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Group Sex Story पठन समय: 11 मिनट पढ़ा गया: 1,096 बार

विज्ञान से चूत चुदाई ज्ञान तक-31

पिंकी सेन

22 Dec 2024 को प्रकाशित

विज्ञान से चूत चुदाई ज्ञान तक-31
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संजय ने ज़ोर से धक्का मारा और गुस्सा हो गया।

संजय- क्या बकवास कर रही हो.. दिया मेरी बहन है।

दीपाली- बकवास नहीं.. सच कह रही हूँ वो लड़की दिया ही है.. जिसने पहली बार तेरे लौड़े को चूसा है और अब तुझसे चुदने के लिए बेकरार हो रही है।

संजय- चुप कर साली… कुछ भी बोले जा रही है।

दीपाली- ओए हैलो.. जुबान को लगाम दो.. पहले शान्ति से मेरी बात सुन लो उसके बाद जो बोलना है.. बोल देना.. तुम्हें याद होगा कि तू एक बार ज़्यादा नशे में घर गया था और तेरे पापा ने मार कर तुझे घर से निकाल प्रिया था। उस वक़्त तुझे दिया के पापा अपने घर ले गए थे और उसी रात दिया ने तेरे लौड़े को चूसा था समझे…

संजय एकदम हक्का-बक्का रह गया।

दीपल- क्क्क..क्या बोल रही हो.. तत..तुम आह्ह… ऐसा कुछ नहीं हुआ था स..समझी…

दीपाली- तू तो नशे में था.. तुझे कहाँ कुछ याद होगा… दिया ने खुद मुझे सारी बात बताई हैं… समझे.. शुरू से सुन तब तुझे यकीन आएगा।

दीपाली ने दिया की कही सारी बातें विस्तार से संजय को बताईं।

संजय- ओ माय गॉड.. दिया ने ऐसा कैसे कर प्रिया… वो मेरी बहन है।

दीपाली- बहन हा हा हा.. अब सुन तुझे एक ज्ञान की बात बताती हूँ.. जो मेरी गुरू ने मुझे बताई है.. गौर से सुनना..

इस दुनिया में बहुत से रिश्ते हैं मगर लौड़े का सिर्फ़ 4 चीजों से गहरा रिश्ता है.. उसके अलावा इसकी ना कोई माँ है.. ना बहन..

अब वो चार रिश्ते क्या हैं सुन…

सबसे पहला और सबसे मजबूत रिश्तेदार हाथ होता है.. क्योंकि जब लौड़ा जवान होता है या उत्तेज़ित होना सीखता है.. तो हाथ ही उसको सहला कर शान्त करता है.. जो काफ़ी सालों तक या मरते दम तक इसका साथ नहीं छोड़ता।

दूसरा.. इसका रिश्ता गाण्ड से होता है जब 13 या 14 साल की उम्र होती है.. खेल-खेल में किसी दोस्त की या नसीब से किसी लड़की की गाण्ड मारने को मिल जाती है.. मगर ये रिश्ता ज़्यादा दिन तक लौड़े का साथ नहीं देता।

अब इसका सबसे प्यारा और पसन्दीदा रिश्तेदार.. वो है चूत.. ज़्यादातर लौड़ों को कच्ची और चिकनी चूत से मोहब्बत होती है। ये इसका सबसे बड़ा रिश्तेदार होता है.. किसी-किसी को नसीब से जल्दी.. तो किसी को शादी के बाद चूत मिलती है.. मगर मिल जरूर जाती है और आख़िरी रिश्ता इसका लड़की के मुँह से होता है.. जो इसको चूस कर मज़ा देती है.. मगर ये भी किसी-किसी को ही नसीब होता है। शादी के बाद कोई औरत मुँह में लेती है.. कोई नहीं भी… तो अब समझ आया।

तुम्हें पता है दिया तुम्हारी बहन है.. मगर इस लौड़े को नहीं पता.. तू तो होश में नहीं था.. मगर ये पूरे होश में था.. कड़क भी हुआ और पानी भी उसके मुँह में डाला.. अब बोल ये ज्ञान की बात तेरे समझ में आई कि नहीं।

संजय तो हक्का-बक्का रह गया। कल तक जिस लड़की को बहन मानता था आज उसकी ऐसी बात पता चल गई कि उसके पैरों के नीचे से ज़मीन सरक गई।

संजय- यह गलत है.. नहीं दिया ने पाप किया है.. मगर मैं नहीं कर सकता.. ना ऐसा नहीं होगा…

दीपाली- तो ठीक है.. मत कर.. मगर इतना सोच ले दिया ने लौड़े का स्वाद चख लिया है और उसकी चूत लौड़े के लिए तड़फ रही है.. तू नहीं तो कोई और सही.. वो चुदेगी जरूर और हाँ दूसरा उसको कौन मिलेगा जानते हो..? तुम्हारे खास दोस्त ही उसको चोद कर मज़ा लेंगे.. उनके अलावा वो किसी के पास जा ही नहीं सकती। अब सोच ले.. सील पैक चूत फ्री में मिल रही है.. ऐसा मौका बार-बार नहीं आता.. तेरे दोस्त मज़ा लेंगे और तू चूत के लिए तड़पता रहेगा.. मैं भी नहीं चुदवाऊँगी तेरे से.. ये मेरी शर्त है अगर तू दिया को चोदेगा.. तभी मैं चुदवाऊँगी.. वरना नहीं…

संजय- साली तू कैसे नहीं चुदवाएगी.. इस घर में तेरे और मेरे सिवा है ही कौन.. तुझे तो जबरदस्ती चोद लूँगा।

दीपाली- मुझे तो चोद लोगे.. दिया का क्या होगा..? क्या उसके सामने तुम मुझे चोद पाओगे?

संजय- क्या.. कहाँ है दिया?

तभी कमरे का दरवाजा खुलता है और दिया अन्दर आ जाती है।

दिया- मैं यहाँ हूँ भाई..

संजय दिया को देखता रह जाता है वो सिर्फ़ ब्रा-पैन्टी में खड़ी थी।

उसके चूचे आधे से ज़्यादा बाहर को झाँक रहे थे.. चूत का फुलाव पैन्टी में से साफ नज़र आ रहा था और दिया भी संजय के लौड़े को देख कर होंठों पर जीभ फेर रही थी.. जो आधा-अधूरा खड़ा था या यूँ कहो सोया हुआ था।

संजय- ये क्क्क..क्या है दिया.. छी: तुम्हें शर्म आनी चाहिए..

संजय कुछ और बोलता तब तक दिया उसके एकदम करीब आकर खड़ी हो जाती है और संजय के लौड़े को देखने लगती है.. जिसमें अब तनाव आना शुरू हो गया था।

दिया- भाई.. आपने मेरे पूरे जिस्म को अच्छे से देख लिया और आपके मन में मुझे चोदने की इच्छा भी जाग गई है.. जिसका सबूत यह कड़क होता लौड़ा है.. अब यह झूठा गुस्सा किसलिए..?

संजय का लौड़ा एकदम तन गया था और दिया को चोदने की दिल के किसी कोने में एक चाहत जाग उठी थी।

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संजय- तू बहन नहीं.. एक रंडी है आ जा साली.. पहले तुझे ही चोदूँगा..

संजय ने दिया को बाँहों में भर लिया और उसके होंठ चूसने लगा।दिया भी उसका साथ देने लगी।

दीपाली वहीं खड़ी उन दोनों को देख कर मुस्कुराने लगी।

काफ़ी देर बाद दोनों अलग हुए.. संजय भूखे कुत्ते की तरह दिया के मम्मों को दबा रहा था और उसने ब्रा को खोल कर एक तरफ फेंक प्रिया था।

दिया- आह्ह… आई.. भाई आराम से करो ना आह्ह… दुख़ता है..

संजय- साली छिनाल.. अपने भाई के बारे में गंदे ख्याल लाई.. तब नहीं सोचा तूने.. दुखेगा.. अब देख मैं कैसे तुझे मज़ा देता हूँ.. आज तो बहनचोद बन ही जाता हूँ.. जिस नाम से नफ़रत थी.. आज उसी को तूने मेरे से जोड़ प्रिया है।

दीपाली- ओके दिया.. मैं अब जाती हूँ मेरा यहाँ क्या काम.. तुम दोनों मज़ा करो।

ये सुनकर संजय ने दिया को छोड़ प्रिया और दीपाली का हाथ पकड़ लिया।

संजय- तू कहाँ जाती है मेरी बुलबुल.. तेरे चक्कर में तो आज मैं बहनचोद बनने जा रहा हूँ.. पहले तेरी चूत को फाड़ूँगा.. उसके बाद इस कुत्ती की ठुकाई करूँगा.. साली बहन के नाम पर कलंक है ये…

दीपाली- चूत तो मेरी भी जल रही है लौड़े के लिए.. मगर मैंने दिया से वादा किया है उसकी सील तुम ही तोड़ोगे।

संजय- अरे तो मैंने कब मना किया है.. पहले तेरी चूत का उद्घाटन करूँगा उसके बाद दिया की चूत का मुहूरत होगा।

दिया- नहीं भाई पहले आप मेरे साथ करो.. क्योंकि मैं जानती हूँ मेरी तरह आप भी एकदम कुंवारे हैं आपके लौड़े की पहली चुदाई है.. तो आप मेरी सील के साथ अपनी शुरूआत करो। दीपाली कौन सी सील पैक है.. ये तो चुदी-चुदाई है।

दीपाली- तुम्हें मेरी कसम है दिया इसके आगे मत बोलना।

संजय- यस यस.. आई वाज राईट.. मुझे पता था साली तू चुद चुकी है.. वो साले नहीं मान रहे थे.. तेरी चाल देख कर ही मैं समझ गया था कि कोई तो है.. जो तेरी जवानी को लूट रहा है.. अब बता भी दे कौन है वो हरामी..? जिसने हमारे माल पर हाथ साफ कर लिया।

संजय की बात सुनकर दीपाली कुछ नहीं बोली।

दिया- भाई क्यों बने-बनाए मूड को खराब कर रहे हो.. होगा कोई भी आ जाओ हम मज़ा करते हैं।

संजय- रूक साली कुत्ती.. तुझे बहुत जल्दी है चुदने की.. इसे बोल यहीं रूक.. अगर ये रहेगी तो ही तुझे चोदूँगा.. क्योंकि मुझे आज इसकी भी चूत मारनी है बस…

दीपाली- ठीक है.. मैं यहीं हूँ.. हो जाओ शुरू.. कर दो दिया की चूत का मुहूरत.. उसके बाद मुझे भी चोद लेना मैं खुद तड़फ रही हूँ।

संजय- ऐसे नहीं.. तुम पूरी नंगी हो जाओ और बिस्तर पर हमारे साथ रहो।

दीपाली मान गई और कपड़े निकालने लगी.. साथ ही दिया भी पूरी नंगी हो गई।

संजय तो पहले से ही भरा हुआ था उसके लौड़े का तनाव बढ़ता गया और उसे अहसास हो गया कि जल्दी वो झड़ जाएगा.. चूत का मुहूरत नहीं कर पाएगा।

संजय- दीपाली तूने मुझे बहुत उत्तेज़ित कर प्रिया है.. पहले तू मेरा लौड़ा चूस कर ठंडा कर दो मिनट में ही ये झड़ जाएगा.. उसके बाद दिया से शुरूआत करूँगा।

दीपाली मान गई और लौड़े को मुँह में लेकर मज़े से चूसने लगी।संजय ने आँखें बन्द कर लीं और मुँह को चोदने लगा और कुछ ही देर में उसके लौड़े ने वीर्य की धार दीपाली के मुँह में मार दी।दीपाली पूरा पानी पी गई और लौड़े को चाट कर साफ कर प्रिया।

संजय- आह.. ये हुई ना बात.. उफ्फ आज तक मेरे लौड़े ने इतना पानी नहीं छोड़ा.. जितना आज तेरे मुँह में निकाला है.. आह्ह… मज़ा आ गया।

दिया- भाई अब मेरी भी प्यास बुझा दो ना.. आपके लौड़े के लिए तो मैं कब से तड़फ रही हूँ.. लाओ मुझे चूसने दो.. इसे अब दोबारा खड़ा मैं करूँगी।

संजय- हाँ.. क्यों नहीं मेरी रंडी बहना.. ले चूस ले.. अब तो तुझे चोद कर ही मुझे चैन आएगा और दीपाली तू भी मेरे पास लेट जा.. तेरे चूचे मुझे बहुत पागल बनाते थे.. आज इनका रस पीने दे मुझे.. दिया के चूचे भी बहुत मस्त हैं.. मगर ये तो घर का माल है.. जब चाहूँगा मिल जाएगी.. तू तितली की तरह उड़ती रहती है.. क्या पता दोबारा हाथ आए ना आए.. आजा तेरे निप्पल चूसने दे.. इन बड़े-बड़े अनारों को दबाने दे।

दीपाली- मैं तो पहले से ही बहुत गर्म हूँ और गर्म कर दे ताकि चूत तो ठंडी हो मेरी।

बस दोस्तो, आज के लिए इतना काफ़ी है।अब आप जल्दी से मेल करके बताओ कि मज़ा आ रहा है या नहीं.!क्या आप जानना नहीं चाहते कि आगे क्या हुआ ..?

तो पढ़ते रहिए और आनन्द लेते रहिए..

मुझे आप अपने विचार मेल करें।support@mohakkisse.com

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विज्ञान से चूत चुदाई ज्ञान तक

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

विपिन गौतम

3 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

आलोक सिंह

3 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

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