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बीवी की अदला बदली पठन समय: 33 मिनट पढ़ा गया: 501 बार

याराना-2

लीलाधर

12 Jan 2010 को प्रकाशित

याराना-2
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बीवियाँ हालाँकि अपने रिश्तों के प्रति ईमानदार थीं लेकिन खेल के माहौल में दूसरे मर्द के गुप्तांग का नजारा उनकी आँखों और दिमाग़ में चढ़ गया।यही हालत हमारी भी थी, उनकी ब्रा में ढकी छातियों और अंडरवियर पहनी चिकनी गोरी टाँगों का दृश्य दिमाग़ से हट नहीं पा रहा था। दोनों स्त्रियों की आज जोरदार कुटाई होने वाली थी।शायद उनके मन में भी ऐसा ही था।

आज का सेक्स का माहौल अलग था। रीना इतनी जल्दी जल्दी कभी स्खलित नहीं हुई थी, वह काफ़ी गर्म थी, हमने हर तरह से सेक्स किया।हमारी बेस्ट पोज़िशन 69 में उसने कभी मेरा वीर्य पिया नहीं था मगर आज उसने मुझे अपने मुँह में ही झड़ने प्रिया था और फिर वीर्य को गटक लिया था।आज मुझे पता चला था कि ओरल सेक्स का क्या मजा है, अभी तक यह मजा केवल रीना मुझसे लेती रही थी।

इस आनंदमयी रात के बाद सुबह रणअजय कह रहा था- भाई, एक-दूसरे के पार्टनर को सिर्फ़ आधा नंगा देखा, उसी में ये हाल है कि मुझे कल सुहागरात से ज्यादा मजा आया। जब पूरा देखेंगे तो क्या होगा। दिया ने भी ऐसा ही कहा।

मैं- सच यार, कल की रात गजब थी। ये रूप की देवियाँ हमारे नसीबों में कहाँ से आ गईं। और अब हम इन दोनों का फायदा नहीं उठा पाए तो सबसे बड़े गधे हैं। जब इतना हो गया है तो आगे भी हो जाएगा। माना कि बहुत मुश्किल होगा दोनों को मनाना, पर होके रहेगा भाई, चाहे जबरदस्ती ही क्यों न करना पड़े।

रणअजय- मेरे तो कल रीना के बूब्स के शेप और गोरी चमड़ी को देखकर हाल ही बिगड़ गए थे। मैंने तो ख्यालों में रीना का ही चोदन किया। पूरी रात दिया बोलती रही कि इतने जंगली क्यों हो रहे हो?

ब्रेकफास्ट टेबल पर दोनों बीवियाँ आईं शर्माती हुईं… उनकी शर्मीली अदा देखकर दिल रीझ गया।मैंने और अजय ने इधर-उधर की बातें करके माहौल को नॉर्मल बनाए रखा कि कहाँ घूमेंगे, क्या करेंगे वगैरह।

दिनभर साथ घूमने के दौरान भी हमने मजाक में कोई ऐसी बात नहीं कही कि वे संकुचित हो जाएँ। औरतें नाजुक जीव होती हैं ना!कल रात आधी नंगी देखने के बाद आज वे कपड़ों में कुछ और ही लग रही थीं- बहुत ही खूबसूरत और नई नई। हमें ऐसा महसूस हो रहा था कि आज की रात ही वह रात होगी जिसके लिए हम इतने दिनों से लगे हुए हैं।

हम भगवान से प्रार्थना कर रहे थे और ठाने भी हुए थे कि आज हमें जैसे भी हो, बीवियाँ बदलकर भोग ही लेना है।

रात को डिनर के बाद दोनों कपल अपने-अपने कमरे में आ गये। योजना के मुताबिक अपनी बीवियों से कहा- यार, कल कितना मजा आ रहा था, आज बोर हो रहे हैं। कल सेक्स में भी कितना मजा आया गेम खेलने के बाद… है ना?

रीना- सीधे बोलो ना आज भी गेम खेलने हैं। खूब समझती हूँ मैं तुम्हारे शैतान दिमाग को। तुम्हें दिया को फिर से वैसे ही देखना है।मैंने प्यार से रीना को समझाया- डार्लिंग, तो क्या हो गया। अब टीवी चलाकर टीवी में बिकनी में गर्ल्स देखूँ, ब्लू फिल्म देखूँ तो कोई बात नहीं, लाइव देखा तो क्या हो गया?

रीना- यार ये ग़लत है, मुझे अजय ऐसे देख रहा है और तुम दिया को और दिया तुम्हें… एकदम गलत बात!

मैं- हाँ, वो बात ठीक है लेकिन जरा इसको साइड में रखकर सोचो। मजा आया था या नहीं? सच बताओ। और यहाँ हम मजे करने ही तो आए हैं यार!रीना- आए हैं लेकिन ऐसे नहीं यार!

मैं- ओह यार, शादी से पहले तुम्हारा अफेयर किसी से था जैसा कि तुमने बताया था। तुमने उससे ओरल सेक्स भी किया था, पूरा फक नहीं। मैंने भी कई लड़कियाँ तुमसे शादी के पहले चोदीं। तो क्या हो गया अब किसी के साथ थोड़ी सी मस्ती कर ली। केवल मस्ती ही तो कर रहे हैं। वो भी सबकी रजामंदी से… कोई चुदाई तो नहीं हो रही है यार… अब बताओ कल मजा आया कि नहीं?

रीना- सीरियसली… आया तो था!

मैं- कल के सेक्स में इतना मजा भी रणअजय के ख्याल से आया था, है या नहीं? ईमानदारी से बताओ?रीना- हाँ यार… और दिया ने भी अकेले में मेरे से ये बात एक्सेप्ट की थी।

मैं- तो क्लियर है यार, जिससे मन खुश हो, वो करते हैं। वैसे भी किसको पता चलेगा। रणअजय और हम दोस्त हैं, एकदम पक्के विश्वास वाले। और ये तो बस गेम है, गेम खेलेंगे और भूल जाएँगे।रीना- ओके, लेकिन हम उनके रूम में नहीं जाएँगे, वो आते हैं तो ठीक है…

रीना मान गई थी लेकिन अजय की तरफ से भी हरी झंडी आनी बाकी थी। मन में टेंशन थी कि दिया मानेगी या नहीं।

मैं समय निकालने के लिए उस वक्त रीना को चूमने लगा, मैंने उससे सामान्य फोरप्ले ही किया। लेकिन ध्यान तो वही था कि अगर अजय और दिया भी हमारा इंतजार कर रहे होंगे तो आज की रात व्यर्थ चली जाएगी।

कुछ देर बाद मेरे मन में एक आईडिया आया, मैंने दिया को नाइटी पहनने के लिए कहा। उसने आनाकानी की कि अब तो वैसे भी खोलने का ही टाइम है।मैंने कहा- प्लीज बेबी, माहौल बनाओ।

मेरी प्यारी पत्नी ने बात मानी और नाइटी पहनने के लिए बाथरूम चली गई। मैंने जल्दी से सारा माजरा रणअजय को मेसेज कर प्रिया और उसको दिया को साथ लेकर मेरे कमरे में आने को कहा।

तब तक मेरी सेक्सी रानी नाइटी पहन कर बिस्तर पर आ गई।

कुछ देर तक भी अजय और दिया नहीं आए तो मेरा दिल टूटने लगा। मैं रीना के साथ सेक्स की तैयारी करने लगा। सोचा कि मन में ही दिया को रखकर रीना से सेक्स कर लूंगा। मैं रीना को देर तक जोर से चूमते हुए उसे गर्म करने लगा।

इतने में घंटी बजी, रीना को यह घंटी अच्छी नहीं लगी मगर मेरे फड़फड़ाते लिंग की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा।किसी तरह अपने खड़े लिंग को सम्हालते हुए दरवाजा खोला। रीना ने भी खुद को इतना सामान्य कर लिया जैसे हम कुछ कर ही नहीं रहे थे।

पता नहीं, अजय ने कैसे दिया को रात में हमारे कमरे में आने के लिए मनाया लेकिन वे दोनों हमारे कमरे में थे। अब तो रात जोरदार होनी ही थी।

आते ही दिया बोली- सॉरी यार, हमने डिस्टर्ब तो नहीं किया?रीना- नहीं यार, हम लोग थोड़ी देर पहले तुम लोगों के बारे में ही बात कर रहे थे।

दिया- देखो ना यार, अजय ने कल के गेम के मजे को याद दिला दिलाकर मुझे यहाँ आने को मजबूर कर प्रिया। वह मान ही नहीं रहा था।अजय- तो क्या हुआ यार दिया? देखो ना रीना ने भी तो कहा कि वह लोग हमारे बारे में बातें कर रहे थे। इतना पास हैं तो दूर दूर रहकर याद क्या करना। इसलिए साथ में याद करना और यादों में जो बातें हो रही थीं वो शेयर करना बेहतर है।

मैंने सही मौका देखकर दाँव चल प्रिया- हम तो कुछ नहीं यार, क्या डिस्कस कर रहे थे कि दिया का कितना सेक्सी फिगर है, अजय को कितना मजा आता होगा। और रीना कह रही थी कि कितना मजा होता होगा जब सिक्स पैक वाला अजय दिया की बाहों में होता होगा और दिया के साथ…

रीना मेरी बात काट कर चिल्लाई- शटअप यार, मैंने ऐसा कब कहा?सुनकर हम तीनों जोर जोर हँसने लगे, रीना गुस्सा हो गई।

दिया- ओके यार रीना, मुँह मत फुलाओ, हम दोस्त हैं और कल की बदमाशी के बाद माइंड में ऐसी स्टुपिड बातें आना नॉर्मल है।रीना- जी नहीं दिया, मेरे माइंड में ऐसा कुछ नहीं आया, इन राजवीर जी के बच्चे को मैं देख लूंगी।अजय- बच्चा करने की प्लानिंग हनीमून पर।

सब जोर से हँसने लगे।

रीना भी मजाक को समझते हुए मुस्कुराने लगी, बोली- ये कभी नहीं सुधर सकते।चलो, दोस्ती का माहौल बन चुका था।

रीना- आज क्या करना है? आज भी वही खेल?दिया- नहीं यार, हम दोनों ने नाइटी पहनी हुई है इसलिए हम हार गए तो लेने के देने पड़ जाएंगे। इसलिए आज वह खेल नहीं। आज नॉर्मल बातें ही करने आए थे। जरा सा मस्ती और मजाक करने… अब चलते हैं।

मैं- नॉर्मल बातें तो कभी भी होती रहेंगी। हमें इस हनीमून को तो नॉर्मल नहीं बनाना था ना?अजय- हाँ यार, ठीक है जैसी आप दोनों की इच्छा। आज कल वाला गेम नहीं खेलेंगे, आज कुछ और करते हैं।

रीना- जो भी करना है करो। बस हम कपड़े नहीं उतारेंगी।अजय- ठीक है, कल वाले गेम को ही आगे बढ़ाते हैं। लेकिन यार कुछ तो डर्टी बनना पड़ेगा। हम सब एडल्ट हैं, वरना क्या मजा आएगा?

मैं- हाँ सही है यार। बताओ दिया और रीना, फिर यह मौका कब मिलेगा? कितनी मुश्किल से तो हमारा बाहर आना संभव हुआ है। अगली बार फिर से आना शायद अगले जन्म में ही संभव हो। हमारा काम ही ऐसा है बिजनेस का।

रीना- हाँ यार, यह बात तो है।अजय- और यार अपनी वाइफ के साथ तो हम अपने घर भी सोएंगे। यहाँ तो कुछ यादगार पल होने चाहिए।

दिया- आप सही कह रहे हैं। कल रीना को और हमें भी काफी एक्साइटमेंट हुई थी, यह बात झूठ नहीं है। अपने पतियों को प्यार करने का कल का मजा ही कुछ अलग था। ओके, चलो आज फिर कल जैसा कोई जादू कर दो… कि मुझे आपको और रीना को राजवीर से प्यार करने का मजा आ जाए।

रीना ने आखिरकार हामी भर दी।हम खुश थे कि दोनों इस गंदे खेल में शामिल तो हो रहीं हैं, भले ही अभी उनके मन में पराए पार्टनर के लिए कुछ गलत नहीं हो।

मैं- आज का गेम है- सच का सामना!दिया- हा हा हा, यह क्या गेम है?

मैं- कोई कार्ड्स नहीं, कोई खेल का जरिया नहीं, बस सवालों के सच सच जवाब देने होंगे।

रीना- कैसे सवाल? और सवालों में कैसा एक्साइटमेंट?अजय- सवाल ऐसे कि जिनके जवाब अगर ईमानदारी से दो तो एक्साइटमेंट हो जाए।दिया- कैसे?मैं- वह तो खेल शुरू करेंगे तो पता चल जाएगा, एक एक बार सब का नंबर आएगा, और सब को बस सच बोलना है।

फिर हम चारों हमारे डबल बेड पर बैठ गए। सबको पता था कि कुछ बहुत रोमांचक होने वाला है। हमारी बीवियों ने मॉडर्न होने के बावजूद खानदानी बहू का जिम्मा अच्छे से निभाया था लेकिन कल के खेल ने उनके जज्बातों को जगा प्रिया था। आधी उत्तेजित तो वे पहले से थीं, आज हमें बस उन्हें सेक्स के लिए जरा और उत्तेजित करना था।

सबसे पहले मैंने अपना सवाल किया रीना से- रीना, कल के गेम में तुम्हें अजय की कौन सी चीज सबसे अच्छी लगी। प्लीज, शर्म को साइड में रख कर खुलकर बताओ ताकि हम खेल का मजा ले सकें। यही खेल का नियम है।

रीना- सच कहूँ तो मैं उसके सिक्स पैक की फैन हूँ। तुम बताओ दिया की खास बात?मैं- दिया का शेप… काश दिया कल ब्रा-पैंटी में एक बार खड़े होकर मॉडल की तरह वाक करके दिखाती तो लाइफ बन जाती।

सुनकर दिया शर्म से मुस्कुराने लगी, उसका चेहरा लाल हो गया।अजय ने जोर से ठहाका मारा, रीना ने मुझे धीरे से मारा।

मैंने कहा- अब अजय बताएगा रीना के बारे में!अजय- रीना को देख कर मुझे नागिन की हीरोइन (colors सीरियल वाली, अदा खान) याद आती है। रीना उससे भी ज्यादा अट्रैक्टिव लगती है। लेकिन कल जब मैंने रीना को ब्रा-पैंटी में देखा तो मुझे लगा इस से बेहतर नजारा कोई और हो ही नहीं सकता। इतना गोरा रंग, भरा हुआ शरीर, जिसे मोटापा नहीं कह सकते। जैसे बिल्कुल साँचे में ढला हो। पूरी रात वह नजारा मेरी आंखों में घूमता रहा।

दिया ने मेरे बारे में कहा- मुझे फिट लड़के बहुत पसंद हैं, जैसे कि आप, लेकिन पैक वाले बंदों से मुझे फीलिंग नहीं आती। आपकी बॉडी और V शेप की कमर और चेस्ट काफी अट्रैक्टिव है। शरीर पर ऊपर से बाल नहीं हैं, यह मुझे और एक्साइटिंग लगा। गोरे तो आप भी अपनी वाइफ से कम नहीं हैं, आप दोनों भी हमारी तरह परफेक्ट कपल हैं।

अपनी तारीफ किसे नहीं अच्छी लगती, सबको बातचीत पसंद आई थी, अब थोड़ा मसाला डालने की जरूरत थी।

मैंने कहा- अब राउंड-2

अजय- अब आपको ऐसी ही ईमानदारी से बताना है कि आपको अगर पाँच मिनट दूसरे कपल के पार्टनर के साथ फोरप्ले करने का मौका मिले तो आप क्या क्या करना पसंद करेंगे।

रीना- जी नहीं, यह सवाल आप ले लीजिए, हम ऐसा कुछ नहीं करेंगे।मैं- अरे करना थोड़े ही है, केवल इच्छा बतानी है। जैसे अभी जो बताया था वैसे। यह तो है नहीं कि आइसक्रीम अच्छी लगे, बस, उसको खाने का मन न हो।

दिया- यार, आप लोगों के पास हर बात का जवाब है। पर चलो, बात तो ठीक है। क्या कहती हो रीना, चलो खेलते हैं रीना। बातें ही तो हैं। तुम्हें मजा नहीं आ रहा क्या?

रीना- मजा तो आ रहा है यार, लेकिन… ओके चलो, it will create good excitement रात के लिए अच्छी रहेगी।कहते हुए रीना ने दिया को आँख मारी।

अजय- तो शर्म को साइड में रखो और गेम चालू करो।

सबसे पहले मेरा नंबर आया, मैंने बताना शुरू किया, बोलने में ज्यादा गंदा न लगे इसलिए अंग्रेजी के शब्दों का इस्तेमाल किया।

मैं- वेल, मुझे माफ करना अजय और रीना जो भी मैं बोलने जा रहा हूं। लेकिन दिया है ही ऐसी चीज़… ऊपर से नीचे की कमर बिल्कुल पतली और पीछे ऐस्स फैले हुए। क्या शेप है! ऊपर से, सीने पर ब्रा ऐसी दिखती है जैसे किसी ने संतरों के ऊपर छिलका दबा रखे हो। अलग ही नजारा है। बिल्कुल भी लूज़ नहीं लगते हैं, जैसे कभी अजय ने यूज ही ना किए हों। इतने शॉर्ट टाइम में मैं दिया के बूब्स चूसना चाहूंगा। और बाकी तीन मिनट में मेरे पसंद का वह काम करना चाहूंगा जो कल से मेरे जेहन में है। इसकी शानदार ऐसहोल को चूमना-चूसना चाहूंगा।

मेरी यह बात बाकी तीनों पर बिजली जैसी गिरी पर माहौल बहुत उत्तेजक हो गया। हमने पहली बार एक दूसरे की वाइफ के सामने ऐसे खुल कर बात की थी।रीना कुछ प्रतिक्रिया करती उससे पहले ही अजय ने दिया से यह सवाल कर प्रिया।

दिया सकपकाई हुई शर्म से लाल थी, बोली- यार मुझे पहले नॉर्मल होने दो। राज की बात सुनकर मेरे होश ठिकाने पर नहीं हैं।रीना- हा हा हा, मेरे भी। लेकिन जल्दी से नॉर्मल हो जाओ क्योंकि यह उनकी ख्वाहिश है, ना कि असल में वह आपके ऐसहोल को लिक कर रहे हैं।

दिया- ओके, जब टाइम लिमिट ही है तो मैं सबसे पहले राज के होठों से किस करते हुए उसकी शानदार बॉडी पर आऊंगी। फिर उसकी चेस्ट और फ्लैट टमी को किस करते हुए उसकी कमर को किस करते हुए… उनकी अंडर वियर को खोलकर उनके उस ऑर्गन को चूसूंगी जो कल बाहर से बहुत बड़ी नजर आ रही थी।

जंग जारी हो चुकी थी।अब ऐसे वार कर रहे थे जिसकी सामने वाले ने अर्चना भी नहीं की हो।

रीना का नंबर था- 5 मिनट के अंदर सबसे बड़ा फोरप्ले तो यही होगा जो दिया ने कहा। सो मैं भी अजय का ऑर्गन ही सक करना पसंद करूंगी लेकिन 69 की पोज में ताकि सेम टाइम में किसी सिक्स पैकवाले मॉडल से अपनी वैजाइना सक करवा सकूं!

मैं- चलो, आज का यह खेल खत्म करते हैं। आज अपने मन की सारी इच्छाएँ पूरी करो अपने पार्टनर के साथ और फील करो कि कर रहे हैं दूसरे पार्टनर के साथ!

दिया- जी अजय, अब चलो। रहा नहीं जा रहा।अजय- देखो दिया को कितनी जल्दी है सिक्सटी नाइन पोज में आने की।और वह हँसने लगा।

दिया- शटअप यार! तुम भी सबके सामने कुछ भी…

मैं- अच्छा जी। जब असल में जाकर करना ही है तो सबके सामने बताने में क्या हर्ज है। वैसे भी वी आर फ्रेंड्स।दिया- फ्रेंडशिप भाई लिमिट की होती है। ऐसा नहीं कि कुछ भी बोल दो।

मैं- लेकिन कल मैं अजय से जरूर पूछूंगा कि सिस्टी नाइन में तुमने राजवीर बनकर कितना मजा लिया।अजय- तुम भी लेकर देखो।मैं- ऐसा कहाँ मेरे नसीब में!

अजय- यार दिया रुको, जाने से पहले एक आइडिया है दिमाग में गेम को आगे बढ़ाने का। आई प्रॉमिस कि यह लास्ट गेम होगा। आज की रात फुल ऑफ एक्साइटमेंट।

रीना- एक्सक्यूज़ मी, अगर आप स्वैपिंग के बारे में कहना चाहते हैं तो अपनी जुबान को वहीं लगाम दीजिए अजय जी।रीना की बात ने हमारे उत्साह ठंडे कर दिए लेकिन हम आसानी से हार मानने वाले नहीं थे।

अजय- जी स्वैपिंग नहीं, हाफ स्वैपिंग… प्लीज ट्राय टू अंडरस्टैंड एंड लिसन मी फर्स्ट देन डिसाइड, लिसन एंड जस्ट फील।मैं- हाफ स्वैपिंग मींन्स?दिया- यस, व्हाट डू यू मीन?

अजय- पहले प्रॉमिस करो कि कोई नाराज नहीं होगा… और मन में सोचकर देखना, इसमें अगर थोड़ी भी उत्तेजना है यह हम जरूर करेंगे।

मैं- ओके बताओ भी यार, सब रेडी हैं।

अजय- जैसे आजकल मूवीज में सेक्स सीन देने के लिए किसिंग और बेड सीन की ऐक्टिंग किसी के भी साथ कर लेते हैं, उसी तरह से नार्मल रहकर करो।

सब ध्यान से सुन रहे थे, अंदाजा लगा रहे थे कि क्या आने वाला है।

मैंने कहा- हम पार्टनर बदलकर फोरप्ले करेंगे। ऐसे सबके मन की ख्वाहिश भी पूरी हो जाएगी। और जब एक्साइटमेंट अपने चरम पर होगी तब हम अपने साथी के साथ आगे की सेक्स क्रिया करेंगे।

रीना- नहीं, ऐसा कुछ नहीं करेंगे।मैं- अरे यार यह मौका है। हम आए हैं कुछ स्पेशल मजा लेने। अब उसी को ठुकरा रही हो? और वैसे भी तुम्हें दूसरे मर्द के साथ संभोग नहीं करना है। यह तो केवल हम उत्तेजना के लिए कर रहे हैं।

दिया- लेकिन बात गलत है।अजय- इसीलिए मैंने तुम्हें फिल्मों के कलाकारों का उदाहरण प्रिया। वे एक-दूसरे के पति-पत्नी ना होकर भी जब ऐसे सेक्स सीन दे सकते हैं तो हम क्यों अपने मजे के लिए ऐसा नहीं कर सकते?

मै- और वैसे भी यह पहली बार और आखिरी बार होगा। यहाँ हम चारो दोस्त हैं और चारों की इज्जत इसमें इन्वॉल्व है तो बात बाहर जाने का सवाल ही नहीं उठता।

अजय- हे पुराने बॉयफ्रेंड वाली लेकिन अब पतिव्रता नारियो, अब बताओ कि तुम्हें क्या परेशानी है? क्या इससे उत्तेजित करने वाला कोई और आइडिया है आपके दिमाग में?

मैं- और वैसे भी सोचने की बात है कि यह जो उत्तेजना हम पैदा करेंगे वह काम तो अपने पतियों और अपनी बीवियों को ही करनी है।

मैंने उन्हें सोचने का मौका न देते हुए पूछ लिया- तो क्या ये रूप की रानियाँ तैयार हैं?पहाड़ जैसे दो सेकंड गुजरे, दोनों सोच में डूबी औरतों को हम बेपनाह लालच से देख रहे थे।रीना- मैं तैयार हूँ, लेकिन वायदा कीजिए कि उत्तेजना पैदा करने के बाद आप दोनों किसी प्रकार की ओर कोई कोशिश नहीं करेंगे।

अजय और मैं फौरन बोले कि हम तैयार हैं।

दिया- और फोरप्ले का कार्य हम एक-दूसरे के सामने नहीं कर सकते। अलग-अलग कमरों में जाएंगे। उत्तेजना होने पर सब अपने अपने साथी के पास आ जाएंगे।

अजय और मैं तुरंत मान गए।रीना और दिया- लेकिन हम अपने ब्रा और पैंटी नहीं उतारेंगे केवल kisses होगा।

अजय और हम फिर बोले कि हम तैयार हैं।

सबकी रजामंदी हो गई, थोड़ी औपचारिकता के बाद अजय रीना को लेकर चला गया और मैं और दिया हमारे कमरे में ही रह गए।

जाने से पहले हमने आधे घंटे का समय वापस लौटने के लिए निश्चित किया अपनी बीवियों के सामने। लेकिन अजय और मेरा पहले ही इशारा हो गया था कि अब वापस अपने कमरे में लौट कर नहीं आना है और आगे की बात को अलग-अलग अपने ही तरीके से सुलझाना है।

अजय और रीना के जाते ही मैंने अपने कमरे को अंदर से लॉक कर लिया। दिया मुझे हल्की मुस्कान के साथ देख रही थी। वह शरारती अंदाज में बोली- इस आधे घंटे को यादगार बना दो, खुद जियो और मुझे जी भर के जीने दो।

आधा घंटा फोरप्ले का नाटक करना था।मैं ‘समय कम है’ कहते हुए दिया पर लपका। कल से ही मैं उसके काली ब्रा-पैंटी में कसे शानदार उभारों को देखकर नशे में था।मैंने लगभग हड़बड़ाते हुए ही उसकी नाइटी उतार दी।

जैसे कोई परी अपने पंख उतारकर मेरे बिस्तर पर केवल ब्रा और पेंटी में उतर आई। मैंने उसके उभारों को दबाते हुए उसे धकेलकर बिस्तर पर गिरा प्रिया और उसके चेहरे पर चुंबनों की बरसात कर दी।वह भी फोरप्ले का फायदा उठाना चाहती थी इसलिए बिना शर्माए मेरे होठों को जोरदार तरीके से चूसने लगी।

मैंने अपना एक हाथ उसकी पीठ पर ब्रा के फीते पर बढ़ा प्रिया तो दिया ने मेरी हुक खोलने की कोशिश का विरोध किया।मैंने दिया को बाँहों में बंद करते हुए कहा- प्लीज, इस इस कीमती मौके को मेरे हाथ से बिल्कुल मत जाने दो। मैं अपनी मर्यादा में रहूंगा। फोरप्ले का मतलब तो फोरप्ले ही होता है। कृपया मुझे अपना फोरप्ले पूरा करने दो।

दिया ने मेरे हाथ छोड़ दिए और मैंने अभ्यस्त हाथों से हुक खोल प्रिया। जी करता था इस अनमोल क्षण का रुक रुककर मजा लूँ- धीरे-धीरे हुक खोलूँ, कंधों से फीता सरकाऊँ, धीरे-धीरे कपों को खींचते हुए स्तनों को नंगा करूँ लेकिन मन बहुत ही अधीर था। मैंने जल्दी से ब्रा खींचकर दिया के स्तनों को आजाद कर प्रिया।

देखकर मेरे शरीर के अंदर एक सिहरन दौड़ने लगी, मैंने उन्हें हाथों में भर लिया और सहलाने लगा, भरे भरे और मुलायम स्तन… दिल कर रहा था उन्हें खूब जोर जोर से दबाकर रस निकाल दूँ लेकिन दिया का ख्याल करके नियंत्रण में रहा।

दिया की सिसकारियाँ निकल रही थीं, ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ मैं उसे चूम रहा था, उसके स्तनों की मालिश कर रहा था और इस दौरान अपने कपड़े भी उतार रहा था। वह मस्ती में खोई थी।

मैं स्तनों को कभी दबाता था कभी चूचुकों को चुटकी में लेकर निचोड़ता था, कभी नीचे झुककर उन्हें चूसने लगता था। सुख में डूबी दिया को इस बात का एहसास नहीं हुआ कि कब मैं अपने वस्त्र उतारकर केवल चड्डी में आ गया हूँ।

मैं धीरे-धीरे दिया को पलटाता हुआ उसके ऊपर आया। उसके स्तनों और होठों को छेड़ना जारी रखते हुए मैंने अपने चड्ढी ढके लिंग को उसकी पेड़ू पर दबा प्रिया और हल्के-हल्के घर्षण करने लगा।यह अत्यधिक उत्तेजना वाली स्थिति थी, इसका लाभ उठाते हुए मैंने दिया को बिना कुछ कहे उसके कूल्हों से चड्डी खींचनी शुरू कर दी। वह मदहोशी में समझ नहीं पाई।

चड्डी जब घुटनों पर जाकर अटकी और नीचे खिसकने में बाधा उत्पन्न करने लगी तब दिया को पता चला कि वह नीचे से नंगी हो गई है।

मैं कुछ देख पाता उससे पहले दिया ने बेड के पास वाले बटन से लाइट बंद कर दी। उसने मुझे डाँटते हुए कहा कि ऊपर के कपड़े खोलने तक सही था लेकिन नीचे तक के कपड़ों को खोलने की बात नहीं हुई थी। तुम मेरी उत्तेजना का फायदा मत उठाओ।

मैंने कहा- तुमने तो कहा था हम अपनी ब्रा पैंटी नहीं उतारेंगी, लेकिन हम तो तुम्हारी ब्रा-पैंटी उतार चुके हैं, चिंता मत करो। मैं संभोग नहीं करुंगा इसकी बात हुई थी। प्लीज मुझ पर विश्वास रखो और फोरप्ले का पूरा आनंद लो, अजय को कुछ भी मत बताना। ऐसा जाहिर करना कि हमने अपना फोरप्ले पूरी ईमानदारी के साथ किया है।

दिया ने विरोध करना छोड़ प्रिया, मैंने उसकी एड़ियों से चड्डी बाहर निकाल दी। उसके होठों को चूमा और कान के पास जाकर बहुत धीरे से बोला- थैंक्यू।जवाब में मेरी पीठ पर उसकी एक चपत ने मुझमें जोश भर प्रिया।

मैं उसे चूमते हुए नीचे उतरने लगा, ठुड्डी, कंठ, गला, स्तनों का उभार, नशीले चूचुक, चिकनी कोमल पेट, पेड़ू का उभार जहाँ कोई बाल नहीं थे।नीचे भग-होठों की शुरुआत, जिन्हें अंधेरे में मैंने पहले अपने होठों से टटोला और फिर उन पर मुँह दबाकर चुम्बन लिए। पहले बाईं पर, फिर दाईं पर, फिर उनके बीच की खाली जगह में। हालाँकि ऐसा मैं उसको पूरी तरह से उत्तेजित करने के लिए कर रहा था लेकिन दिया की चूत का स्वाद भी अच्छा था, उससे चिकनाई रिस रही थी, मैं संकोच छोड़कर उसे पूरे दिल से चाटने लगा।

दिया आह आह ओह ओह करती सिसकारियाँ भर रही थी। मैंने उसकी क्लिटोरिस को चूसते हुए उसकी योनि में उंगली घुसा दी। अंदर इतनी गीली थी कि मैंने आसानी से दूसरी उंगली भी उसमें डाल दी। दोनों उंगलियों से योनि की दीवारों को सहलाते हुए मैं उंगलियाँ अंदर बाहर करने लगा।

वह बहुत ही उत्तेजित हो गई, कमर उचकाने लगी और आह-आह करने लगी।अब वह समय आ गया था कि मैं अपना अगला निशाना लगाऊं।

मैं वापस से दिया के ऊपर आ गया।दिया ने कहा कि मुझे भी तो अपना फोरप्ले पूरा करने दो?

शायद वह मेरे लिंग को चूसना चाहती थी, पर मैंने कहा एक बार और मुझे तुम्हें किस करने दो, मेरा मन नहीं भर रहा है, उसके बाद जो चाहे करना। अभी हमारे पास 15 मिनट और हैं।

मेरा लिंग पूरी तरह से तन चुका था, हम दोनों एक दूसरे के ऊपर नंगे पड़े हुए थे। एक-दूसरे का स्पर्श हमें बेहद उत्तेजित कर रहा था। मैंने अपने लिंग को दिया की योनि की लम्बाई पर लगाया। जैसे ही योनि पर लिंग का स्पर्श हुआ दिया की हल्की सी सिसकारी निकल गई।

मैं बाहर बाहर ही लिंग को दिया की योनि पर घिसने लगा। साथ ही मैं उसके स्तनों को भी चूस रहा था। उसकी योनि बड़ी तेजी से पानी छोड़ रही थी, उस पानी की चिकनाहट मुझे अपने लिंगमुंड पर महसूस हो रही थी।

स्तनों को चुसवाते-चुसवाते और लिंग को अपनी चूत पर रगड़वाते रगड़वाते दिया की उत्तेजना इतनी बढ़ गई कि वह अनायास ही अपनी चूत को मेरे लिंग की तरफ धकेलने लगी।

उसकी इस हरकत से मैं जीत की खुशी से भर उठा, अभी कुछ देर पहले ना-ना कर रही इस परी को आखिरकार मैं उसे इस स्थिति में ले ही आया था कि वह खुद ही चुदने के लिए जोर लगा रही थी।

लेकिन मैं उसे इतनी जल्दी संतुष्टि नहीं देना चाहता था, अभी उसे और उत्तेजित करना था। जैसे ही वह योनि को ऊपर ठेलती, मैं अपने लिंग को पीछे कर लेता।मुझे हँसी भी आ रही थी।औरत की शर्म उसे कुछ बोलने नहीं दे रही थी जबकि औरत की बेसम्हाल उत्तेजना उसे लिंग-प्राप्ति हेतु जोर-जोर कमर हिलवा रही थी।

मैंने पूछा- तुम्हारा आधा घंटा खत्म होने वाला है, शायद तुम मेरे लिंग को चूसना चाहोगी?वह कुछ नहीं बोली।

उसकी जैसी दशा थी, बोल भी क्या पाती! बस अपनी चूत को मेरे लिंग पर धकेलती हुई अपनी इच्छा का इज़हार करती रही।

वह ठीक घड़ी आ गई थी। अपने को उसके स्त्री शरीर में समा देने का, जिसके सपने मैं कब से देख रहा था। मैंने मौके की नजाकत को समझा। इससे पहले कि इसका ज़मीर जागे, मुझे अपने लिंग को अंदर डाल देना होगा।

अबकी बार उसकी चूत का धक्का आया तो मैं पीछे नहीं हुआ, अपने को स्थिर रहने प्रिया।उसकी अति चिकनी चूत-गली में मेरा लिंगमुंड अपने-आप जरा सा दाखिल हो गया।

किंतु उस अति उत्तेजना की अवस्था में भी दिया को बाहर की चिंता थी, बोली- अजय और रीना आते ही होंगे।मैंने कहा- चिंता मत करो शायद वे भी हमारी तरह उत्तेजना में बह गए होंगे। और अगर आएंगे भी, तो लॉक लगा हुआ है हम अपने कपड़े पहन लेंगे।

दिया ने कहा- यह गलत है।

किंतु मैंने धक्के देना शुरू कर प्रिया, मैंने कहा- मुझे नहीं लगता कि अब अजय और रीना भी आएंगे। तुमने हमें इतना उत्तेजित कर प्रिया है कि अब यह उत्तेजना उसी पर खत्म होगी जिसके लिए शुरू हुई है। अब इस मजे को खराब न करो।

मैं उसको आलिंगन में पकड़े रहा और नीचे कमर जोर-जोर चलाकर लिंग को उसकी योनि में कूटना शुरु कर प्रिया।दोनों बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हो गए थे इसलिए थोड़ी देर में दोनों स्खलित हो गए।

साँसों पर नियंत्रण पाकर मैंने घड़ी देखी। आधे से ज्यादा घंटा बीत गया था। दोनों के मन में यह संतुष्टि हो गई थी कि अब हमारे पार्टनर इस कमरे में नहीं आएंगे, अब हम यहीं पर रहकर पूरी रात मजा ले सकते हैं।

थोड़ी देर बाद मैंने दिया की कामना पूरी की, वह मेरे लिंग को चूसना चाहती थी, मैं पीठ के बल लेट गया, वह मेरे ऊपर अपने रेशमी बदन को सरकाती हुई आई और तब मुझे पता चला कि योनि के होठों में ही नहीं उसके मुँह के होंठों में भी कितना मजा है।

मैंने खुशी से आँखें मूंद लीं, वो ऐसे लिंग चूस रही थी जैसे कोई अंग्रेजी ब्लू फिल्म की हीरोइन हो। न अभी की चुदाई से लगे वीर्य की परवाह न अंदर मुँह में स्खलित हो जाने का डर।

मैं बेहद निश्चिंतता से चरम सुख आने पर उसके मुँह में स्खलित हो गया, निकलते वीर्य को वह सुड़कती चली गई।यह बेहद मजेदार था।शायद जिंदगी में पहला ऐसा आनंददायी ब्लो-जॉब।

मैंने भी अपना शौक पूरा किया। उसकी बेहद शानदार शेप वाली चूतड़ों के बीच छिपी छेद को चूमकर। वहा वहाँ पर भी बड़ी सेंसिटिव थी। एकदम मस्त हो गई।

मैंने उसमें भी आजमाया।रीना ने कभी मुझे अपनी गुदा में प्रवेश नहीं प्रिया था, दिया उसके उलट थी, मैंने दूसरी बार उसकी चूत में अपना लिंग घुसा कर गीला किया और फिर उसकी गुदा में डाल प्रिया, आराम से चला गया। अजय ने उसे इसकी आदत डलवा दी थी इसलिए दिया को ज्यादा तकलीफ नहीं हुई।

मैं कह सकता हूँ दिया ने मुझे अपनी चूत, मुँह और गुदा के तीनों छेदों का पूरा मजा प्रिया। इतने शानदार फिगर वाली लड़की को चोद कर मैं बहुत खुश था।दिया भी काफी खुश लग रही थी।हम दोनों ने चार और बार चुदाई की और मैं खुद पर हैरान होता हुआ चारों बार स्खलित हुआ।

हम बेहद थक गए थे। मेरी आँखें बन्द रही थीं, दिया की भी ज्यादा थकान से आंख लग गई थी लेकिन ख्याल आ रहा था अजय और रीना का… क्या कर रहे होंगे वे दोनों?

अजय उसके साथ अपनी चुदाई का एम एम एस बनाना चाहता था।लेकिन अजय ने बाद में मना कर प्रिया था। अजब विश्वास वाली दोस्ती थी। अब दोनों जोड़ों का उद्देश्य केवल मजे लेना था। अतः उन्हें अपने हाल पर छोड़ते हुए मैं भी सो गया।

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याराना

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