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Hindi Chudai Kahani • पठन समय: 8 मिनट • पढ़ा गया: 601 बार

Mummy aur mere teacher ki sex kahani-5

Manish69

18 Feb 2020 को प्रकाशित

Mummy aur mere teacher ki sex kahani-5
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हेल्लो दोस्तो जैसे आपने पिछले पार्ट में पढ़ा की मम्मी के हाथो से अनजाने में चाय का कप सर के कपड़ो पर गिरा और मम्मी दाग साफ करने के लिये सर को अंदर ले गयी। मैं भी चुपके से उन दोनों के पीछे देखने के लिये चला गया, कि आगे क्या होता है। मैंने देखा चाय के दाग सर के शर्ट और पैंट पर भी पड़े थे।

मम्मी – सॉरी राज कुमार जी, पता नही कैसे मुझसे गलती हो गयी, आपके तो कपड़े खराब हो गये है। आप ये कपड़े बाथरूम में रखिये मैं कल धोकर ये कपड़े दे दूंगी, आप साफ करके आइये मैं आपके लिये यहाँ दूसरे कपड़े रखती हूं।

सर – जी कोई बात नही आप इतनी परेशान मत हो मैं अभी साफ कर लेता हूं। आप मुझे बस एक टॉवल दीजिये।

मम्मी ने सर को अलमारी से निकालकर एक सफेद कलर का टॉवल दिया, और सर उसे लेकर अंदर चले गये। मम्मी सर के लिये पापा के कपड़े ढूंढ रही थी, मैंने देखा मम्मी ने एक व्हाइट कलर का पैजामा रखा और एक ब्लैक कलर का कुर्ता निकाला।

मैं ये सब चुपकेसे देख रहा था, फिर मैंने देखा सर बाथरूम से बाहर आये और मम्मी सर को देखकर एक दम स्तब्ध रह गयी। क्योंकि सर ने उनके सब कपड़े यानी टी शर्ट जीन्स और अंडरवियर भी निकाल के रखा था।

सर सिर्फ टॉवल लपेटकर बाहर आये थे। सर के चौड़े सीने पर थोड़े काले बाल थे, सर की बॉडी बहुत फिट नजर आ रही थी।

शायद ही ऐसी बॉडी मम्मी ने पहले किसी की देखी हो, इसलिये मम्मी सर को निहारे जा रही थी। सर भी मम्मी को देख रहे थे सर के टॉवल में थोड़ा उभार आ रहा था। मम्मी वही खड़ी थी सर धीरे धीरे मम्मी के ओर बढ़ने लग गये।

वो मम्मी के बहुत पास आ गये थे, तो मम्मी शरमाकर नीचे देखने लग गयी। सर ने मम्मी का चेहरा हाथों से ऊपर किया, और वो दोनों एक दूसरे के आंखों में देख रहे थे। मम्मी के इतने पास आकर मम्मी का कोई विरोध ना देख कर सर आगे बढ़े और मम्मी के लाल होंठो पर उन्होंने अपने होंठ रख दिये।

मम्मी ने आँखे बंद कर ली मम्मी ने कोई भी विरोध नहीं किया, और सर मम्मी को किस करने लग गये। सर बहुत पैशनेटली मम्मी को चूम रहे थे, मम्मी भी उनका साथ दे रही थी। सर मम्मी को चूमते चूमते उनकी पीठ पर हाथ घुमा रहे थे, और मम्मी सर के बालो में उंगलिया घुमा रही थी।

सर किस करते करते मम्मी को पीछे धकेल रहे थे, मम्मी दीवार से टकरा गयीं। फिर सर ने मम्मी का पल्लू निचे गिराया और मम्मी के ब्लाउज के ऊपर से हाथ घुमा रहे थे। वो धीरे धीरे मम्मी के बूब्स दबा रहे थे, फिर सर ने मम्मी के होंठो को छोड़ा और ब्लाउज पर किस करने के लिये नीचे आ गये।

तो मम्मी ने आंखे खोली और उनको एहसास हुआ, कि मैं भी घर में हूं। इसलिये मम्मी ने सर को आगे बढ़ने से रोका और शरमाकर वो अपने बेडरूम में गयी और अंदर से उन्होंने दरवाजा बंद कर लिया।

बाद में सर भी थोड़ा संभले और कपड़े पहन कर हॉल में आये, सर की होंठो पर मम्मी के लिपस्टिक की लाली दिख रही थी, मैंने भी ऐसा दिखाया कि मुझे कुछ मालूम नहीं है।

मैं – सर आपके होंठो पर कुछ लाल लगा हुआ है।

तो सर ने रुमाल से साफ किया, फिर सर मुझे पढ़ाने लगे और बाद में वो चले गये। थोड़ी देर बाद मम्मी बाहर आयी और मुझसे पूछने लगी।

मम्मी – राज कुमार जी गये क्या?

मैं – हाँ।

मम्मी बहुत खुश नजर आ रही थी, फिर मैंने देखा मम्मी बाथरूम में चली गयी सर के कपड़े बाहर लेकर आयी और सर के टीशर्ट को सूंघने लग गयी। वो थोड़ा मुस्करा कर टीशर्ट को देख रही थी, और फिर मम्मी ने टीशर्ट उनके सीने से लगा कर अपनी आंखे बंद करने लग गयी।

वो शायद सर के बारे में सोच रही थी। फिर मम्मी ने सर की अंडरवियर हाथ मे ली और उसको देखेने लगी और अंडरवियर कर भी सूंघने लग गयी। मम्मी लंड की जगह पर हाथ घुमाने लग गयी, मम्मी का ये बर्ताव देख कर लग रहा था कि मम्मी अब सर के साथ चुदाई करने के लिये तैयार हो गयी है।

मम्मी अब सर से प्यार करने लग गयी थी, बाद में सर के कपड़े मम्मी ने वैसे ही बेडरूम में जाकर मम्मी के खुद की अलमारी में रखे और मन ही मन वो मुस्कराने लग गयी।

दूसरे दिन मैं स्^$$ल से आया, और मैंने मम्मी के मोबाइल में देखा तो सर का कॉल आया था। मैं उनकी रिकॉर्डिंग सुनने लगा।

सर – हेल्लो रजनी जी गुड़ मॉर्निंग।

मम्मी – जी गुड़ मॉर्निंग।

सर – भाई साहब गये ऑफिस?

मम्मी – जी।

सर – रजनी जी आप नाराज है क्या मुझसे?

मम्मी ने कुछ जवाब नही दिया, तो सर बोले – जी पता नही कैसे ये हुआ मैं उस मोमेंट में इतना खो गया, कि मुझे ख्याल ही नही रहा कि मनीष भी है घर पर है।

मम्मी – जी कोई बात नही।

सर – आपसे एक बात पुछु?

मम्मी – जी पूछिये।

सर – आज आऊ जल्दी शाम को?

मम्मी – जी?

सर – मनीष को बाहर भेज दीजियेगा, आज मैं एक घण्टा जल्दी आ जाऊंगा।

मम्मी – जी ठीक है।

सर – तैयार रहियेगा मैं आज आपके लिये एक गिफ्ट लाने वाला हूं।

मम्मी – कैसा गिफ्ट?सर – जी आपको वहां आकर दूंगा आपको बहुत पसन्द आयेगा।

मम्मी – बताइये ना क्या ला रहे हो आप?

सर – सरप्राइज है आपको शाम को पता चल जायेगा।

फिर मैंने देखा आज मम्मी तैयार होने लगी थी, मम्मी ने स्काई ब्लू कलर की ट्रांसपरन्ट सारी और व्हाइट कलर का स्लीवलेस ब्लाउज पहना हुआ था। उन्होंने अपने कानो में लंबे झुमके हाथों में मैचिंग चूड़ियां होंठो पर पिंक कलर की लिपस्टिक, और उन्होंने अपने बाल खुले छोड़े हुये थे।

आज मम्मी बहुत सेक्सी लग रही थी, मैं ये सोचने लगा की अगर मम्मी ऐसा पहनावा लेकर बाहर मार्केट में गयी तो ना जाने कितने मर्द मम्मी के पीछे पड़ जाये।

फिर मम्मी ने मुझे खेलने के लिये भेजा, मैं कल की तरह फिर पीछे जाकर छुप गया और सर के आने का वेट करने लग गया। थोड़ी देर बाद सर की बाइक की आवाज आयी, तो मैं थोड़ा बाहर आकर देखने लग गया।

बहार सर आये थे, सर ने भी आज स्काई ब्लू चेक्स वाली शर्ट फॉर्मल पैंट पहनी हुई थी। फॉर्मल शूज और ब्लैक गॉगल, हालाकि सर का ये लुक मैंने स्कूल में देखा था पर मम्मी ने सर को ऐसे कभी नही देखा था।

क्योंकि सर ट्यूशन देने टीशर्ट और जीन्स पहनकर ही आते थे। मैंने देखा सर की हाथो में एक बैग था शायद मम्मी का सरप्राइज इसी बैग में था। जैसे ही सर अंदर गये मैं भी सामने आया और खिड़की से झाककर अंदर देखने लगा।

अगले पार्ट में पढिये कि सर ने मम्मी के लिये क्या गिफ्ट लाया था, और उसको देखकर मम्मी का क्या रिएक्शन होता है। दोस्तो कहानी पसन्द आयी हो तो लाइक किजीये।

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