscular body wala hun, aur main Chandigarh me rehta hun. Ye story abhi 2 week pehle ki hai.

14 मिनट 628

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।