लेखक : इमरान
…
पारस- वाओ भाभी… मूतते हुए पीछे से आपकी गांड कितनी प्यारी लग रही है…सलोनी- तू अब इसे ही देखता रहेगा या इधर-उधर का भी ध्यान रखेगा…?पारस- आप तो फालतू में नाराज हो रही हो… केवल अकेला मैं ही कौन सा देख रहा हूँ…सलोनी- उउउफ्फ्फ्फ्फ़… तो और कौन देख रहा है…पारस- हाहा वो देखो बेंच पर…वो जो अंकल बैठे हैं इधर ही देख रहे हैं…सलोनी- देख कितना बेशरम है… लगातार घूर रहा है…पारस- वाह भाभी… आपको करने में शर्म नहीं… मैं और वो देख रहे हैं तो बेशरम…सलोनी- अब आज तो तू पक्का पिटने वाला है…अब जल्दी से चल यहाँ से…पारस- एक मिनट न भाभी जी…जरा मुझे भी तो फ्रेश होने दो…सलोनी- हाँ हाँ जल्दी कर……सलोनी- देख अब कैसे चला गया…जब मैंने उसको घूरा… शर्म नहीं आती इन बुड्ढों को… राख में भी चिंगारी ढूँढ़ते रहते हैं…पारस- हा हा भाभी क्या बात की है… वैसे आज तो उसको मजा आ गया होगा..इतनी चिकनी गांड देखकर…पता नहीं घर जाकर दादी का क्या हाल करेंगे… हा हा…सलोनी- हाहा… तू भी ना…पारस- भाभी…प्लीज जरा इसको सही तो कर दो… देखो जीन्स में जा ही नहीं रहा…लेखक : इमरानपारस- एक मिनट न भाभी जी…जरा मुझे भी तो फ्रेश होने दो…सलोनी- हाँ हाँ जल्दी कर……सलोनी- देख अब कैसे चला गया…जब मैंने उसको घूरा… शर्म नहीं आती इन बुड्ढों को… राख में भी चिंगारी ढूँढ़ते रहते हैं…पारस- हा हा भाभी क्या बात की है… वैसे आज तो उसको मजा आ गया होगा..इतनी चिकनी गांड देखकर…पता नहीं घर जाकर दादी का क्या हाल करेंगे… हा हा…सलोनी- हाहा… तू भी ना…पारस- भाभी…प्लीज जरा इसको सही तो कर दो… देखो जीन्स में जा ही नहीं रहा…सलोनी- यहाँ… हाए क्या कर रहा है… कितना गरम हो रहा है ये…पारस- भाभी, खुले में चुदाई करने का मजा ही अलग है…सलोनी- नहीं… यहाँ तो बिल्कुल नहीं… मैं ये रिस्क नहीं लेने वाली…तू इसको अंदर कर जल्दी…पारस- अरे वही तो कर रहा हूँ भाभी… कोई नहीं है यहाँ बस इस पेड़ को पकड़ कर थोड़ा झुको… केवल 5 मिनट लगेंगे…सलोनी- आआह्ह्ह्ह्ह… ह्ह्ह्हाआ… क्या करता है… मुझे दर्द हो रहा है… ओह मान जा ना प्लीज… नहीईईई… आआअह्ह्हह्ह… मान जा… नहीं…ना… यहाँ कोई भी आ सकता है…पारस- श्ह्ह्ह्ह्ह्ह… कोई नहीं आएगा… बस्स्स्स जरा सा… आज तो नहीं मानूंगा…सलोनी- अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह… नहीं ना… क्या करता है… हट ना… ओह…सलोनी- ओहूऊऊऊऊऊ…पारस- ज्यादा आवाज मत करो ना… वरना… सबको पता चल जायेगा…सलोनी- आआअह्हह्ह… अह्ह्ह्हह्ह… उउउउउ… ओह्ह्ह्ह… आह्हआ… नहीईईईई… तू पागल है… आअह्ह्ह कितना… अंदर… तक्क… नहीईईईइ…आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हा… आआआ……कमीने दर्द हो रहा है……अह्ह्ह्ह्ह्हा…आआआआअ…पारस- बास्स्स्स्स्स्स्स्स्स…सलोनी- ऊऊ… औ ओ ओ ओ… तू तो बहुत कमीना है… आज के बाद मुझसे बात नहीं करना…पारस- क्यों क्या हुआ भाभी… प्लीज ऐसा न बोलो… आई लव यू… सो मच…सलोनी- लव होता तो इतना दुःख नहीं देता…न समय देखता है और न जगह…पारस- क्या भाभी आप भी, अब आपकी यह मस्त गांड देख मेरा पप्पू नहीं माना तो इसमें मेरी क्या गलती…सलोनी- उन उउउउम… जा भाग यहाँ से…पारस- प्लीज मान जाओ न भाभी…सलोनी- चल अब जल्दी से घर चल… देर हो रही है।……पारस- भाभी प्लीज माफ़ कर दो न… अच्छा अब कभी ऐसी गलती नहीं करूँगा…प्रोमिस…सलोनी- अच्छा ठीक है… पर कुछ समय दूर रह… मेरा मूड बहुत ख़राब है…पारस- ओके मेरी प्यारी भाभी… पुचच च च च……पारस- भाभी, मैं अभी आता हूँ… जरा कुछ सामान लेना है बाजार से… भूल गया था…………
Dolly Aunty Ki Chudai
कहानी जारी रहेगी।