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Group Sex Story • पठन समय: 12 मिनट • पढ़ा गया: 1,275 बार

तीन चूतों की गैंग बैंग चुदाई-3

रवि स्मार्ट

17 Sep 2024 को प्रकाशित

तीन चूतों की गैंग बैंग चुदाई-3
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मैंने रीमा को घोड़ी बनने को बोल प्रिया ताकि पीछे से उसकी चूत में लंड डाल दूँ.परन्तु रीमा ने कहा- मुझे तो गोद में बैठना है.यह सुन कर दीक्षा बोली- इसे डर होगा कि कहीं इसकी गांड न फाड़ दो आप पीछे से.यह सुन कर रीमा फिर बोली- साली, डर की कोई बात नहीं.

मोनू बोला- मेरे से रोज़ गांड मरवाती है ये!मैंने रीमा को अपनी गोद में बिठाया और नीचे से उसकी चूत में लंड डाल प्रिया।

और साथ ही मैंने मोनू की बात सुन कर कहा- अच्छा … तो फिर आज फिर फाड़ देते हैं इसकी गांड!

रीमा लंड चूत में डलवा कर सिसकती हुई बोली- उफ्फ … सालो, जो कर रहे हो पहले वो कर लो.तब तक मोनू ने भी दीक्षा की चूत में लंड डाल प्रिया था.

हम तीनों लड़के तीनों लड़कियों को चोद रहे थे।

हरीश ने अब मुस्कान को गोद में से उठाया और घोड़ी बना कर पीछे से उसकी चूत में लंड डाल प्रिया. मुस्कान मजेदार सिसकारियाँ लेकर चूत चुदवा रही थी।

मैंने एक बार पूरा लंड रीमा की चूत से निकाला और जोर से उसकी चूत में लंड डाल कर बोला- ले साली कुतिया, चुदवा अपनी फुद्दी साली उफ़!रीमा ने भी सिसकते हुए मज़े में कहा- चोद दे मेरे कुत्ते, ये फुद्दी आज के लिए तेरी है … आह्ह!सामने दीक्षा भी मोनू से कह रही थी- उफफ फफ … फ़क मी हार्ड … अह्ह ऐसे ही चोद मेरी!

तभी मैंने रीमा के चूतड़ों के नीचे दोनों हाथ रख कर उसे ऊपर उठाया और उसे दुबारा अपने लंड पर रख कर पीछे से उसकी गांड में एक उंगली डाल दी.तो रीमा बोली- उई आह्ह्ह … क्या कर रहे हो?मैंने कहा- साली, तेरी गांड मार रहा हूँ उंगली से, कैसा लग रहा है?वो बोली- आह … मज़ेदार … चोदो ऐसे ही आह!

मैंने फिर कहा- बोल तेरी गांड में भी लंड डलवा दूँ क्या साली फक्ड गर्ल?वो बोली- नहीं अभी नहीं! ओह्ह बस चोद दो अब तो मुझे!मैंने भी जोर जोर से उसकी चूत को चोदना शुरू कर प्रिया.

और मैंने देखा उधर हरीश भी जोर जोर से मुस्कान को चोद रहा था. मुस्कान बहुत जोर जोर से सिसकारियाँ निकाल रही थी.उसकी सिसकारियाँ सुन कर मोनू दीक्षा को चोदता हुआ बोला- उफ्फ … साली मुस्कान तो ऐसे तड़प रही है जैसे पहली बार चुद रही हो.

मुस्कान की चूत को चोदता हुआ हरीश बोला- आजा तू भी देख ले इसे चोद कर … तुझे खुद पता चल जायेगा यार.हरीश से चुद रही मुस्कान भी सिसकारियाँ निकाल रही थी।

तभी मैंने देखा मोनू और दीक्षा ने कुछ बात की और दोनों बैड से नीचे उतर कर मुस्कान के पास चले गये। दीक्षा ने हरीश से घोड़ी बन कर चुद रही मुस्कान की गांड को हाथों से खोला और उसे ध्यान से देखने लगी।

मैंने और रीमा ने उसे ऐसा करते देख लिया. मैंने रीमा को चोदते हुए उसके कान में कहा- देख डार्लिंग, लगता है मुस्कान की गांड फटने वाली है अब.रीमा ने मेरी बात सुन कर अपनी चूत को जोर से मेरे लंड पर मारा और उन्हें बोली- साली दीक्षा को अपनी गांड फड़वाने से डर लगता है, अब मुस्कान की गांड फड़वाएगी.

इतनी बात सुनते ही दीक्षा बोली- तू अपनी चूत चुदा ले पहले साली! आज के लिए मैंने तुझे अपना चोदू यार गिफ्ट किया हुआ है. मैं तो मुस्कान की चूत देख रही हूँ.उसकी ये बात सुन कर मैं बोला- अरे रीमा ने भी तो तुझे अपना यार बदले में प्रिया ही है. इतना क्यों इतराती है बहनचोद?

तभी मैंने देखा कि हरीश ने अपना लौड़ा मुस्कान की चूत से निकाल प्रिया था और उसकी जगह मोनू ने अपना लंड मुस्कान की गीली चूत में डाल प्रिया और वो मुस्कान को चोदने लगा.

हरीश ने मुस्कान के सामने ही नीचे कारपेट पर दीक्षा को घोड़ी बनाया और उसकी चूत में अपना लौड़ा डाल प्रिया. दोनों अदल बदल कर दोनों लड़कियों की चूतें चोद रहे थे।

इधर मेरी गोद में बैठ कर चुद रही रीमा के मैं कभी मम्में चूसने लगता और कभी उसके होंठों को चूसता. और कभी उसको ऊपर नीचे करके उसकी चूत चोदने लगता.रीमा ‘उन्ह आह्ह् सीस सीसी उफ्फ … चोदो अह्ह्ह मैं गयी … उफ्फ …’ करने लगी थी.मुझे लगा कि रीमा का काम होने वाला है. उसकी चूत की गर्माहट से मेरे लौड़े का तापमान भी बढ़ गया था और वो भी पिघलने के नज़दीक ही था.

तभी मैंने महसूस किया कि रीमा की फुद्दी ने अपना रस छोड़ प्रिया. रीमा ने मुझे बांहों में लिपेट लिया. मैंने भी उसके होंठों को अपने होंठों में ले लिया और उसकी जीभ पर अपनी जीभ रख कर उसे अपनी बांहों में लिपेट कर उसकी चूत से निकल रहे रस को महसूस करने लगा.

पिघल रही रीमा के इस वार से मैं भी बच न सका और मेरा भी लौड़ा छूटने के बहुत नज़दीक पहुँच गया. मैंने ज़ल्दी से रीमा को कहा- उह मैं गया!मैंने उसकी चूत से अपना लौड़ा निकाल कर उसको लिटा प्रिया और मैंने उसके पेट ऊपर अपना रस निकाल प्रिया।

पास रखे हुए कपड़े से उसने अपना पेट के ऊपर पड़ा वीर्य साफ़ किया और हम दोनों ने एक दूसरे को किस की.मैंने उससे पूछा- कितना मज़ा आया डार्लिंग?तो रीमा बोली- बहुत ज्यादा यार!

सच में हम दोनों को बहुत मज़ा आया था.

हम दोनों नीचे उतरे और चुदाई कर रहे दोनों जोड़ों के पास चले गये. रीमा दीक्षा और हरीश के पास और मैं मुस्कान और मोनू के पास पहुँच गया.

मैंने देखा कि वो भी सभी झड़ने के नज़दीक थे. मैंने अपना लंड मुस्कान के मुंह के पास किया तो मुस्कान ने अपने एक हाथ से मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया और पीछे उसकी चूत में मोनू ने लंड डाला हुआ था.

और दीक्षा के सामने जाकर रीमा ने कहा- अब बोल साली कुतिया क्या कह रही थी?दीक्षा झड़ने के नज़दीक थी तो वो ‘उफ्फ उन्ह्ह आह्ह्ह सी सी …’ के आगे कुछ न बोली. और तभी उसने भी अपनी चूत का रस छोड़ प्रिया और झड़ गयी.

हरीश ने कुछ देर उसे चोदने के बाद उसकी चूत से लंड निकाला और उसकी गांड के ऊपर अपना रस निकाल प्रिया।

मुस्कान मेरे लंड को बहुत स्पीड से चूस रही थी जिससे मेरे लंड में फिर से जान आने लगी थी.

और वो भी तीनों हमारे पास आ गये थे.रीमा बोली- लो जी, रवि जी तो कब के मुस्कान के लिए तरस रहे थे.मैंने कहा- साली, तुम जैसे ही ये भी मेरी ख़ास दोस्त है.

तभी मुस्कान ने भी मेरा लंड मुंह से निकाल प्रिया और ‘उफ्फ उन्हह उन्ह उई मैं गयीईई ईईईई …’ ऐसे करती हुई झड़ने लगी.मोनू भी तेज तेज अपना लौड़ा उसकी चूत में आगे पीछे करने लगा.मुस्कान झड़ गयी और मोनू ने अपना लंड दीक्षा के मुंह में दे प्रिया. दीक्षा मज़े लेकर मोनू का झड़ रहा लौड़ा चूसने लगी और उसका साथ रीमा भी देने लगी.ऐसे मोनू भी झड़ गया।

अब हम सभी झड़ चुके थे।

हम सभी अब बैड पर आकर बैठ गये. बेशक बैड काफी बड़ा था परन्तु फिर भी छह लोगों के बैठने से पूरा भर गया.मैं, रीमा और दीक्षा एक साइड बैठे थे और हमारे सामने हरीश, मोनू और मुस्कान बैठे थे।

हम सभी आपस में बातें करने लगे और अपने आप को आया मज़ा शेयर करने लगे।

मैंने दीक्षा को कहा- साली तू क्यों हमसे जल रही थी?वो मुस्कराते हुए बोली- जल मैं नहीं, तुम्हारी ये साली चुदकड़ कुतिया रीमा जल रही थी, ये मुझे बार बार छेड़ रही थी.रीमा तुरंत बोली- अरे जान, मैं तो मज़ाक कर रही थी, हम तो इतनी अच्छी दोस्त हैं यार, उस टाइम मज़ा बहुत आ रहा था, क्या करती, दिल करता था तुझे छेड़ने का.

मैंने कहा- अरे मुस्कान, तुझे क्या हुआ है बेबी, तू बिल्कुल चुप बैठी है? चुदते हुए भी बस आह उह के इलावा कुछ नहीं बोली?इससे पहले कि मुस्कान कुछ बोलती, दीक्षा बोली- इसकी चुप्पी तो मैं तोड़ती हूँ. साली इधर आ ऐ मेरे पास!कहते हुए उसने मुस्कान को पकड़ कर अपने पास खींच लिया और उसकी गाल पर एक चुम्मी लेकर बोली- तुझे शर्म आती है क्या हमारे जैसे बातें करने में?तभी हरीश बोला- अरे ये शर्माती है यार!

मोनू बोला- इसे एक हफ्ते के लिए मेरे पास भेज दो. अच्छे से सारी शर्म उतार कर भेजूंगा.मैंने कहा- मैं तो एक दिन में ही उतार दूंगा इसकी शर्म!रीमा बोली- मैं और दीक्षा मिल कर अभी उतार देती हैं इसकी शर्म.

ध्यान रहे कि इस वक्त तक हम सभी नंगे ही बैठे थे।

रीमा और दीक्षा बैड से नीचे उतर गयीं और साथ ही मुस्कान को भी पकड़ कर नीचे ले गयीं।दीक्षा बेशर्मी से अपनी चूत को मुस्कान के सामने अपने दोनों हाथों से खोल कर बोली- ये पता है न क्या है? साली इसका नाम बता?मुस्कान बोली- अबे बस करो सालियों, ये तेरी फुद्दी है मादरचोद, अगर तुम्हारे सामने चुद सकती हूँ तो बोल भी सकती हूँ कुतिया!

उसके ये शब्द सुन कर रीमा बोली- लो ये तो हमसे भी एडवांस निकली साली, इसकी गांड मरवाते हैं आज!तभी दीक्षा ने मुझे आवाज़ दी- जानू आओ जरा मुस्कान कि गांड चोदनी है.मैंने कहा- क्यों उस बेचारी को परेशान करती हो? आ जाओ इधर!

इधर हमारे लौड़े भी दूसरे राउंड के लिए तैयार हो रहे थे.

मैं बैड से नीचे उतर कर उनके पास चला गया और बोला- अब बताओ किसने गांड मरवानी है?रीमा बोली- जिसके आप फेन हो.मैंने कहा- मैं किसका फैन हूँ?रीमा फिर बोली- भूल गये क्या? अभी दस मिनट पहले तो मुस्कान को चुदते हुए देख कर बहुत मस्त हो रहे थे.मैंने कहा- वो तो तू भी हो रही थी साली मेरे लौड़े पर बैठ कर!रीमा ने कहा- मैं तो आपकी फैन हूँ ही न.

मुस्कान बोली- इनकी फुदियों में लंड डाल दो, नहीं तो ये ऐसे ही बक बक करती रहेंगी दोनों!मोनू बोला- फुदियों में नहीं, फिर तो इनके मुंह में लौड़े देने पड़ेंगे.

मैंने कहा- अगर आप सभी को ठीक लगे तो इस राउंड में सभी लड़कियों की गांड में लंड डाले जाएँ?मुस्कान बोली- नहीं यार, दर्द होगा और मज़ा भी नहीं आयेगा.

रीमा ने कहा- हमें तो मज़ा आना चाहिए बस, जैसे मर्जी करो!दीक्षा ने मुस्कान को कहा- यार घबरा मत, मैं तेरी हेल्प करुँगी.मैंने भी कहा- अगर कोई प्रॉब्लम होगी या दर्द हुआ तो हम नहीं करेंगे. परन्तु एक बार ट्राई करके देख यार!

हमारे जोर देने पर मुस्कान तैयार हो गयी.

मेरे लंड को रीमा ने अपने मुंह में लेकर चुसना शुरू कर प्रिया ताकि वो खड़ा होकर गांड में जाने के लिए रेडी हो जाए.और अब तक हरीश और मोनू भी नीचे हमारे पास आ चुके थे।

कहानी जारी रहेगीsupport@mohakkisse.com

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तीन चूतों की गैंग बैंग चुदाई

कुल भाग: 5
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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां
ल

लव कुमार शैली

5 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

क

क्षितिज गुप्ता

5 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

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