होम पर वापस जाएं
नौकर-नौकरानी पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 1,084 बार

मेरा गुप्त जीवन- 111

यश देव

03 Feb 2026 को प्रकाशित

मेरा गुप्त जीवन- 111
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

सुबह उठे तो मेरी चाय फुलवा ले कर आई और मैं फुलवा को देख कर हैरान रह गया।चाय उसके हाथों से लेने से पहले मैंने उठ कर उसको एक बड़ी ही सेक्सी जफ्फी मारी और एक गरमागरम चुम्मी उसके होटों पर दे दी।

अब मैं चाय पीते हुए उससे सारा हाल पूछने लगा तो उसने बताया- छोटे मालिक, आपकी किरपा से मेरा घर अब बिल्कुल ठीक चल रहा है, मेरा पति अब मेरा पूरा ख्याल रखता है और मेरे बच्चे से भी बहुत प्यार करता है। सब आपकी वजह से हुआ यह… वो अब अपना काम करता है और अच्छी कमाई कर लेता है।

मैं बड़ा खुश हुआ और उसको फिर गले लगाया और पूछा कि अब कभी अपनी दोगी मुझको?वो हँसते हुए बोली- वही तो बताने के लिए मैं यहाँ आई हूँ, मेरा पति और उधर चम्पा का पति कुछ दिनों के लिए बाहर गए हैं काम से तो हम दोनों आप से मिलना चाहती हैं कॉटेज में!

मैं बड़ा ही खुश हुआ और फुलवा को फिर बाहों में भर कर एक चुम्मी दे दी उसके होटों पर और कहा- हाथ तो लगा ज़रा, मेरा लौड़ा तो तुझ को देखकर पगला गया है देख क्या फन फैलाये लहलहा रहा है तेरी चूत के लिए… बोल शुरू हो जायें अभी क्या?

फुलवा हँसते हुए बोली- नहीं छोटे मालिक, अभी कोई आ सकता है! आज खाने के बाद आ जाना कॉटेज में, वहीं चंपा को भी बुला लूंगी और कम्मो बहन को भी ले आना, हम मिल कर ढेर सारी बातें करेंगे और जो तुम कहोगे वो भी करेंगे।मैं खुश होकर बोला- ठीक है फुलवा हम ज़रूर आएंगे वहाँ।

इससे पहले वो जाती, मैंने अच्छी तरह से उसके मुम्मे और चूतड़ों को टीपा और कई चुम्मियाँ दे डाली उसके होटों पर!वो भी खाली कप लेकर चली गई, उसके जाने के बाद कम्मो आई कमरे में, बोली- मिल गई आपकी चहेती आपको? तो दोपहर को चलने का विचार है क्या?मैं बोला- हाँ हाँ यार, पूरा इरादा है और तुमने भी चलना है गुरु जी!कम्मो खुश होते हुए बोली- हाँ चलेंगे, आपकी पुरानी रानियों से मिलना जो है!

लंच करने के बाद मैंने कम्मो को अपनी बाइक पर बिठाया और उसको लेकर कॉटेज पहुँच गया।हमारे जाने के थोड़ी देर बाद ही फुलवा और चम्पा भी आ गई।हम सब बड़ी गर्म जोशी से एक दूसरे से मिले और खूब चूमाचाटी हुई, फिर हम सब एकदम नंगे हो गए और ध्यान से एक दूसरे को देखने लगे।

फुलवा और चंपा में काफी फर्क आ गया था जब से वो दोनों माँ बनी थी। उन दोनों का जिस्म अब पूरी तरह से मातृत्व से खिल उठा था और उन दोनों की सुंदरता में निखार भी आ गया था। उनके मुम्मे अब दूध से भरे होने के कारण बड़े भारी और मोटे हो गए थे और उनके चूतड़ भी गोल और मोटे हो गए थे।

दोनों मुझको बड़े ध्यान से देख रही थी और मेरे शरीर की तुलना मेरे पहले वाले शरीर से कर रही थी। फिर दोनों मेरे लंड को पकड़ कर उसका नरीक्षण परीक्षण करने लगी।दोनों एक ही नतीजे पर पहुँची कि यह उनके टाइम से ज़्यादा लम्बा और मोटा हो गया है और अब बिल्कुल एक क्रोधी नाग की तरह लहलहाता है।

फिर कम्मो ने कहा- अब छोटे मालिक को अपने अपने बच्चों का भी तो बताओ ना कुछ?दोनों एक साथ बोल पड़ी- छोटे मालिक, आपका कोटि कोटि धन्यवाद, आप ने हमको गर्भ दान प्रिया।मैं बोला- नहीं नहीं, मेरा इस में कुछ भी योगदान नहीं, यह सब तुम्हें तुम्हारे पतियों ने तुम को प्रिया है और हमेशा उनका ही शुक्रिया अदा किया करो।

पहले मैंने फुलवा को ही लिया चुदाई के लिए और उसको बिस्तर की तरफ ले जाने लगा, तब मैंने उससे पूछा- तेरा पति कैसे चोदता है तुझको?वो फिर उदास हो कर बोली- कहाँ छोटे मालिक, वो तो कभी कभी जब शराब के नशे में होता है तो एक आध बार चोद देता है वर्ना कई कई दिन मेरी तरफ देखता भी नहीं।कम्मो बोली- तुम कल मेरे पास आना हवेली में, मैं तुमको एक नुस्खा दूंगी, जिससे हो सकता है तेरा काम ठीक होने लगे!

और फिर फुलवा मुझ से बेतहाशा लिपट गई, मैं उसको लेकर बिस्तर में लेट गया और उसके मुम्मों को छोड़ कर सारे शरीर को चूमने लगा।तभी कम्मो ने चम्पा को भी बिस्तर में हमारे साथ लिटा प्रिया और एक तरफ से चम्पा मेरे साथ जुड़ गई और दूसरी तरफ फुलवा… और मैं उन दोनों की पुरानी यादों के साथ अपना दूसरा हनीमून मनाने लगा।

बारी बारी से पहले फुलवा के ऊपर चढ़ा और उसको बड़े आराम से चोदने के बाद मैं चंपा के ऊपर चढ़ गया और उन दोनों का 2-3 बार छुटाने के लिए मैंने उन दोनों को कभी घोड़ी बना कर चोदा और कभी खड़ा करके चोदा और कभी अपने ऊपर बिठा कर चोदा और उन को तभी छोड़ा जब दोनों ने कहा- बस करो छोटे मालिक, हमारा महीनों का काम आपने कर प्रिया।

उसके बाद मैंने उन दोनों को 100-100 रूपए का इनाम भी प्रिया जो उनको बहुत ही पसंद आया और दोनों ने बार बार मेरा शुक्रिया अदा किया।पुरानी यादों को ताज़ा करके मैं और कम्मो हवेली में वापस आये।

कहानी जारी रहेगी।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

मेरा गुप्त जीवन

कुल भाग: 189
भाग 1
भाग 1: पढ़ें
भाग 2
भाग 2: पढ़ें
भाग 3
भाग 3: पढ़ें
भाग 4
भाग 4: पढ़ें
भाग 5
भाग 5: पढ़ें
भाग 6
भाग 6: पढ़ें
भाग 7
भाग 7: पढ़ें
भाग 8
भाग 8: पढ़ें
भाग 9
भाग 9: पढ़ें
भाग 10
भाग 10: पढ़ें
भाग 12
भाग 12: पढ़ें
भाग 13
भाग 13: पढ़ें
भाग 14
भाग 14: पढ़ें
भाग 15
भाग 15: पढ़ें
भाग 16
भाग 16: पढ़ें
भाग 17
भाग 17: पढ़ें
भाग 18
भाग 18: पढ़ें
भाग 19
भाग 19: पढ़ें
भाग 20
भाग 20: पढ़ें
भाग 21
भाग 21: पढ़ें
भाग 22
भाग 22: पढ़ें
भाग 23
भाग 23: पढ़ें
भाग 24
भाग 24: पढ़ें
भाग 25
भाग 25: पढ़ें
भाग 26
भाग 26: पढ़ें
भाग 27
भाग 27: पढ़ें
भाग 28
भाग 28: पढ़ें
भाग 29
भाग 29: पढ़ें
भाग 30
भाग 30: पढ़ें
भाग 31
भाग 31: पढ़ें
भाग 32
भाग 32: पढ़ें
भाग 33
भाग 33: पढ़ें
भाग 34
भाग 34: पढ़ें
भाग 35
भाग 35: पढ़ें
भाग 36
भाग 36: पढ़ें
भाग 37
भाग 37: पढ़ें
भाग 38
भाग 38: पढ़ें
भाग 39
भाग 39: पढ़ें
भाग 40
भाग 40: पढ़ें
भाग 41
भाग 41: पढ़ें
भाग 42
भाग 42: पढ़ें
भाग 43
भाग 43: पढ़ें
भाग 44
भाग 44: पढ़ें
भाग 45
भाग 45: पढ़ें
भाग 46
भाग 46: पढ़ें
भाग 47
भाग 47: पढ़ें
भाग 48
भाग 48: पढ़ें
भाग 49
भाग 49: पढ़ें
भाग 50
भाग 50: पढ़ें
भाग 51
भाग 51: पढ़ें
भाग 52
भाग 52: पढ़ें
भाग 53
भाग 53: पढ़ें
भाग 54
भाग 54: पढ़ें
भाग 55
भाग 55: पढ़ें
भाग 56
भाग 56: पढ़ें
भाग 57
भाग 57: पढ़ें
भाग 58
भाग 58: पढ़ें
भाग 59
भाग 59: पढ़ें
भाग 60
भाग 60: पढ़ें
भाग 61
भाग 61: पढ़ें
भाग 62
भाग 62: पढ़ें
भाग 63
भाग 63: पढ़ें
भाग 64
भाग 64: पढ़ें
भाग 65
भाग 65: पढ़ें
भाग 66
भाग 66: पढ़ें
भाग 67
भाग 67: पढ़ें
भाग 68
भाग 68: पढ़ें
भाग 69
भाग 69: पढ़ें
भाग 70
भाग 70: पढ़ें
भाग 71
भाग 71: पढ़ें
भाग 72
भाग 72: पढ़ें
भाग 73
भाग 73: पढ़ें
भाग 74
भाग 74: पढ़ें
भाग 75
भाग 75: पढ़ें
भाग 76
भाग 76: पढ़ें
भाग 77
भाग 77: पढ़ें
भाग 78
भाग 78: पढ़ें
भाग 79
भाग 79: पढ़ें
भाग 80
भाग 80: पढ़ें
भाग 81
भाग 81: पढ़ें
भाग 82
भाग 82: पढ़ें
भाग 83
भाग 83: पढ़ें
भाग 84
भाग 84: पढ़ें
भाग 85
भाग 85: पढ़ें
भाग 86
भाग 86: पढ़ें
भाग 87
भाग 87: पढ़ें
भाग 88
भाग 88: पढ़ें
भाग 89
भाग 89: पढ़ें
भाग 90
भाग 90: पढ़ें
भाग 91
भाग 91: पढ़ें
भाग 92
भाग 92: पढ़ें
भाग 93
भाग 93: पढ़ें
भाग 94
भाग 94: पढ़ें
भाग 95
भाग 95: पढ़ें
भाग 96
भाग 96: पढ़ें
भाग 97
भाग 97: पढ़ें
भाग 98
भाग 98: पढ़ें
भाग 99
भाग 99: पढ़ें
भाग 100
भाग 100: पढ़ें
भाग 101
भाग 101: पढ़ें
भाग 102
भाग 102: पढ़ें
भाग 103
भाग 103: पढ़ें
भाग 104
भाग 104: पढ़ें
भाग 105
भाग 105: पढ़ें
भाग 106
भाग 106: पढ़ें
भाग 107
भाग 107: पढ़ें
भाग 108
भाग 108: पढ़ें
भाग 109
भाग 109: पढ़ें
भाग 110
भाग 110: पढ़ें
भाग 111
भाग 111: पढ़ें
भाग 112
भाग 112: पढ़ें
भाग 113
भाग 113: पढ़ें
भाग 114
भाग 114: पढ़ें
भाग 115
भाग 115: पढ़ें
भाग 116
भाग 116: पढ़ें
भाग 117
भाग 117: पढ़ें
भाग 118
भाग 118: पढ़ें
भाग 119
भाग 119: पढ़ें
भाग 120
भाग 120: पढ़ें
भाग 121
भाग 121: पढ़ें
भाग 122
भाग 122: पढ़ें
भाग 123
भाग 123: पढ़ें
भाग 124
भाग 124: पढ़ें
भाग 125
भाग 125: पढ़ें
भाग 126
भाग 126: पढ़ें
भाग 127
भाग 127: पढ़ें
भाग 128
भाग 128: पढ़ें
भाग 129
भाग 129: पढ़ें
भाग 130
भाग 130: पढ़ें
भाग 131
भाग 131: पढ़ें
भाग 132
भाग 132: पढ़ें
भाग 133
भाग 133: पढ़ें
भाग 134
भाग 134: पढ़ें
भाग 135
भाग 135: पढ़ें
भाग 136
भाग 136: पढ़ें
भाग 137
भाग 137: पढ़ें
भाग 138
भाग 138: पढ़ें
भाग 139
भाग 139: पढ़ें
भाग 140
भाग 140: पढ़ें
भाग 141
भाग 141: पढ़ें
भाग 142
भाग 142: पढ़ें
भाग 143
भाग 143: पढ़ें
भाग 144
भाग 144: पढ़ें
भाग 145
भाग 145: पढ़ें
भाग 146
भाग 146: पढ़ें
भाग 147
भाग 147: पढ़ें
भाग 148
भाग 148: पढ़ें
भाग 149
भाग 149: पढ़ें
भाग 150
भाग 150: पढ़ें
भाग 151
भाग 151: पढ़ें
भाग 152
भाग 152: पढ़ें
भाग 153
भाग 153: पढ़ें
भाग 154
भाग 154: पढ़ें
भाग 155
भाग 155: पढ़ें
भाग 156
भाग 156: पढ़ें
भाग 157
भाग 157: पढ़ें
भाग 158
भाग 158: पढ़ें
भाग 159
भाग 159: पढ़ें
भाग 160
भाग 160: पढ़ें
भाग 161
भाग 161: पढ़ें
भाग 162
भाग 162: पढ़ें
भाग 163
भाग 163: पढ़ें
भाग 164
भाग 164: पढ़ें
भाग 165
भाग 165: पढ़ें
भाग 166
भाग 166: पढ़ें
भाग 167
भाग 167: पढ़ें
भाग 168
भाग 168: पढ़ें
भाग 169
भाग 169: पढ़ें
भाग 170
भाग 170: पढ़ें
भाग 171
भाग 171: पढ़ें
भाग 172
भाग 172: पढ़ें
भाग 173
भाग 173: पढ़ें
भाग 174
भाग 174: पढ़ें
भाग 175
भाग 175: पढ़ें
भाग 176
भाग 176: पढ़ें
भाग 177
भाग 177: पढ़ें
भाग 178
भाग 178: पढ़ें
भाग 179
भाग 179: पढ़ें
भाग 180
भाग 180: पढ़ें
भाग 181
भाग 181: पढ़ें
भाग 182
भाग 182: पढ़ें
भाग 183
भाग 183: पढ़ें
भाग 184
भाग 184: पढ़ें
भाग 185
भाग 185: पढ़ें
भाग 186
भाग 186: पढ़ें
भाग 187
भाग 187: पढ़ें
भाग 188
भाग 188: पढ़ें
भाग 189
भाग 189: पढ़ें
भाग 190
भाग 190: पढ़ें
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

बिहार की गर्म कुंवारी चूत-1
नौकर-नौकरानी

बिहार की गर्म कुंवारी चूत-1

नमस्ते मेरा नाम मन्नी है, मैं 23 साल का हूँ.. पूरे 6 फीट का हूँ। मैं पंजाब का रहने वाला हूँ।

16 मिनट 872
कामवाली सुनीता की चुत चुदाई
नौकर-नौकरानी

कामवाली सुनीता की चुत चुदाई

इस बार मैंने कहानी अपने ऊपर न लिख कर कुछ कहानियां अलग अलग किरदारों पर लिखी हैं ताकि आप किसी महिला मित्र का नम्बर मांगने की जिद न करें और आप सिर्फ एक कहानी समझ कर ही इसका आनन्द लें।

19 मिनट 494
कामवाली बाई ने चुत चुदाई बड़े नखरे करके
नौकर-नौकरानी

कामवाली बाई ने चुत चुदाई बड़े नखरे करके

बात तब की है, जब मुझे कोलकाता में आए हुए एक साल हो गया था और मैं अपनी बीवी को मिस कर रहा था. मैंने अपने दोस्तों से सुना था कि काम वाली बाई भी दे देती है, यदि उसको सही से पटा लिया जाए. मेरे यहाँ भी एक बाई काम करती थी, जिसका नाम ममता था.. वो दिखने म...

28 मिनट 822

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

अभिषेक शुक्ला

2 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

पंकज सक्सेना

2 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।