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Hindi Chudai Kahani पठन समय: 8 मिनट पढ़ा गया: 705 बार

कमसिन कली की मस्त चुदाई-2

realstory4u

06 May 2021 को प्रकाशित

कमसिन कली की मस्त चुदाई-2
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प्रिये पाठको, सभी को मेरा नमन! अब पिछले पार्ट से आगे की कहानी का मजा लीजिए-

पल्लवी फिर मेरे लन्ड को सहलाने लगी। मैं अब उसके होठों को चुमने लगा। हम एक दूसरे को चूम रहे थे। वो एक हाथ से मेरा लन्ड सहला रही थी,और मैं उसके सुडौल ठोस बूब्स को दबा रहा था।

थोड़ी देर में मेरा लन्ड खड़ा हो गया। अब पलव्वी मेरे ऊपर आ गई। उसने मेरे लन्ड को अपने एक हाथ से पकड़ा और अपनी चूत को मेरे लंड पर टिकाया फिर उसने थोड़ा दवाब दिया तो मेरा लंड उसकी गीली चूत में घुस गया।

पल्लवी की आह निकल गई।

पल्लवी- अंकल आपका लन्ड तो बहुत मस्त है।

मैं- तेरी चूत भी तो मस्त है। आज इसे चोद चोद कर लाल कर दूँगा ।

पल्लवी अपने चूतड़ उठा उठा के लन्ड पर उछलने लगी।

पच्च पच्च की आवाज गुज़ने लगी।

मैं- यस पल्लवी बहुत मज़ा आ रहा है, तू तो मस्त माल है।

पल्लवी-अंकल आपका लन्ड तो मेरी चूत को फाड़ रहा है।

वो मेरे लन्ड पर उछल रही थी और मैं उसके बूबस को दबा रहा था।

फिर वो नीचे झुकी और मेरे होंठो को चूमने लगी।

पल्लवी- अंकल अपनी जीभ बाहर निकालो

मैने अपनी जीभ बाहर निकाली, पल्लवी उसे चुसने लगी।

अभी भी वो अपने चूतड़ हिला रही थी। मेरा लन्ड बहुत कड़क हो चुका था।

फिर मैंने उसे नीचे लिटाया और मैं ऊपर आ गया उसकी टाँगों को मैंने अपने कंधे पर रखा और अपना लन्ड उसकी चूत में घुसा दियाअब मैं ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगा।

पल्लवी- चोदो मुझे , फाड़ दो मेरी चूत। यस अंकल मुझे अपनी रखेल बना दो। चोदो मुझे।

मैं- हाँ यस पल्लवी तू मेरी रखेल है जब चाहूँ तुझे चोद दूँगा।

मैं और जोर जोर से धक्के देने लगा।

पल्लवी की चीख निकलने लगी।

हम दोनों को पसीना आने लगा।

मैं – तेरी चूत में ही माल निकालूँ या बाहर।

पल्लवी – मेरी चूत में ही निकालना अपना गर्म माल। मैं तेरे माल को महसूस करना चाहती हूँ।

पल्लवी जोश में आप से तू पर आ गई।

मैंने झटकों की रफ्तार और तेज कर दी।

फिर थोड़ी देर में हम दोनों एक साथ झड़ गये। फिर थोड़ी देर बाद मैंने कपड़े पहने और मैं होटल के लिए निकलने लगा।

पल्लवी- अंकल यहीं रूक जाओ।

मैं- नहीं रुक सकता, हम कल फिर मिलंगे।

पल्लवी- ओके।

फिर मैंने कैब बुक की और होटल आ गया।

अगली दो शाम हम फिर मिले और हमने खूब चुदाई की। मैंने बाथरूम , किचन , लिविंग रूम सब जगह उसकी चुदाई की। यहां तक कि उसकी बालकॉनी में भी उसकी चुदाई की। मैं चेयर पर बैठ गया और वो मेरे लन्ड पर उछल उछल कर चुद रही थी। फिर ऐसे ही एक शाम..

रात के लगभग आठ बज रहे थे।

मैं पल्लवी की चूत चाट रहा था। आज उसने अपनी चूत एक दम साफ कर दी थी।

तभी डोर बेल् बजी।

पल्लवी- इस वक़्त कौन होगा।

मैं- मुझे क्या मालूम, तूने कुछ आर्डर तो नहीं किया है।

पल्लवी – नहीं तो, चलो हटो मुझे देखने दो।

फिर पल्लवी उठी उसने एक लोंग टीशर्ट पहनी औऱ बाहर चली गई। मैंने एक चादर उठाकर अपने ऊपर डाल दी। मेरा मूड खराब हो गया था।

पल्लवी दरवाजे पर चली गई , मुझे किसी लड़की की आवाज सुनाई दी । और वो अंदर आई, बेडरूम में नहीं , बाहर वाले रूम में।

फिर वो दोनों अंदर आए, मैं चौक गया। उसके साथ जो लड़की आई वो क्या मस्त थी। वो बिल्कुल वैसी थी जैसी लड़की मुझे पसंद है। भरा भरा ज़िस्म, बड़ी गाँड़। उसके होंठो के ऊपर एक तिल भी था।

मैं – हाई

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वो लड़की- ये सब क्या हो रहा है पल्लवी। मेरे पीछे, और ये महाशय कौन हैं।

पल्लवी- मैं आपको सब बताती हूँ आप मेरे साथ आइये।

पल्लवी उसे दूसरे कमरे में ले गई।

थोड़ी देर बाद पल्लवी आई।

मैं- कौन है वो?

पल्लवी – वो अदीला है, मेरी रूम पार्टनर। वो कॉलेज में मेरी सीनियर भी थी।जिस कंपनी में मैं ट्रेनी हूँ वो उस में परमानेंट हैं।

मैं- अदीला ? ये कैसा नाम है पहली बार सुन रहा हूँ।

पल्लवी- ये मुस्लिम नाम है, इसका मतलब है समान।

मैं – ओके ,तो अब मैं जाऊं?

पल्लवी- (हसंते हुए) – अरे नहीं पहले काम तो पूरा कर लें।

मैं- कोई प्रॉब्लम नहीं है ?

पल्लवी- कोई प्रॉब्लम नहीं है बाबू मोशाय।

ये बोलकर उसने मेरे ऊपर से चादर हटाई। और वो मेरे उपर आ गई। और मेरे होंठो को किस करने लगी। उसकी चूत मेरे लन्ड को छू रही थी।उसने केवल टीशर्ट पहनी हुई थी।

मेरा लन्ड फिर खड़ा हो गया। पल्लवी ने टीशर्ट भी उतार दी । मैं उसके बूबस दबाने लगा और कल्पना करने लगा कि अदीला के बूब्स दबा रहा हूँ। उसके बारे में सोच के मेरा लन्ड और टाइट हो गया।

फिर मैंने इसी पोजीशन में अपना लन्ड पल्लवी की चूत में घुसा दिया। उसकी सिसकी निकल गई।

पल्लवी- आह अंकल आज तो आपका लन्ड कुछ ज्यादा ही मोटा लग रहा है।

मैं- अच्छा, फिर मैं हँसते हुए बोला शायद अदीला की बड़ी बड़ी गाँड़ का असर है।

पल्लवी- क्या? अंकल आप बहुत शरारती हो।

मैं- हाँ वो तो हूँ।

पल्लवी धीरे धीरे अपनी गाँड़ को ऊपर नीचे करने लगी।

मैं- काश अदीला की चूत मिल जाती। आह मज़ा आ जाता।

पल्लवी- क्या इतनी पसन्द आ गई अदीला, दो दो चूत चाहिए आपको।

मैं- पल्लवी बेटा चूत तो जितनी भी मिल जाये कम हैं, पर अदीला की गाँड़ देख कितनी मस्त है , तरबूज जैसे चूतड़ हैं उसके, बूब्स तो ऐसे हैं कि मसलते जाओ ..

पल्लवी- (जोश में) अंकल तू तो बहुत चोदू है, पहले कभी तूने दो लड़कियों को एक साथ चोदा है।

मैं- नहीं यार, बस कल्पना ही की है,मग़र कभी ऐसा हुआ नहीं। वैसे तो तेरी चूत काफी है, और तू मज़े से चुद वाती है। पर अदीला को देख के मेरा मन कर अभी उसके मुँह में अपना लन्ड डाल दूँ।

पल्लवी- अंकल ओह तेरी बात सुनकर तो मेरे बदन में आग लग रही है। अगर तू सच मे मेरे सामने अदीला को चोदेगा तो कितना मज़ा आएगा। आह सोच के ही चूत में भूचाल आ रहा है।

मैं- काश मैं तुम दोनों को एक साथ चोद पाता। एक मेरा लन्ड चूसती एक की मैं चूत चाटता।

पल्लवी जोर जोर से मेरे लन्ड पर उछल रही थी, फिर मैंने उसे बोला मुझे तुझे कुतिया की तरह चोदना है।

फिर वो बेड पर डॉगी पोजीशन में आ गई और मैं उसके पीछे आ गया। मेरा लंड पहले से उसकी चूत के रस में भीगा हुआ था। मैंने अपना लन्ड उसकी चूत में डाल दिया। मैंने उसकी कमर पकड़ ली और धक्के लगाने लगा।

सच मे उस समय मैं अदीला की ही कल्पना करके चोद रहा था।

मैं- अदीला मैं तेरी चूत को फाड़ दूँगा ।तेरी मस्त गाँड़ को भी पेलूँगा।

पल्लवी- अंकल तू तो लगता है अदीला को चोद के ही मानेगा। तेरे मुँह से अदीला के बारे में सुन कर बहुत मज़ा आ रहा है। अदीला है भी बहुत मस्त, बहुत दिन से वो चुदी नहीं है। तू ही उसे चोद दे। उसकी प्यास भी बुझ जाएगी ।

मैं- अच्छा अगर मैं उसे चोदूगा तो तू क्या करेगी।

पल्लवी- मैं अपनी चूत को अपने हाथों से रगड़ रगड़ के लाल करूंगी।

मैं- अच्छा पल्लवी जान तू इतनी मस्त है तो अदीला कितनी मस्त होगी।

तभी बेडरूम का दरवाजा खुला और अदीला दरवाजे पर खड़ी थी। वो अंदर आई..!

कहानी जारी रहेगी…

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