Hindi Chudai Kahani
कामुक, बोल्ड और रोमांचक हिंदी कहानियों का बेहतरीन संग्रह।
पड़ोसन बनी दुल्हन-50
यह चार साल पहले की बात है। टीना की शादी को करीब डेढ़ से दो साल हो चुके थे। हमारी शादी को तीन साल होने को थे। पहले दो सालों में तो मैंने और मेरे पति संजूजी ने फॅमिली प्लानिंग किया पर उस के बाद हम लोगों पर बच्चे के लिए सब का दबाव बढ़ने लगा।
पड़ोसन बनी दुल्हन-48
जेठजी भी यह समझते थे की उनको एक औरत के बदन की जरुरत थी वैसे ही माया को भी पुरुष से चुदाई करवाना आवश्यक था। जब से उसके पति का देहांत हो गया था उसकी भी जवानी बेकार जा रही थी और उसके बदन की भूख अतृप्त थी। पति के देहांत के बाद माया ने किसी भी पुरुष की...
पड़ोसन बनी दुल्हन-46
दीदी मेरे शरीर के इस हाल पर मत जाइये। जो हुआ इससे मैं बहुत खुश हूँ। मैं आपका बहुत बहुत शुक्रिया अदा करती हूँ की आपने मुझे सही रास्ता दिखाया। आज आपने मुझे जबरदस्ती उनके कमरे में भेजा और मेरी जिंदगी बन गयी। अगर मैं आज नहीं जाती तो पता नहीं मैं जीवन ...
पड़ोसन बनी दुल्हन-45
मेरी बात सुन कर माया चक्कर में पड़ गयी। माया ने कभी सोचा भी नहीं था की जिस घर में वह अपने आप को एक नौकरानी से ज्यादा कुछ नहीं समझती थी उसी घर में वह बड़ी बहु बन सकती है। वह लाज के मारे हाँ भी नहीं कह सकती थी।
पड़ोसन बनी दुल्हन-44
आगे की कहानी अंजू के शब्दों में:
पड़ोसन बनी दुल्हन-43
यहां मैं अपने उन पाठकों को कुछ पते की बात बताना चाहता हूँ जो शादीशुदा हैं और अपनी पत्नी के साथ मिल कर जिंदगी में सेक्स का कुछ और ज्यादा मजा लेना चाहते हैं। ज्यादा मजा से मेरा मतलब है, अपनी पत्नी को किसी गैर मर्द से चुदवाना, खुद किसी गैर औरत को चोद...
पड़ोसन बनी दुल्हन-41
उन्होंने सुषमा को एक फूल की तरह अपन बाँहों में उठा लिया और जैसे मैंने सुषमा को चोदा था उसी तरह पर शायद मेरे से और जोश के साथ वह सुषमा को चोदने लगे। सुषमा भी साले साहब के तगड़े लण्ड को पहली बार अपनी चूत में ले रही थी।
पड़ोसन बनी दुल्हन-39
मैंने सुषमा से इशारा कर साले साहब से प्यार करने को संकेत दिया। मैंने कहा, “मैं तो तुम्हारे साथ ही हूँ। पर साले साहब चले जाएंगे। साले साहब बेचारे तरस रहे हैं तुम्हारे प्यार के लिए।”
पड़ोसन बनी दुल्हन-36
मैंने सुषमा से जब यह सुना तब मेरी सारी चिंता गायब हो गयी। साले साहब के रूप में हमें एक बड़ा ही संजीदा अपना चुदाई का साथीदार मिल गया था जिस पर हम ना सिर्फ भरोसा कर सकते थे बल्कि जो आगे चलकर हमारे सुखदुख में भी भागीदार बन सकता था। एक बात और साबित हो ...
पड़ोसन बनी दुल्हन-34
तब साले साहब ने मुझे कहा, “जी हाँ, मैं अलवर टूर पर गया था। मेरा तीन दिन का काम था। पर दो ही दिन में खतम हो गया। मैं वापस जा ही रहा था की उसी समय मुझे अंजू का फ़ोन आया और उसने मुझे सेठी साहब और टीना के बारे में और आप और सुषमाजी के बारे में काफी विस्...
पड़ोसन बनी दुल्हन-33
पता नहीं यह अजीबोगरीब ख़याल मेरे मन में क्यों आया। मेरे मन में ख़याल आया की कभी ना कभी मैं टीना या सुषमा को मेरे सामने किसी और मर्द या फिर सेठी साहब से ही चुदवा कर देखूं। पर सेठी साहब के साथ में ऐसा करना तो संभव ही नहीं था क्यूंकि एक बार जिसे सेठी स...
पड़ोसन बनी दुल्हन-32
सुषमा के कहने पर सुषमा के पाँव को छोड़ सुषमा के हाथों को मैंने चूमना शुरू किया। सुषमा की कलाइयां एकदम चिकनी गोरी चिट्टी थीं। हाथों में शादी का चूड़ा पहने हुए सुषमा की कलाइयां बड़ी ही सेक्सी लग रहीं थीं। मैं सुषमा की कलाइयां चूमते हुए ऊपर की और खिसक न...