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जवान लड़की पठन समय: 10 मिनट पढ़ा गया: 1,004 बार

विज्ञान से चूत चुदाई ज्ञान तक-30

पिंकी सेन

18 Dec 2024 को प्रकाशित

विज्ञान से चूत चुदाई ज्ञान तक-30
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संजय एकदम चौंक गया क्योंकि बात करने दीपाली ने उसे बुलाया था.. अब उसको क्या पूछ रही है?

संजय- त..तुम ये क्या कह रही हो त.. तुमने मुझे यहाँ ब्ब..बुलाया है.. बात तुम बताओ…

दीपाली- अरे इतना घबरा क्यों रहे हो.. कूल यार.. मेरे कहने का मतलब है कि तुम तीनों मेरे करीब आने की कोशिश कर रहे हो.. खास मेरे लिए मैडी होटल में पार्टी दे रहा है.. इन सब के पीछे तुम लोगों का कुछ तो मकसद होगा.. बस वोही जानना चाहती हूँ?

संजय के पसीने निकल गए.. हमेशा चुपचाप रहने वाली लड़की आज इतनी सेक्सी ड्रेस पहन कर आई है.. वो भी एक ऐसी जगह.. जहाँ कोई नहीं है और बातें इतनी गहराई की कर रही है। वो चौंक सा गया कि अब क्या जबाव दे..

संजय- यार ये तुम क्या कह रही हो होटल की बात तो मुझे पता भी नहीं और मेरा क्या मकसद होगा..? ऐसा कुछ नहीं है जो तुम सोच रही हो।

दीपाली- मैं कुछ नहीं सोच रही हूँ सीधी सी बात पूछ रही हूँ लड़की को इतना इम्प्रेस करने का कोई तो कारण होता होगा ना.. अब बात को घुमाओ मत सीधे-सीधे पॉइंट पर आ जाओ।

संजय को लगा.. अब सही मौका है ये खुद इतना बोल रही है तो क्यों ना अपने दिल की बात बोल दी जाए।

दीपाली- उफ़फ्फ़ गर्मी ज़्यादा है आज.. तुम बोलते क्यों नहीं बोलो ना यार…

दीपाली ने जैकेट के बटन खोल दिए उसकी जालीदार टी-शर्ट में से उसकी ब्रा की झलक दिखने लगी थी.. गोरा पेट भी साफ नज़र आ रहा था।

संजय का लौड़ा पहले ही एकदम तना हुआ था और उसकी उत्तेजना बढ़ती ही जा रही थी।उसके लौड़े से पानी की कुछ बूँदें टपक आई थीं और आएं भी क्यों ना.. जिसने आज तक जिस लड़की के सपने देखे..उसके नाम की मुठ मारता रहा हो..आज वही लड़की अधनंगी हालत में उसके सामने बैठी उसको अपनी जवानी के जलवे दिखा रही है।

दोस्तो, आप सोच रहे होंगे सीधी-साधी दीपाली को ये क्या हो गया..तो आप शायद भूल गए अनुजा ने जो सब आइडिया बताया था..वो सब यही है आगे और भी कुछ ऐसे सीन आएँगे जो अनुजा ने बताए कि कैसे सब करना है।

संजय अपने आप से कहने लगा- साले बोल दे.. लड़की खुद नंगी होना चाहती है.. तू क्या सोच रहा है?

संजय- द..दीपाली उई आई लव यू।

संजय ने जल्दी से बोल प्रिया।

दीपाली- हा हा हा झूठ.. मैं जानती हूँ तुम मुझसे नहीं मेरे जिस्म से प्यार करते हो.. तुम तीनों की बात किसी ने सुन ली थी और मुझे बता दी कि तुम मेरे लिए क्या सोचते हो।

संजय खड़ा हो गया और दीपाली के एकदम पास आकर उसके कंधे पकड़ लिए।

संजय- हाँ मानता हूँ.. मैं तुम्हारे जिस्म का दीवाना हूँ.. जब से तुम्हें देखा है.. रात-दिन तुम्हारे ही बारे में सोचता हूँ.. आज मौका मिला है तेरे इतने करीब आने का.. आज कुछ भी हो जाए.. मैं तुम्हें अपना बना कर रहूँगा।

दीपाली- खुल कर बोलो क्या करोगे आज मेरे साथ…

दीपाली ने ये बात बड़े सेक्सी अंदाज से अपने मम्मे को खुजाते हुए कही.. अब संजय का हौसला बहुत बढ़ गया था।

संजय- हाँ मैं डरता हूँ क्या खुल कर सुनना है.. तुझे तो सुन मैं तेरी चूत का दीवाना हूँ आज मैं तुझे चोद कर ही दम लूँगा.. तेरे इन रसीले चूचों का सारा रस पी जाऊँगा..

दीपाली- हा हा हा तो रोका किसने है.. पी जाओ और बना लो मुझे अपना..

संजय को अपने कानों पर विश्वास ही नहीं हुआ कि दीपाली खुद ‘हाँ’ बोल रही है.. ये सुनकर उसको झटका सा लगा.. उसने दीपाली को छोड़ प्रिया और पीछे हट गया।

दीपाली- अरे क्या हुआ मेरे आशिक.. मैं सच कह रही हूँ आ जाओ आज अपनी तमन्ना पूरी कर लो.. चोद दो मुझे.. आ मैं भी बहुत प्यासी हूँ अब देर ना करो.. आ जाओ ना…

संजय की तो जैसे लॉटरी निकल आई थी.. अब उसमें सोचने-समझने की ताक़त नहीं थी.. वो जल्दी से दीपाली के करीब गया और उसे अपनी बाँहों में ले लिया।

उसके सुलगते होंठों पर अपने होंठ रख दिए और ज़बरदस्त चुसाई चालू हो गई।

संजय दीपाली के होंठ चूसने के साथ-साथ उसकी गाण्ड पर भी हाथ फिरा रहा था।

वहीं दीपाली को अपनी चूत पर उसका लौड़ा चुभता हुआ महसूस हुआ तो उसने नीचे हाथ ले जाकर उसको पकड़ लिया।

उसका दिल खुश हो गया लौड़ा काफ़ी भारी-भरकम लग रहा था.. जैसा दिया ने बताया था।

काफ़ी देर तक एक-दूसरे को चूमने के बाद वो दोनों अलग हुए।

संजय- मैं सोच भी नहीं सकता था कि ऐसे अचानक तुम मुझे मिल जाओगी.. वो साला मैडी तो प्लान बनाता ही रह गया और तुम मेरी बाँहों में आ गईं। मुझे क्या पता था.. तेरी चूत में भी चुदने का तूफान उठ रहा है। नहीं तो कब का तुझे चोद चुका होता.. आह्ह… आ जाओ मेरी जानेमन अब बर्दास्त नहीं होता। मेरा लौड़ा कब से पैन्ट फड़कर बाहर आने को बेताब हो रहा है।

दीपाली- मेरे राजा यहाँ नहीं.. कमरे में चलो वहाँ दिखाओ कि कैसा लौड़ा है तुम्हारे पास.. जो इतने दिनों से मेरे पीछे पड़े हो।

दीपाली उसको कमरे में ले गई और खुद बिस्तर पर बैठ गई..

संजय- जान तुम खुद अपने हाथों से लौड़े को बाहर निकालो.. ये बहुत बेताब है तुम्हारे लिए।

दीपाली ने झट से पैन्ट का हुक खोल प्रिया और अंडरवियर के साथ नीचे कर दी।

संजय का लौड़ा फुंफकारता हुआ आज़ाद हो गया।

दीपाली- वाउ क्या मस्त लौड़ा है.. एकदम वैसा ही जैसा उसने बताया था।

संजय को आज झटके पे झटके लग रहे थे.. वो चौंक गया…

संजय- क..किसने बताया था?

दीपाली- है कोई तुम्हारी दीवानी.. जैसे तुम मेरे सपने देखते हो.. वो भी तुम्हारे नाम से अपनी चूत ठंडी करती है।

संजय- ओह..ह.. क्या कोई लड़की ने बताया.. मगर मैंने तो आज तक किसी लड़की को नहीं चोदा.. तो उसने मेरे लौड़े की तारीफ कैसे कर दी.. कौन है वो?

दीपाली- बताऊँगी मेरे राजा.. सब्र करो पहले अपने लौड़े को मेरे हवाले तो करो.. आह्ह… कितना मस्त लग रहा है.. मान करता है खा जाऊँ इसको…

संजय- उफ़फ्फ़ अब बर्दास्त नहीं होता खाले.. मेरी जान तेरे लिए ही तो इतना कड़क हुआ है ये.. आह्ह… वैसे वो लड़की है कौन.. प्लीज़ बता दे ना यार.. सोच-सोच कर दिमाग़ खराब हो रहा है.. अगर मैं ऐसे ही सोचता रहूँगा तो… चुदाई में मज़ा नहीं आएगा।

दीपाली- बता दूँगी.. अभी सोचना बन्द करो और एंजाय करो बस…

इतना बोलकर दीपाली ने लौड़े की टोपी को मुँह में ले लिया और मज़े से चूसने लगी।

संजय- आह्ह… उफ़फ्फ़ आई लव यू दीपाली.. आह्ह… मज़ा आ गया.. आज पहली बार मेरे लौड़े ने आह.. नरम होंठों का अहसास किया है.. वरना आह्ह… आज तक तो बस हाथ से ही सहलाता रहा हूँ आह्ह… देखो कितना खुश है ये तेरे होंठों के स्पर्श से…

दीपाली ने लौड़ा मुँह से निकाल लिया और संजय को देखने लगी।

संजय- आह्ह… क्या हुआ मेरी जान निकाल क्यों प्रिया.. आह्ह… मज़ा आ रहा था।

दीपाली- तुम्हें बताने के लिए कि पहली बार नहीं दूसरी बार तुम्हारे लौड़े पर लड़की के होंठ टच हुए हैं. पहली बार तो ये उस बेचारी के मुँह में ही झड़ गया था।

संजय- क्या बकवास कर रही हो.. मैंने बताया ना.. मैं किसी लड़की के पास नहीं गया.. कौन है वो.. जिसने तुम्हें ये झूठी बात बताई है.. प्लीज़ अब बता भी दो.. मत तड़पाओ.. सारा मज़ा खराब हो रहा है…

दीपाली- ये बात झूठी नहीं है… एकदम सच है.. वो तुम्हारी दीवानी है.. बस तुमसे डर रही है.. इसलिए सामने नहीं आई.. उसने मुझसे मदद माँगी.. इसी लिए तुमको मैंने यहाँ बुलाया है।

संजय- आह्ह… कौन है वो.. नाम बताओ और मैं खुद चूत का प्यासा हूँ.. साली ऐसी कौन लड़की होगी.. जो मुझसे चुदना चाहती हो और मैं उसको चोद नहीं रहा.. बकवास बात है ये.. मैं नहीं मानता.. अगर तुम सच बोल रही हो तो नाम बताओ साली कुतिया का..

दीपाली मुस्कुराते हुए उसके लौड़े पर जीभ फेरती है और बड़े प्यार से बोलती है।

दीपाली- आह क्या लौड़ा है तुम्हारा.. वो लड़की दिया है मेरे राजा..

संजय ने ज़ोर से धक्का मारा और गुस्सा हो गया।

संजय- क्या बकवास कर रही हो.. दिया मेरी बहन है।

दीपाली- बकवास नहीं.. सच कह रही हूँ वो लड़की दिया ही है.. जिसने पहली बार तेरे लौड़े को चूसा है और अब तुझसे चुदने के लिए बेकरार हो रही है।

संजय- चुप कर साली कुछ भी बोले जा रही है।

दीपाली- ओए हैलो.. जुबान को लगाम दो.. पहले शान्ति से मेरी बात सुन लो उसके बाद जो बोलना है.. बोल देना.. तुम्हें याद होगा कि तू एक बार ज़्यादा नशे में घर गया था और तेरे पापा ने मार कर तुझे घर से निकाल प्रिया था। उस वक़्त तुझे दिया के पापा अपने घर ले गए थे और उसी रात दिया ने तेरे लौड़े को चूसा था समझे…

संजय एकदम हक्का-बक्का रह गया।

बस दोस्तों आज के लिए इतना काफ़ी है। अब आप जल्दी से मेल करके बताओ कि मज़ा आ रहा है या नहीं.! क्या आप जानना नहीं चाहते कि आगे क्या हुआ..?

तो पढ़ते रहिए और आनन्द लेते रहिए..

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विज्ञान से चूत चुदाई ज्ञान तक

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दोस्तो आपने मेरी पहली कहानीकजिन की सहेली खुद चूत चुदाने आईपढ़ी. आपको पसंद आई. धन्यवाद.

6 मिनट 284

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

करण शर्मा

3 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

अनजान सिंह

3 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

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