होम पर वापस जाएं
भाभी की चुदाई पठन समय: 9 मिनट पढ़ा गया: 821 बार

मेरी गर्म भाभी की सलोनी चूत और चूचियाँ

मिस्टर कूल

09 Aug 2024 को प्रकाशित

मेरी गर्म भाभी की सलोनी चूत और चूचियाँ
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

यह कहानी मेरे और मेरी भाभी के साथ मेरे पहले चुदाई अनुभव की है..अपनी भाभी का परिचय लिख रहा हूँ।मेरे भाभी की उम्र 27 साल है और उनका नाम स्नेह लता है। उनकी मचलती देह की रंगत थोड़ी श्यामल.. तन के उतार-चढ़ाव 32-30-34 हैं। भाभी एक ऑफिस में नौकरी भी करती हैं जो घर से बहुत दूर था।

मुझे पहले मेरी भाभी में कोई रूचि नहीं थी.. मगर एक दिन की बात है.. उस दिन ऐसा कुछ हुआ कि तब से उन्होंने मेरी जिन्दगी को बदल कर रख प्रिया।जब शादी के 2 महीने के बाद मेरे भैया ऑस्ट्रेलिया चले गए। तब से मेरी उनके साथ कहानी शुरू हो गई है।

उस दिन मैं कॉलेज के बाद घर लौटा तो मैंने देखा घर बहुत ही अच्छी तरह सजा हुआ था। मुझे पता चला कि उस दिन मेरी भाभी का जन्मदिन है।मैंने सोचा क्यों ना मैं भी उन्हें बधाई दूँ.. और यही सोच कर मैं उनके कमरे में गया। उनके कमरे में उनके अतिरिक्त और कोई नहीं था.. चूंकि बिजली भी नहीं थी तो मैं उन्हें देखने की कोशिश करने लगा। तभी मेरे आँखें चमकीं और मैं ऐसे ही मुँह बाए हुए उन्हें देखने लगा।

मेरे अन्दर करेंट सा भर गया। मेरा लंड भी एकदम से सख्त हो गया.. क्योंकि उस वक्त भाभी जी एक पंजाबी ड्रेस में थी और उनके कपड़े फुल टाइट थे जो कि उनके मम्मों तक एकदम चुस्त थे और वो बहुत खूबसूरत दिख रही थीं।मैंने सोच लिया ये ही मेरी ब्लू-फिल्म की हीरोइन बनेगी।

सच में.. क्या कामुक बदन था.. क्या उठे हुए चूचे थे.. क्या उभरी हुई गाण्ड थी साली की.. सच बता रहा हूँ दोस्तो, इस वक्त वो एक आग का शोला बनी हुई थी.. मुझे अब सिर्फ़ उसे चुदने के लिए राज़ी करना बाकी था।

मैं ललचाई निगाहों से उसके मम्मों को देखने लगा.. फिर होश में आकर मैंने कहा- भाभी.. हैप्पी बर्थडे..

यह कहते वक्त मैंने अपने मन ही मन में कहा- हैप्पी बूब्स डे..

फिर उस दिन से मैं उनसे बहुत क्लोज़ हो गया। हम बहुत बातें करने लगे.. मेरे कॉलेज पर और मूवीज पर हम दोनों की खूब बातें होने लगीं।अब मैं मौका ढूँढ रहा था कि कब उसकी चूत देखूँ। मैं उन्हें पाने का मौका ढूँढ रहा था और वो मौका मुझे एक दिन मिल ही गया।

उस दिन रविवार था। उस दिन सुबह 10:00 सब किसी कारण से घर से बाहर जाने लगे.. उसी वक्त मैंने भी कहा- मुझे भी बाहर काम से जाना है।सबकी नजरों में मैं भी उसी वक्त घर से बाहर चला गया। मुझे पता था कि आज शाम तक कोई नहीं आएँगे।

मैं फिर 2 घंटे में ही घर वापस आ गया और तब मैंने देखा उस वक्त मेरी भाभी पीले रंग की नाईटी में थीं और टीवी देख रही थीं। उस समय 12:00 बज रहे थे।

मैं भी उनके पास बैठ गया और टीवी देखने लगा। मैंने अपना हाथ लेकर उनकी कमर में डाल प्रिया।

लता भाभी ने मेरी तरफ हैरत से देखा पर कुछ भी नहीं कहा.. फिर वो उठ कर काम करने रसोई में चली गईं.. मैं भी थोड़े देर बाद उनके पीछे रसोई में चला गया।

भाभी ने भी रसोई में अपनी नाईटी को घुटनों तक चढ़ा लिया था.. आज मैं उसके गरम और कामुक बदन को देखता ही रह गया।

मेरे मन में आज ठरक चढ़ी थी.. उसकी उठी हुई गाण्ड देख कर मेरा तो लंड कड़ा हो गया.. मैं खुद को रोक ही नहीं सका.. और उसके पीछे आकर खड़ा हो गया।मेरे हाथों ने भाभी को कस कर दबोच लिया और मैं उसके मम्मों को मसलने लगा। उस वक्त मेरा खड़ा लंड उनकी गाण्ड में कपड़ों के ऊपर से ही घुसने लगा।

मेरे कदम से शायद वो एकदम से शॉक हो गईं और जोर से चीखीं- छोड़ो मुझे..

मैंने छोड़ प्रिया। फिर वो मुझे हल्के गुस्से से देख कर बोलीं- मैंने कभी नहीं सोचा था कि तू ऐसा होगा..उनकी नजरों में मुझे वो गुस्सा नहीं दिखाई प्रिया जो बगावती हो। तब वे अपने कमरे में जाकर बिस्तर पर लेट गईं।

मैंने घर के सारे दरवाजे बंद कर दिए और उनके बेडरूम में चला गया। मैंने उनसे सीधी बात कह डाली- भाभी मुझे आपको चोदना है.. मैं इस मौके के लिए कब से वेट कर रहा हूँ.. प्लीज़..

फिर भाभी ने मेरी तरफ देखा शायद उन्हें मेरे प्रणय निवेदन में सच्चाई दिखी और सच्चाई तो यह थी कि वे खुद भी चुदासी थीं, बोलीं- अगर किसी को पता चल गया तो.. क्या होगा?मैंने कहा- क्या होगा.. कुछ नहीं होगा।यह कह कर मैं पलंग पर आ गया।

वो मुस्कुराने लगीं और चित्त लेट गईं और तब बिजली भी नहीं आ रही थी।यह मेरे लण्ड का पहला इम्तिहान होने जा रहा था। मैंने धीरे से उनकी नाईटी के हुक्स एक-एक करके खोले.. फिर पूरी नाईटी जो कि सामने से खुलने वाली थी.. उसको उतार प्रिया।

यह भी पढ़ें (Recommended)

Padosan Bhabhi Ke Sath Maje

वो आँख बँद करके बैठ गई थीं। मैंने भी अपने पूरे कपड़े निकाल दिए। गरमी का मौसम था.. हम दोनों पसीने में तर थे।

लता भाभी बोली- तुमको कुछ करना आता है?मैंने उनको बिस्तर पर लिटा प्रिया और कहा- हाँ.. सब आता है.. अब सब मुझ पर छोड़ दो।

मेरी भाभी का बदन चूंकि सांवला है और पूरा गरम जिस्म उनकी सफ़ेद ब्रा में चमक रहा था मैंने ब्रा के हुक्स खोल कर ब्रा को उनके जिस्म से उतार कर दूर फेंक प्रिया।

वो शर्मा रही थी.. फिर मैं उनकी काली पैन्टी को उतारने लगा। वो मुझे देख रही थी.. उसकी चूत बालों से ढका हुई थी।वो मेरी तरफ सवालिया निगाहों से देखने लगी जैसे पूछ रही हो कि चूत खोजने में दिक्कत तो नहीं होगी?

मैंने हौले से उनका दूध दबाते हुए कहा- मेरा लंड उसे ढूँढ लेगा।वो मुझे कामुक निगाहों से ही देख रही थी। मैं पूरी हवस में आ गया और मन में ‘आक्रमण’ कह कर उनके होंठों को चूमने लगा।वो भी मेरे साथ चिपक गई।

फिर मैं थोड़ा नीचे आया और भाभी की सेब के आकार की चूचियों को दबाने लगा।

भाभी मचलने लगीं- आआआवर.. आहह..

मैंने अपने होंठों को उनके निप्पलों पर लगा प्रिया और 5 मिनट तक चूसता ही रहा।फिर मैंने कामुकता में भर कर कहा- साली.. रंडी आह्ह.. इतने मस्त चूचे.. कितनों से चुदवा चुकी हो..

वो कुछ नहीं बोली और अपने थनों को चुसवाती रही और सीत्कार करती रही।

फिर मैं नीचे आया.. मैंने उसके पूरे बदन का ऊपर से नीचे तक नमकीन पसीना चाटता रहा। वो मुझे चाटते हुए बड़े ही कामुकता से देखती रही और अपने बदन को मस्ती से चटवाती रही।

फिर मैंने उसकी चूत पर हाथ डाला। मेरे हाथ डालते ही उसके मुँह से ‘आआआह… आह..’ निकलने लगा। मैं अपना मुँह उसकी चूत में लगा कर बुर चाटने लगा, मन में सोचने लगा कि अपनी भाभी की रसीली चूत का सबको मज़ा लेना चाहिए।

उसने कहा- देवर जी.. तो वैसे किसी मुहूर्त का इन्तजार कर रहे हो.. क्या देख रहे हो.. आपका लण्ड बेकरार है तो इसे मेरी चूत मज़ा तो दीजिए।

फिर उसने रण्डियों की तरह टाँगों को फैलाया, मैंने उसकी बुर के बालों को अपने हाथ से हटाया और अपने लंड उनकी काली लटों से ढकी सांवली सलोनी चूत में ‘स्लोली.. स्लोली.. डालने लगा।

अब मैं उनकी ‘आहों’ का मज़ा लूट रहा था ‘आह… आआआई.. आआआहहह!’

मैंने लौड़े की मूवमेंट शुरू कर दी.. ‘स्लोली.. स्लोली..’ बाहर लेकर आया और ‘फास्टली’ बुर में घुसेड़ देता।तब वो कहने लगी- देवर जी.. आआहह.. क्यआआआ बाआत है.. बड़ा रस लेकर चोद रहे हो.. ऐसे ही.. हाआआं.. ऐसे ही आआ.. हह..मैंने कहा- भाभी आज तेरी चूत तो फाड़ ही दूँगा.. मेरी साली रंडी.. और अब इसके बाद तेरी गाण्ड की बारी है।

मैंने लौड़े को निकाल कर भाभी की गाण्ड में पूरा घुसा कर पूरी तरह से हचक कर चोदा…भाभी ने फिर से चूत में लौड़ा लिया और धकापेल चूत चुदाई हुई। अब वो झड़ गई थी सो वो एकदम से निढाल हो गई। मैंने भी चूत का खूब बाजा बजाया और मैं भी उसकी चूत में ही झड़ गया।

चुदाई के बाद हम दोनों चिपक कर लेटे रहे और फिर मैंने अपने कपड़े पहन लिए।मैंने कहा- भाभी आप ब्लू फिल्म के रोल में अच्छी लगेंगी.. क्या आप रोल करेंगी?वो मुस्कुरा दीं।मुझे पता है वो ब्लू-फिल्म में काम करने के लिए राजी हो जाएगी, तब मैं आप सभी को उसका मजा दिला सकता हूँ।

आप सभी की ईमेल का इन्तजार रहेगा।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

भाभी की चूत की चुदाई की चाहत पूरी हो गई
भाभी की चुदाई

भाभी की चूत की चुदाई की चाहत पूरी हो गई

मेरा नाम राज है, दिखने में ठीक-ठाक हूँ, अपने बाप का इकलौता लड़का हूँ इसी लिए थोड़ा आवारा हूँ। अपने बारे में ज़्यादा बात नहीं करना चाहूँगा, सीधे कहानी पर चलता हूँ।

9 मिनट 931
Holi Me Bhabhi Ki Khet Me Chudai
भाभी की चुदाई

Holi Me Bhabhi Ki Khet Me Chudai

Namskar dosto mai prem aap sabhi chut waawliyo ko lund se namskar krta hu. Aur lund waalo ko apne aap krlen. pados ki bhabhi ko choda

7 मिनट 469
Padosan Bhabhi Ke Sath Maje
भाभी की चुदाई

Padosan Bhabhi Ke Sath Maje

Dosto namskar, story suru karne ke pehle mai bata du mujhe thora bari umor ke sadisudha aurat sex ke liye jada pasand hai. Kiunki unke sath karne ka maza hi kuch aur hote hain. Unlog samjhte hain ki dirty sex karne ka maza kaya hota. Mai dirty sex...

13 मिनट 318

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।