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जवान लड़की पठन समय: 13 मिनट पढ़ा गया: 549 बार

सौतेली मां बनी अंतरंग सखी- 4

प्रकृति शाण्डिल्य

25 Sep 2021 को प्रकाशित

सौतेली मां बनी अंतरंग सखी- 4
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फोरप्ले सेक्स विद बॉयफ्रेंड का मजा मुझे तब मिला जब मेरी सहेलियों ने मेरे दोस्त को एक पार्टी में बुलाया. उसने मुझे प्रोपोज किया और तब मेरी सहेलियों के सामने हमने थोड़ा सेक्स किया.

कहानी के तीसरे भागजब मैंने पहली बार लंड चूसा थामें आपने पढ़ा कि कॉलेज टूर में लड़के लड़कियों के एक ग्रुप को सेक्स करते देखा. उन्होंने मुझे भी अपने खेल में शामिल कर लिया और मैंने अपने जीवन में पहली बार लंड चूसा.

उधर पूजा और रुचि भी लंड को चूस चूस कर खाली कर चुकी थी।लड़के झड़ कर ठंडे हो गए थे इसलिए अब हमने चलने का फैसला किया।अपने कपड़े पहनकर हम सब वापस बस में आ गए।

अब आगे फोरप्ले सेक्स विद बॉयफ्रेंड:

मुझे देख कर मेरी सहेलियों ने पूछा- क्या हुआ बहुत खुश है तू?मैं बोली- बाद में बताऊंगी, आज तो अलग ही मजा उठा कर आई हूं मैं!

फिर नीरज सर और तनुजा मैम भी आ गए और हमारी बस वापस लौट आई।

तो चारू … यह पहली बार था जब किसी लड़के ने मुझे स्पर्श किया था।

ट्रिप के बाद मैंने अपनी सहेलियों को सब बात बताई तो उनको यकीन ही नहीं हुआ।उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि मैं ऐसे मजे लेकर आई हूं।

उस ट्रिप के बाद मैं काफी खुल गई थी और मेरी सहेलियां भी अब सेक्स की बातें करने लगीं।

कभी कभी मजाक में हम लोग एक दूसरे के स्तन दबा देती तो कभी नितम्ब पर चमाट लगा देती।

चारू- वाउ मौसी, इसके बाद क्या हुआ? आपकी सील किसने तोड़ी थी?मैं- बताती हूं चारू!

यह बात आज से 15 साल पहले की है।

उस वक्त मैं गर्ल्स कॉलेज जाती थी और मेरी उम्र 20 साल थी।

उन दिनों में मुझे जवानी की दहलीज पर कदम रखे ज्यादा वक्त नहीं हुआ था लेकिन मेरे उभरे हुए स्तन तब 32B आकार के हो चुके थे और मेरे गद्देदार नितंब जिनका साइज 34 था.मेरे सतना और मेरे कूल्हे बाकी लड़कियों में मुझे अलग ही आकर्षण देते थे।

सखी सहेलियों के साथ उत्तेजक बातें करने में मुझे बहुत मजा आता।अपने ग्रुप में वीर्य का स्वाद चखने वाली मैं इकलौती थी इसलिए मेरी सहेलियां मुझसे खुलकर बातें करती थीं और मैं भी उन्हें खूब छेड़ती।

कभी कभी हम सहेलियां एक दूसरे के स्तन दबा कर और नितम्बों पर चपत लगा कर एक दूसरे से मस्ती करती।

तब आज की तरह होटल रूम नहीं थे और न ही हर जगह लड़का लड़की साथ पढ़ते थे.इसलिए अभी तक मेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं बना था.

लेकिन राजनगर के बहुत से लड़के मुझे चाहते थे, उन्ही में से एक लड़का था अमित!वह एक सीधा सादा लड़का था और उसके पापा की किताबों, अखबार, मैंगजीन की दुकान थी।

अमित मेरी सहेली निशा का पड़ोसी था और हमें कामुक किताबें लाकर देता था।

हम सखियां तब अश्लील किताबें पढ़ कर अपनी वासना पूर्ति करती थी।

जब उन किताबों में सेक्स का वाकया आता तो हमारी योनि भीग जाती।

हम सखियां इसी बहाने एक दूसरी को उत्तेजित कर के भीगा देतीं और एक दूजी के गुप्तांग छूकर उत्तेजित करती।

जबसे अमित मुझसे मिला था वह मुझे दिल ओ जान से चाहने लगा था।उसने कई बार निशा से कहा कि मैं उसके प्रेम निवेदन को स्वीकार कर लूं.

लेकिन मैं उसकी बातें मजाक समझकर उड़ा देती।

एक बार निधि का जन्म दिन था और कॉलेज में हम सहेलियां एक स्टोर रूम में इकट्ठी हुई।

गर्मी के दिन थे इसलिए ज्यादातर लड़कियां पहले ही घर के लिए निकल जाती थी।

उस दिन मैं अपनी बाकी चारों सहेलियों निधि, रीना, रीमा और वीना के साथ थी।

मैंने पूछा- बर्थडे का केक कहां है?निधी- मंगवाया है, आता ही होगा।

तभी अमित अपने साथ केक लेकर हमारे कमरे में आया।

उसे देख कर सभी लड़कियां मुस्कुरा दी लेकिन मैंने कुछ खास प्रतिक्रिया नहीं दी।

केक काटा गया और सबने एक दूसरे को केक खिलाया.

तब अमित मेरे पास केक लेकर आया और मुझे खिलाने लगा।मैंने केक खाया।उसके बाद अमित ने मुझे एक लिफाफा प्रिया।

मैंने लेने से मना कर प्रिया तो सबने कहा- खोल कर तो देख ले कि इसमें क्या है।

मैंने सखियों के दबाव में वह लिफाफा ले लिया और खोला.तो उसमें अमित के खून से लिखा लव लेटर था।

मैं हैरान थी ये सब देख कर!

वह घुटनों पर बैठ गया और बोला- वासू, मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं, प्लीज मुझे अपना बना लो, तुम्हारे बिना मैं मर जाऊंगा, आई लव यू वासु!

मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या कहूं!

लेकिन मेरी सहेलियों ने कहा कि मुझे उसे अपना लेना चाहिए, आखिर इतने प्यार से उसने खून से लेटर लिखा है।

अमित भी एक जवान हैंडसम गोरा चिट्टा लड़का था और देखने में भी अच्छा था.तो मैंने हां कर दी।

वह इतना खुश हो गया कि उसने झट से मुझे गले से लगा लिया।

हम दोनों गले मिले तो वासना तो उठनी ही थी।मेरी सहेलियों ने और आग में घी डाल प्रिया।

वीना बोली- तुम दोनों सिर्फ गले से ही लगे रहोगे या कुछ चुम्मा चाटी भी करोगे? हम देखने के लिए बेताब हैं।

अमित ने मेरे गाल पर किस किया तो सब हंसने लगी।

निधि- अरे मेरे भोले राजा, गाल पर नहीं होंठों पर किस करो। इस तरह शर्मा शर्मा कर चुम्मा लोगे तो आगे बच्चे कैसे होंगे? अमित तेरी लाई सेक्सी किताबें सबसे ज्यादा वासु ही पढ़ती है।

मैं ये सुनकर शरमा गई।

अमित मुझसे सट गया.

और फिर मैं टेबल पर बैठ गई।अब हमारे होंठ एक दूसरे के ठीक सामने थे।

अमित ने मेरी कमर पर हाथ रख प्रिया और फिर अपना चेहरा मेरे मुंह के पास लाया।उसने अपने होंठ मेरे गालों से रगड़े और फिर मेरे रसीले होंठों पर चुम्बन लिया।

फिर मेरे ऊपर के होंठ को अपने दोनों होंठों से दबा लिया।

उसने मेरे होंठ को संतरे की फांक की तरह चूसना शुरु कर प्रिया।हम दोनों अब एक दूजे में खोने लगे थे।

मैंने भी उसके निचले होंठ को चूसा तो उसने दबाव बढ़ा प्रिया।हमारे होंठ एक दूसरे से खेलने लगे.

मैंने अमित के बाल थाम लिए और उसे भरपूर तरीके से किस करने लगी।यह मेरी पहली किस थी।

अमित भी बखूबी मेरे होंठ चूम रहा था.उसने इतनी तेजी से मेरे होंठ चूसे कि मेरे ऊपर के होंठ से खून निकल आया।

लेकिन प्यार में डूबे हम दोनों एक दूसरे में ऐसे खोए हुए थे कि हमें इस बात का लिहाज भी न रहा कि मेरी सखियां हम दोनों को देख रही थी।

तभी हमारी सखियों ने हमें रोका।

वीना- तुम दोनों एक दूसरे को चूमते ही रहोगे या कुछ और भी होगा? क्यूंकि कॉलेज बंद होने वाला है और हमें आगे की फिल्म भी देखनी है।

अमित- मुझे बाकी की फिल्म दिखाने में कोई ऐतराज नहीं है, अगर वासु को कोई दिक्कत न हो तो!

मैं चुम्बन करने से ही बहुत उत्तेजित हो चुकी थी, कुछ न बोली और शर्मा कर चेहरा छुपा लिया।अब लड़की अगर शर्मा कर चुप रह जाए तो ये उसकी हां ही होती है।

मेरी सहेलियां मेरे पास आ गई और फिर मेरा दुपट्टा हटा प्रिया और फिर मेरा कुर्ता उतार प्रिया।अब मैं एक बैंगनी रंग की ब्रा में सबके सामने थी।

मेरी सहेलियों में मेरे स्तन सबसे ज्यादा आकर्षक थे क्योंकि अब तक मैं ब्रा पहनने लगी थी और मेरी सहेलियां अभी भी कमीज पहनती थी।

अमित ने भी अपना शर्ट उतार प्रिया और फिर वह भी टॉपलेस होकर मेरे पास खड़ा हो गया।

उत्तेजनावश मैंने उसकी गर्दन पर किस किया और फिर धीरे धीरे नीचे आने लगी।मैंने अमित के निप्पलों को भी चूमा।

मेरी सहेलियां मेरे फोरप्ले सेक्स विद बॉयफ्रेंड का बखूबी इस नजारे का मजा ले रही थी।

अमित ने भी मेरी गर्दन को चूमा और फिर मेरे क्लीवेज से खेलने लगा।उसने मेरे क्लीवेज पर जीभ फिराना शुरू कर प्रिया।

मेरी ब्रा उसकी जीभ से टकरा कर गीली होने लगी।

अमित ने मेरे नितम्ब सहलाने शुरू किए, जिससे मेरी उत्तेजना और अधिक बढ़ गई।

तभी मेरी सहेली निशा मेरे पास आई और अमित से बोली- इसकी ब्रा उतार के इसके संतरों का मजा लो, इसे बड़ा नाज है अपने संतरों पर!

अमित ने यह सुना तो ब्रा के ऊपर से ही मेरे स्तनों को दबा प्रिया।

मेरे चेहरे पर दर्द भरी मुस्कुराहट आई.तो उसने मेरी पीठ को टटोलना शुरू कर प्रिया और मेरी ब्रा के हुक खोलने लगा.लेकिन वह असफल रहा।

तभी निधि मेरे पीछे आई और एक ही हाथ से मेरी ब्रा के हुक को खोल प्रिया।मेरी ब्रा ढीली हो गई तो अमित ने अपने हाथ से मेरी ब्रा मेरे जिस्म से अलग कर दी।

मेरे हसीन संतरे सबके सामने आ गए तो मैंने अपने हाथों से उनको ढक लिया.मेरा चेहरा शर्म से लाल हो गया था और मैं जमीन में गड़ी जा रही थी।

तभी वीना और रीमा ने मेरे दोनों हाथों को पकड़ लिया और मेरे बदन से अलग कर प्रिया।और मेरे दोनों हाथ उन दोनों के कब्जे में थे।

मेरे रसीले स्तनों को देखकर मेरी सहेलियां भी मेरे पास आ गई और अपने हाथों से मेरे स्तनों को दबाने लगी।

वीना- इसके स्तन देख रहे हो अमित, कितने रस भरे हैं।यह कहकर उसने मेरे स्तन दबाए।

मेरे संतरों पर दाब पड़ते ही मेरा चेहरा दर्द से लाल हो गया तो अमित ने कहा- इसे ऐसे मत करो वीना, अब ये अनमोल रत्न मेरी अमानत हैं।

यह कहकर उसने मेरे निप्पल पकड़ लिया और उन्हें किशमिश की तरह मसलने लगा।

अभी मेरे स्तन पूर्ण विकसित नहीं हुए थे और निप्पलों का उभार भी हल्का ही था इसलिए ऐसे स्तनों को रगड़ने में लड़कों को अलग ही मजा आता है।

अमित ने अब मेरे स्तनों को दबाने और मसलना शुरू कर प्रिया।वह एक एक्सपर्ट मर्द की तरह उन्हें निचोड़ने में लगा था।

मेरे स्तनों पर पहली बार किसी ने धावा बोला था इसलिए मुझे भी खूब मजा आ रहा था।

अमित ने मुझे अपनी गोद में उठा लिया और मैं उससे चिपक गई।

वह अब टेबल पर बैठ गया और मैं उसकी बांहों में थी।

अमित ने मेरी स्कर्ट में हाथ डाल प्रिया और मेरी पैंटी के ऊपर से ही मेरे चूतड़ मसलने लगा।

मेरी सखियां मेरी इज्जत लूटने का इंतजार कर रही थी।

अमित मेरे स्तनों को मुंह में भरकर उन्हें चूसता जा रहा था।

अब मेरी पैंटी भी धीरे धीरे गीली हो गई थी।

कुछ देर तक मेरे स्तन चूसने के बाद अमित ने मुझे टेबल पर लिटा प्रिया।

अमित ने मेरे दोनों हाथ जकड़ लिए और फिर मेरे ऊपर लेट कर मेरे होंठ चूमने लगा।अमित अब धीरे धीरे अपनी कमर हिला कर मुझे चोदने जैसी एक्टिंग करने लगा।

हमारे होंठ एक दूसरे से उलझे ही थे कि अचानक अमित की सांसें बहुत तेज हो गई और उसने मुझे जकड़ लिया।फिर जोर से मुझे दबाकर छोड़ प्रिया।

अमित अचानक से ढीला पड़ गया और फिर वह मेरे ऊपर से उठ गया।

मैंने देखा कि उसकी पैंट पर दाग था स्खलन का।

अमित बहुत शर्मिंदा हो गया और फिर कपड़े पहन कर वह वहां से निकल गया।

मेरी भी अधूरी चुदाई का मजा मेरी सखियों ने खूब लिया था।अब मैंने भी अपने कपड़े पहन लिए और फिर अपना हुलिया संभाला।

मेरे गोरे बदन पर जगह जगह चुम्बन के निशान पड़े थे और मुझसे ज्यादा खुश मेरी सखियां थी।

निशा- यार वासु, तू भी कम कमीनी नहीं है, बेचारे अमित को निचोड़ कर रख प्रिया।

मैं- सालियो, बहुत मजा ले कर देख रही थी तुम लोग! जब वह मेरी लेने में लगा था, मुझे तो लगा कि आज ही सुहागरात हो जायेगी।वीना- तू परेशान मत हो, पहली बार है, आगे से ऐसा नहीं होगा।

इसके बाद हम सभी घर आ गए.

लेकिन घर पर एक घटना हमारा इंतजार कर रही थी।

इसके आगे की कथा मैं आपके सामने कुछ समय बाद लाऊंगी।आशा है कि आपको पसंद आयेगी।

तो दोस्तो, आपको फोरप्ले सेक्स विद बॉयफ्रेंड कैसा लगा?अभी तक की कहानी पर आप आने विचार मुझे बताएंsupport@mohakkisse.com

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सौतेली मां बनी अंतरंग सखी

कुल भाग: 3
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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

बाबा इंडियन

3 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

युवराज 007

3 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

विराज गुप्ता

3 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

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