गन्दी लड़की की गंदी बात से उसका ड्राईवर समझ गया कि कडकी की जवानी उछालें मार रही है. उसने मौके को समझा और अपनी मालकिन के कहे अनुसार करने लगा.
कार चलाना सीखने के बहाने विगीता अब फुल मूड में लन्ड की सख्ती का मजा ले रही थी।वह अपनी कोहनी का पूरा दबाव लन्ड पर डाल रही थी।
अब आगे गन्दी लड़की की गंदी बात:
विगीता ने एक साइड में गाड़ी रोक दी और इंजन बंद कर के उठने लगी।उसकी इस हरकत से विक्की एकदम से हड़बड़ा गया।
“क्या हुआ विगीता बेबी?”“कुछ नहीं अंकल … वह मुझे जोर की लगी है!”
“क्या लगी है बेटा?”“वह अंकल वही लगी है।”विगीता ने शर्माते हुए उंगली ऊपर उठा के पेशाब करने का इशारा किया।
विक्की एकदम से बावला सा हो गया।उसे विगीता की गांड देखने का चांस मिल सकता था।
विगीता गाड़ी से उतरकर पास में बनी झाड़ियों के पास चली गई।वहां वह झाड़ियों के पीछे ना जाकर झाड़ियों के पास खड़ी हो गई।
विक्की उसे कार से बैठा हुआ देख रहा था।
विगीता कार से मुश्किल से 20 फीट दूर थी।उसे भी पता था विक्की उसे देख रहा है।
सच तो यह था कि विगीता विक्की अंकल पर अपना काबू करना चाहती थी।उसे पता था अंकल उसकी गांड के दीवाने हैं। उसे पता था कि वह उसके मोटे, गोल, कसे हुए चूतड़ों को देखते ही पागल हो जाएंगे।
उसने झट से अपनी जींस का बटन खोला और धीरे से नीचे बैठ गई।अपनी छोटी से काली जालीदार पैंटी को वह पेंट के साथ ही नीचे कर चुकी थी।
विक्की के सामने विगीता की गोरी गुलाबी मांसल गांड थी।उस कमसिन कसी हुई गुलाबी चौड़ी गांड को देखकर विक्की अपने लोड़े को हिलाने लगा।विगीता 2 मिनट तक ऐसे ही अपने चूतड़ों के दर्शन करवाती रही।
तभी विगीता के मन में एक आईडिया आया.वह एकदम से चिल्लाई और गाड़ी की तरफ भाग गई।
उसने जींस तो ऊपर कर ली थी पर अभी तक उसका बटन बंद नहीं किया था।
वह विक्की के पास गई और बोली- अंकल, पता नहीं मुझे क्या हुआ है. शायद मुझे किसी कीड़े ने काट लिया।विक्की बोला- कहां पर काटा बेबी को?
विगीता ने अपने चूतड़ों की तरफ इशारा किया और बोली- अंकल, यहां पर काटा है शायद … सी आई मां … देखो ना क्या हुआ है मुझे!
विक्की ने विगीता को पिछली सीट पर आने का इशारा किया।वह विगीता के पीछे पीछे पिछली सीट पर आ गया।
विगीता ने शर्म से दूसरी तरफ मुंह फेर लिया।
अब विगीता की मांसल चौड़ी गांड विक्की की तरफ थी।
उसने पूछा- बताओ कहां पर काटा?विगीता ने भोली सूरत बनाते हुए अपनी गांड की तरफ इशारा किया।
अब तक विगीता की हरकतों से विक्की का हौसला बढ़ चुका था।उसने विगीता से पूछे बिना विगीता की सफेद जींस नीचे कर दी।
विगीता ने भी अपनी भारी गांड को उठाकर जींस को नीचे करने में मदद की।
अब विगीता के मोटे गोरे चूतड़ विक्की की आंखों के सामने थे।विक्की ने अपनी एक उंगली को विगीता की गांड से छूकर विगीता से पूछा- यहां है क्या?
विगीता ने कहा- थोड़ी अंदर की तरफ!
विक्की समझ चुका था कि विगीता अब पूरी तरह से उसके काबू में आ चुकी है।
विगीता की काली रंग की जालीदार पैंटी उसके चूतड़ों को ढक पाने में पूरी तरह असमर्थ थी; उसके दोनों चूतड़ों की गहरी खाई में फंसी हुई थी।
पेंटी काम रस में इतनी भीगी हुई थी कि कुछ काम रस पैंटी से चूकर बाहर चूतड़ों पर लगा हुआ था।
“देखने दो जरा!” विक्की ने कांपते हाथों से विगीता के चूतड़ों को पकड़ा और विगीता को कुतिया वाले पोज में करने लगा।
गन्दी लड़की विगीता अपनी गंदी बात पर मन ही मन मुस्कराई कि विक्की उसे कुतिया बनाना चाहता है।कितनी ही पोर्न फिल्मों में उसने डॉगी स्टाइल वाले पोज में चुदाई देखी थी।ये सब उसके साथ प्रैक्टिकल हो रहा था।
उसने एक मिनट सोचा और कहा- रुको विक्की अंकल!इतना कहते ही वह उठ कर उसने अपनी कमर तक का हिस्सा पिछली सीट से आगे वाली दोनों सीटों के बीच में कर लिया।उसका चेहरा अब गियर को छू रहा था।
पिछली सीट पर अब उसकी मतवाली फैली हुई कातिल गांड थी जो सफेद जींस में फंसी हुई थी।
विक्की विगीता की सूझ बूझ का कायल हो गया।अब उसका रास्ता और आसान हो गया था।
विगीता की कोमल गांड पर हाथ फेरकर बोला- विगीता, अब बताओ बेबी, कहां पर काट लिया कीड़े ने?“उह्ह्ह अंकल थोड़ा अंदर की तरफ!”
“यहां?” विक्की ने गांड की दरार के पास उंगली लगा कर कहा।“उफ्फ सी आई अंकल थोड़ा नीचे!”
विक्की समझ चुका था।एक बार उसने अपना हाथ आपने तने हुए लौड़े पर फेरा और अपने मुंह को विगीता की गांड के करीब ले गया और एक उंगली को विगीता की चूत और गांड के छेद के पास ले जाकर रख दी।
“यहां विगीता … यहीं काटा ना कीड़े ने?”विगीता एकदम से उछल पड़ी।उसकी चूत ने उत्तेजना में और पानी रिस प्रिया।
“हां अन्न अंकल सी उफ्फ … यहीं … हां यहीं पे … आह!”विक्की ने एक हाथ से विगीता के पूरे तरबूज जैसे मोटे पुष्ट नितंब को अपने हाथ में भर लिया और दूसरे हाथ की उंगली से विगीता की पेंटी को कुंवारी अनछुई घाटी से एक तरफ कर प्रिया।
इस प्रक्रिया में उसकी पूरी उंगली विगीता की चूत से निकले कामरस से सन गई।
विगीता की पूरी चूत विक्की के मुंह से सात इंच दूर थी।उसकी आंखें विगीता जैसी कच्ची कली की मोटी पावरोटी जैसी फूली हुई गुलाबी चूत को देख कर चमक गई।
विगीता की चूत पर एक रोएं तक का नामो निशान नहीं था।ऐसी चूत बस पोर्न फिल्मों में ही देखी थी।
विगीता की चूत से अभी भी कामरस चू रहा था।विक्की ने अपनी उंगली को उसकी चूत पर रखा जिससे एकदम विगीता उछल पड़ी- अह्ह ह सीय अंकल उफ्फ!
पर ड्राइवर की पकड़ उसके नितम्बों पर इतनी जोर की थी कि विगीता अपनी गांड हिला नहीं पाई।
“विगीता, यहीं काटा है कीड़े ने!”“हां अंकल! सी उई उफ्फ!”
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“बहन के लौड़े ने अपना कांटा छोड़ प्रिया है।” विक्की ने जानबूझ कर गाली दी।गन्दी लड़की गंदी बात सुनकर बोली- आह अंकल … निकाल दो मेरा कांटा … उफ्फ बर्दाश्त नहीं होता! निकाल दो अंकल … उफ्फ सी उ ई!
“विगीता, ये कांटा मुंह से निकालना पड़ेगा।”“निकाल दो अंकल … उफ्फ सीई हाय उई मां … बहन के लौड़े ने कहां कांटा डाला है!”
विगीता के मुंह से गाली सुनकर और उसके उतावलेपन को देखकर विक्की धीरे से अपने मुंह को विगीता की चूत के पास ले गया और उसके एक चूतड़ पर आपने होंठ टिका दिए।
“यूईई ईई आई मां सीई अंकल!” विगीता मजे से कांपने लगी।
विक्की अपने होटों से विगीता की गोरी मांसल गांड को चाट रहा था।
विगीता ने गाड़ी के गियर को एक लन्ड समझ कर उसे पकड़ किया और उसे चूमने लगी।
विक्की कभी दाएं, कभी बाएं चूतड़ को चूम चाट रहा था।बीच बीच में वह विगीता की गांड पर काट भी लेता।
विगीता की गर्म सांसें गाड़ी के माहौल को और गर्म कर रही थी।
विक्की के कुछ देर गांड चाटने के बाद अब असली खेल शुरू करने वाला था।अब उसने अपनी जीभ को कुतिया बनी विगीता की गांड में फिराना शुरू कर प्रिया।
विगीता विक्की के इस हमले के लिए तैयार नहीं थी।उसके इस हमले से विगीता आनन्द में होकर अपनी गांड इधर-उधर मारने लगी।
विक्की जहां तक हो सके अपनी जीभ को विगीता की चूत के अंदर फेर रहा था।वह बार बार अपनी जीभ से विगीता की चूत के दाने को छेड़ता कभी अपने होटों में भरकर चूसता; कभी विगीता की चूत के एक होठों को मुंह में भरकर काट लेता।
विगीता इस कामुक खेल के हर पल का आनन्द ले रही थी।वह अपनी गांड को विक्की के मुंह पर पटक पटक कर मार रही थी।
विगीता की कमसिन चूत विक्की की इस चूत चुसाई को ज्यादा देर तक नहीं सह सकी और गहरी सांसें लेती हुई झड़ गई।विक्की ने अपनी जीभ से विगीता की चूत एक एक बूंद को चाट चाट कर साफ कर प्रिया.
विगीता जैसे ही स्खलित हुई, उसने शर्म से अपना चेहरा ढक लिया.विक्की समझ गया.
वह ऐसे ही ड्राइविंग सीट पर आ गया उसने विगीता को अपने साइड में आने का इशारा किया.विगीता ने अपनी जींस पहनी और ड्राइवर के साथ वाली सीट पर बैठ गई.
विक्की ने विगीता के हाथ को पकड़ कर अपने लन्ड पर रख प्रिया.विगीता ने एक हाथ से ड्राइवर के लन्ड को पकड़ लिया और पजामी के ऊपर से लन्ड को सहलाने लगी।
विक्की ने विगीता को पकड़ कर उसके चेहरे को अपने लन्ड पर झुका प्रिया।विगीता के गर्म गाल विक्की के पजामे में तने हुए लोड़े पर लग रहे थे।
विक्की ने गाड़ी स्टार्ट की और सड़क पर धीरे धीरे चल पड़ा.
विगीता विक्की के लन्ड को अपने गालों से सहला रही थी।उसने उस के पजामे के नाड़े को खोल प्रिया और लन्ड को बाहर निकाल लिया।
विक्की का 7 इंची लन्ड अब विगीता के सामने था।विगीता ने लन्ड को अपने होठों से छू लिया, वह लन्ड को हिला रही थी।
विक्की ने लन्ड को पकड़ा और विगीता के मुंह में डाल प्रिया.
लन्ड के मोटा होने की वजह से विगीता को मुंह में लेने में दिक्कत हो रही थी।परंतु विक्की के हाथ के दबाव की वजह से विगीता पूरा का पूरा लन्ड अपने मुंह में ले गई है।
चलती गाड़ी में विगीता विक्की के लन्ड को चूस रही थी।ऐसे ही 10 मिनट चूसने के बाद विक्की का लावा बाहर निकल पड़ा।विगीता किसी मलाई की तरह एक एक बूंद को पी गई।
थोड़ी देर के बाद घर आ गया और विगीता एकदम से भागकर अपने कमरे में चली गई।
अगले 2 दिन तक विगीता ने विक्की को नहीं बुलाया.उधर ड्राइवर का बुरा हाल था, वह जल्दी से जल्दी विगीता की सील तोड़ना चाहता था।
विगीता इंतजार में बैठी थी परंतु अपने पापा की वजह से उसे मौका नहीं मिल रहा था।
अगले दिन उसके पापा 5 दिन के टूर पर विदेश चले गए. विगीता घर पर अकेली थी।उसने विक्की को बुलावा भेज प्रिया।
विगीता ने आज काले रंग की टाइट जींस पहन ली थी।उसने ऊपर ब्लैक कलर का छोटा सा टॉप डाल लिया।
विगीता ने आज पेंटी और ब्रा को छोड़ प्रिया था.उसने इंटरकॉम से विक्की को फोन किया और शाम को 5:00 बजे गाड़ी सीखने का आदेश प्रिया।
उधर ड्राइवर ने जैसे ही सुना, उसका लौड़ा फटने को हो गया।उसने आज मात्र एक टी-शर्ट और नीचे बिना अंडरवियर के फटा हुआ पजामा पहन लिया।
विगीता जानबूझकर पांच बजे की जगह 6 बजे नीचे आई ताकि जितना दिन ढल सके, उतनी ही उसकी चुदाई होने में आसानी हो।
विक्की ने जैसे ही विगीता को ब्लैक जींस टॉप में देखा, उसका मुंह खुला का खुला रह गया।अपने फटे हुए लोअर में उसने अपने मोटे लिंग को एडजस्ट किया और विगीता के लिए कार का दरवाजा खोला।
विगीता ने उसे अपने मोटे लन्ड को एडजस्ट करते हुए देख लिया था।वह मन ही मन खुश हुई विगीता पिछली सीट पर बैठ गई।
उधर जैसी ही विक्की ने कार को गेट से बाहर निकाला, उसने अपने मोटे काले लिंग को फटे हुए लोअर से बाहर निकल लिया था।विक्की ने मिरर को इस तरह से एडजस्ट किया हुआ था कि पीछे बैठी विगीता को उसका लौड़ा साफ दिखाई दे जाए।
विगीता की नजर जैसी ही बैक मिरर पर पड़ी, उसकी सांसें तेज होने लगी।उस कामुक दृश्य को देखते ही विगीता की मोटे मोटी चूचियां ऊपर नीचे होने लगी।
विक्की का मोटा काला लौड़ा नब्बे डिग्री के एंगल में तना हुआ था।उसका मोटा सुपारा देख कर विगीता के होठों पर एक मनमोहक मुस्कान तैर गई।
विक्की का मोटा लौड़ा उसे अपनी ओर खींच रहा था।विगीता से रहा नहीं गया और वह झट से आगे सरक गई और पीछे से हाथ ले जाकर विक्की के मोटे काले लौड़े को पकड़ लिया।गर्मागर्म लौड़े को पकड़ते ही उसके हाथ अपने आप चलने लगे।
विक्की अपनी इस जीत पर खुश था।
विगीता के लौड़े पर हाथ फेरने से वह और कड़क हो गया और उसने प्रीकम की चार बूंदें छोड़ दी जिससे विगीता की उंगली पूरी भीग गई थी।
तब विगीता ने अपने होटों पर वह प्रीकम लगाया और उसे जीभ से चाट लिया।
विगीता उठ कर आगे की सीट पर आ गई।
दोस्तो, गन्दी लड़की की गंदी बात कहानी में मजा आने लगा है ना!आगे आगे देखिये होता है क्या!अपने विचार कमेंट्स में और मेल में बताएंsupport@mohakkisse.com
गन्दी लड़की की गंदी बात का अगला भाग:कुंवारी बुर की सील कार में तोड़ी- 3