होम पर वापस जाएं
लड़कियों की गांड चुदाई पठन समय: 7 मिनट पढ़ा गया: 629 बार

रीमा सिंह की चूत चुदास -4

सीमा सिंह

22 Sep 2016 को प्रकाशित

रीमा सिंह की चूत चुदास -4
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

अभी हम चाट चाट कर मज़े ले ही रही थी कि गर्शिया आया और उसने सोनल को मेरे ऊपर से उठा प्रिया और सीधा करके मेरे ऊपर लेटा प्रिया।हम दोनों एक दूसरे के होंठ चूसती इससे पहले ही…

दोनों मर्दों ने अपने अपने लंड हमारे मुँह में ठूंस दिये। एक दूसरे के ऊपर लेटने से हम दोनों लड़कियों चूतें एक दूसरे से जुड़ गई।मगर यह क्या गर्शिया तो हम दोनों की चूत चाटने लगा, ऊपर सोनल की चूत से अपनी जीभ फिराता वो नीचे मेरी चूत तक लेकर आता।

चाहे मैंने और सोनल ने भी एक दूसरे की चूत चाटी थी, मगर मर्द चाटने की बात ही कुछ और है, उसके चाटने से तो चूत के अंदर बिजलियाँ सी दौड़ रही थी।हम दोनों उस की चटाई से तड़प रही थी।

और फिर सोनल के मुँह से एक लंबी सी ‘आह…’ निकली… वो इसलिए कि गर्शिया ने अपना लंड सोनल की चूत में डाल प्रिया और उसे चोदने लगा।जब गर्शिया सोनल को चोद रहा था तो उसके बड़े बड़े आण्ड मेरी चूत से टकरा रहे थे।मैंने यह भी महसूस किया कि सोनल की चूत से टपक रहा रस मेरी चूत को भी भिगो रहा था।

उसके झड़ने के बाद गर्शिया ने उसे मेरे ऊपर से उतार प्रिया और मेरी टाँगें खोली।मैंने सोच रही थी, ‘हे भगवान, अब मेरा क्या होगा, इतना बड़ा लंड मैं कैसे लूँगी।’मगर देखो, उसने मेरी चूत पर लंड रख प्रिया और अंदर को धकेला। एक बार तो मेरी आँखें ही जैसे बाहर को निकल आई।कितना मोटा था, जैसे किसी ने अपनी पूरी बाज़ू ही मेरी चूत में डाल दी हो।

सच में धीरे धीरे करके उसने कितना सारा लंड मेरी चूत में घुसा प्रिया मगर उसका पूरा लंड फिर भी मेरी चूत में नहीं घुस पाया। जितना भी गया बस उसी ने ही मेरी तसल्ली करवा दी।

उसने मेरी दोनों टाँगें अपने कंधों पर रखी और मेरी दोनों बाजुओं को पकड़ लिया, पूरी तरह से मुझे काबू में करके उसने ताबड़तोड़ मेरी चुदाई शुरू की।जितना मैंने सोचा था, वो उससे भी कहीं ज़्यादा ताकतवर था, इतनी रफ्तार और और इतनी ताकत!! सच में साले हब्शी ने मज़ा ला प्रिया।

मैं तो चाहती थी कि वो ऐसे ही मुझे चोदता रहे, मगर उसकी अद्भुत ताकत के आगे मैं हार गई।उधर दोनों मर्द सोनल को आगे पीछे से चोदने में लगे थे।मगर अब किसी और की परवाह ही किसे थी।

मेरे जिस्म का एक एक अंजर पंजर उसने ढीला कर प्रिया, मेरे मुँह से बस ‘आ…अ..अ… आ..ह… अम्म… अह…ह…ह..ह’ ही निकल पा रहा था।मेरी हालत यह थी कि झड़ने के वक़्त मैं अपनी कमर भी नहीं हिला पा रही थी और उस जिन्न के नीचे लेटी मैं बेबस सी झड़ गई। मेरा पानी छूटा तो गर्शिया ने मुझे छोड़ा और फिर से जाकर सोनल को पकड़ लिया।

राज और उस आदमी ने मुझे पकड़ लिया, राज मुझे चोदने लगे और दूसरा आदमी ने पीछे से मेरी गांड में अपना लंड घुसेड़ प्रिया।मगर अब इन साधारण से लंडों से कहाँ मुझे तसल्ली होने वाली थी। वो अपनी तसल्ली करके अपना अपना पानी मेरी चूत और गांड में छुड़वा कर चले गए।मगर जो गर्शिया ने किया उसका तो कोई जवाब ही नहीं था।

थोड़ी देर में गर्शिया सोनल की चूत को अपने वीर्य से भर कर आ गया।मैंने देखा कि सोनल की चूत लाल सुर्ख हो रखी थी, जब अपनी देखी तो मेरा भी वही हाल था।

उसके बाद सब एक साथ बाथरूम में नहाये और बाद में हमने खाना खाया, हम सभी नंगे ही थे।खाना खाने के बाद गर्शिया बोला- अगर ये दोनों लेडीज़ चाहें तो मैं इनमे से किसी एक की गांड मारना चाहता हूँ।

सोनल ने तभी हाथ खड़े कर दिये- नहीं, मैं और बर्दाश्त नहीं कर सकती, मैं तो बस वापिस जाना चाहती हूँ।तो राज ने दूसरे आदमी को सोनल को छोड़ने के लिए भेज प्रिया।इसका मतलब यह था कि अब मेरी गांड भी फटने वाली थी।

पहले तो गर्शिया ने मेरी गांड को बहुत प्यार से चाटा। फिर जब उसने अपना लंड मेरी गांड पे रखा तो मैंने उसे कहा- ध्यान से गर्शिया! वो बोला- चिंता मत करो, तुमसे पूछ कर ही सब करूंगा।और फिर उसका मोटा लंड मेरी गांड से लगा और गर्शिया ने ढेर सारा थूक भी लगाया, अपना लंड अंदर को धकेला।

मेरे मुँह से चीख निकल गई, मगर उसने मुझ पर कोई दया नहीं की और अपने लंड को धकेलता ही रहा और अपने लंड का टोपा उसने मेरी गांड में घुसेड़ प्रिया।बे इंतेहा दर्द हुआ, मैंने दर्द से तड़पते हुये गर्शिया से पूछा- क्या खून निकल रहा है?गर्शिया ने कहा- हाँ थोड़ा सा!

मगर इसके बावजूद भी वो रुका नहीं धीरे धीरे मुझे ‘बेबी… बेबी…’ कह कर लगा रहा और जितना लंड वो डाल सकता था, उसने मेरी गांड में डाल ही प्रिया।और उसके बाद चुदाई।मगर जब मैं और बर्दाश्त नहीं कर सकी तो मैंने गर्शिया को मना कर प्रिया।

उसने मेरी गांड से लंड निकाल कर चूत में डाल प्रिया।मैं उल्टी लेटी थी वो पीछे से ही मुझे चोदने लगा।मैं उसके वज़न केनीचे दबी पड़ी थी और वो राक्षस मुझे चोदता रहा।मैं निरीह हिरनी एक शेर की चुंगल में तड़प रही थी।

मगर इस बार तो उसने और भी ज़्यादा समय लगाया। मैं दो बार झड़ गई, मगर वो तो लगा ही रहा।मैंने उससे विनती की- मुझे छोड़ दो, अब और बर्दाश्त नहीं कर सकती!

उसने अपना लंड निकाल लिया तो मैंने अपनी चूत पकड़ ली। यह बिल्कुल वैसा ही एहसास था, जैसा पहली बार लंड लेकर अपना कौमार्य खोने का था।तब भी मुझे इतना दर्द नहीं हुआ था, जितना आज हुआ था।मैं लेटी रही।

राज बोले- जानती हो रीमा, जब गर्शिया ने मेरी पत्नी के साथ सेक्स किया था तो उसकी भी चूत और गांड दोनों सूज गई थी, तीन दिन वो पोट्टी नहीं कर पाई, बहुत दर्द झेला बेचारी ने, यह आदमी नहीं वहशी है वहशी!सच में वो वहशी ही था।

दो दिन और दो रात में मैं 12 बार चुदी, मगर इतनी तसल्ली मुझे 10 बार और लोगों से चुद कर नहीं हुई, जितनी दो बार में इस हब्शी ने करवा दी।

अपनी सूजी हुई चूत और गांड लेकर अगले दिन मैं वापिस अपने घर वापिस आ गई।और सच कहती हूँ, अगले पूरे हफ्ते मेरे दिमाग में सेक्स का विचार तक नहीं आया।

आपको मेरी कहानी पसंद आई या नहीं, मेरी ई मेल आई डी पर मेल भेज कर अपनी राय दें।बस अपनी छोटी मोटी लुल्ली की झूठी तारीफ मत करना, जिसने 11 इंच का लिया हो उसे 6-7 इंच का भारतीय लंड कुछ नहीं लगता।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

रीमा सिंह की चूत चुदास

कुल भाग: 4
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

कुँवारी चिंकी की सील तोड़ चुदाई -9
लड़कियों की गांड चुदाई

कुँवारी चिंकी की सील तोड़ चुदाई -9

अब तक आपने पढ़ा..जैसे ही चिंकी का पानी निकला तो मैंने अब चिंकी को नीचे बैठा प्रिया और उसके मुँह में अपना लंड डाल प्रिया, चिंकी बड़ी मस्ती से मेरे लंड को चाट रही थी!क्या मजा आ रहा था यारों… ऐसे लगता था कि जन्नत की सैर कर रहा हूँ।फिर मैंने उसके सर को पकड़ा...

10 मिनट 1,123
तीन पत्ती गुलाब-41
लड़कियों की गांड चुदाई

तीन पत्ती गुलाब-41

मैंने गौरी को अपनी गोद में उठा लिया।“ओह… रुको तो सही? मुझे कुल्ला करके हाथ तो धो लेने दो प्लीज…”

12 मिनट 1,278
मेरे भैया मेरी चूत के सैय्याँ-5
लड़कियों की गांड चुदाई

मेरे भैया मेरी चूत के सैय्याँ-5

दोस्तो, मैं जैस्मिन साहू आप लोगों के लिए अपनी पिछली कहानी को आगे बढ़ा रही हूं. मेरी कहानीमेरे भैया मेरी चूत के सैय्यांको आप लोगों ने पसंद किया उसके लिए आप सभी का धन्यवाद.

15 मिनट 873

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।