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चुदाई की कहानी पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 1,148 बार

तीन चूतों की गैंग बैंग चुदाई-2

रवि स्मार्ट

15 Sep 2024 को प्रकाशित

तीन चूतों की गैंग बैंग चुदाई-2
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तभी दीक्षा मुझे काफ़ी का कप पकड़ाती हुई रीमा की साईड लेती हुई बोली- अरे, ठीक ही तो कह रही है वो! ये काम तो आप मर्दों का है. हमारा काम तो बस टांगें उठा कर आपके सामने लेटना है.दीक्षा की बात से सभी हंसने लगे.

मोनू बोला- वाह दीक्षा, सही बात की है तूने!मैंने कहा- फिर ऐसा करो … हम सभी लड़कियों के एक एक करके कपड़े उतारते जायेंगे. एक कपड़ा एक लड़का उतारेगा, जिसके पास जाकर जो भी लड़की पूरी नंगी हो जायेगी वो उसी को चोदेगा.हरीश बोला- सही है. परन्तु ये कहाँ से शुरू होगा?

मैंने कहा- सभी जैसे बैठे हैं, वैसे ही बैठे रहें. बस दीक्षा हरीश के पास जाएगी और मुस्कान मेरे पास आयेगी.तो एक बार सभी ने मेरी तरफ़ देखा और फिर मैंने तुरंत कह प्रिया- वो नयी है न, इस लिए यहाँ कंफर्ट रहेगी.सब समझ गये.

और काफ़ी भी लगभग खत्म हो चुकी थी. दीक्षा ने काफ़ी के कप साइड पर रखे और तुरंत हरीश के पास चली गयी. मुस्कान उठ कर मेरे पास आ गयी.मोनू और रीमा ने भी थोड़ा आगे की मुस्कान से खाली हुई चेयर पर खिसक कर हरीश को बैठने की जगह दे दी।

दीक्षा तो पूरी तरह खुली हुई थी इस लिए मैंने उसे हरीश के पास भेज प्रिया।

मैंने सबसे पहले मुस्कान को एक लिप किस की और बोला- मेरी जान, आज तो बहुत खुबसूरत और सेक्सी लग रही हो.मुस्कान ने भी मेरी किस में मेरा साथ प्रिया और मेरी जीभ पर जीभ रख कर एक और डीप किस की.

फिर मैंने मुस्कान की कमीज़ के अंदर हाथ डाल कर उसकी ब्रा के ऊपर से उसके मम्मों को दबा प्रिया.मेरे ऐसे करते ही मुस्कान थोड़ा गर्म हो गयी.

मैंने देखा उधर मोनू भी रीमा का टॉप उतार रहा था और हमें देख भी रहा था. वो देखते ही बोला- ओए, ये तो चीटिंग है यार.उसके ऐसे बोलते ही सभी का ध्यान हमारी तरफ़ हो गया.

दीक्षा बोली- क्या हुआ मोनू?तो मोनू बोला- यार रवि ने मुस्कान की कमीज़ में हाथ डाल कर उसके मम्में दबाये हैं.दीक्षा बोली- अरे यार, आप तो शुरू में ही फायदा उठा रहे हो, ये चीटिंग है, जैसे बोला है वैसे करो, एक एक कपड़ा उतारो.

तो मुस्कान दीक्षा को देखकर बोली- कोई बात नहीं, तेरी भी बारी आयेगी फिर बताऊँगी तुझे.मैंने मुस्कान की कमीज़ को उतार प्रिया था और मुस्कान ने नीचे फैंसी वाइट ब्रा पहनी हुई थी.

तो मैंने देखा कि उधर हरीश ने भी दीक्षा के टॉप को उतार प्रिया था. दीक्षा ने नीचे रेड ब्रा पहनी हुई थी.मोनू ने भी रीमा के टॉप को उतार प्रिया. उसने काली प्रिंटेड ब्रा पहनी थी.

तभी मैंने मुस्कान को हरीश के पास भेज प्रिया और दीक्षा मोनू के पास चली गयी और मेरे पास आ गयी रीमा!मैंने रीमा की जीभ पर जीभ रख कर उसे किस किया और रीमा ने भी मेरे कान के पास मुंह करके कहा- उफ्फ … मस्त मज़ा आयेगा आज तो!मैंने उसे जवाब में कहा- येस साली, आज तेरी मज़े से गांड फट जायेगी.उसने कहा- फाड़ दो न फिर!

मैंने उसे किस करके उसकी जीन्स का बटन खोला और उसकी टांगों से उसकी जीन्स को उतार प्रिया. रीमा ने नीचे काली पैंटी पहनी थी।मेरे सामने दीक्षा की जीन्स भी मोनू ने उतार दी थी. उसने ब्रा से मैच करती लाल रंग की फैंसी पैंटी पहनी थी. मोनू दीक्षा की टांगों को सहला भी रहा था और उन्हें चूस भी रहा था।

दूसरी तरफ़ मुस्कान की सलवार का नाड़ा हरीश ने खोल प्रिया और उसकी टांगों के रास्ते मुस्कान की सलवार को उतार प्रिया. अब मुस्कान के जिस्म पर सिर्फ सफेद ब्रा और ब्राउन कलर की पैंटी रह गयी थी.

मैंने सभी की तरफ़ ध्यान देकर मुस्कान को मुखातिब होकर कहा- साली मुस्कान की सलवार तो मैंने उतारनी थी.तभी हरीश बोला- आप अपनी पार्टनर पर ध्यान दो.

रीमा मेरे कान में बोली- आप मेरा उतार दो जो उतारना है.मैंने कहा- तेरी तो अब चुदाई होने वाली है … वो भी मोनू से!साथ ही मैंने एक स्माइल दे दी.

उसने मुंह सा बना लिया, मुझे ऐसा लगा जैसे वो चाहती हो कि मुझे तो तुम ही चोद दो. वैसे भी मोनू से तो वो रोज़ ही चुदती थी. और जिस हिसाब से उसका नंबर बनता था उस हिसाब से वो घूम कर मोनू के पास ही जाने वाली थी क्योंकि उसके जिस्म पर सिर्फ ब्रा और पैंटी रह गयी थीं. अब उसकी बारी थी हरीश के पास जाने की! अगर हरीश उसकी ब्रा उतारता तो उसके बाद वो मोनू के पास जाती तो मोनू ही उसे नंगी करता.

मैंने रीमा को किस की और उसके कान में कहा- क्यों साली? तूने मुझसे चुदना था क्या?वो हंसती हुई बोली- जैसे मर्जी समझ लो अब तो!फिर मैंने सभी को कहा- यार, हमारी पार्टनरशिप तो बन गयी. अब आप अपना अपना पार्टनर बना लो आपस में देख कर!

मेरी बात सुन कर दीक्षा फिर बोली- यार, आप फिर चीटिंग कर रहे हो.मैंने कहा- यार चीटिंग नहीं है. बात ये है कि इसका नम्बर आता है मोनू के पास. परन्तु मोनू से तो रीमा रोज़ ही चुदती है. इसलिए अगर हम ऐसे ही पार्टनरशिप बना लें तो अच्छा रहेगा. और वैसे भी ऐसा करने का मकसद सिर्फ सभी की शर्म उतारना ही था. अब सभी गर्म हो चुके हैं और सभी की शर्म भी उतर चुकी है. तो अच्छा है कि हम यहीं से शुरू कर दें अगर आप सभी सहमत हो तो?

मुझे देख कर एक पल के लिए सभी को लगा कि बात तो ठीक है.तो दीक्षा ने फिर कहा- गांड मराओ फिर आप! हम भी ऐसे ही ठीक हैं. चलो मोनू, हम दोनों ठीक हैं.दीक्षा की बात सुन कर सभी हंस दिए।

मुस्कान और हरीश भी आपस में किस करने लग गये और उन्होंने भी अपनी मौन सहमति दे दी।मैंने देखा हरीश मुस्कान की ब्रा की हुक खोल रहा था. ज़ल्द ही उसने मुस्कान की ब्रा उतार कर उसको मम्मों को आज़ाद कर प्रिया.

हाय … मुस्कान के कसे हुए सेक्सी मम्में कयामत थे.मुझे उधर देखते हुए देख रीमा तुरंत बोली- उधर ही चले जाओ. कहो तो मैं उठ जाती हूँ यहाँ से?रीमा को मैंने बांहों में ले लिया और बोला- अब नहीं कहीं जाने देता तुझे डार्लिंग! इधर आ … तेरे भी मम्में देखूं.

मैंने भी रीमा की ब्रा उतार दी. उसके मम्में भी पूरे कसे हुए सुंदर दूधिया और सेक्सी थे. मैंने तुरंत उसका एक मम्मा अपने एक हाथ में पकड़ा और दूसरे को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा.मेरे ऐसा करने से रीमा के मुख से सिसकारी निकल गयी.और फिर मैंने उसका दूसरा मम्मा अपने मुंह में लिया और उसे चूसने लगा. साथ साथ मैं उसके मम्में दबा भी रहा था.

मेरे ऐसा करने से रीमा पूरी तरह चुदासी सी हो गयी. उसे भी मज़ा आ रहा था.मैंने एक हाथ उसकी पैंटी में डाल प्रिया और उसकी पैंटी में उसकी चूत में अपनी दो उँगलियाँ डाल कर उन्हें सहलाने लगा। जिससे रीमा के मुंह से सिसकारियां निकलने लगी.

उधर मोनू ने भी दीक्षा को पूरी तरह नंगी कर प्रिया था. वो उसकी चूत चूस रहा था.और इधर हरीश अभी तक मुस्कान के मम्में ही चूस रहा था।

दीक्षा और रीमा की सिसकारियाँ निकल रही थीं.

मैंने भी अपना अंडरवियर छोड़ कर बाकी के कपड़े उतार दिए और फिर से रीमा के मम्में चूसने लगा. बीच बीच में मैं रीमा को किस भी कर देता था। मैंने उसकी पैंटी से हाथ बाहर निकला और उसको बैड पर लिटा प्रिया.उसके मम्मों को चूसते हुए और जीभ से उसके जिस्म को चाटता हुआ नीचे की तरफ़ आने लगा. मैंने अपने दांतों में रीमा की पैंटी को लिया और उसकी चूत से पैंटी को नीचे कर प्रिया. फिर मैंने धीरे से वहां एक गर्म सांस छोड़ी जो सीधे उसकी चूत को टकराई.

मेरे ऐसा करने से रीमा सिहर सी गयी. उसे मज़ा आ रहा था.और फिर मैंने पैंटी को दांतों में लेकर उसकी टांगों से निकाल प्रिया।अब रीमा पूरी तरह अल्फ नंगी मेरे सामने थी. उसकी छोटी सी गुलाबी चूत मेरे लंड को आमन्त्रित कर रही थी और मेरा लौड़ा भी अंडरवियर के अंदर खड़ा हो चुका था.

मैंने रीमा की चूत की फांकों को पकड़ कर उसकी चूत को पास से देखा और अपने जीभ को उसकी चूत की दरार में रख प्रिया, जैसे ही मैंने अपनी जीभ को रीमा की चूत से टच किया तो उसकी चूत कि गर्माहट मुझे भी महसूस हुई. उसकी चूत का नमकीन पानी भी टेस्ट हुआ.

मैं जीभ को उसकी चूत की फांकों के अंदर रगड़ने लगा. रीमा सिसकारियाँ भरने लगी.और मैंने अब अपने दोनों हाथों को उसके चूतड़ों की नीचे रखा और उसकी गांड उसे ऊपर को कर लिया. उसकी चूत में पूरी तरह जीभ डाल कर और अपने होंठों को उसकी चूत की फांकों पर रख कर चूसने लगा, जिससे रीमा जोर जोर से सिसकारने लगी।

इधर दीक्षा और मोनू भी हमारे पार ही बैड पर आ गये. उसने अपने लंड को दीक्षा के मुंह में डाल प्रिया और मोनू खुद दीक्षा की चूत को चाटने लगा. दोनों 69 में एक दूसरे को चूसने लगे.

उधर हरीश ने मुस्कान को भी अल्फ नंगी करके नीचे कोर्पेट पर ही उसे अपनी गोद में बिठा कर उसकी चूत में लंड डालना शुरू कर प्रिया था।

सभी के सभी वासना के सागर में लिप्त हो गये थे। चुदाई का माहौल पूरा गर्म हो चुका था।

मैंने रीमा की चूत को चूसते हुए उसे कहा- साली, बहुत मस्त फुद्दी है तेरी!रीमा सिसकते हुए बोली- उफ़ … तो इस मस्त फुद्दी को चोद दो आज!

इधर हमारे पास ही मोनू ने दीक्षा को बैड पर ही घोड़ी बना लिया था और पीछे से अपना लौड़ा उसकी चूत में डालने की तैयारी कर रहा था.मैंने उसे देखकर कहा- लगता है आज दीक्षा की गांड फटेगी?दीक्षा ने हमारी तरफ़ देखा और बोली- फटती है फटने दो, तुम अपनी वाली की फाड़ो पहले!

मैंने फिर कहा- साली मेरी तो बात करने से ही तेरी गांड फट जाती है. अरे मज़ाक कर रहा हूँ डार्लिंग!मोनू बोला- अरे सीरियस भी कह रहे हो तो भी क्या दिक्कत है यार? गांड भी तो फाड़ने के लिए ही है.रीमा बोली- तो फाड़ दो.

मोनू फिर रीमा को बोला- तेरी फाड़ दें क्या?रीमा बोली- नहीं, अभी तो दीक्षा की फाड़ दो.मैंने रीमा को कहा- साली, मुझे लगता है तेरी पहले फ़टनी चाहिए.रीमा ने फिर कहा- क्यों दीक्षा को क्या प्रॉब्लम है?मैंने कहा- साली, तुझे ज्यादा मज़ा देना है न … इसलिए!और साथ ही मैंने रीमा को घोड़ी बनने को बोल प्रिया ताकि पीछे से उसकी चूत में लंड डाल दूँ.परन्तु रीमा ने कहा- मुझे तो गोद में बैठना है.यह सुन कर दीक्षा बोली- इसे डर होगा कि कहीं इसकी गांड न फाड़ दो आप पीछे से.यह सुन कर रीमा फिर बोली- साली, डर की कोई बात नहीं.

मोनू बोला- मेरे से रोज़ गांड मरवाती है ये!मैंने रीमा को अपनी गोद में बिठाया और नीचे से उसकी चूत में लंड डाल प्रिया।

कहानी जारी रहेगीsupport@mohakkisse.com

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तीन चूतों की गैंग बैंग चुदाई

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

आदित्य शुक्ला 1

1 month ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

अमित 571

2 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

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