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Group Sex Story पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 350 बार

चूत की आग के लिए मैं क्या करती- 8

सुरभि तिवारी

20 May 2018 को प्रकाशित

चूत की आग के लिए मैं क्या करती- 8
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अनिल आ गया। मैंने उन दोनों का परिचय करवाया।

खाना बना हुआ था, हमने साथ बैठ कर खाना खाया।

बात करते हुए मैंने अनिल से कहा- अनीता मेरी अच्छी दोस्त है, इसके पति सेक्स नहीं करते हैं ठीक से इसके साथ!

अनिल- अरे इतनी खूबबसूरत बीवी के साथ सेक्स नहीं करता है? आप बहुत खूबसूरत हैं अनीता जी! आप जैसी बीवी मेरी होती तो मैं कम से कम 4-5 बार रोज सेक्स करता।

मैं- तो अब क्या इरादा है?अनीता- हे सुरभि, क्या बात करती है, मुझे शर्म आती है।

अनिल अनीता के हाथ पर हाथ हुए बोला- सच अनीता जी, मैंने आपसे ज्यादा खूबसूरत औरत नहीं देखी।

हमने खाना खत्म किया और कमरे में बैठ कर बात करने लगे।मैंने अनिल के लंड पर हाथ रख प्रिया।

अनीता यह सब देख रही थी, अनिल का लंड कड़क हो गया उसने मेरे वक्ष दबाना चालू कर दिए, अनीता सब देख देख कर गर्म हो रही थी।

मैंने अनिल की जिप खोल दी और लंड बाहर निकाल लिया।अनीता उसे देख कर आह किये बिना नहीं रह सकी।

मैंने कहा- अनीता, ऐसे दूर से आह करने से कम नहीं चलेगा! आओ यहाँ।वो बिना किसी संकोच के पास आ गई आते ही अनिल ने अनीता को किस किया और उसके वक्ष दबाये।

अनिल- वाह! क्या बूब्स है अनीता जी आपके! मजा आ गया, आपका गोरा बदन और ये छोटे छोटे से चूचे 30 नम्बर के होंगे! और इतने कठोर जैसे पहले कभी किसी ने नहीं छुआ हो! आपका संगमरमरी बदन जैसे दूध हो! इतनी गोरी हैं आप, मैंने ऐसे क्या पुण्य किए थे जो आप जैसे दो दो खूबसूरत बलाएँ मेरे साथ हैं और दोनों मेरे साथ सेक्स करने को आतुर हैं। वो भी एक साथ!

फिर अनिल अनीता के एक एक करके सारे कपड़े उतारने लगा और साथ मई वो भी नंगा हो रहा था।मैं देख रही थी कि वाकई अनीता का बदन काफी सुंदर था, उसके वक्ष काफी ठोस थे और छोटे भी, जैसे अभी अनछुए हों।

मुझसे रहा नहीं गया, मैंने अनीता के वक्ष दबा दिए और उसके मुँह में मुँह डाल कर उसको प्यार करने लगी।

अनिल उसकी गोरी चूत चाट रहा था, मैं उसके बूब्स दबा रही थी.अनीता को काफी मजा आ रहा था, वो आह उह कर रही थी।

अचानक अनीता चिल्ला उठी- बस बस! अब नहीं रुक जाता! मैं जा रही हूँ!और आह उह्ह करते हुए झड़ने लगी, अनिल उसका सारा पानी चाट चाट कर साफ कर रहा था।

अब अनिल उठा और अपना लंड अनीता के मुँह के पास ले गया।अनीता ने कहा- छीः!

मैंने कहा- अनीता, एक बार ले लो! फिर मजा न आये तो कभी मत करना!उसने मन मार कर मुँह में ले लिया तो थोड़ी देर में उसको अच्छा लगाने लगा।

मैंने पूछा- क्यों अनीता? मजा आया ना मुँह में लेकर?अनीता ने हाँ में सर हिला प्रिया और जोर जोर से अनिल का लिंग अन्दर बाहर करने लगी।

इधर अनिल मेरी फ़ुद्दी को मजे दे रहा था।

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यह कैसा मंजर था बिल्कुल सेक्सी मूवी जैसा! अब मेरी भी बारी थी झड़ने की, मैं भी जोश में झड़ गई, अनिल ने मेरा माल भी चाट कर साफ कर प्रिया।

उधर अनीता के मुँह में अनिल भी तेजी से करने लगा तो मुझे लगा कि अब वो झड़ने वाला है तो मैंने कहा- मेरे मुँह में डालना अपना सारा माल!

पर अनिल को तो अनीता कुछ ज्यादा ही भा गई थी, उसने अपना सारा माल अनीता के मुँह के हवाले कर प्रिया।

मैंने अनीता को बोला- अंदर ले लो! मजा आ जायेगा।अनीता ने ऐसा ही किया।

मैंने कहा- क्यों अनीता? कैसा लगा इसका माल? और आज का प्रोग्राम?

अब तक अनीता काफी खुल चुकी थी, बोली- मजा आ गया! और यह भी अच्छा लगा माल! बस इसका हाल बुरा है!उसने अपनी चूत की तरफ इशारा किया।

मैंने कहा- बस, अब इसकी ही बारी है!

और मैंने अनिल का लंड मुँह में ले लिया, उसको चूसने लगी, कभी अनीता की चूत का रस ले लेती, कभी अनिल लंड का रस ले लेती।

थोड़ी देर में अनिल फिर से तैयार हो गया तो मैंने कहा- अब देर न करो अनिल! इसको पहले शांत कर दो!

अनिल को भी बस अनीता ही दिख रही थी, उसने आव देखा न ताव, अनीता की चूत में लंड डाल प्रिया।

अनीता सिसक कर रह गई क्यूंकि उसके होंठ मेरे होंठ में थे, मैं उसके बूब्स दबा रही थी।क्या नज़ारा था! बस मजा ही मजा!

अनिल को मस्ती सूझी, उसने मुझे भी पास लेटने का इशारा किया।जैसे ही मैं पास आई, उसने अनीता की चूत से निकाल कर मेरी चूत में डाल प्रिया।

थोड़ी देर मेरे साथ करने के बाद फिर अनीता की चूत में!और ऐसे वो करता रहा।

हम दोनों इस खेल में दो दो बार झड़ चुकी थी, अब बारी अनिल के झड़ने की थी, मैंने उसका लंड मुँह में ले लिया और हिलाने लगी।

उसकी पिचकारी छुट गई, अनीता भी पास आ गई और थोड़ा उसके मुँह में भी डलवाने का इशारा कर प्रिया.दोनों ने थोड़ा-थोड़ा वीर्य अपने मुँह में लिया और गटक गई।

फिर हम लेटे लेटे बात करने लगे.मैंने कहा- कल और मजा आएगा, कल सुशील भी आ जायेगा।अनीता- अब यह सुशील कौन है?मैंने कहा- यहीं पास में रहता है, काफी अच्छा लड़का है और हम तीनों खेल चुके हैं।

अनिल- हाँ अनीता जी, काफी अच्छा लड़का है और उसका लंड काफी सुंदर और बड़ा है, आपको आज से ज्यादा मजा आएगा, बहुत अच्छे से चोदन करता है।और उसकी तारीफ करते हुए हम तीनों कब सो गए पता ही नहीं चला।कहानी अभी बाकी है।आपके कमेंट्स के इन्तजार में

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श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

चूत की आग के लिए मैं क्या करती

कुल भाग: 2
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Hello friend mai Sana Sheikh apke liye leke ayi hu meri hakikat kahani aur ye meri pehli kahani hai. Mujhe meri friend ne suggest kiya ki mai yaha mere life ki sex kahani apke sath share karu.

7 मिनट 642

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

राजेश कुमार 360

1 month ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

पुनीत

1 month ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

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