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भाई बहन पठन समय: 11 मिनट पढ़ा गया: 994 बार

चूत एक पहेली -56

पिंकी सेन

04 Apr 2026 को प्रकाशित

चूत एक पहेली -56
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पुनीत- अरे तेरी जवानी तो ऐसी है.. कि लंड अपने आप इसे सलामी देने लगता है। पहली बार तो सब जल्दबाज़ी में हुआ तो ठीक से मैं तुम्हारे इन रसीले होंठों का मज़ा नहीं ले पाया। इन कच्चे अनारों का जूस नहीं पी पाया.. अब सुकून से इनको चूस कर मज़ा लूँगा। तेरी महकती चूत को चाट कर उसकी सूजन कम करूँगा।पुनीत की बातों से पायल उत्तेज़ित होने लगी थी। वो पुनीत की जाँघों पर सर रख कर लेट गई और उसके लौड़े को सहलाने लगी।पुनीत- आह.. तुम्हारे हाथ भी बहुत सॉफ्ट हैं.. लौड़े पर लगते ही करंट पैदा हो जाता है।

अब आगे..

पायल कुछ बोली नहीं और लौड़े पर जीभ फेरने लगी.. वो बहुत ज़्यादा मस्ती में आ गई थी। उसकी चूत लौड़े के लिए दोबारा तैयार हो गई थी।पुनीत- आह.. पायल उफ़.. तेरे ये मखमली होंठ आह.. मेरे लौड़े को पागल बना रहे हैं.. तुम मुझे पागल बना रही हो आह..पायल- भाई आप देखते जाओ.. इतने सालों से मैं शराफत का नकाब पहने जी रही थी.. मगर मुझे अब पता चला जो मज़ा नंगेपन में है.. वो शराफ़ात में नहीं.. उफ़.. आपका ये गर्म लौड़ा मुझे चूसने में बहुत मज़ा आ रहा है। आपकी बहन अब पूरी आपकी है.. आ जाओ नोंच डालो मेरे जिस्म को.. कर दो मुझे अपने इस लौड़े से ठंडी.. आह.. अब मेरा जिस्म जलने लगा है।

पायल सीधी होकर बाँहें फैलाए बिस्तर पर लेट गई.. पुनीत समझ गया कि अब उसको क्या करना है।पुनीत उसके पास लेट गया और उसके एक निप्पल को दबाने लगा.. उसके होंठों को चूसने लगा। अब दोनों एक-दूसरे को चूमने और चाटने में बिज़ी हो गए थे।पुनीत अब ज़ोर-ज़ोर से उसके मम्मों को दबाने और चूसने लग गया।पायल- आह.. भाई उफ़.. आराम से आह.. चूसो.. आह.. सारा रस पी जाओ.. आह.. मज़ा आ रहा है भाई.. आह.. आह..

दस मिनट तक इनकी मस्ती चलती रही। अब दोनों ही वासना की आग में जलने लगे थे। पुनीत का लौड़ा टपकने लगा।पायल- आह.. भाई.. उफ़फ्फ़.. मेरी चूत जलने आ लगी है.. आह.. आपके गर्म होंठों से इ..ससस्स.. उसकी मालिश कर दो न..पुनीत- अभी लो मेरी पायल रानी.. आज तो तेरी चूत की ओपनिंग हुई है.. उसकी मालिश ऐसे करूँगा कि लाइफ टाइम याद रखोगी.. अपने प्यारे भाई को..

पुनीत अब बड़े प्यार से चूत को चाटने लगा था। अपनी जीभ की नोक धीरे-धीरे अन्दर घुसा रहा था.. जिससे पायल की उत्तेजना बढ़ती ही जा रही थी, वो बस आनन्द की दुनिया में कहीं गोते लगा रही थी।पायल- आह.. उहह.. भाई मज़ा आ रहा है.. इससस्स.. आह.. खूब चूसो.. आह.. और दबा के.. ससस्स चूसो.. आह.. मज़ा आ गया।

पुनीत अब आइस्क्रीम की तरह चूत को चाट रहा था.. पायल की चूत से रस टपकना शुरू हो गया था.. वो अब तड़पने लग गई थी।पायल- आह..ससस्स.. भाई.. आह.. मेरी चूत की आग बहुत बढ़ गई है.. आह.. अब उफफफ्फ़.. सस्सस्स.. भाई आह.. लौड़ा घुसा दो.. आह.. मुझे कुछ हो रहा है.. आह.. प्लीज़ भाई.. आह.. फक मी आह.. फक मी.. सस्सस्स आह…

पुनीत भी अब बहुत ज़्यादा उत्तेज़ित हो गया था। उसके लौड़े से भी रस की बूँदें टपकने लगी थीं.. वो बैठ गया और लौड़े को चूत पर टिका कर धीरे से दबाने लगा।पायल- आह.. फक मी ब्रो.. आह.. उई घुसा दो आह.. पूरा डालो.. आह.. मेरी चूत को फाड़ दो आज.. आह.. आईई..

पुनीत ने धीरे-धीरे अब कमर को हिलाना शुरू कर दिया था। हर झटके के साथ वो लौड़े को थोड़ा आगे सरका देता और पायल की आह.. निकल जाती। कुछ ही देर में उसने पूरा लौड़ा चूत में घुसा दिया और पायल के ऊपर लेटकर उसके निप्पल को चूसने लगा।

पायल- आह.. भाई अब चुदाई शुरू कर दो.. मुझे दर्द नहीं हो रहा है.. आह.. करो न.. आह.. चोद दो मुझे.. आह.. आज मेरी सारी गर्मी निकाल दो आह..पुनीत स्पीड से लौड़े को अन्दर-बाहर करने लगा। पायल भी गाण्ड उठा कर उसका साथ देने लगी। चुदाई जोरों से शुरू हो गई.. कमरे का तापमान बढ़ने लगा।

‘ठप.. ठप.. पूछ..फ्छ.. आह.. उहह.. इससस्स.. आह.. उहह.. उहह..’ की आवाजें कमरे में गूंजने लगीं।पायल- आह फक मी ब्रो.. आह.. फक मी डीप.. आह.. फक हार्ड.. आईईइ ओउ सस्स..पुनीत- ले पायल.. आह.. आज तेरे भाई का आह.. पॉवर देख.. आह.. तेरी चूत का आह चूरमा बना दूँगा मैं.. आह.. आज के बाद तू जब भी उहह.. चूत को देखेगी.. आह.. मेरी याद आएगी तुझे..

दस मिनट तक पुनीत स्पीड से पायल को चोदता रहा। अब पुनीत तो पक्का चोदू था। पहले 2 बार झड़ चुका था इसलिए अबकी बार कहाँ वो जल्दी झड़ने वाला था। अब तो उसका टाइम और बढ़ गया। मगर पायल की चूत लौड़े की चोट ज़्यादा देर सह ना पाई और उसके रस की धारा बहने को व्याकुल हो गई।

पायल- आई आई.. आह.. भाई फक मी फास्ट.. आई एम कमिंग.. आह.. गई.. आह.. भाई.. ज़ोर से पेलो.. आहह.. उहह आह..पुनीत ने और तेज़ी से लौड़े को अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया। पायल का बाँध टूट गया.. वो झड़ने लगी। कुछ देर बाद वो शान्त पड़ गई.. मगर पुनीत का अभी बाकी था.. वो धीरे-धीरे कमर को हिला रहा था।पायल अब शान्त लेट गई थी.. उसका सारा जोश ठंडा हो गया था। पुनीत ने अचानक लौड़ा बाहर निकाला और पायल के पेट पर बैठ गया। उसके मम्मों के बीच लौड़े को रख कर कमर हिलाने लगा।

पायल समझ गई कि पुनीत उसके मम्मों को चोदना चाहता है। उसने दोनों हाथों से अपने मम्मों को कस कर दबा लिए जिससे लौड़ा मम्मों के बीच अब टाइट होकर अन्दर-बाहर हो रहा था।कुछ देर तक ये चलता रहा.. उसके बाद पुनीत ने पोज़ चेंज कर लिया। वो घुटनों के बल बिस्तर पर खड़ा हो गया.. जिसे देख कर पायल मुस्कुराई।पायल- क्या हुआ भाई.. मज़ा आ रहा था.. खड़े क्यों हो गए?पुनीत- मेरी जान लौड़े को थोड़ा चूस कर चिकना कर दे.. उसके बाद तुझे घोड़ी बना कर चोदूँगा.. तेरी चूत की गर्मी तो निकल गई.. अभी मेरा रस निकलना बाकी है।

पायल हँसती हुई लौड़े को चूसने लगी.. अपने मुँह में पूरा लौड़ा लेकर अच्छी तरह उसको थूक से तर कर दिया।पुनीत- आह्ह.. आह्ह.. बस पायल.. अब बन जा घोड़ी.. आज तेरी सवारी करूँगा.. आह्ह.. अब बर्दास्त नहीं होता आह्ह.. आह्ह..पायल घुटनों के बल अच्छी तरह पर फैला कर घोड़ी बन गई.. वैसे तो ये उसका पहली बार था.. मगर जिस तरह वो घोड़ी बनी थी.. पुनीत को बहुत अच्छा लगा कि उसकी बहन एकदम पर्फेक्ट घोड़ी बनी है।

पुनीत- वाह.. पायल क्या जबरदस्त घोड़ी बनी है तू.. अब ठुकाई का मज़ा आएगा.. तेरी चूत कैसे फूली हुई है.. उफ़फ्फ़ साली ऐसी चूत देख कर लौड़े की भूख ज़्यादा बढ़ जाती है।पुनीत ने लौड़े को चूत पर टिकाया और पूरा एक साथ अन्दर धकेल दिया।

पायल- आईईइ.. भाई आराम से.. आह्ह.. एक बार में पूरा घुसा दिया.. आह्ह.. आज तो आराम से करो.. कल से जैसे चाहो चोद लेना..पुनीत- अरे सॉरी यार.. तेरी चूत देख कर बहक गया था.. अब ख्याल करूँगा।

पुनीत अब पायल की कमर पकड़ कर चोदने लगा.. उसके हाथ पायल की मुलायम गाण्ड को भी सहला रहे थे। बीच-बीच में वो पायल की गाण्ड के छेद में उंगली भी घुमा रहा था।थोड़ी देर की मस्ती के बाद पायल भी गरम हो गई और गाण्ड को पीछे धकेल कर पुनीत के मज़े को दुगुना बनाने लगी।

पायल- आह.. आह.. छोड़ो भाई.. आह्ह.. आज की रात हर तरीके से मुझे चोदो.. आह.. आह.. फास्ट करो.. और तेज भाई आह्ह.. मज़ा आ रहा है।

पुनीत अब तेज़ी से चोदने लगा। उसका लौड़ा अब फूलने लगा था। कितना से पता वो चूत की गर्मी को आख़िर कर पुनीत के लौड़े ने रस की धारा चूत में मारनी शुरू कर दी। उसका अहसास पाकर पायल की चूत भी झड़ गई। दो नदियों के मिलन के जैसे उनके कामरस का मिलन हो गया।

अब दोनों ही शान्त पड़ गए.. पायल की कमर में दर्द हो गया। जैसे ही पुनीत ने लौड़ा बाहर निकाला.. वो बिस्तर पर कमर के बल लेट गई और लंबी साँसें लेने लगी। पुनीत भी उसके पास ही लेट गया।

पायल- उफ़फ्फ़ भाई.. इस बार तो आपने बहुत लंबी चुदाई की.. आह्ह.. आपने तो मेरी चूत की हालत बिगाड़ दी।पुनीत- तुम्हें ही चुदवाने का चस्का लगा था.. अब लौड़े के लिए तड़फी हो.. तो पूरा मज़ा लो।पायल- मज़ा ही तो ले रही हूँ.. मगर आप ये मेरी गाण्ड में उंगली क्यों डाल रहे थे?पुनीत- पायल सच कहूँ.. तेरी गाण्ड देख कर मन बेचैन हो गया है.. ऐसी मटकती गाण्ड.. उफ़फ्फ़ इसमें लौड़ा जाएगा.. तो मज़ा आ जाएगा.. बस यही देख रहा था कि अबकी बार मैं तेरी गाण्ड ही मारूँगा.पायल- नो वे.. आज शुरूआत में ही सारे मज़े लूट लोगे क्या.. आज का मेरा हो गया.. अब कल देखते हैं.. आप चूत मारते हो या गाण्ड..

पुनीत- अरे अभी कहाँ थक गई यार.. अभी तो बहुत पोज़ बाकी हैं.. तुम्हें आज अलग-अलग तरीके से चोदूँगा और प्लीज़ पायल तुम्हारी मुलायम गाण्ड मारने दो ना.. प्लीज़..पायल- नो नो भाई.. आज प्लीज़.. ज़िद मत करो.. आप नहीं जानते.. मेरे पैर अकड़ कर दर्द कर रहे हैं.. चूत में भी बहुत सूजन है.. आप कल गाण्ड मार लेना.. मगर आज नहीं..

पुनीत- ठीक है जानेमन.. जैसा तुम कहो.. मगर एक बार और तेरी चूत मारूँगा.. कसम से मन भरता ही.. नहीं तेरी चूत से..पायल- हा हा हा हा.. आप तो मेरी चूत का आज भुर्ता बना के दम लोगे.. ठीक है भाई.. अब आपको मना नहीं करूँगी.. पर थोड़ा रेस्ट लेने के बाद आप आराम से चुदाई कर लेना..पुनीत- वाहह.. ये हुई ना बात.. अच्छा अपनी हॉस्टल लाइफ के बारे में कुछ बताओ न.. तुम्हारे अन्दर ये बदलाव कैसे आया.. ये भी बताओ..

पायल ऐसे ही इधर-उधर की बातें करने लगी और पुनीत बस उसको सुनता रहा। एक घंटे तक दोनों बातें करते रहे.. उसके बाद पुनीत का मन दोबारा चुदाई का हो गया।

दोस्तो, उम्मीद है कि आपको कहानी पसंद आ रही होगी.. तो आप तो बस जल्दी से मुझे अपनी प्यारी-प्यारी ईमेल लिखो और मुझे बताओ कि आपको मेरी कहानी कैसी लग रही है।कहानी जारी है।support@mohakkisse.com

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16 मिनट 997

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