होम पर वापस जाएं
नौकर-नौकरानी पठन समय: 8 मिनट पढ़ा गया: 635 बार

मेरा गुप्त जीवन- 116

यश देव

11 Feb 2026 को प्रकाशित

मेरा गुप्त जीवन- 116
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

अगले दिन सुबह कोई 10 बजे के करीब एक मिनी बस हवेली के बाहर आकर रुकी और उसमें से 10-12 लड़कियाँ निकली।रूबी मैडम ने उनका स्वागत किया।

फिर हम सब उनको लेकर कॉटेज की तरफ चल दिए उसी मिनी बस में!वहाँ कम्मो और उसकी काम वालियाँ पहुँच चुकी थी और किचन में नाश्ता इत्यादि की तैयारी चल रही थी।

कम्मो उन सबको लेकर उनके कमरो में पहुँचा आई, सिर्फ दो लड़कियाँ जिनको कमरा नहीं मिला, उनके बारे में इंतज़ाम करना बाकी था, तो उनको एक कमरे नुमा स्टोर रूम में टिका प्रिया और सबको लेकर नाश्ता के लिए डाइनिंग टेबल पर ले आई थी।

जैसे ही नाश्ता खत्म हुआ, रूबी उन सबको लेकर बैठक में आ गई और उनको काम समझाने लगी।वहीं पर उसने सबको मुझ से मिलवाया और बताया कि मैं वहाँ के ज़मींदार का लड़का हूँ और सारे काम का मैनेजर भी हूँ।

अब मैंने सब लड़कियों को ध्यान से देखा तो उनमें से सबकी सब लम्बे कद बुत की थी और काफी सुन्दर और सुडौल शरीर की मालिक थी। एक ख़ास बात जो मैंने नोट की, वो सब एक जैसी ही लम्बी थी, सबकी हाइट 5’5″ फ़ीट से ऊपर ही थी।एक दो मुझ से बार बार नज़र मिला रही थी और बात करने की कोशिश कर रही थी।आते जाते एक दो से तो हाथ से हाथ टकराए थे और मैंने उनको सॉरी भी बोल प्रिया था।

एक उनमें से बहुत चुलबुली थी, वो मेरे पास वाले सोफे पर आकर बैठ गई और बोली- हेलो मैनेजर साहब, मेरा नाम जूली है, आपका क्या नाम है?मैंने उसको और बाकी लड़कियों को अपना नाम बताया तब जूली बोली- क्यों मिस्टर सोमू, क्या तुम कॉलेज में हो क्या?मैं बोला- हाँ, मैं कॉलेज के फर्स्ट ईयर में हूँ, आप कहाँ तक पढ़ी हैं?जूली बोली- मैंने बी ए किया हुआ है, और ये सब लड़कियाँ भी कॉलेज कर चुकी हैं।

मैं बोला- बॉम्बे शहर तो, कहते हैं, बहुत बड़ा है, क्या यह सच है?जूली बोली- बॉम्बे बहुत बड़ा शहर है सारे इंडिया में, तुम्हारा लखनऊ तो कुछ भी नहीं उसके मुकाबले में!

इतने में रूबी मैडम भी आ गई और बोली- चलो नाश्ता हो गया है तो डांस की तैयारी करनी शुरू करें। अपने कपड़े भी चेंज कर लो जल्दी से!सब लड़कियाँ जल्दी से अपने कमरों में चली गई और मैं भी रूबी मैडम से कह कर अपने घर आ गया।

नहा धोकर मैं फिर कॉटेज में जाने लगा तो मीनू मैडम आ गई और बोली- सोमू यार, वो कार तो बिजी है, तुम मुझ को कॉटेज छोड़ आओ।मैं बोला- आइए मैडम, मैं वहीं जा रहा हूँ अपनी बाइक पर, आप भी चल सकती हैं मेरे साथ!जब बाइक चलाई तो मैडम मेरे से चिपक कर बैठ गई और उसके सॉलिड मुम्मे मेरी पीठ से चिपक गए और मैं थोड़े तेज़ चला कर ब्रेक मार रहा था जिससे मैडम के मुम्मे और भी चिपके रहे मेरी पीठ से!

कॉटेज पहुँच कर मैंने मैडम को याद कराया- मैडम याद है न वो आपका वायदा?मैडम बोली- कौन सा वायदा सोमू?मैं भी मैडम की आँखों में आँखें डाल कर बोला- वही, जो लड़की अच्छा डांस नहीं करेगी, उसको मुझसे फ़क करवाओगे आप?मैडम ज़ोर से हंस दी- बड़ी तेज़ यादाश्त है यार तेरी। मैं ज़रूर फक करवाऊँगी लेकिन उससे पहले ही वो तुझ को घेर लेंगी और तुझको नहीं छोड़ेंगी, ख़ास तौर से तेरी फकिंग कैपेसिटी देख कर! देख लेना!

हम दोनों अंदर चले गए और मैडम उनको निर्देश देने में बिजी हो गई।थोड़ी देर तो मैं मैडम को देखता रहा कि वो रूबी को और डांसर्स को क्या आदेश दे रही हैं, फिर मैं घूमता हुआ किचन में चला गया जहाँ फुलवा और उसकी सहयोगी खाना बनाने में लगी हुई थी।कम्मो भी पहुँच चुकी थी, वो उनको जहाँ भी ज़रूरत होती थी, मदद कर रही थी।

सबको देखते हुए मेरी नज़र उस काले हीरे पर पड़ी जो अभी कुछ रसोई का काम कर रही थी।उसने मेरी तरफ देखा और हल्के से मुस्करा दी।कम्मो हमारी आँखों की इशारेबाजी देख रही थी, वो मेरे पास आई और बोली- आप पीछे स्टोर में चलिए, मैं आपके हीरे को लेकर आती हूँ।

मैं टहलते हुए स्टोर में गया और वहाँ पड़े हुए सामान को देख ही रहा था कि कम्मो काले हीरे को लेकर आ गई।आते ही कम्मो बोली- छोटे मालिक, इससे मिलो, यह है देवकी!मैं बोला- अच्छी सुन्दर है यह देवकी तो, इसकी शादी हो चुकी है क्या?कम्मो बोली- हाँ छोटे मालिक, हो तो चुकी है लेकिन इसका पति बाहर गया हुआ है नौकरी के सिलसिले में, तो यह अभी दो साल से अनछुई है।

मैंने देवकी से पूछा- कब गया था बाहर तेरा पति?देवकी शर्माती हुई बोली- यही कोई 2 साल पहले और तबसे लौट कर ही नहीं आया है।मैं बोला- तो तू दो साल से अछूती है क्या?वो और भी शरमाते हुए बोली- हाँ छोटे मालिक, क्या करें किस्मत ही खराब है ससुर!

कम्मो बोली- क्यों देवकी, छोटे मालिक तुझ को अगर अभी हरा कर दें तो तैयार है क्या?देवकी शर्म से और सांवली हो गई और कुछ बोले बगैर सर को हाँ में हिला प्रिया।कम्मो बोली- छोटे मालिक, आप देवकी को लेकर छत पर चले जाओ, मैं आती हूँ आपके पीछे।

मैंने देवकी को आगे आगे चलने को कहा और खुद उसके पीछे सीढ़ियाँ चढ़ने लगा।ऊपर पहुँच कर देखा, वहाँ एक छोटा सा कमरा बना हुआ है जिसमें एक दीवान नुमा बेड बिछा हुआ था।जैसे ही हम कमरे में पहुंचे मैंने देवकी का मुंह अपनी तरफ करके पूछा- क्यों देवकी, तुम तैयार हो ना?देवकी शरमाई, लेकिन बोली कुछ नहीं।मैंने फिर पूछा- बोलो देवकी, तैयार हो अपनी चूत चुदवाने के लिए?देवकी ने फिर हामी में सर हिला प्रिया।तब मैंने कहा- ऐसे नहीं देवकी, बोलो हाँ या ना?देवकी ने अपनी साड़ी के पल्लू में छुपा कर धीरे से बोला- हाँ छोटे मालिक।

जैसे ही उसने हाँ बोला, मैंने उसको पकड़ लिया और उसकी साड़ी का पल्लू उसके मुम्मों के ऊपर से हटा प्रिया, उसके ढीले ब्लाउज को ऊपर करके सांवले लेकिन सॉलिड और मोटे मुम्मे बाहर आ गए, मैं उनको चूसने लगा।साथ ही मैंने उसको बेड पर लिटा प्रिया और उसकी धोती ऊँची करके उसकी चूत पर काले बालों में से साफ झलकते चूत के होटों को मसलने लगा।

उसकी चूत एकदम से टाइट थी क्यों कि वो दो सालों से इस्तेमाल नहीं हुई थी और मेरे लौड़े को पाकर चूत और भी निहाल हो गई थी।मैंने उसके सांवले लेकिन मोटे चूतड़ों के नीचे हाथ रख कर ज़ोरदार चुदाई शुरू कर दी और जैसा कि मुझको उम्मीद थी, देवकी जल्दी ही झड़ गई और ज़ोर ज़ोर से हाय हाय करने लगी।

तब मैंने उसके मुंह पर हाथ रख प्रिया और उसकी चूत के पानी के पूरी तरह से झड़ जाने तक अपने लंड को अंदर डाल कर बैठा रहा।जब मैं उठने लगा तो देवकी ने मुझ को कसके जफ्फी मारी और मेरे होटों पर एक चुम्मी भी दे दी।

पहले मैंने देवकी को नीचे भेज प्रिया और फिर 5 मिन्ट बाद मैं भी नीचे आ गया।जैसे ही मैं हाल में पहुँचा वहाँ मुझ जूली मिल गई और पूछने लगी- कहाँ थे आप?मैंने कहा- मैनेजर हूँ ना, सब इंतज़ाम देखने पड़ते हैं। बोलो, कोई काम था मुझसे?जूली बोली- तुम ज़रा आना मेरे कमरे में, कुछ काम है।

मैं उसके पीछे चल प्रिया और जब हम उसके रूम में पहुँचे तो उसने झट से कमरे का दरवाज़ा बंद कर लिया और मुझको एकदम अपनी बाहों में ले कर बहुत ही टाइट जफ्फी मारी।फिर उसने अपने गरम होंट मेरे होंटों पर रख दिए और एक बहुत ही कामातुर जफ्फी मारी।मैं थोड़ा घबरा कर बोला- यह क्या कर रही हो जूली?जूली बोली- मैं तुमको फक करना चाहती हूँ।

कहानी जारी रहेगी।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

मेरा गुप्त जीवन

कुल भाग: 189
भाग 1
भाग 1: पढ़ें
भाग 2
भाग 2: पढ़ें
भाग 3
भाग 3: पढ़ें
भाग 4
भाग 4: पढ़ें
भाग 5
भाग 5: पढ़ें
भाग 6
भाग 6: पढ़ें
भाग 7
भाग 7: पढ़ें
भाग 8
भाग 8: पढ़ें
भाग 9
भाग 9: पढ़ें
भाग 10
भाग 10: पढ़ें
भाग 12
भाग 12: पढ़ें
भाग 13
भाग 13: पढ़ें
भाग 14
भाग 14: पढ़ें
भाग 15
भाग 15: पढ़ें
भाग 16
भाग 16: पढ़ें
भाग 17
भाग 17: पढ़ें
भाग 18
भाग 18: पढ़ें
भाग 19
भाग 19: पढ़ें
भाग 20
भाग 20: पढ़ें
भाग 21
भाग 21: पढ़ें
भाग 22
भाग 22: पढ़ें
भाग 23
भाग 23: पढ़ें
भाग 24
भाग 24: पढ़ें
भाग 25
भाग 25: पढ़ें
भाग 26
भाग 26: पढ़ें
भाग 27
भाग 27: पढ़ें
भाग 28
भाग 28: पढ़ें
भाग 29
भाग 29: पढ़ें
भाग 30
भाग 30: पढ़ें
भाग 31
भाग 31: पढ़ें
भाग 32
भाग 32: पढ़ें
भाग 33
भाग 33: पढ़ें
भाग 34
भाग 34: पढ़ें
भाग 35
भाग 35: पढ़ें
भाग 36
भाग 36: पढ़ें
भाग 37
भाग 37: पढ़ें
भाग 38
भाग 38: पढ़ें
भाग 39
भाग 39: पढ़ें
भाग 40
भाग 40: पढ़ें
भाग 41
भाग 41: पढ़ें
भाग 42
भाग 42: पढ़ें
भाग 43
भाग 43: पढ़ें
भाग 44
भाग 44: पढ़ें
भाग 45
भाग 45: पढ़ें
भाग 46
भाग 46: पढ़ें
भाग 47
भाग 47: पढ़ें
भाग 48
भाग 48: पढ़ें
भाग 49
भाग 49: पढ़ें
भाग 50
भाग 50: पढ़ें
भाग 51
भाग 51: पढ़ें
भाग 52
भाग 52: पढ़ें
भाग 53
भाग 53: पढ़ें
भाग 54
भाग 54: पढ़ें
भाग 55
भाग 55: पढ़ें
भाग 56
भाग 56: पढ़ें
भाग 57
भाग 57: पढ़ें
भाग 58
भाग 58: पढ़ें
भाग 59
भाग 59: पढ़ें
भाग 60
भाग 60: पढ़ें
भाग 61
भाग 61: पढ़ें
भाग 62
भाग 62: पढ़ें
भाग 63
भाग 63: पढ़ें
भाग 64
भाग 64: पढ़ें
भाग 65
भाग 65: पढ़ें
भाग 66
भाग 66: पढ़ें
भाग 67
भाग 67: पढ़ें
भाग 68
भाग 68: पढ़ें
भाग 69
भाग 69: पढ़ें
भाग 70
भाग 70: पढ़ें
भाग 71
भाग 71: पढ़ें
भाग 72
भाग 72: पढ़ें
भाग 73
भाग 73: पढ़ें
भाग 74
भाग 74: पढ़ें
भाग 75
भाग 75: पढ़ें
भाग 76
भाग 76: पढ़ें
भाग 77
भाग 77: पढ़ें
भाग 78
भाग 78: पढ़ें
भाग 79
भाग 79: पढ़ें
भाग 80
भाग 80: पढ़ें
भाग 81
भाग 81: पढ़ें
भाग 82
भाग 82: पढ़ें
भाग 83
भाग 83: पढ़ें
भाग 84
भाग 84: पढ़ें
भाग 85
भाग 85: पढ़ें
भाग 86
भाग 86: पढ़ें
भाग 87
भाग 87: पढ़ें
भाग 88
भाग 88: पढ़ें
भाग 89
भाग 89: पढ़ें
भाग 90
भाग 90: पढ़ें
भाग 91
भाग 91: पढ़ें
भाग 92
भाग 92: पढ़ें
भाग 93
भाग 93: पढ़ें
भाग 94
भाग 94: पढ़ें
भाग 95
भाग 95: पढ़ें
भाग 96
भाग 96: पढ़ें
भाग 97
भाग 97: पढ़ें
भाग 98
भाग 98: पढ़ें
भाग 99
भाग 99: पढ़ें
भाग 100
भाग 100: पढ़ें
भाग 101
भाग 101: पढ़ें
भाग 102
भाग 102: पढ़ें
भाग 103
भाग 103: पढ़ें
भाग 104
भाग 104: पढ़ें
भाग 105
भाग 105: पढ़ें
भाग 106
भाग 106: पढ़ें
भाग 107
भाग 107: पढ़ें
भाग 108
भाग 108: पढ़ें
भाग 109
भाग 109: पढ़ें
भाग 110
भाग 110: पढ़ें
भाग 111
भाग 111: पढ़ें
भाग 112
भाग 112: पढ़ें
भाग 113
भाग 113: पढ़ें
भाग 114
भाग 114: पढ़ें
भाग 115
भाग 115: पढ़ें
भाग 116
भाग 116: पढ़ें
भाग 117
भाग 117: पढ़ें
भाग 118
भाग 118: पढ़ें
भाग 119
भाग 119: पढ़ें
भाग 120
भाग 120: पढ़ें
भाग 121
भाग 121: पढ़ें
भाग 122
भाग 122: पढ़ें
भाग 123
भाग 123: पढ़ें
भाग 124
भाग 124: पढ़ें
भाग 125
भाग 125: पढ़ें
भाग 126
भाग 126: पढ़ें
भाग 127
भाग 127: पढ़ें
भाग 128
भाग 128: पढ़ें
भाग 129
भाग 129: पढ़ें
भाग 130
भाग 130: पढ़ें
भाग 131
भाग 131: पढ़ें
भाग 132
भाग 132: पढ़ें
भाग 133
भाग 133: पढ़ें
भाग 134
भाग 134: पढ़ें
भाग 135
भाग 135: पढ़ें
भाग 136
भाग 136: पढ़ें
भाग 137
भाग 137: पढ़ें
भाग 138
भाग 138: पढ़ें
भाग 139
भाग 139: पढ़ें
भाग 140
भाग 140: पढ़ें
भाग 141
भाग 141: पढ़ें
भाग 142
भाग 142: पढ़ें
भाग 143
भाग 143: पढ़ें
भाग 144
भाग 144: पढ़ें
भाग 145
भाग 145: पढ़ें
भाग 146
भाग 146: पढ़ें
भाग 147
भाग 147: पढ़ें
भाग 148
भाग 148: पढ़ें
भाग 149
भाग 149: पढ़ें
भाग 150
भाग 150: पढ़ें
भाग 151
भाग 151: पढ़ें
भाग 152
भाग 152: पढ़ें
भाग 153
भाग 153: पढ़ें
भाग 154
भाग 154: पढ़ें
भाग 155
भाग 155: पढ़ें
भाग 156
भाग 156: पढ़ें
भाग 157
भाग 157: पढ़ें
भाग 158
भाग 158: पढ़ें
भाग 159
भाग 159: पढ़ें
भाग 160
भाग 160: पढ़ें
भाग 161
भाग 161: पढ़ें
भाग 162
भाग 162: पढ़ें
भाग 163
भाग 163: पढ़ें
भाग 164
भाग 164: पढ़ें
भाग 165
भाग 165: पढ़ें
भाग 166
भाग 166: पढ़ें
भाग 167
भाग 167: पढ़ें
भाग 168
भाग 168: पढ़ें
भाग 169
भाग 169: पढ़ें
भाग 170
भाग 170: पढ़ें
भाग 171
भाग 171: पढ़ें
भाग 172
भाग 172: पढ़ें
भाग 173
भाग 173: पढ़ें
भाग 174
भाग 174: पढ़ें
भाग 175
भाग 175: पढ़ें
भाग 176
भाग 176: पढ़ें
भाग 177
भाग 177: पढ़ें
भाग 178
भाग 178: पढ़ें
भाग 179
भाग 179: पढ़ें
भाग 180
भाग 180: पढ़ें
भाग 181
भाग 181: पढ़ें
भाग 182
भाग 182: पढ़ें
भाग 183
भाग 183: पढ़ें
भाग 184
भाग 184: पढ़ें
भाग 185
भाग 185: पढ़ें
भाग 186
भाग 186: पढ़ें
भाग 187
भाग 187: पढ़ें
भाग 188
भाग 188: पढ़ें
भाग 189
भाग 189: पढ़ें
भाग 190
भाग 190: पढ़ें
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

जवान लड़के के घर की सम्भोग लीला- 3
नौकर-नौकरानी

जवान लड़के के घर की सम्भोग लीला- 3

हॉट मेड Xxx स्टोरी में मैं पढ़ाई के बाद घर आया तो मेरे सामने चूतों का अम्बार लगा था. पहले ही दिन घर की जवान नौकरानी मेरे कमरे में आई तो उसकी चूचियां दिख रही थी.

15 मिनट 659
मेरा जिस्म चूसकर चोदने वाला कुत्ता देवर- 2
नौकर-नौकरानी

मेरा जिस्म चूसकर चोदने वाला कुत्ता देवर- 2

देवर भाभी Sexxx कहानी में अपने देवर का लंड देख कर मैं उससे चुदना छाती थी. मैंने उसे चुदाई के लिए तैयार भी कर लिया. मैं कार पार्किंग में कार में उससे खूब चुदी.

21 मिनट 564
अंगूर का दाना-3
नौकर-नौकरानी

अंगूर का दाना-3

प्रेम गुरु की कलम सेउस रात मुझे और अंगूर को नींद भला कैसे आती दोनों की आँखों में कितने रंगीन सपने जो थे। यह अलग बात थी कि मेरे और उसके सपने जुदा थे।

19 मिनट 317

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

संजय मजुमदार

1 month ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

ऐस फकर

2 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।