चिंकी सेनहैलो दोस्तो, आपकी दोस्त चिंकी एक बार फिर आपके लिए नया भाग लेकर हाजिर है।पिछले भाग को आपने इतना पसंद किया और इतने मेल किए कि मुझे बहुत अच्छा लगा।दोस्तो, आप सब जूही के लिए बेकरार हो रहे हो कि उसका नम्बर कब आएगा..!तो अब आपको ज़्यादा इन्तजार नहीं करना पड़ेगा अगले भाग में एक नए ट्विस्ट के साथ उसकी एंट्री हो रही है तो देखो आपको मज़ा आता है या नहीं ओके.. अब आप इस भाग का आनन्द लीजिए।अब तक अपने पढ़ा…विकास दो बार झड़ गया, पर आरोही का पानी नहीं निकला तो हार कर विकास ने ऊँगली से उसका पानी निकाला और पानी निकल जाने के बाद आरोही भी शान्त पड़ गई।अब आगे..आरोही सुकून से पड़ी हुई थी और लंबी साँसें ले रही थी।विकास- आरोही, सॉरी… मैं जल्दी झड़ गया लेकिन तुममें तो बहुत पावर है और तुम्हें दर्द भी नहीं हुआ ऐसा क्यों…!आरोही- भाई मैं जानती थी कि आपका पहली बार है और आपसे सील नहीं टूटेगी इसलिए आपको ज़्यादा मेहनत ना करनी पड़े इसलिए मैंने पहले ही चुदाई करवा ली है।
जूही और आरोही की चूत की खुजली-16
पिंकी सेन
16 May 2025 को प्रकाशित
कहानी सुनें
ऑडियो प्लेयर (Play Audio)
स्वर: लोड हो रहा है...
0:00
0:00
कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)
श्रृंखला
कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)
जूही और आरोही की चूत की खुजली
कुल भाग: 37
भाग 1
भाग 1: पढ़ें
भाग 2
भाग 2: पढ़ें
भाग 3
भाग 3: पढ़ें
भाग 4
भाग 4: पढ़ें
भाग 5
भाग 5: पढ़ें
भाग 6
भाग 6: पढ़ें
भाग 7
भाग 7: पढ़ें
भाग 8
भाग 8: पढ़ें
भाग 9
भाग 9: पढ़ें
भाग 10
भाग 10: पढ़ें
भाग 11
भाग 11: पढ़ें
भाग 12
भाग 12: पढ़ें
भाग 13
भाग 13: पढ़ें
भाग 14
भाग 14: पढ़ें
भाग 15
भाग 15: पढ़ें
भाग 16
भाग 16: पढ़ें
भाग 17
भाग 17: पढ़ें
भाग 18
भाग 18: पढ़ें
भाग 19
भाग 19: पढ़ें
भाग 20
भाग 20: पढ़ें
भाग 21
भाग 21: पढ़ें
भाग 22
भाग 22: पढ़ें
भाग 23
भाग 23: पढ़ें
भाग 24
भाग 24: पढ़ें
भाग 25
भाग 25: पढ़ें
भाग 26
भाग 26: पढ़ें
भाग 27
भाग 27: पढ़ें
भाग 28
भाग 28: पढ़ें
भाग 29
भाग 29: पढ़ें
भाग 30
भाग 30: पढ़ें
भाग 31
भाग 31: पढ़ें
भाग 32
भाग 32: पढ़ें
भाग 33
भाग 33: पढ़ें
भाग 34
भाग 34: पढ़ें
भाग 35
भाग 35: पढ़ें
भाग 36
भाग 36: पढ़ें
भाग 37
भाग 37: पढ़ें
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।
इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ
रिश्तों में चुदाई
मेरी डार्लिंग सिस्टर-16
सुषमा के बदन से खेलने से मुझे बड़ा सुख मिल रहा था। मेरा लंड सरिया जैसा सख्त हो गया था और अब मुझे उसकी चूत खोदने का मेरा मतलब चोदने का मन होने लगा था।
8 मिनट
526
रिश्तों में चुदाई
बहकते ज़ज्बात दहकता जिस्म-1
रोनी सलूजा अपनी ऑफिस की सहायिका लीना की कहानी आपके समक्ष लेकर उपस्थित है।मेरी कहानियाँ पढ़ने वाले सभी लीना को जानते हैं, नये पाठकों को ‘कामदेवियों की चूत चुदाई’ इस कहानी में लीना के बारे में सम्पूर्ण जानकारी आपको मिल जाएगी !
6 मिनट
514
रिश्तों में चुदाई
इत्तेफाक से जेठ बहू के तन का मिलन-4
कामुकता से भरपूर मेरी सेक्स कहानी के पिछले भागइत्तेफाक से जेठ बहू के तन का मिलन-3में अभी तक आपने पढ़ा कि
17 मिनट
992
पाठकों की राय
0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!