होम पर वापस जाएं
भाई बहन पठन समय: 7 मिनट पढ़ा गया: 423 बार

सेक्सी बहन की चूत गान्ड चोदने की तैयारी -2

शैलेश यादव

02 Apr 2009 को प्रकाशित

सेक्सी बहन की चूत गान्ड चोदने की तैयारी -2
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

अब तक आपने पढ़ा..

मेरी बहन काजल मुझसे बात नहीं कर रही थी और ना मुझसे नज़रें मिला रही थी।

फिर रात को मैं उसके कमरे में गया.. वो पढ़ रही थी।मैंने काजल से कहा- काजल मुझे माफ़ कर दे.. मुझसे ग़लती हो गई.. मैं बहक गया था।तब काजल ने कहा- भैया मैं आपकी बहन हूँ.. आप मेरे साथ ऐसा करने की सोच भी कैसे सकते हो।

मैंने समय का फायदा उठाते हुए कहा- क्या करूँ काजल तू इतनी सेक्सी है.. कि मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ और ऐसा हो गया.. आई एम सॉरी..

अब आगे..

मैं कमरे से बाहर आ गया और अपने कमरे में आकर काजल की नाम की मुठ मारी और सो गया।

उसके बाद काजल ने मुझसे काफ़ी दिनों तक बात नहीं की, मैं जब भी उसके पास जाने की कोशिश करता.. तो वो उधर से चली जाती। इसलिए मैंने भी उससे कोई बात करने की कोशिश नहीं की और अपनी पढ़ाई और दोस्तों पर ध्यान देने लगा।

अब मैं ज्यादातर बाहर ही रहता था.. सुबह जल्दी चला जाता और रात को देर से घर आता और फिर डिनर करके अपने कमरे में सोने चला जाता, घर में किसी से भी ज्यादा बात नहीं करता, काजल से तो बिल्कुल भी नहीं करता था।

कुछ दिन ऐसे ही चलता रहा.. फिर एक दिन जब मैं रात को आया और अपने कमरे में गया.. तब थोड़ी देर बाद काजल मेरे कमरे में आई और अचानक से मुझसे बात करने लगी।

वो बोली- भैया.. आजकल आप कहाँ जाते हो.. सुबह जल्दी निकल जाते हो और रात को इतनी देर से आते हो?तब मैंने कहा- देख काजल मैं तुझसे प्यार करने लगा हूँ और मैं घर में रहूँगा तो तेरे साथ कुछ ऐसा-वैसा कर दूँगा और तू मुझसे गुस्सा हो जाएगी.. जो मैं नहीं चाहता.. इसलिए मैं अब ज्यादा घर में नहीं रहता और एग्जाम हो जाने के बाद मैं हॉस्टल चला जाऊँगा और फिर कभी वापस घर नहीं आऊँगा.. फिर तू खुश रहना.. मैं बस तुझे खुश देखना चाहता हूँ।

मेरा प्लान था कि काजल को इमोशनली ब्लैकमेल करके चोदने के लिए पटा लिया जाए।

मेरा प्लान कामयाब भी हुआ और फिर काजल ने इमोशनल हो कर कहा- भैया प्यार तो मैं भी आपसे बहुत करती हूँ.. लेकिन मैं आपकी बहन हूँ.. वो भी सग़ी बहन.. लोग क्या सोचेंगे?फिर मैंने कहा- लोग क्या सोचेंगे.. उससे मुझे कुछ भी फ़र्क़ नहीं पड़ता.. तू क्या सोचती है.. मुझे सिर्फ़ उससे फ़र्क़ पड़ता है.. और लोगों को पता तब चलेगा जब हम दोनों में से कोई बताएगा.. लेकिन हम किसी को बताएंगे ही नहीं।

अब काजल चुप हो गई.. अब मैं धीरे-धीरे अपने होंठ काजल के होंठ की तरफ ले जा रहा था.. तब काजल ने आँखें बंद कर लीं।यह देखकर मैं इतना खुश हुआ कि मैं बता नहीं सकता।

मैं काजल के लबों को चूमने करने ही वाला था कि मेरी माँ ने रसोई में किसी बर्तन की आवाज़ कर दी.. बर्तन की आवाज़ से काजल बहुत डर गई और मेरे कमरे से भाग गई।

तब मुझे अपनी मम्मी पर इतना गुस्सा आ रहा था कि कोई कल्पना भी नहीं कर सकता।मैंने सोचा कि काजल तो पट ही गई है इसे तो मैं अब कभी भी चोद सकता हूँ.. इसलिए मैंने अपने गुस्से पर कंट्रोल किया और फिर थोड़ी देर बाद डिनर करने चला गया।

यह भी पढ़ें (Recommended)

बहन के साथ प्रेमलीला-6

डाइनिंग टेबल पर काजल एकदम चुपचाप बैठी थी.. जैसे वो किसी बहुत बड़ी कन्फ्यूजन में फंसी हो।फिर सब लोग सोने चले गए.. थोड़ी देर बाद मैं काजल के कमरे की तरफ गया लेकिन उसने अन्दर से लॉक किया हुआ था।वैसे वो हमेशा बिना लॉक किए ही सोती थी.. लेकिन उस दिन उसने लॉक किया हुआ था।

यह देखकर मेरा मन फिर उदास हो गया।मैंने धीरे से डोर को ठोका.. लेकिन उसने दरवाज़ा नहीं खोला।

मेरे मॉम-डैड का रूम काजल के कमरे से एकदम लगा हुआ था.. इसलिए दरवाज़े को ज़ोर से ठोक भी नहीं सकता था, मॉम-डैड सुन लेते तो दिक्कत हो जाती थी।

इसलिए जब 2-3 बार दरवाजा ठोकने के बाद काजल ने नहीं खोला.. तो मैं अपने कमरे में वापस चला आया और अपने खड़े हुए लंड को हिलाते हुए सो गया।

फिर जब सुबह हुई तो मैं ब्रश कर रहा था.. तब काजल ने कहा- गुडमॉर्निंग भैया..मैंने काजल को गुस्से से देखा और कोई रिप्लाई नहीं किया, मैं ब्रश करके अपने कमरे में आ गया।

काजल मेरे लिए चाय लेकर आई.. फिर मैंने उसे गुस्से से कहा- मुझे नहीं पीनी.. वापस लेकर जा..ितब काजल ने कहा- क्या हुआ भैया.. आप इतने गुस्से में क्यूँ हो?तब मैंने कहा- तूने रात को दरवाज़ा क्यूँ लॉक किया था..

तब उसने स्माइल करते हुए कहा- सॉरी भैया.. नींद आ गई थी इसलिए सो गई थी.. ध्यान नहीं रहा।फिर मैंने उससे कहा- इट्स ओके.. लेकिन आज डोर लॉक मत करना..तब उसने कहा- ठीक है भैया नहीं करूँगी.. अब आप चाय पियो।

तब मैंने काजल के चूचों को देखा.. उसने उस वक़्त पीली टीशर्ट पहनी हुई थी.. जिसमें से उसके चूचों का साइज़ मस्त दिख रहा था।फिर मैंने लण्ड पर हाथ फेरते हुए कहा- आज मुझे चाय नहीं.. दूध पीना है।इस बार काजल समझ गई थी कि मैं ऐसा क्यूँ बोल रहा हूँ।

फिर उसने शरमाते हुए कहा- ठीक है मैं आपके लिए दूध लाती हूँ।मैंने काजल को पकड़ लिया और कहा- जा किधर रही है..मैंने उसके चूचों को मसलते हुए कहा- मुझे इसका दूध पीना है।फिर वो बोली- भैया छोड़ो ना.. मम्मी सामने ही है।

बाइ चान्स मम्मी हॉल में ही थीं.. मेरे कमरे में आ जातीं.. तो काजल को चोदने का सपना कभी पूरा नहीं होता.. इसलिए मैंने कंट्रोल करके काजल को कहा- जा अभी तो छोड़ देता हूँ।

अगर मॉम नहीं होतीं.. तो उसी वक़्त अपनी उस सेक्सी बहन को चोद डालता। फिर मैंने काजल को गाल पर किस किया और छोड़ दिया। वो कमरे से निकल कर रसोई में गई और दूध का गिलास लेकर आई।मुझे देते हुए बोली- ये लो भैया.. दूध पियो..

उसने एक कंटीली सी स्माइल दे दी।मैंने भी कहा- अभी तो इससे काम चला लेता हूँ.. पर आज रात को तेरा दूध पिऊँगा..

फिर मैंने दूध पिया और काजल गिलास लेकर अपने काम में बिज़ी हो गई।मैं कॉलेज चला गया।

यह स्टोरी बहुत लम्बी है.. इसलिए इसे एक बार में पूरा नहीं लिख सकता.. इस स्टोरी के अगले भाग में बताऊँगा कि कैसे मैंने अपनी सेक्सी बहन काजल को चोदा।आप ईमेल ज़रूर कीजिएगा।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

सेक्सी बहन की चूत गान्ड चोदने की तैयारी

कुल भाग: 6
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

दो भाइयों से बहन की चुदाई की हिंदी सेक्स कहानी
भाई बहन

दो भाइयों से बहन की चुदाई की हिंदी सेक्स कहानी

यह बात तब की है जब मेरी उम्र छोटी थी और उस वक्त मैं अपनी बहन के साथ स्कूल जाता था. जब दोपहर में स्कूल से वापस घर आते थे, तब हम लंच करके अपने कमरे में चले जाते थे. उस वक्त पापा काम पर होते थे, मम्मी अपने रूम में सोने चली जाती थीं.लंच के बाद हम कुछ ...

13 मिनट 288
मेरे मामा की लड़की मेरी दिलबर-2
भाई बहन

मेरे मामा की लड़की मेरी दिलबर-2

नमस्कार दोस्तो, मेरी पहली और सच्ची दास्ताँमेरे मामा की लड़की मेरी दिलबर-1को जो अपने प्यार दिया, उसके लिए सभी का धन्यवाद.

17 मिनट 905
बहन के साथ प्रेमलीला-6
भाई बहन

बहन के साथ प्रेमलीला-6

Bahan Ke Sath Prem-leela-6मैं अभी नहा धोकर मैं बाथरूम से बाहर आया और कपड़े पहने ही थे कि प्रिया मेरे लिए नाश्ता लेकर आ रही थी।उसने अपनी नज़र नीचे कर रखी थी।

9 मिनट 922

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।