कहानी के पहले भाग में आपने पढ़ा कि एक फ़िज़ियोथेरेपिस्ट विकास जो तैराकी में भी चैंपियन था, उसे नॉएडा के बड़े अस्पताल में जॉब मिली. एक स्विमिंग पूल वाली सोसाइटी में उसने एक फ़्लैट किराये पर ले लिया. सोसाइटी की भाभियों ने उससे तैराकी सीखने की जिद की.अब आगे:
दिन में उसके पास जो रोगी आये उसमें एक 35 साल की महिला थी बबिता, जिनको सर्वाइकिल की प्रॉब्लम थी और वो फिजियोथेरेपी अपने घर पर चाहती थी, मुंह मांगी फीस देने को तैयार. विकास नहीं जाना चाहता था पर उसकी रिक्वेस्ट को और ऑफर को मना नहीं कर पाया. शाम को 4 बजे का टाइम तय हुआ उससे.
उसकी कोठी विकास की सोसाइटी से दूर नहीं थी. बबिता ने कहा कि शाम को ठीक 4 बजे वो गाड़ी हॉस्पिटल भेज देगी और वही गाड़ी उसे 5.30 तक वापिस छोड़ आएगी. शाम की चाय बबिता ने कहा कि विकास को उसके साथ पीनी पड़ेगी.बबिता छरहरे बदन की बहुत खूबसूरत महिला थी.
शाम को विकास जब उसकी कोठी पर पहुंचा तो उसको अहसास हुआ कि वो बहुत पैसे वाले लोग हैं. बबिता के पति एक्सपोर्टर हैं और अधिकतर विदेश रहते हैं. जब यहाँ होते भी हैं तो रात को 12 से पहले घर नहीं आते. उनके एक बेटा है जो मसूरी के स्कूल में पढ़ता है.
अब इन हाई सोसाइटी लेडीज के पास कोई काम तो होता नहीं, सिवाये अपने मर्द की कमाई फूंकने के. बबिता को सर्वाइकल के साथ फ्रोजन शोल्डर की भी शिकायत थी.
बबिता ने पहले तो एक प्यारी सी मुस्कुराहट से विकास का स्वागत किया और कहा- चाय तैयार है.विकास ने कहा- अभी तो थोड़ा जूस लूँगा, फिर एक्सरसाइज के बाद चाय.
विकास ने बबिता से ढीले कपड़े पहनने को कहा था तो बबिता ने उसी हिसाब से कपड़े पहने थे.
विकास ने उसको थेरपी देनी शुरू की. अब जब विकास को पैसे मिलने ही थे तो उसने भी काम को बखूबी से अंजाम देना शुरू किया. विकास ने बबिता की सुराही जैसी गर्दन की मालिश के साथ उसको इधर उधर घुमाना शुरू किया. उसने महसूस किया कि बबिता को आराम मिल रहा है और उसने आँखें बंद कर रखी थीं.
थोड़ी देर बाद उसने बबिता की बांहें ऊपर उठा कर उसके नीचे हाथ डाल कर बाँहों की एक्सरसाइज शुरू की. बबिता ने जो कुरता पहना था, वो था तो बहुत ढीला पर उसके कालर बड़े और सख्त थे, जो विकास को गर्दन की मालिश करने में अड़चन पैदा कर रहे थे.विकास ने बबिता से कहा कि अगली बार वो कोई राउंड नैक की टी शर्ट पहना करे.बबिता बोली- पहले बताया क्यों नहीं? मैं कुर्ता उतार देती हूँ.
बिना विकास का जवाब सुने बबिता ने एक झटके में अपना कुरता उतार प्रिया. विकास भौंचक्का रह गया. बबिता ने पीले रंग की स्पोर्ट्स ब्रा पहन रखी थी. पर शायद वो टाईट थी तो उसके मम्मे बाहर निकले पड़ रहे थे.
कमरे में वो दोनों अकेले थे, दरवाजा ऑटो लॉक था. विकास को सोचते देख बबिता हंस पड़ी, बोली- क्यों पहले कभी कोई लड़की नहीं देखी? चलो अब शुरू हो जाओ.विकास ने भी सोचा ‘चलो हमें तो काम से मतलब है.’
उसने सधे हाथों से बबिता के पीछे खड़े होकर गर्दन और कन्धों को मालिश शुरू की. अचानक बबिता ने विकास का हाथ अपने कन्धों से आगे करते हुए कहा कि थोड़ी आगे की ओर करो. बबिता ने विकास का हाथ अपने मम्मों के बिल्कुल पास तक कर प्रिया था.विकास भी अनाड़ी तो था नहीं … वो समझ गया कि बबिता क्या चाहती है. उसने पीछे से हाथ आगे उसकी ब्रा तक करना शुरू कर प्रिया.
अचानक बबिता थोड़ी ऊपर हो गयी और विकास का हाथ उसकी ब्रा में घुस गया.विकास ने सॉरी बोलते हुए हाथ बाहर खींचे.बबिता हंस पड़ी और उसने अगले ही पल अपनी ब्रा उतार फेंकी और विकास के हाथ अपने उरोजों पर रख दिए. विकास ने अब नीचे झुककर बबिता को माथे पर किस किया और उसके मम्मों को निप्पल्स के चारों ओर उंगली घुमाते हुए मसाज देना शुरू किया.
बबिता ने अपने हाथों से विकास का सर नीचे किया और अपने रसीले होंठ विकास के होंठों से मिला दिए.विकास इन सबसे कभी आगे नहीं गया था, वह संभला और बोला- मैम… ये ठीक नहीं है. यह मुझसे नहीं होगा.
बबिता ने पहले कभी ऐसा जवाब सुना नहीं था. वो खड़ी हुई और विकास से चिपट गयी और पागलों की तरह उसे चूमने लगी. अब विकास भी बेचारा मर्द ही तो था. उसने भी बबिता को चूमने में कोई कसर नहीं छोड़ी. फिर विकास ने धीरे से बबिता को अलग किया और बोला- मैम… मैं अब चलना चाहूँगा.क्या सोच बबिता ने उसे एक जोरदार चुम्मी दी और बोली- ठीक है, पर तुम आना बंद नहीं करोगे न?
चाय पीकर विकास बबिता की गाड़ी से सोसाइटी वापिस आया.
तभी रीमा का फोन आया. वो और सीमा मार्किट में स्विम सूट ले रही थीं.रीमा ने पूछा- टू पीस वाला लूं या सिंगल पीस फ्रॉक स्टाइल में?विकास हंस पड़ा, बोला- जिसमें तुम्हें शर्म नहीं आये, वो ले लो.
आधे घंटे बाद सीमा का फोन आया कि क्या वो आज पूल पर आएगा.विकास का दिमाग घूम रहा था, उसने कहा- आज नहीं कल!
फ्रिज से विकास ने बियर निकाली और नंगे होकर शावर के नीचे खड़ा हो गया और बियर पीते पीते नहाया. उसका टिफ़िन आ गया था पर आज वो बिना खाए ही सो गया.
अगले दिन सुबह आँख खुलने पर वो बाहर बालकनी में आया तो देखा कि रजनी योगा कर रही है.रजनी ने उसे गुड मोर्निंग बोला और कहा- चलो चाय पीने यहाँ आ जाओ.विकास बिना टी शर्ट पहने सिर्फ हाफ पेंट में था. उसका कसरती बदन उछाले मार रहा था. रजनी का ऑफर सुनकर विकास बोला- आप आइये, मैं सुबह कॉफ़ी लेता हूँ, आपको भी पीनी पड़ेगी.
रजनी ऐसे ही उसके फ्लैट में आ गयी. वो शॉर्ट्स और ढीली टीशर्ट में थी और आज भी उसने ब्रा नहीं पहनी थी.विकास उसे देख बोला- वाकयी अजय की तो सुबह रंगीन होती होगी.रजनी बेबाकी से बोली- होती तो है … पर वो यहाँ रहे तब तो! कल रात ही तीन दिन के लिए चेन्नई गया है.
प्यार सेक्स या धोखा-2
रजनी ने हँसते हुए बेशर्मी से उसके डोले दबाये और बोली- मैनऽऽऽ!विकास को पता नहीं क्या सूझा, उसने रजनी को बगल से चिपटा लिया और उसे चूमना चाहा.पर ये क्या … रजनी ने अपनी उंगली उसके होंठों पे लगा दी और बोली- ज्यादा बदमाशी नहीं.
फिर हँसते हुए दोनों ने कॉफ़ी पीनी शुरू की.
पर अचानक रजनी के हाथ से कॉफ़ी का कप लड़खड़ाया और उसके टॉप पर गर्म गर्म काफी गिर गयी. रजनी ने चीखते हुए अपना टॉप उतार फेंका. गर्म कॉफ़ी से उसके मम्मे लाल हो गए थे. विकास ने तुरंत फ्रिज से आइस क्यूब निकल कर उसके गोर मम्मों पर मलनी शुरू करी.
अब कॉफ़ी की जलन तो कम हो गयी थी पर अंदर काम ज्वाला भड़क गयी थी, विकास के हाथों में रजनी के बड़े बड़े मम्मे थे. इससे पहले की बात आगे बढ़ती रजनी ने अपना टॉप पहना और बाहर भाग गयी.
विकास तैयार होकर बड़े अनमने मन से अस्पताल के लिए जैसे ही अपने फ्लैट से बाहर निकला, उसे रजनी के फ्लैट का दरवाजा खुला दिखा. वो आगे से निकला तो चोर निगाहों से उसने अंदर देखा. रजनी सामने ही बैठी थी और मुस्कुरा रही थी.रजनी ने इशारे से विकास को बुलाया और मुस्कुराते हुए विकास की ओर पंच तान कर बोली- फ्रेंड्स …विकास भी मुस्कुरा प्रिया और उसने भी अपना पंच रजनी के पंच से मिलाया और बोला- यीएस फ्रेंड्स.
अब विकास का मन हल्का हो गया और वो अस्पताल चला गया.
शाम को उसने 4 बजे ही अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर प्रिया. पहले मूवी देखी, फिर डिनर कर के वापिस 11 बजे करीब फ्लैट पर वापिस आया.
आकर मोबाईल औन किया तो देखा रीमा और रजनी के 10-12 काल थे. उसने दोबारा मोबाईल स्विच ऑफ किया और नहाकर नंगा ही सोने चला. फिर यह सोचकर कि अस्पताल के नियम के हिसाब से वो मोबाईल बंद नहीं कर सकता उसने मोबाईल ऑन कर प्रिया और सो गया.
रात तो 2 बजे रजनी के फोन ने उसे उठा प्रिया. वो बोली- कहाँ हो, मैं इतना घबरा रहीं हूँ. तुम्हारा फोन नहीं मिल रहा.विकास के मन में आया कि फोन वापिस स्विच ऑफ कर दे … पर उसने रजनी को बोल प्रिया- मैं फ्लैट में ही हूँ और सो रहा हूँ और प्लीज डिस्टर्ब मत करो. मैं ठीक हूँ.
अगले दिन रजनी का दिन में फोन आया, बोली कि वो बिल्कुल नार्मल है, जो हुआ उसमें विकास कि तो गलती नहीं थी. पर उसके मम्मे जल गए हैं, दर्द हो रहा है.विकास ने उसे जेल लगाने को बताया.
बबिता का भी फोन था कि उसके पति आज शाम को वापिस आ रहे हैं तो वो आज न आये. विकास ने सोचा चलो जान छूटी.
अब शाम को बहुत फ्रेश मूड में वो 6 बजे पूल पर गया और बच्चों के साथ खूब मस्ती की. सात बजते ही वो क्लब में गया, कॉफ़ी और बर्गर लिया. तब तक रीमा, सीमा और गीता की तिकड़ी आ गईं. उन्होंने नीचे तो स्विम सूट पहना था पर सोसाइटी की वजह से ऊपर काफ्तान जैसी कोई ड्रेस पहनी थी.
आठ बजे सब लोग पूल में उतरे. आज इन तीनों के अलावा बस दो ही कपल अंकित-रेशमा और पंकज-सारिका थे. पर रेशमा तो सलवार सूट में थी पर सारिका ने स्विम सूट पहन रखा था.
अब विकास ने पहले सीमा को फ्लोटिंग के लिए टिप्स दीं. सीमा इन सब में सबसे बिंदास थी. उसके पति मर्चेंट नेवी में थे और अभी तीन महीने के लिए शिप पर थे. सीमा ने विकास को उस पर ज्यादा ध्यान देने की रिक्वेस्ट धीरे से उसके नजदीक आकर कही.सीमा को फ्लोटिंग थोड़ी बहुत आती भी थी. वो जैसे ही पानी में फ्लोट करती उसके पैर नीचे चले जाते और वो हांफ कर खड़ी हो जाती.
विकास ने उससे संकोच करते हुए कहा कि वो पहले वाल पकड़ कर प्रैक्टिस करे या फिर विकास को उसे नीचे से पकड़ कर तैराना होगा.सीमा ने एक अलग ही अंदाज में उससे कहा कि चाहे जहाँ से हाथ लगा लो, उसे कोई फर्क नहीं पड़ता, बस फ्लोटिंग आनी चाहिए.
विकास उसे लेकर धीरे धीरे पूल के दूसरे कोने में ले जाने लगा जहां पंकज-सारिका आपस में चिपटा खड़े थे. विकास और सीमा ने देखा कि दोनों एक दूसरे के होंठ चूम रहे हैं. सीमा और विकास ये देख मुस्कुराये.
पंकज ने विकास को उधर आता देख, सारिका को छोड़ प्रिया और मुस्कुराते हुए फ्लोटिंग करने लगा.
सीमा अब जोश में पानी में फ्लोट करने आगे बढ़ी तो विकास को उसकी जाँघों के नीचे हाथ लगा कर उसके पैरों को सीधा करना पड़ा. इस कोशिश में विकास के हाथ में उसके मम्मे आ गए. विकास ने संकोच में हाथ हटाया तो सीमा फिर पानी में गिर सी गयी.इस पर सीमा ने कहा- विकास, तुम बिना संकोच के मुझे सिखाओ, मैं मिरांडा हाउस की पढ़ी हुई हूँ, पता नहीं कितनी बार मेरे मम्मे मेरी सहेलियों ने दबाये हैं.
अब विकास उसको लेकर पूल की दीवार के सहारे सहारे चलने लगा और अब उसका हाथ सीमा के मम्मे टकरा भी जाते थे तो उसे कोई संकोच न था.पर जो भी हो … सीमा ने फ्लोटिंग में काफी बढ़त ले ली थी.
सीमा ने सुस्ताते हुए पंकज सारिका के बारे में बताया कि दोनों बहुत एडवेंचरस हैं. सारिका बहुत सेक्सी है और दोनों का सेक्स के प्रति रुझान सोसाइटी में बहुत चर्चित है.कहानी जारी रहेगीsupport@mohakkisse.com