होम पर वापस जाएं
भाभी की चुदाई पठन समय: 10 मिनट पढ़ा गया: 930 बार

सोनाली भाभी की दोस्ती से चूत चुदाई का सफ़र -2

राहुल मुआअह

06 Mar 2025 को प्रकाशित

सोनाली भाभी की दोस्ती से चूत चुदाई का सफ़र -2
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

अब तक आपने पढ़ा..

सोनाली ने आँखें खोलीं और मुझे नग्न अवस्था में देखा तो बोली- विकास.. हम और कुछ नहीं करेंगे। मैंने पहले ही तुम्हें कहा था कि तुम सिर्फ़ मेरी चूत चाट सकते हो।मैं सोचने लगा कि साली चूत चुसवा तो सकती है पर चुदवा नहीं सकती है.. ये तो वही मिसाल हुई कि ‘गुड़ खाए और गुलगुलों से परहेज करे..’ खैर.. मैंने भी एक तिकड़म लगाई।

अब आगे..

मैंने सोनाली से कहा- बस एक बार मेरा लण्ड चूस ले मेरी जान.. और कुछ नहीं करूँगा।

सोनाली नानुकुर कर रही थी.. तो मैंने उसको मेरे लण्ड को पप्पी देने को बोला। सोनाली ने ज़्यादा आपत्ति ना दिखाते हुए मेरे लण्ड के सुपारे को चूमना शुरू किया।

मुझे किसी भी हाल में सोनाली को चोदना था.. तो मैंने उसको बोला- एक बार और अपना रस पिला दे.. तो मैं मुठ मार के शांत हो जाऊँगा, मुझे ऐसे बीच में मत छोड़।

सोनाली मान गई और मैंने सोनाली की टाँगें चौड़ी कर दीं और उसकी चूत को चाटना शुरू किया।थोड़ी ही देर में सोनाली अपनी गाण्ड उठा उठा कर मेरे सिर को अपनी चूत में धकेलने लगी।

मैं समझ गया कि सोनाली गर्म हो चुकी है और मैंने सोनाली की चूत को चाटना छोड़ कर उसमें उंगली करनी शुरू कर दी। सोनाली उत्तेजना में अपनी आँखें बंद कर बड़बड़ा रही थी और अपनी गांड उठा-उठा कर मेरी उंगली का मज़ा ले रही थी कि तभी मैंने उसको उंगली करना बंद कर प्रिया।

सोनाली अपने चरम पर थी.. इसलिए वो मुझसे उंगली करने के लिए मिन्नतें करने लगी.. पर मेरा लक्ष्य कुछ और था।

मैंने बिना किसी देरी के खुद को सोनाली की टांगों के बीच में बिठाया और अपना लण्ड सोनाली की चूत पर रख कर धक्का लगाने ही वाला था कि सोनाली ने आँखें खोलीं और मुझे पीछे धकेलने लगी।

सोनाली- नहीं विकास, ऐसा मत करो। मैंने तुम्हें सब कुछ बताया है। मुझे गन्दा मत करो प्लीज।

विकास- बस एक बार करने दे सोनाली। मैं तुझे अपना बनना चाहता हूँ, हमेशा-हमेशा के लिए और जब तक ये नहीं होगा.. मुझे पता है कि तू कभी मेरी नहीं होगी।

सोनाली अब भी मेरी उंगली से हुई उत्तेजना के कारण अपनी गांड को हल्के-हल्के हिला रही थी और मैं समझ रहा था कि लोहा गर्म है.. और अब भी मेरा चांस है.. पर कैसे?

मैंने अपना हाथ नीचे ले जाकर उसकी चूत में उंगली करना फिर से शुरू किया.. ताकि वो ठंडी ना पड़े और उसको चुदाई के लिए मनाने का प्रयास जारी रखा।

सोनाली अपनी मंद खुली आँखों और कराहती आवाज़ में बोली- मैंने तुम्हें बताया है कि मैं सिर्फ संजय से प्यार करती हूँ और बस तुम्हारी ख़ुशी के लिए मैं ये सब कर रही हूँ और तुम हो कि कुछ समझना ही नहीं चाहते।

विकास- बस एक बार मेरे लण्ड को अपनी चूत में ले कर गीला कर दे सोनाली। तेरी कसम, ज़िन्दगी में दोबारा तुझसे कभी कुछ नहीं कहूंगा।

सोनाली अब तक बहुत गर्म हो चुकी थी और मेरी उंगलियों का जादू उस पर काम कर रहा था।सोनाली- एक मिनट रुको.. जरा खड़े हो के मुझे अपना लण्ड दिखाओ।

मैं झट से खड़ा हुआ और सोनाली को अपना लण्ड दिखाने लगा। सोनाली ने मेरे पैरों को अपनी बांहों में लिया और मेरे लण्ड को हाथ में लेकर एक हलकी सी पप्पी दी। उसके हाथ मेरे नंगे जिस्म पर ऐसे रेंग रहे थे जैसे कोई नागिन रेत में रेंग रही हो।

सोनाली ने हल्का सा इशारा किया और मैंने झट से उसको बिस्तर पर लिटाया और अपने लण्ड को उसकी चूत पर टिका कर हल्का सा झटका लगाया। लण्ड बिना किसी अवरोध के सोनाली की चूत में प्रवेश कर गया और सोनाली के मुँह से निकली एक बहुत दिलकश आह…

सोनाली- तुम्हारे भैया के बाद तुम ऐसे पहले आदमी हो.. जिसने मेरी चूत को भोगा है विकास.. अगर किसी को ये बात पता चली.. तो मैं कहीं की नहीं रहूंगी।विकास- तुम्हें शायद आज भी यकीन नहीं है सोनाली.. पर मैंने तुमसे सच्चा प्यार किया है। इस ज़िन्दगी में तुम मुझे हमेशा अपने साथ खड़ा पाओगी।

सोनाली ने मुझे कस कर अपने गले लगा लिया और मेरे माथे पर एक भीनी-भीनी पप्पी भी दी।मैंने महसूस किया जैसे सोनाली को थोड़ा दर्द हो रहा था.. जो स्वाभाविक नहीं था क्योंकि वो दो बच्चों की माँ थी।

तो मैंने उससे पूछा- अगर तुमको दर्द हो रहा हो.. तो मैं रुकूँ?सोनाली- नहीं नहीं.. रुकना नहीं.. दरअसल बात ये है कि तुम्हारा लण्ड तुम्हारे भैया से ज्यादा लम्बा और तगड़ा है और पिछले कुछ सालों से तो उनका लण्ड शराब के कारण जैसे मुरझा ही गया है। कभी खड़ा ही नहीं होता। मुझे उनके मुरझाए हुए लण्ड से ही काम चलाना पड़ता है। ये तो वो मेरी चूत को अपनी उंगली से स्खलित करते हैं.. तो मैं संतुष्ट होती हूँ.. वरना लण्ड से स्खलित हुए तो मुझे एक जमाना हो गया है विकास।

मैं अपने धक्कों की गति बढ़ा रहा था और नीचे से सोनाली पूरा साथ दे रही थी। उसके चेहरे पर थोड़ी शिकन थी और कमर ऐसे मटक रही थी.. जैसे कोई सुंदरी अपनी कमर घुमा-घुमा कर डांस कर रही हो।

मैं सोनाली के कानों को पी रहा था और हाथों से उसके चूचों का मर्दन कर रहा था।

सोनाली की ‘आहों..’ से कमरे का माहौल और गरम होता जा रहा था। मुझे सोनाली को चोदते हुए करीब 15 मिनट हो चुके थे और मेरी रफ़्तार बराबर बनी हुई थी। सोनाली की कमर भी तेज़ी से हिलना शुरू हो गई थी।

मैं समझ सकता था कि सोनाली अपने चरम तक पहुँच रही है.. तो मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी। कुछ ही देर में सोनाली की चूत पानी बहा रही थी और मैं अपनी रफ़्तार बनाए उसको तेज़ी से चोद रहा था.. पर मेरे स्खलित होना का दूर-दूर तक कोई निशान नहीं था।

सोनाली की चूत किसी झरने की तरह बह रही थी और पूरे कमरे में ‘फच.. फच’ की आवाज़ें गूंज रही थीं। सोनाली ने स्खलित होने के बाद मुझे याद दिलाया कि उसको अपने बेटे को लेने जाना है.. पर मैं अभी झड़ने से बहुत दूर था।

मैंने अपने होंठ सोनाली के होंठों पर रखने चाहे.. पर उसने ये कहके मना कर प्रिया- तुमने मेरी चूत चाटी है और मैं तुम्हारे होंठ नहीं चूसूँगी।बुरा तो मुझे बहुत लगा.. पर चूत का दीवाना और करता भी क्या.. उसकी चूत पर ही अपनी गर्मी निकालने लगा।

मैंने उससे बोला- तुम मेरी कमर पर अपनी उंगलियाँ फेरो.. मेरे कान को काटो.. मुझे लव बाईट दो.. तो मैं कुछ जल्दी डिस्चार्ज हो सकता हूँ.. पर अगर तुम यूँ ही ठंडी पड़ी रहोगी.. तो मुझे अपने रस को उसकी चूत को भरने के लिए कम से कम एक घंटा लगेगा।

सोनाली के लिए इतनी लम्बी पारी शायद सपनों में भी संभव नहीं थी। उसने अपनी उंगलियाँ मेरी कमर पर फिरानी शुरू की.. तो मुझमें भी जोश आ गया और मैंने पहले से ज्यादा तेज़ी से धक्के लगाने शुरू कर दिए।

मैंने अपने घुटने कुछ ऐसे मोड़े ताकि सोनाली की कमर पलंग से थोड़ी ऊपर हो जाए और मैंने एक घोड़े की रफ़्तार से उसको चोदना शुरू कर प्रिया।।मैं सोनाली की चूत में अपने लण्ड को ऐसे पेल रहा था कि पूरा लण्ड.. टोपे संग सोनाली की चूत से बाहर आता और फिर मैं उसको तेज़ी से अन्दर डाल देता।

ऐसा करने से मेरा भी लावा बनने लगा था और मुझे चुदाई करने में मज़ा भी आ रहा था। क्योंकि हर बार जब लण्ड सोनाली की चूत से बाहर आता.. तो थोड़ा सूख जाता और दोबारा अन्दर जाते समय उसकी चूत को ऐसे रगड़ता जैसे पहली बार अन्दर जा रहा हो।

मेरे मुँह से अपने चरम आनन्द की हुंकार निकल रही थी और सोनाली अपनी ‘आहों..’ से माहौल को और ज्यादा मज़ेदार बना रही थी।

सोनाली की कमर की चाल तो जैसे मुझपर जादू ही कर रही थी। मैंने अब तक बहुत सी चूतों को काबू किया था.. पर ऐसा मज़ा मुझे आज तक किसी ने नहीं प्रिया था।

इसी जादू के चलते मैंने सोनाली से कहा- मैं झड़ने वाला हूँ सोनाली।सोनाली- मेरे अन्दर ही गिराना.. बहुत सालों से प्यासी हूँ विकास.. आज मेरी प्यास बुझा दो प्लीज।विकास- अगर कुछ हो गया तो..?सोनाली- कुछ नहीं होगा। मैंने कॉपर-टी लगवाई हुई है.. तुम बस मेरी प्यास बुझाओ।

इतनी बात करते-करते मैंने सोनाली की चूत में जैसे एक फुव्वारा छोड़ प्रिया। जैसे ही मेरा रस सोनाली की चूत में टपका.. सोनाली की चूत ने भी अपनी पकड़ बना कर मेरे लण्ड को अन्दर खींचना शुरू किया और उसकी चूत ने एक बार फिर अपना पानी छोड़ प्रिया।सोनाली मुझसे ऐसे चिपट गई जैसे दो सांप आपस में प्यार कर रहे हों।

सोनाली बोली- आज मुझे वो संतुष्टि मिली थी जिसकी मुझे जाने कब से तलाश थी.. आई लव यू विकास।विकास- मुझे पता था सोनाली कि एक बार मैं तेरी चूत में अपना लण्ड डाल दूँ.. फिर तू हमेशा के लिए मेरी हो जाएगी।सोनाली- तुम कुछ भी कहो.. पर मैं आज भी तुमसे पहले संजय से प्यार करती हूँ विकास। तुम्हारा और मेरा रिश्ता अलग है पर..

और इससे पहले सोनाली कुछ और बोलती.. उसके फ़ोन की घंटी बजी और वो फ़ोन उसके बेटे का था। हम जल्दी से तैयार हुए और सोनाली के बेटे को लेने के लिए निकल पड़े।

उस दिन के बाद मैंने सोनाली को दो साल तक लगातार चोदा। यहाँ तक कि अगर कभी मैं उससे मिलने नहीं जा पाता तो हम दोनों फ़ोन सेक्स करते। वो सब कहानियाँ बाद में लिखूंगा।, तब तक आप मुझे अपने कमेंट्स भेजिए और साथ में ढेर सारा प्यार भी।

आप अपने कमेंट्स मुझे support@mohakkisse.com पर ईमेल भी कर सकते हैं।

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

सोनाली भाभी की दोस्ती से चूत चुदाई का सफ़र

कुल भाग: 2
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

Bhabhi Ko Scooty Sikhai
भाभी की चुदाई

Bhabhi Ko Scooty Sikhai

Hi I am RJ from Ludhiana my emai id is support@mohakkisse.com. I am now 28 years old 5.7″ atheletic body 9 inch penis. This is story of my real bhabhi. Mere ghar mein mere mammi, papa, main, mera bhai aur bhabhi rehte hain. Main bhabhi ke bare mein...

18 मिनट 1,046
भाभी की चूत चोदी-3(Bhabhi Ki Chut Chodi-3)
भाभी की चुदाई

भाभी की चूत चोदी-3(Bhabhi Ki Chut Chodi-3)

पिछला भाग पढ़े:-भाभी की चूत चोदी-2

8 मिनट 584
कामुक भाभी ने देवर को उकसा कर चुदवाया- 4
भाभी की चुदाई

कामुक भाभी ने देवर को उकसा कर चुदवाया- 4

वाइल्ड भाभी फक कहानी में मैं अपनी नवविवाहिता भाभी के सेक्सी बदन को ताड़ता था. वे भी मेरे भाई से सेक्स में खुश नहीं थी तो हम दोनों की सेटिंग हो गयी और भाभी मेरे लंड के नीचे आ गयी.

16 मिनट 961

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।