सुरभि तिवारी
सत्यापित कहानीकार (Verified)@sarabha-tavara
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
सुरभि तिवारी की रचनाएं
चूत की आग के लिए मैं क्या करती-9
फिर हम लेटे लेटे बात करने लगे, मैंने कहा- कल और मजा आएगा, कल सुशील भी आ जायेगा।अनीता- अब यह सुशील कौन है?मैंने कहा- यहीं पास में रहता है, काफी अच्छा लड़का है और हम तीनों खेल चुके हैं।
चूत की आग के लिए मैं क्या करती-5
मनोज बोला- हाँ! आज मैं कोशिश करूँगा कि तुमको चरम तक पहुँचा दूँ!और एक बार और हम सेक्स करने लगे।
चूत की आग के लिए मैं क्या करती-4
थोड़ी देर में मनोज आ गया!मैंने उसको आते ही चूमा और कहा- मनोज, मुझे तुम्हारी बहुत याद आ रही थी!ऐसा दिखाया कि जैसे मैं बहुत अकेली थी।
चूत की आग के लिए मैं क्या करती-1
वैसे तो मैं बहुत सीधी सादी औरत हूँ, मेरी शादी को पाँच साल हो गए है और मेरे पति बड़े व्यापारी हैं, उनका काम घर पर भी चलता है, अपने लैपटॉप पर वो रात को 12-1 बजे तक काम करते रहते हैं!
चूत की आग के लिए मैं क्या करती-10
अनीता ने अनिल का लिंग मुँह में ले लिया, मैंने रवि का! सुशील अकेला था तो अनिल ने उसको पास बुलाया और अनिल ने सुशील का लिंग मुँह में ले लिया। सब मजे कर रहे थे।