होम पर वापस जाएं
Hindi Sex Story पठन समय: 10 मिनट पढ़ा गया: 718 बार

चूत एक पहेली -86

पिंकी सेन

02 Jun 2026 को प्रकाशित

चूत एक पहेली -86
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

अब तक आपने पढ़ा..

टोनी- मस्त है ये आइडिया.. तो मगर तुम तीनों में अगर पुनीत के पास बड़े कार्ड्स होंगे.. वो तो जीत जाएगा मगर तुम्हारा क्या होगा?रॉनी- गधे के गधे रहोगे तुम.. ये गेम तुम्हारे और पुनीत के बीच है.. समझे? बस तुम दोनों के कार्ड्स ही ओपन होंगे.. बाकी सब सारे कार्ड्स गड्डी में मिला देंगे।

पायल- वाउ भाई.. इट्स न्यू आइडिया मज़ा आएगा आज तो..पायल के बोलने के साथ ही अर्जुन की नज़र उससे मिली.. उसका लौड़ा तो उसको देख कर ही सलामी दे रहा था।

अब आगे..

रॉनी- और कुछ पूछना है?टोनी- हाँ एक बात बताओ.. रूल तो वही हैं ना.. एक गेम हारा तो एक कपड़ा निकालना होगा?पुनीत- हाँ वो सब वही होगा.. इसमें पूछना क्या है।

टोनी- अच्छा एक बात और क्लियर कर लो.. जो हारेगा उसकी बहन के साथ कौन-कौन लेटेगा?कोमल- छी.. टोनी कुछ तो शर्म करो.. सबके सामने ये कैसी बात कर रहे हो.. तुम्हें शर्म नहीं आती।कोमल ने बड़ी अदा के साथ ये बात बोली थी.. जिसे सुनकर सब ज़ोर-ज़ोर से हँसने लगे।

रॉनी की बात सुनकर कोमल सहम गई और सब फिर से हँसने लगे। बेचारी पायल का हाल भी कोमल जैसा था.. मगर मजबूरी में वो भी हँसने का नाटक कर रही थी।

टोनी- भाई हँसना बन्द करो और मेरे सवाल का जबाव दो।पुनीत- जबाव क्या देना था.. हारने वाली लड़की के साथ सब करेंगे।

पुनीत को तो पूरा यकीन था.. वो जीतेगा इसलिए सबका नाम ले रहा था मगर उसको कहाँ पता था उसके साथ क्या खेल खेला जा रहा है।

टोनी- एक बात कहूँ.. बुरा मत मानना.. अगर तू हार गया तो हम तीन तो करेंगे ही.. एसीपी साहब भी करेंगे.. तुम तीनों तो नहीं करोगे.. दो की तो बहन है और सन्नी आपका बेस्ट फ्रेण्ड है?पुनीत- तू ज़्यादा होशियार मत बन.. कोमल को बचाना चाहता है क्या.. बस तू उसका भाई है.. तो नहीं करेगा बाकी हम सब करेंगे ओके..टोनी- ऐसी बात है तो पायल के साथ भी ऐसा ही होगा.. समझे उसके साथ भी तुम्हारे अलावा सब करेंगे.. बोलो मंजूर है?रॉनी- नहीं.. हम दोनों के अलावा सब करेंगे.. मैं भी तो उसका भाई हूँ।

सन्नी- मगर यार रॉनी में कैसे कर सकता हूँ पायल के साथ?सन्नी ने जब ये बात कही तो पायल उसकी तरफ़ देखने लगी और सोचने लगी कि रात को तो इसके इरादे कुछ और ही थे.. अब ये मेरे भाई के सामने शराफत क्यों दिखा रहा है?

पुनीत ने सन्नी को आँख मारी कि हम हारेंगे तब ये नौबत आएगी ना.. बस हाँ कहने में क्या जाता है और इस तरह सब की रजामंदी हो गई।पुनीत- देखो अब खाना खा लेते हैं.. उसके बाद थोड़ा रेस्ट करेंगे.. और शाम को हमारा गेम शुरू हो जाएगा.. ठीक है ना..

सब ने हामी भर दी और पुनीत के कहने पर नौकरों ने खाना लगा दिया, सबने मिलकर खूब खाया, उसके बाद अलग-अलग कमरों में सब चले गए।

टोनी की टीम अलग और पुनीत की अलग कमरे में गई.. ताकि गेम के बारे में कुछ बात करनी हो तो एक-दूसरे को पता ना लग पाए।

हाँ। हमारे एसीपी यानि अर्जुन को आराम के लिए अलग कमरा दिया गया।मुनिया मौका देख कर अर्जुन के कमरे में चली गई।

अर्जुन- मुनिया तू यहाँ क्यों चली आई.. कोई देख लेगा तो मुसीबत हो जाएगी.. जा वापस..मुनिया- अच्छा, मेरे आने से मुसीबत हो जाएगी.. और तू यहाँ जो फोकट की चूत के चक्कर में आया है.. उससे कुछ नहीं होगा क्या?अर्जुन- देख तू बात को समझ.. मैं सब कुछ तुझे बाद में बता दूँगा.. अभी तेरा यहाँ रुकना ठीक नहीं।

मुनिया- डर मत.. मेरे राजा मुझे रॉनी बाबूजी ने खेल के बारे में सब बता दिया है।अर्जुन- नहीं तू कुछ नहीं जानती.. मैं यहाँ कोई खेल के लिए नहीं अपनी आशा का बदला लेने आया हूँ। अब तू कुछ नहीं बोलेगी.. तुझे मेरी कसम है.. जा यहाँ से अब..

मुनिया कुछ कहना चाहती थी.. मगर अर्जुन ने उसको जबरदस्ती कमरे से बाहर निकाल दिया।मुनिया बेचारी कुछ बोल भी ना पाई और अर्जुन ने दरवाजा बन्द कर दिया।उधर रॉनी और सन्नी चुपचाप बैठे हुए पुनीत और पायल को देख रहे थे।

पायल- भाई मुझे बहुत डर लग रहा है कहीं आप हार ना जाओ।पुनीत- अरे पागल.. कुछ नहीं होगा अभी देख में कैसी सैटिंग जमाता हूँ.. हम किसी हाल में नहीं हारेंगे।पायल- वो कैसे भाई.. ज़रा मुझे भी तो बता?

यह भी पढ़ें (Recommended)

कामुकता की इन्तेहा-2

सन्नी- मैं बताता हूँ.. ये तीन पत्ती का गेम है.. इसमें सिर्फ़ बड़े कार्ड्स से ही गेम नहीं जीता जाता.. कभी-कभी एक दुग्गी भी गेम जिता देती है।पायल- वो कैसे? ये बात तो मेरी समझ के बाहर है?

पायल की बात सुनकर सब के चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई।

सन्नी- देखो पायल तुम्हारी उलझन मैं दूर करता हूँ.. मान लो पुनीत के पास 3, 7, 9 पत्ते हैं और रॉनी के पास इक्का गुलाम और 5 हैं.. और मेरे पास बादशाह 2, 2 है.. तो मैं बड़ा पत्ता बादशाह और रॉनी गुलाम पुनीत को देगा.. और यदि पुनीत के पास 9 आया है.. तो अब क्या बना.. इक्का बादशाह और 9..

अगर टोनी के पास इससे कोई बड़े पत्ते हुए जैसे 8 8 6 भी हुआ.. तो भी वो जोड़ी में जीत जाएगा।पायल- हाँ आपने बिल्कुल ठीक कहा.. ये गेम मुझे अच्छी तरह आता है।

पायल आगे कुछ बोलती.. तभी रॉनी बीच में बोल पड़ा- इसी लिए हम दिमाग़ से खेलेंगे.. पुनीत अपने तीन पत्ते हमें इशारे से बता देगा.. उसके बाद हम अपने-अपने पत्ते उसे बता देंगे.. और वो जो माँगेगा.. वही पत्ते हम उसको दे देंगे और वो जीत जाएगा।पायल- वाउ भाई.. अब मैं सब समझ गई.. आप भाई को इक्का देंगे और सन्नी 2 यानी दुग्गी देगा और भाई के पास 3 पहले से ही है.. तो हो गई सेक्वेल 1 2 3 की और भाई जीत जाएगा.. वाउ वाउ.. मज़ा आएगा..

दोस्तो, वैसे तो ये बात यहाँ बताना जरूरी नहीं थी.. मगर मैं चाहती हूँ गेम के बारे में आप सब कुछ जान लो तो ज़्यादा अच्छा रहेगा। अब हर कोई तो तीन पत्ती का गेम जानता नहीं है.. इसी लिए मैंने थोड़ा विस्तार से यहाँ बता दिया। अब आगे शॉर्ट में निपटा दूँगी।

वो लोग काफ़ी देर तक आगे की प्लानिंग करते रहे और उधर टोनी अपने दोस्तों को उनकी प्लानिंग बता रहा था कि वहाँ क्या हो रहा है और तुम्हें क्या करना है।कुछ देर बातें करने के बाद सभी रेस्ट करने लगे और शाम तक सब सोकर फ्रेश हो गए।

दोस्तो, अब वक़्त आ गया है हमारे गेम शो का.. जो कहने को तो एक बस खेल है.. मगर उसमें कितने राज छुपे हैं.. आज सब आपके सामने आ जाएँगे ..तो खुद मजा देख लो।

शाम को हल्का सा दौर चाय नाश्ता का चला.. उसके बाद सब हॉल में जमा हो गए और इधर-उधर की बातें करने लगे।कोमल और पायल उन सबसे अलग बाहर गार्डन में घूम रही थीं।

पायल- हाय कोमल.. कैसी हो तुम?कोमल- मैं अच्छी हूँ.. जब से यहाँ आई हूँ.. तुमसे बात करना चाह रही थी.. मगर मौका ही नहीं मिला..पायल- हाँ यार मेरा भी कुछ ऐसा ही है और सुनाओ कहाँ पढ़ती हो?

कोमल तो पहले से ऐसी बातों के लिए तैयार थी। उसने अपनी चिकनी चुपड़ी बातों में पायल को फँसा लिया और जो तीर वो मारना चाहती थी.. वो उसने निशाने पर लगा दिया।

कुछ देर बाद सन्नी ने दोनों को अन्दर बुला लिया और पार्टी का दौर शुरू हो गया। सब बियर और चिकन फ्राइड का मज़ा लेने लगे।करीब आधा घंटा बाद पुनीत ने रात का खाना तैयार करवा कर सब नौकरों को छुट्टी दे दी। बस मुनिया वहाँ उनकी सेवा के लिए रह गई।रॉनी ने सुनील और विवेक की मदद से बियर का पूरा कार्टन वहीं रखवा लिया और गेम के लिए कार्ड्स भी ले आया।

पायल- गेम शुरू हो उसके पहले मैं कुछ कहना चाहती हूँ।पायल की बात सुनकर सबका ध्यान उसी तरफ़ हो गया।

टोनी- क्या हुआ पुनीत.. तेरी बहन का इरादा बदल गया क्या.. कहीं ये ना तो नहीं बोल रही ना.. हा हा हा हा..पायल- नो वे.. ऐसी कोई बात नहीं है.. मैं बस इतना कहना चाहती हूँ कि ये गेम आप दोनों के बीच हो रहा है.. कोई भी जीते.. इसमें मेरा और कोमल का क्या फायदा होगा.. हाँ हमें तो तुम सब के नीचे आना ही पड़ेगा।

पायल की बात सुनकर सबको झटका सा लगा कि ये पॉइंट तो इसने बहुत जोरदार मारा है।

सन्नी- तुम कहना क्या चाहती हो?पायल- कुछ नहीं मैं बस ये चाहती हूँ इस गेम का रिजल्ट जो भी हो.. हम दोनों लड़कियों की भी एक-एक डिमाँड पूरी होनी चाहिए।रॉनी- बिल्कुल ठीक कहा तुमने.. पायल ये गेम में तुम दोनों का रोल बहुत बड़ा है.. तो तुम अपनी भी डिमाँड रखो।टोनी- नहीं नहीं.. यह गलत है जब सुबह सब प्लानिंग चल रही थी.. तब क्यों नहीं इसने कुछ कहा.. अब कोई रूल चेंज नहीं होगा ओके..

मेरे दोस्तो, आपको मेरी कहानी कैसी लग रही है? आप मुझे अपनी प्यारी प्यारी ईमेल करके मुझे बताओ।

कहानी जारी है।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

चूत एक पहेली

कुल भाग: 94
भाग 1
भाग 1: पढ़ें
भाग 2
भाग 2: पढ़ें
भाग 3
भाग 3: पढ़ें
भाग 4
भाग 4: पढ़ें
भाग 5
भाग 5: पढ़ें
भाग 6
भाग 6: पढ़ें
भाग 7
भाग 7: पढ़ें
भाग 8
भाग 8: पढ़ें
भाग 9
भाग 9: पढ़ें
भाग 10
भाग 10: पढ़ें
भाग 11
भाग 11: पढ़ें
भाग 12
भाग 12: पढ़ें
भाग 13
भाग 13: पढ़ें
भाग 14
भाग 14: पढ़ें
भाग 15
भाग 15: पढ़ें
भाग 16
भाग 16: पढ़ें
भाग 17
भाग 17: पढ़ें
भाग 18
भाग 18: पढ़ें
भाग 19
भाग 19: पढ़ें
भाग 20
भाग 20: पढ़ें
भाग 21
भाग 21: पढ़ें
भाग 22
भाग 22: पढ़ें
भाग 23
भाग 23: पढ़ें
भाग 24
भाग 24: पढ़ें
भाग 25
भाग 25: पढ़ें
भाग 26
भाग 26: पढ़ें
भाग 27
भाग 27: पढ़ें
भाग 28
भाग 28: पढ़ें
भाग 29
भाग 29: पढ़ें
भाग 30
भाग 30: पढ़ें
भाग 31
भाग 31: पढ़ें
भाग 32
भाग 32: पढ़ें
भाग 33
भाग 33: पढ़ें
भाग 34
भाग 34: पढ़ें
भाग 35
भाग 35: पढ़ें
भाग 36
भाग 36: पढ़ें
भाग 37
भाग 37: पढ़ें
भाग 38
भाग 38: पढ़ें
भाग 39
भाग 39: पढ़ें
भाग 40
भाग 40: पढ़ें
भाग 41
भाग 41: पढ़ें
भाग 42
भाग 42: पढ़ें
भाग 43
भाग 43: पढ़ें
भाग 44
भाग 44: पढ़ें
भाग 45
भाग 45: पढ़ें
भाग 46
भाग 46: पढ़ें
भाग 47
भाग 47: पढ़ें
भाग 48
भाग 48: पढ़ें
भाग 49
भाग 49: पढ़ें
भाग 50
भाग 50: पढ़ें
भाग 51
भाग 51: पढ़ें
भाग 52
भाग 52: पढ़ें
भाग 53
भाग 53: पढ़ें
भाग 54
भाग 54: पढ़ें
भाग 55
भाग 55: पढ़ें
भाग 56
भाग 56: पढ़ें
भाग 57
भाग 57: पढ़ें
भाग 58
भाग 58: पढ़ें
भाग 59
भाग 59: पढ़ें
भाग 60
भाग 60: पढ़ें
भाग 61
भाग 61: पढ़ें
भाग 62
भाग 62: पढ़ें
भाग 63
भाग 63: पढ़ें
भाग 64
भाग 64: पढ़ें
भाग 65
भाग 65: पढ़ें
भाग 66
भाग 66: पढ़ें
भाग 67
भाग 67: पढ़ें
भाग 68
भाग 68: पढ़ें
भाग 69
भाग 69: पढ़ें
भाग 70
भाग 70: पढ़ें
भाग 71
भाग 71: पढ़ें
भाग 72
भाग 72: पढ़ें
भाग 73
भाग 73: पढ़ें
भाग 74
भाग 74: पढ़ें
भाग 75
भाग 75: पढ़ें
भाग 76
भाग 76: पढ़ें
भाग 77
भाग 77: पढ़ें
भाग 78
भाग 78: पढ़ें
भाग 79
भाग 79: पढ़ें
भाग 80
भाग 80: पढ़ें
भाग 81
भाग 81: पढ़ें
भाग 82
भाग 82: पढ़ें
भाग 83
भाग 83: पढ़ें
भाग 84
भाग 84: पढ़ें
भाग 85
भाग 85: पढ़ें
भाग 86
भाग 86: पढ़ें
भाग 87
भाग 87: पढ़ें
भाग 88
भाग 88: पढ़ें
भाग 89
भाग 89: पढ़ें
भाग 90
भाग 90: पढ़ें
भाग 91
भाग 91: पढ़ें
भाग 92
भाग 92: पढ़ें
भाग 93
भाग 93: पढ़ें
भाग 94
भाग 94: पढ़ें
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

जिस्मानी रिश्तों की चाह -44
Hindi Sex Story
10 मिनट 779
आंटी सेक्स स्टोरी: शादी में आंटी की सहेली को चोदा
Hindi Sex Story

आंटी सेक्स स्टोरी: शादी में आंटी की सहेली को चोदा

मेरी इस आंटी सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि कैसे मैंने पड़ोसन आंटी की सहेली को चोदा जब वो मुझे एक शादी में ले गई.प्रिय पाठको, मैं साहिल मालेगाँव से हूँ। मेरी हाइट 5 फुट 8 इंच है और मैं 25 साल का हूँ। मेरा लंड 6.5 इंच का है और मैं चुदाई करने में बहुत माहि...

8 मिनट 613
कामुकता की इन्तेहा-2
Hindi Sex Story

कामुकता की इन्तेहा-2

मैंने बड़ी मुश्किल से आंखें खोल कर ध्यान से उसके हाथों को देखा, उसकी हरेक उंगली मेरे पति के लौड़े जितनी मोटी थी। जब उसने उंगली का बाकी तीसरा हिस्सा भी अंदर सरका दिया तो उसके रूखेपन ने मेरी जान ही निकल दी। मज़ा एक बार फिर तेज़ दर्द की एक लहर में बदल गया।

15 मिनट 702

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।