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Hindi Sex Story पठन समय: 11 मिनट पढ़ा गया: 1,152 बार

स्वीमिंग पूल बना मस्ती पूल-1

सनी वर्मा

09 Aug 2020 को प्रकाशित

स्वीमिंग पूल बना मस्ती पूल-1
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दोस्तो… एक बहुत लम्बे अंतराल के बाद आपसे मुखातिब हूँ. गर्मियां आ गयीं. स्वीमिंग पूल पर मस्ती का टाइम है. इसी पाइंट पर मेरे एक पाठक ने अपना अनुभव शेयर किया, जिसे शब्दों में बांधकर आप तक पहुंचा रहा हूँ.

मेरे पाठक मित्र का नाम विकास है. विकास फिजियोथेरेपी में एप्रेंटिसशिप डिग्री करके एक नामी अस्पताल में फ़िज़ियोथेरेपिस्ट के पद पर कार्यरत है. वह कालेज के समय से ही एक अच्छा तैराक रहा है. वह छह फिट का सुंदर गोरा बांका जवान है. उम्र 28 वर्ष, पर अभी शादी नहीं की. विकास अपने कॉलेज में तैराकी में चैंपियन होने के साथ ही स्विमिंग कोच भी था. उसका स्विमिंग सिखाने का तरीका इतना कामयाब था कि कॉलेज के लड़के और यहाँ तक कि प्रोफेसर भी उससे स्विमिंग सीखना चाहते थे. स्विमिंग विकास का जूनून था.

अब जॉब के लिए विकास को नॉएडा आना पड़ा. यहाँ फ्लैट देखते समय उसकी चाहत यही थी कि उस सोसाइटी में कोई बड़ा स्विमिंग पूल हो. अब नॉएडा में ऐसी इच्छा सस्ते में तो पूरी होती नहीं.विकास ने जिस सोसाइटी में फ्लैट लिया, उस सोसाइटी वालों को उसकी तैराकी और जॉब दोनों भा गए और उसे बहुत रियायती दर पर टू बेडरूम फ्लैट मिल गया. सोसाइटी की एक रिक्वेस्ट थी जिसे बाद में एक कॉन्ट्रैक्ट का नाम प्रिया कि विकास गर्मियों में देर शाम को कुछ देर स्वीमिंग सिखा दे.

हालाँकि विकास ने ये कह प्रिया था कि वो रोज तो नहीं आ सकता, फिर भी वो कोशिश करेगा कि बड़े लोगों को स्वीमिंग सिखा दे. विकास जैसा बांका जवान कॉलेज के समय से ही लड़कियों के बीच लोकप्रिय था या यूं कहिये लड़कियां उस पर मरती थीं.और ऐसा नहीं कि विकास शरीफ था, पर लफंगा नहीं था. बड़े घर कि लड़कियों के साथ घूमना उसका भी शौक था पर चूमा-चाटी के अलावा ज्यादा उसके बारे में कुछ अफवाह नहीं थी. पर अपनी जबरदस्त पर्सनालिटी के कारण विकास जवां लोगों की पसंद था.

खैर अब विकास अपने नए फ्लैट में शिफ्ट हो गया और पहले ही दिन अपनी फ्लोर पर रहने वाले अजय शर्मा जी के घर रात का डिनर भी ले आया.हुआ यूं कि सुबह से दोपहर तक तो विकास अपना सामान लेकर आया. दोपहर को उसने अपना लंच आर्डर किया एक होटल में तो उसका डिलीवरी बॉय बजाये विकास के घर की घंटी बजाने के पड़ोसी शर्मा जी कि घंटी दबा आया. अजय की पत्नी रजनी ने उसको विकास का फ्लैट बताया और जब विकास ने दरवाजा खोल कर पैकेट लिया तो रजनी ने मुस्कुरा कर विकास को हेलो बोला.

विकास बरमूडा और टी शर्ट में था. उसने रजनी को थैंक्स बोला और डिलीवरी बॉय को पेमेंट किया. रजनी अभी भी बाहर ही खड़ी थी, उसने विकास को चाय पीने के लिए आमंत्रित कर प्रिया, जिसे विकास ने बेबाकी से मान लिया.

रजनी बहुत उन्मुक्त स्वभाव की उसी की उम्र की लड़की थी. उसकी शादी को एक साल हो गया था, पर अभी बच्चे की उन लोगों की कोई प्लानिंग नहीं थी. रजनी ने प्लाजो और टॉप पहना था. रजनी को उन्मुक्त इसलिए कहा कि बावजूद इसके कि वो विकास से पहली बार मिल रही थी उसने बड़ी गर्मजोशी से विकास से हाथ मिलाया.

विकास ने महसूस किया कि रजनी ने ब्रा-पैंटी कुछ नहीं पहना है और उसे इसकी कोई चिंता भी नहीं थी. रजनी के निप्पल उसकी टीशर्ट से उठ के अपनी मौजूदगी बता रहे थे और उसकी मटकती गांड इस बात कि गवाही दे रही थी कि वो भी पैंटी के दवाब से आज़ाद हैं.

आधे घंटे की मुलाकात में बातूनी रजनी ने विकास के बारे में पूरी जानकारी ले ली और अपने मोबाइल नंबर भी शेयर कर लिए. यही नहीं रजनी ने रात के डिनर के लिए भी विकास को आमन्त्रित कर लिया.

रजनी के पति अजय एक एम एन सी में मार्केटिंग में थे, तो रात को लेट ही लौटते थे और अक्सर बाहर के दौरे पर रहते थे. पर आज विकास को डिनर के लिए बोलने से पहले रजनी ने अजय से फोन करके पूछ लिया था कि वो समय से आ जाएगा.रजनी को भी स्वीमिंग का मन करता था पर डर लगता था. तो विकास ने उससे कह प्रिया कि एक दो दिन बाद जब वह पूल में जाना शुरू करेगा तो वह रजनी को स्वीमिंग सिखा देगा.

रजनी के पास से आकर विकास सोसाइटी के पूल पर घूमने चला गया. वहां टाइम टेबल लगा था. सुबह और शाम को 7 बजे तक तो पूरी सोसाइटी के लोग आ सकते थे, शाम सात से रात नौ बजे तक पूल में पानी बढ़ा प्रिया जाता था तो केवल बड़े लोग ही आते थे.

पूल के गार्ड ने बताया कि सात से नौ के बीच तो केवल लेडीज या दो-चार कपल ही आते हैं. अमूमन सोसाइटी में पूल फ्लैट्स के पास होते हैं पर यहाँ पूल सोसाइटी के क्लब के पीछे की ओर बना था, जहां कुछ एकांत सा रहता है, शायद इसीलिए सात बजे के बाद लोग अपने बच्चों को नहीं भेजते थे.

सोसाइटी में अधिकांश लोग 30 से 40 उम्र वर्ग के थे, कुछ लोगों के साथ उनके अभिभावक भी थे, जिन्होंने अपने लिए पार्क का एक अलग कोना चुना हुआ था. और शायद इसीलिए देर शाम को जवां युगल या केवल पत्नियां पूल में रहते थे.

विकास घूम फिर कर अपने फ्लैट में आ गया. पसीने से लथपथ विकास पहले तो नहाया. विकास को घर में बहुत कम कपड़ों के रहना ही अच्छा लगता था. इसलिए आज भी उसने एक बहुत ही पतला बरमूडा पहना और खाना खाकर सो गया. शाम को पांच बजे उसकी आँख खुली.

आज रविवार होने से हॉस्पिटल से छुट्टी थी. शाम को उसने सोचा चलो स्वीमिंग करके आया जाए. रजनी ने उसे डिनर के लिए 9 बजे का टाइम प्रिया था. विकास ने फटाफट शावर लिया और अपना कॉस्टूम पहन कर ऊपर से ट्रैक सूट डाल लिया और स्वीमिंग पूल की ओर चल प्रिया.

पूल पर रविवार की वजह से भीड़ थी. गार्ड ने उसका परिचय सब बच्चों और उनकी मम्मियों से करा प्रिया. बच्चे उसे कोच के रूप में देखकर खुश हुए तो जवान मम्मियों के मन में हुक सी उठी, रही सही कसर जब विकास ने अपने ट्रैक सूट उतारा तो उसके कसे हुए बदन ने निश्चित रूप से कइयों के नीचे गीला कर प्रिया होगा.

विकास ने पहले तो अपनी स्वीमिंग से सबको प्रभावित किया, फिर उसने बच्चों को टिप्स भी दिये.

कब सात बज गए, मालूम ही नहीं पड़ा. हूटर बजा जो इस बात की चेतावनी थी कि बच्चों को पूल से बाहर जाना है. विकास भी पूल से बाहर आ गया. पूल में पानी बढ़ रहा था.

वो वापिस जा ही रहा था कि कुछ लेडीज और दो-तीन कपल आ गए. उन्होंने विकास से कुछ देर रुकने के लिए कहा. विकास ने उनकी रिक्वेस्ट मान ली. विकास क्लब में जाकर कॉफ़ी पीकर आया.

आठ बजे करीब वो पूल में उतरा. सभी ने उसे घेर लिया. कोई कह रही थी विकास मुझे फ्लोटिंग सिखा दो, तो किसी को बेक फ्लोटिंग सीखनी थी. विकास ने एक मंझे हुए कोच की तरह उन्हें टिप्स दी. अब उस ओर हल्का अँधेरा सा हो चला था. विकास ने महसूस किया कि जो कपल हैं वो अपनी बीवियों से चिपका चिपकी सी कर रहें हैं और आपस में हलके मजाक भी कर रहे थे.जो औरतें अकेली थी वो भी बिल्कुल उन्मुक्त थीं और सब कुछ देख कर भी अनजान बन रही थी.

विकास ने उनको कहा कि वो लोग अगर अच्छी स्वीमिंग करना चाहते हैं तो स्विम सूट में आयें न कि सलवार सूट में. उनमें से रीमा तो ज्यादा ही मस्त थी और स्वीमिंग सीखना चाहती थी, वो बरमूडा और टी शर्ट पहन कर आई थी.विकास ने उसे कहा कि वो पूल की वाल पकड़ कर पैर चलाये. विकास ने उससे कहा कि उसे सिखाने के लिए उसे रीमा के पैरों को पकड़ कर उठाना पड़ेगा.रीमा ने हंस कर कहा- कुछ भी कर लो, बस स्वीमिंग सिखा दो.

इस पर उसकी सहेली गीता बोली- विकास, कुछ भी पकड़ लो, बस रीमा को तो स्वीमिंग सिखा दो.सब हंस पड़े.

रीमा की टांगों को पीछे से पकड़ कर विकास ने ऊपर साधा और रीमा ने वाल पकड़ कर पैर चलने शुरू किये. अब विकास ने उसके पेट को सहारा प्रिया. उसे संकोच हो रहा था पर रीमा को कोई ऐतराज नहीं था, वो तो बस पैर चलाने में मस्त थी.

विकास ने बाकी लेडीज से भी रीमा की तरह करने को कहा. तो सीमा ने भी उसे आवाज दी- विकास, प्लीज फ्लोट करना सिखा दो.विकास ने देखा कि सीमा तो सलवार सूट पहने है, उसने हंस कर कहा- या तो आप फ्लोट कर सकती हैं या आपका सूट. दोनों एक साथ नहीं.तो रीमा ने हंस कर कहा- सीमा, उतार दे सूट, कम से कम फ्लोटिंग तो सीख लेगी.

अब विकास भी वापिस जाना चाहता था तो सबसे ये तय हुआ कि आल्टरनेट दिन पर विकास उनको स्वीमिंग सिखाएगा, पर सभी स्विम सूट में आयेंगे.

विकास रात को अजय-रजनी के घर डिनर पर पहुंचा. अजय ने बहुत जिंदादिल और रोमांटिक आदमी था. पहले अजय-रजनी और विकास ने एक पेग ड्रिंक ली. अजय ने तो तीन पेग खींचे. विकास ज्यादा नहीं पीता था तो उसने एक छोटा सा पेग केवल साथ देने के लिए ले लिया और रजनी डिनर लगाने चल दी.

रजनी ने एक डीप नैक का फ्रॉक डाला था, जिसके अंदर से ब्रा में कसे उसके कबूतर उसके झुकते ही साफ़ दिख रहे थे. विकास तो सुबह से ही रजनी की चूचियों का दीवाना हो गया था और यह बात रजनी ने महसूस भी कर ली थी. पर वो बिंदास थी, उसकी बला से.

डिनर लेकर रात 11 बजे विकास फ्लैट पर आया. अभी उसे नींद नहीं आ रही थी. उसे स्वीमिंग सिखाने का शौक था पर यहाँ स्वीमिंग सिखाना सेक्सी लग रहा था, जो विकास को पसंद भी था. उसने अपना मोबाईल चेक किया और कल के अपॉइंटमेंट देखे.सुबह उसे 8 बजे हॉस्पिटल पहुंचना था, इसलिए वो सोने चला गया.

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स्वीमिंग पूल बना मस्ती पूल

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