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Office Sex पठन समय: 8 मिनट पढ़ा गया: 444 बार

मेरी चालू बीवी-41

इमरान

04 Sep 2025 को प्रकाशित

मेरी चालू बीवी-41
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इमरानकरीब बारह बजे सलोनी का फोन आया कि वो स्कूल और शॉपिंग के लिए जा रही थी…मुझे अफ़सोस इस बात का था कि मैंने आज उसके पर्स में रिकॉर्डर नहीं रखा था पर मीनू उसके साथ थी…

अब यह मेरे ऊपर निर्भर था कि मैं मीनू से सब कुछ उगलवा सकता था… पता नहीं आज क्या होने वाला था…?? मेरा पूरा ध्यान सलोनी और मीनू की ओर ही था… पता नहीं वो वहां क्या कर रहे होंगे..???

सब कुछ छोड़कर मैं ऑफिस पहुँचा…पर ऑफिस पहुँचते ही दिल को सुकून मिल गया … मेरी सेक्रेटरी नीलू जो तीन दिनों से नहीं आ रही थी, आज मेरे कैबिन में उत्तेजक लिबास में बैठी मुस्कुरा रही थी..उसको देखते ही मेरा सारा ध्यान अब ऑफिस की ओर ही हो गया…

हाँ सलोनी सही कहती थी… मेरे नीलू के साथ बहुत गहरे ताल्लुकात हैं… वो पिछले एक साल से मेरे साथ है और मेरा पूरा ध्यान रखती है।हम कई बार ऑफिस टूर पर बाहर भी जा चुके हैं और एक ही कमरे में एक साथ रुकते हैं।

नीलू एक गरीब परिवार की बहुत सुन्दर लड़की है, 20-21 साल की, 5 फुट 5 इंच लम्बी, 34-25-34 की उसका बहुत आकर्षक, साँचे में ढला शरीर किसी को भी उसकी ओर देखने पर मजबूर कर देता है, उसके नैन-नक्श काफी तीखे हैं और उसके लाल होठों के नीचे की ओर एक तिल उसको कुछ ज्यादा ही सेक्सी दिखाता है।

ऑफिस के काम के बारे में तो वो कुछ ज्यादा नहीं जानती… मगर मर्द को खुश रखने की सभी कला उसके अंदर है।बहुत मॉडर्न और नये फैशन के कपड़े पहनना और अपने बदन के कुछ हिस्सों को दिखा कर रिझाना उसको बहुत अच्छी तरह आता है।उसकी आवाज बहुत सेक्सी है, फोन पर बात करके ही वो काफी आर्डर बुक करवा देती है।

उसकी इसी अदा का मैं दीवाना हूँ, उसमे एक बहुत ख़ास बात है कि सेक्स में किसी भी बात के लिए वो कभी मना नहीं करती..मैं जो चाहता हूँ, वो मेरी हर चाहत का पूरा ख्याल रखती है… अपने ऑफिस में ही उसको मैं कई बार पूरी नंगी करके चोद चुका हूँ… उसको कभी ऐतराज नहीं हुआ…

मैं कहीं भी उसके साथ मस्ती करने के लिए उसके कपड़ों के अंदर हाथ डाल देता हूँ या उसके कपड़े उतारता तो वो तुरंत तैयार हो जाती है..

मेरे कैबिन में एक तरफ़ा दिखने वाले शीशे लगे हैं जिनसे मैं स्टाफ पर नजर रखता हूँ… वैसे तो उन पर परदे पड़े रहते हैं पर नीलू को चोदते समय मैं ये परदे हटा देता हूँ..

मुझे और नीलू दोनों को ही सारे स्टाफ को काम करते हुए देखते हुए चुदाई करने में बहुत मजा आता है !

कई बार तो कोई न कोई लड़की या लड़का हमारे सामने ही दूसरी तरफ से शीशे में देखते हुए खुद के कपड़े सही करने लगता है तो हमें ऐसा लगता कि वो हमको चुदाई करते हुए घूर रहा है..और चुदाई में और भी ज्यादा मजा आ जाता है, हम दोनों और मजे लेकर चुदाई करने लगते हैं..

हाँ हम दोनों चुदाई के समय बातें करने की भी आदत थी..नीलू और मैं दोनों अपनी चुदाई की बातें एक दूसरे से खुलकर करते हैं, इससे हम दोनों को बहुत उत्तेजना मिलती है…

नीलू वैसे भी चुदाई की आदी थी क्योंकि उसको बहुत कम आयु से ही चुदवाने की आदत लग गई थी इसलिए वो इतनी कम आयु में ही इतनी सेक्सी हो गई थी…

आज नीलू कुछ ज्यादा ही सेक्सी लग रही है, उसने काले रंग की स्किन टाइट लेग्गिंग और नारंगी कढ़ाई वाली टाइट कुर्ती पहनी हुई है…उसके गोरे रंग पर गहरे रंग के कपड़े उसको बहुत सेक्सी दिखा रहे हैं। कपड़े इतने टाइट हैं कि उसका हर अंग अपना आकार बाहर को निकला दिखा रहा है…

उसने सेक्सी मुस्कराहट के साथ मेरा स्वागत किया… मैंने भी उसको मुस्कुराकर ही साथ प्रिया…नीलू- क्या हुआ जनाब, आज इतनी देर से? किसके साथ बिजी थे?

उसकी बात सुनते ही मुझे नलिनी भाभी याद आ गई जिनको अभी अभी चोदकर आ रहा था… और मेरा एक बहुत पुराना सपना साकार हुआ था..

मैं- मेरी जान है कोई.. अब तू तो गायब ही हो गई थी.. क्या हुआ था?नीलू- अरे आपको बताया तो था… कोई आया था घर पर..मैं- अच्छा तो अपने किसी पुराने आशिक के साथ थी जनाबे-आली…

नीलू- अरे नहीं.. कोई रिश्तेदार थे… बस और कोई नहीं… पर आपको क्या हुआ आज.. कुछ बदले से नजर आ रहे हो?उसका ऐसा सोचना सही भी था… आज सुबह की चुदाई और रात मीनू के साथ की गई मस्ती के कारण खुद को कुछ थका सा महसूस कर रहा था…

वरना पहले जब भी वो छुट्टी से आती थी, मैं तुरंत उसको नंगी करके चोदने लगता था…पर आज मैं अपने काम में लग गया था… इसीलिए वो मुझे आश्चर्य से देख रही थी…मैं- अरे नहीं जानेमन, आज जरा कुछ थकान सी लग रही है…

मैंने उसको पकड़ कर उसके होंठों का एक चुम्मा लिया.. वो भी मेरा साथ देने लगी… और उसने मुझे सही से बैठाकर मेरे सिर को अपने हाथों से दबाते हुए कहा- अहा मेरा जानू.. क्या हुआ? लाओ मैं अब पूरी सेवा करके आपको बिल्कुल सही कर दूंगी..बस यही उसकी अदा मुझको भाती थी.. वो हर समय बस मेरा ख्याल रखती थी…

मैंने अपना हाथ उसकी कमर में डाल कर उसके गदराये चूतड़ों पर रखा और उनको मसलने लगा…मुझे नीलू के चूतड़ दबाने ओर मसलने में बहुत आनन्द आता है… उसके चूतड़ हैं भी पूरे गोल और मुलायम ..

मुझे अहसास हो गया कि उसने कच्छी नहीं पहनी है.. वैसे साधारणतया वो हमेशा कच्छी पहनती थी ..मैं- क्या बात जानेमन? आज अंदर खुला क्यों है..? किस ख़ुशी में अपनी मुन्नी को आज़ाद छोड़ रखा है?नीलू- हा… हा… वेरी फनी… आपको तो और भी मजा आ गया होगा !मैं- अरे वो तो है… ऐसा लग रहा है जैसे नंगे चूतड़ों पर हाथ रख रहा हूँ… आज तो रास्ते में लोगों को मजे आ गए होंगे..

नीलू- हाँ, मैं तो रास्ते में सबसे दबवाती हुई आ रही हूँ… आपने तो मुझे ना जाने क्या समझ रखा है??मैं- अरे नहीं जानेमन… मेरा वो मतलब नहीं था.. अरे आते जाते जो शैतान दिमागी होते हैं.. उनकी बात कर रहा हूँ…नीलू- मुझे तो सबसे ज्यादा शैतान आप ही लगते हो बस…

मैं- हा हा हा… फिर भी हुआ क्या, यह तो बता? …अगर सभी कच्छियाँ फट गई हैं तो चल बाजार… अभी दिला देता हूँ…नीलू- अरे नहीं यार… वो कल ही मेंसिस बंद हुई थी ना तो कुछ रेशेज़ पड़ गए हैं… इसीलिए नहीं पहनी…

मैं- अरे कहाँ??? दिखाओ तो जरा..नीलू- तो देख लो ना.. मैंने कभी मना किया? मेरी मुन्नी के आस पास ही… और काफी खुजली भी हो रही है…मैं- अच्छा तो वो खुजली सही करनी होगी.. है ना!नीलू- हाँ आप तो डॉक्टर हो ना.. सब कुछ सही कर दोगे…

मैंने उसको अपनी ओर किया.. उसने आज्ञाकारी की तरह अपनी कुर्ती पेट तक ऊपर कर दी…और मैं नीलू की लेग्गिंग की इलास्टिक में अपनी उँगलियाँ डालकर उसको नीचे करने लगा !

कहानी जारी रहेगी।support@mohakkisse.com

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मेरी चालू बीवी

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

हेमन्त सर

3 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

सौरव कन्नौजिया

3 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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