होम पर वापस जाएं
कोई मिल गया पठन समय: 7 मिनट पढ़ा गया: 313 बार

मेरा गुप्त जीवन- 115

यश देव

10 Feb 2026 को प्रकाशित

मेरा गुप्त जीवन- 115
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

सरपट घोड़े को भगाते हुए उसको चोदने लगा और चंद मिनटों में रूबी ‘हाय हाय मी जातोस मी जातोस रे…’ कहते हुए ढेर हो गई।मैंने अपना लंड रूबी की फड़कती चूत से निकाला और कम्मो ने उसको तौलिये से साफ़ कर प्रिया और रूबी की चूत को भी साफ़ कर प्रिया।

शाम की चाय हम सबने बैठक में पी और वहीं बैठ कर सारे इंतज़ामों के बारे में चर्चा भी की मीनू और रूबी मैडम से।रात के खाने के बाद मैं दोनों मैडमों को हवेली के बगीचे में घुमाने ले गया, दोनों मेरी साइड में चल रही थी और दोनों ने मेरा हाथ पकड़ा हुआ था, दोनों ही कोशिश कर रही थी कि उनके सॉलिड चूचे मेरे बाजुओं से टकरा जाएँ और मेरे हाथ अक्सर उनके गोल और मोटे चूतड़ों के ऊपर से बार बार फिसल जाते थे।

एक अँधेरे स्थान पर मैंने पहले मीनू मैडम और फिर रूबी दोनों का मुंह अपनी तरफ करके उनके लबों पर एक गर्म चुम्बन दे प्रिया।मीनू मैडम बोली- सोमू यार, मैंने कभी खुले में नहीं किया सेक्स। क्या यहाँ लॉन में पॉसिबल है यह सब?रूबी मैडम भी बोली- हाँ हाँ, मैंने भी कभी नहीं फक करवाया खुले में यानि पब्लिक प्लेस में!मैं बोला- पॉसिबल तो है लेकिन उसके लिए थोड़ा मन पक्का रखना होगा। वैसे यह लॉन तो बहुत सेफ है क्योंकि हवेली के गेट पर तो चौकीदार होता है, वो किसी को अंदर नहीं आने देगा लेकिन आपका नाज़ुक जिस्म में घास वगैरह चुभ सकता है, इसका ध्यान रखना पड़ेगा आप दोनों को!मीनू और रूबी एकदम बोल पड़ी- हमें तो कोई फर्क नहीं पड़ता।मैं बोला- तो चलिए फिर मेरे साथ, बिल्कुल सेफ जगह है जहाँ किसी की नज़र नहीं पड़ सकती।

और मैं उनकी कमर में अपने दोनों हाथ डाले चल पड़ा और रास्ते में उनके गोल चूतड़ों को भी सहलाता जाता था। उन दोनों ने भी मेरे लंड को पैंट के ऊपर से अपने हाथों से सहलाना शुरु कर प्रिया था।

चलते चलते हम एक ऐसी जगह पहुँच गए जहाँ घर में जल रही लाइट का कोई असर नहीं पड़ रहा था और जो घने पेड़ों के झुरमुट में छुपी हुई थी।मैंने दोनों मैडम से कहा- कैसी है यह जगह?दोनों ने घूम घूम कर देखा और मुलायम घास को परखा और फिर बोली- हाँ, यह ठीक जगह है और नीचे घास भी काफी सॉफ्ट है।

मुझको घेर लिया उन दोनों ने और मुझको लबों पर एक के बाद बड़ी कामातुर चुम्मियाँ करने लगी दोनों बॉम्बे की हसीनाएँ! मैं भी उनके सॉफ्ट मुम्मों को अपने हाथों में लेकर मसलने लगा और उनकी ब्रा और ब्लाउज़ में छुपे चूचुकों को मसलने लगा।

और उनकी साड़ी या फिर सलवार सूट के बाहर से चूत में हाथ डालने लगा और दोनों जल्दी ही चुदाई लिए तैयार हो गई लेकिन वो जगह ऐसी थी कि कपड़े उतारने का तो सवाल ही नहीं था तो मैंने मीनू को एक पेड़ को पकड़ कर रखने को कहा और उसको थोड़ा झुका कर और पैंट से अपने एकदम से अकड़े लंड को निकाला और मीनू मैडम के पीछे से चूत के मुंह पर रख कर एक ज़ोर का धक्का मारा तो लंड सीधा उसकी गीली चूत के अंदर पूरा चला गया।

रूबी मैडम अपने हाथ से मेरे लंड को मीनू मैडम की चूत में जाते हुए महसूस कर रही थी और हर बार जब वो गीला होकर निकलता था उसको बड़ा आनन्द आ रहा था। रूबी कभी मेरे अंडकोष को छेड़ रही थी और कभी लौड़े को फील कर रही थी और कभी फिर मेरे चूतड़ों के साथ खेल रही थी।

अब मैंने महसूस किया कि मीनू मैडम अब छुटने के लिए तैयार है तो मैंने धक्कों की स्पीड एकदम तेज़ कर दी और उसके चूतड़ों को दोनों हाथों में पकड़ कर ज़ोरदार लंड का अटैक जारी रखा।इस धुआँदार अटैक के कारण मीनू एकदम से अकड़ी और फिर ढीली पड़ गई और मैं समझ गया कि मैडम का काम हो गया है।थोड़ी देर लंड को मीनू मैडम की कांपती चूत से नहीं निकाला और उसको जब निकाला तो वो एकदम से गीलेपन से तरबतर हो चुका था।

रूबी तैयार बैठी थी, उसने झट से मेरे गीले लंड को अपने मुंह में ले लिया और उसको लपालप चूसने लगी और उसने यह समझ के चूसना शुरू किया था कि शायद मेरा लंड मैडम को चोद कर बैठ जाएगा और वो रह जायेगी।थोड़ी देर चूसने के बाद भी जब उसने देखा कि मेरा लंड अभी भी अकड़ा हुआ था तो उसने चूसना छोड़ प्रिया और घास पर बैठ गई, वो यह देख कर हैरान रह गई कि मेरा लंड लाल अभी भी लहलहा रहा था।

अब मैं भी बैठ गया और उसके गोल लेकिन छोटे मुम्मों के साथ उसकी कमीज के बाहर से खेलने लगा और फिर उसको घोड़ी बनने के लिए कहा।घोड़ी बनते ही मैंने उसकी सलवार को एकदम से नीचे किया और फिर अपने लौड़े के साथ उसकी चूत पर टूट पड़ा और लंड को अंदर डालने के बाद कभी धीरे कभी तेज़ रूबी मैडम को चोदने लगा।क्योंकि उसने सिर्फ अपनी सलवार ही नीचे की थी तो उसके गोल और सख्त चूतड़ों को मैं देख सकता था और उनको फील कर सकता था।

रूबी मैडम मेरे लंड से अब काफी वाकिफ हो चुकी थी, वो चुदाई का पूरा मज़ा ले रही थी और मीनू मैडम अपनी साड़ी को अभी भी ऊपर करके धीरे धीरे ऊँगली कर रही थी।क्यूंकि हम खुले में चुदाई कर रहे थे तो ज़्यादा समय ना लेते हुए मैंने रूबी मैडम की चुदाई की स्पीड एकदम तेज़ कर दी और साथ में उसकी भग को भी रगड़ना शुरू कर प्रिया जिससे वो अब छूटने के करीब हो गई थी।

रूबी के चूतड़ों पर हल्की सी थपेड़ मारते हुए मैंने चुदाई जारी रखी और तेज़ धक्काशाही के कुछ मिन्ट बाद ही रूबी मैडम एकदम से कांपने लगी और उसकी चूत में सिकुड़न शुरू हो गई और वो बहुत ही धीरे से फुसफुसाती हुई बोली- मार दे सोमू यार, उफ्फ मी गयाला रे!

फिर वो वहीं घास पर लेट गई और मैंने अपना गीला लौड़ा निकाल कर उसको रुमाल से पौंछा और पैंट के बटन बंद करते हुए चलने के लिए तैयार हो गया।रूबी मैडम भी अपनी ड्रेस ठीक करके चल पड़ी और हम तीनो कुछ ही क्षणों में अपने कमरों में पहुँच गए।

थोड़ी देर बाद कम्मो आई, मेरे लिए स्पेशल दूध जिसमें छुवारे बादाम और पिस्ता इत्यादि पड़े हुए थे, कमरे में छोड़ कर जाने लगी तो मैंने उसको रोक कर एक ज़ोर की जफ्फी डाली और एक हॉट किस उसके होटों पर जमा कर उसकी साड़ी उठा कर उसकी बालों भरी चूत को सहला प्रिया।

अगले दिन सुबह कोई 10 बजे के करीब एक मिनी बस हवेली के बाहर आ कर रुकी और उसमें से 10-12 लड़कियाँ निकली।

कहानी जारी रहेगी।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

मेरा गुप्त जीवन

कुल भाग: 189
भाग 1
भाग 1: पढ़ें
भाग 2
भाग 2: पढ़ें
भाग 3
भाग 3: पढ़ें
भाग 4
भाग 4: पढ़ें
भाग 5
भाग 5: पढ़ें
भाग 6
भाग 6: पढ़ें
भाग 7
भाग 7: पढ़ें
भाग 8
भाग 8: पढ़ें
भाग 9
भाग 9: पढ़ें
भाग 10
भाग 10: पढ़ें
भाग 12
भाग 12: पढ़ें
भाग 13
भाग 13: पढ़ें
भाग 14
भाग 14: पढ़ें
भाग 15
भाग 15: पढ़ें
भाग 16
भाग 16: पढ़ें
भाग 17
भाग 17: पढ़ें
भाग 18
भाग 18: पढ़ें
भाग 19
भाग 19: पढ़ें
भाग 20
भाग 20: पढ़ें
भाग 21
भाग 21: पढ़ें
भाग 22
भाग 22: पढ़ें
भाग 23
भाग 23: पढ़ें
भाग 24
भाग 24: पढ़ें
भाग 25
भाग 25: पढ़ें
भाग 26
भाग 26: पढ़ें
भाग 27
भाग 27: पढ़ें
भाग 28
भाग 28: पढ़ें
भाग 29
भाग 29: पढ़ें
भाग 30
भाग 30: पढ़ें
भाग 31
भाग 31: पढ़ें
भाग 32
भाग 32: पढ़ें
भाग 33
भाग 33: पढ़ें
भाग 34
भाग 34: पढ़ें
भाग 35
भाग 35: पढ़ें
भाग 36
भाग 36: पढ़ें
भाग 37
भाग 37: पढ़ें
भाग 38
भाग 38: पढ़ें
भाग 39
भाग 39: पढ़ें
भाग 40
भाग 40: पढ़ें
भाग 41
भाग 41: पढ़ें
भाग 42
भाग 42: पढ़ें
भाग 43
भाग 43: पढ़ें
भाग 44
भाग 44: पढ़ें
भाग 45
भाग 45: पढ़ें
भाग 46
भाग 46: पढ़ें
भाग 47
भाग 47: पढ़ें
भाग 48
भाग 48: पढ़ें
भाग 49
भाग 49: पढ़ें
भाग 50
भाग 50: पढ़ें
भाग 51
भाग 51: पढ़ें
भाग 52
भाग 52: पढ़ें
भाग 53
भाग 53: पढ़ें
भाग 54
भाग 54: पढ़ें
भाग 55
भाग 55: पढ़ें
भाग 56
भाग 56: पढ़ें
भाग 57
भाग 57: पढ़ें
भाग 58
भाग 58: पढ़ें
भाग 59
भाग 59: पढ़ें
भाग 60
भाग 60: पढ़ें
भाग 61
भाग 61: पढ़ें
भाग 62
भाग 62: पढ़ें
भाग 63
भाग 63: पढ़ें
भाग 64
भाग 64: पढ़ें
भाग 65
भाग 65: पढ़ें
भाग 66
भाग 66: पढ़ें
भाग 67
भाग 67: पढ़ें
भाग 68
भाग 68: पढ़ें
भाग 69
भाग 69: पढ़ें
भाग 70
भाग 70: पढ़ें
भाग 71
भाग 71: पढ़ें
भाग 72
भाग 72: पढ़ें
भाग 73
भाग 73: पढ़ें
भाग 74
भाग 74: पढ़ें
भाग 75
भाग 75: पढ़ें
भाग 76
भाग 76: पढ़ें
भाग 77
भाग 77: पढ़ें
भाग 78
भाग 78: पढ़ें
भाग 79
भाग 79: पढ़ें
भाग 80
भाग 80: पढ़ें
भाग 81
भाग 81: पढ़ें
भाग 82
भाग 82: पढ़ें
भाग 83
भाग 83: पढ़ें
भाग 84
भाग 84: पढ़ें
भाग 85
भाग 85: पढ़ें
भाग 86
भाग 86: पढ़ें
भाग 87
भाग 87: पढ़ें
भाग 88
भाग 88: पढ़ें
भाग 89
भाग 89: पढ़ें
भाग 90
भाग 90: पढ़ें
भाग 91
भाग 91: पढ़ें
भाग 92
भाग 92: पढ़ें
भाग 93
भाग 93: पढ़ें
भाग 94
भाग 94: पढ़ें
भाग 95
भाग 95: पढ़ें
भाग 96
भाग 96: पढ़ें
भाग 97
भाग 97: पढ़ें
भाग 98
भाग 98: पढ़ें
भाग 99
भाग 99: पढ़ें
भाग 100
भाग 100: पढ़ें
भाग 101
भाग 101: पढ़ें
भाग 102
भाग 102: पढ़ें
भाग 103
भाग 103: पढ़ें
भाग 104
भाग 104: पढ़ें
भाग 105
भाग 105: पढ़ें
भाग 106
भाग 106: पढ़ें
भाग 107
भाग 107: पढ़ें
भाग 108
भाग 108: पढ़ें
भाग 109
भाग 109: पढ़ें
भाग 110
भाग 110: पढ़ें
भाग 111
भाग 111: पढ़ें
भाग 112
भाग 112: पढ़ें
भाग 113
भाग 113: पढ़ें
भाग 114
भाग 114: पढ़ें
भाग 115
भाग 115: पढ़ें
भाग 116
भाग 116: पढ़ें
भाग 117
भाग 117: पढ़ें
भाग 118
भाग 118: पढ़ें
भाग 119
भाग 119: पढ़ें
भाग 120
भाग 120: पढ़ें
भाग 121
भाग 121: पढ़ें
भाग 122
भाग 122: पढ़ें
भाग 123
भाग 123: पढ़ें
भाग 124
भाग 124: पढ़ें
भाग 125
भाग 125: पढ़ें
भाग 126
भाग 126: पढ़ें
भाग 127
भाग 127: पढ़ें
भाग 128
भाग 128: पढ़ें
भाग 129
भाग 129: पढ़ें
भाग 130
भाग 130: पढ़ें
भाग 131
भाग 131: पढ़ें
भाग 132
भाग 132: पढ़ें
भाग 133
भाग 133: पढ़ें
भाग 134
भाग 134: पढ़ें
भाग 135
भाग 135: पढ़ें
भाग 136
भाग 136: पढ़ें
भाग 137
भाग 137: पढ़ें
भाग 138
भाग 138: पढ़ें
भाग 139
भाग 139: पढ़ें
भाग 140
भाग 140: पढ़ें
भाग 141
भाग 141: पढ़ें
भाग 142
भाग 142: पढ़ें
भाग 143
भाग 143: पढ़ें
भाग 144
भाग 144: पढ़ें
भाग 145
भाग 145: पढ़ें
भाग 146
भाग 146: पढ़ें
भाग 147
भाग 147: पढ़ें
भाग 148
भाग 148: पढ़ें
भाग 149
भाग 149: पढ़ें
भाग 150
भाग 150: पढ़ें
भाग 151
भाग 151: पढ़ें
भाग 152
भाग 152: पढ़ें
भाग 153
भाग 153: पढ़ें
भाग 154
भाग 154: पढ़ें
भाग 155
भाग 155: पढ़ें
भाग 156
भाग 156: पढ़ें
भाग 157
भाग 157: पढ़ें
भाग 158
भाग 158: पढ़ें
भाग 159
भाग 159: पढ़ें
भाग 160
भाग 160: पढ़ें
भाग 161
भाग 161: पढ़ें
भाग 162
भाग 162: पढ़ें
भाग 163
भाग 163: पढ़ें
भाग 164
भाग 164: पढ़ें
भाग 165
भाग 165: पढ़ें
भाग 166
भाग 166: पढ़ें
भाग 167
भाग 167: पढ़ें
भाग 168
भाग 168: पढ़ें
भाग 169
भाग 169: पढ़ें
भाग 170
भाग 170: पढ़ें
भाग 171
भाग 171: पढ़ें
भाग 172
भाग 172: पढ़ें
भाग 173
भाग 173: पढ़ें
भाग 174
भाग 174: पढ़ें
भाग 175
भाग 175: पढ़ें
भाग 176
भाग 176: पढ़ें
भाग 177
भाग 177: पढ़ें
भाग 178
भाग 178: पढ़ें
भाग 179
भाग 179: पढ़ें
भाग 180
भाग 180: पढ़ें
भाग 181
भाग 181: पढ़ें
भाग 182
भाग 182: पढ़ें
भाग 183
भाग 183: पढ़ें
भाग 184
भाग 184: पढ़ें
भाग 185
भाग 185: पढ़ें
भाग 186
भाग 186: पढ़ें
भाग 187
भाग 187: पढ़ें
भाग 188
भाग 188: पढ़ें
भाग 189
भाग 189: पढ़ें
भाग 190
भाग 190: पढ़ें
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

फिर दूसरी से कर लेना-4
कोई मिल गया

फिर दूसरी से कर लेना-4

प्रेषक : दीपक शर्मा

11 मिनट 968
बस में मिली अजनबी भाभी से प्यार
कोई मिल गया

बस में मिली अजनबी भाभी से प्यार

सभी दोस्तों को मेरा प्यार भरा और सेक्स भरा प्रणाम।

10 मिनट 1,047
दो चुदक्कड़ चूतें और मैं अकेला-1
कोई मिल गया

दो चुदक्कड़ चूतें और मैं अकेला-1

दोस्तो, मैं सैम दिल्ली से हाजिर हूँ अपने प्यारे दोस्तो के बीच एक किस्सा लेकर..

13 मिनट 279

पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

अजय कुमार 6

1 month ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

अर्जुन यादव

2 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

किशन काना सांगानेर

2 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।