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लड़कियों की गांड चुदाई पठन समय: 9 मिनट पढ़ा गया: 781 बार

बहन की चूत चोद कर बना बहनचोद -15

सुशान्त चन्दन

28 Oct 2020 को प्रकाशित

बहन की चूत चोद कर बना बहनचोद -15
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सोनाली सूर्या की बाइक पर और सोनिया मेरी बाइक पर बैठी हुई थी। कुछ देर आगे ही गए होंगे कि बारिश शुरू हो गई सो हमने तय किया कि मैं और सूर्या जाकर होटल से खाना पैक करवा कर ले आएंगे।तो वो दोनों लौट गईं और हम दोनों खाना पैक करवाने चले गए।अब आगे..

सूर्या- थैंक्स यार..मैं- थैंक्स क्यों बे?सूर्या- सोनाली के साथ चुदाई करने देने के लिए।

मैं- ऊऊऊऊओह.. अब समझ में आया.. मैंने कुछ नहीं किया.. वो तो सोनाली तुमको पसंद करती थी.. तो मैंने उसे तुमसे मिलवा प्रिया और बदले में मुझे सोनिया मिली।सूर्या- हाँ बात तो सही बोली तुमने।मैं- अच्छा ये बता.. कैसी लगी सोनाली?

सूर्या- एकदम कट्टो माल है.. इतना किया उसके साथ.. फिर भी मन नहीं भरा यार..मैं- हाँ वो चीज़ ही ऐसी है.. कभी मन नहीं भरेगा.. वैसे तेरी बहन भी कम नहीं है.. जबरदस्त आइटम है।सूर्या- हाँ देखा मैंने.. उसको भी.. मस्त लगी..मैं- क्यों अपनी बहन पर भी मन डोल रहा है क्या?सूर्या- हाँ यार.. एक बार मुझे भी दिला दो ना..

मैं- साले अपनी बहन को चोदेगा?सूर्या- तो साले तुमने कौन सा छोड़ प्रिया अपनी बहन को.. सोनाली मुझे सब बता चुकी है..मैं- ठीक है.. अभी जो है उसको सम्भाल ना.. उसके बाद मैं कुछ करता हूँ।सूर्या- ठीक है.. अब घर चल.. दोनों हमारा इंतज़ार कर रही होगीं।मैं- हाँ चल.. चलते हैं।

हम लोग घर पहुँचे तो वो दोनों टेबल के पास थाली लगा कर बैठी हुई थीं। मैं समझ गया कि इन दोनों को बहुत ज़ोर से भूख लगी हुई है..।

सो मैंने खाना टेबल पर रख प्रिया और वो दोनों खाना दो थालियों में लगाने लगीं.. हम दोनों खाने के लिए बढ़े ही थे कि दोनों एक साथ बोलीं- अभी नहीं पहले कपड़े उतारो..साथ ही वे दोनों भी अपने-अपने कपड़े उतारने लगीं।

तो हम लोग कौन सा पीछे रहने वाले थे.. झट से उतार कर रेडी हो गए। तो सोनिया मेरे और सोनाली सूर्या की गोद में जाकर बैठ गई और हम नास्ता करने लग गए।

भोजन करते वक्त मैं सोनिया की चूचियों को भी किस कर लेता था.. कैसे नहीं करता सामने जो था और कौन कंट्रोल करने वाला था।तो सोनिया ने कुछ सब्जी उठा कर अपनी चूचियों पर लगा ली और मेरे हाथ में रोटी पकड़ा दी।

मैं समझ गया मैं कौन सा पीछे रहने वाला था.. मैं वहीं से सब्जी लगा कर खाने लगा। रोटी उठा कर सब्जी के लिए उसकी चूचियों चाट लेता था।अब मैंने भी थोड़ी सी सब्जी ले कर अपने लंड पर गिरा दी और बोला- लो अब तुम खा लो।तो वो फिर रोटी खा कर पूरी सब्जी चाटने लग गई।

इसी तरह की कुछ नोक-झोंक में हमने खाना ख़त्म कर लिया और रात भर चुदाई का कार्यक्रम चला। थक कर सब वहीं सो गए।

सुबह पापा के फोन ने हमारी नींद खोल दी.. तो मैंने सोनाली को गोद में उठाया और उसको बाथरूम में जा कर खड़ी कर प्रिया।कुछ देर में वो फ्रेश हो गई तो मैं उसको ले कर घर जाने लगा।

तो सूर्या एक और राउंड के लिए बोला.. लेकिन मैंने मना कर प्रिया और सोनाली को लेकर घर आ गया।मम्मी-पापा ऑफिस के लिए निकल गए थे.. तो सोनाली मेरे पास आई।सोनाली- क्या कर रहे हो?मैं- बस आराम..सोनाली- क्या कल तुम्हें भी मजा आ गया आया?मैं- हाँ यार बहुत..

सोनाली- मुझे तो एकदम सुहागरात वाली फीलिंग आ रही थी।मैं- चलो अच्छा है.. शादी से पहले अच्छे से सुहागरात मना ली।सोनाली- हाँ वो तो है.. लेकिन तुम तो बहुतों के साथ चुदाई कर चुके हो।मैं- हा हा हा..

सोनाली- अच्छा एक बात पूछूँ?मैं- हाँ बोलो.. क्या बात है?सोनाली- तुमने कभी दो लड़कियों के साथ एक साथ किया है?मैं- हाँ..सोनाली- किसके साथ?मैं- सोनी और तनुजा..सोनाली- बहुत मजा आया होगा ना?

मैं- हाँ लेकिन तुम ये सब पूछ क्यों रही हो?सोनाली- वैसे ही मन हुआ तो पूछ लिया।मैं- करना है क्या?सोनाली- सोच तो रही हूँ.. एक बार दीदी और मुझे एक साथ चोदो ना..मैं- वो तो कोलकाता में है।

सोनिया- तो एक और ऑप्शन है।मैं- क्या?सोनाली- तुम और सूर्या दोनों मेरे साथ एक साथ चुदाई करो।मैं- क्या? नहीं सम्भाल पाओगी.. अभी नहीं.. कुछ दिन बाद करना।सोनाली- नहीं.. सम्भाल लूँगी..मैं- तो ठीक है.. मैं बुला लेता हूँ सूर्या को।सोनाली- थैंक्स जान..

मैं- हैलो.. सूर्या क्या कर रहा है?सूर्या- कुछ ख़ास नहीं..मैं- और मेरी डार्लिंग कैसी है?सूर्या- यार कितना बेरहमी से चोदे हो.. चूत सूजी हुई है.. मैं बर्फ से सिकाई कर रहा हूँ.. अब ठीक है।

मैं- ओके.. उसको बोलो चूत में बर्फ डालती रहे.. और तुम मेरे घर आ जाओ।सूर्या- क्या बात है.. आज कुछ प्लान है क्या?मैं- हाँ आज ग्रुप में करने का मन है।सूर्या- मतलब सोनाली को हम दोनों मिल कर चोदेंगे।मैं- हाँ बे कमीने..सूर्या- ओके.. तब तो मैं भागते हुए आऊँगा।

मैं- ठीक है.. जल्दी आ जा.. पापा के आने से पहले तुमको वापस भी जाना होगा।सूर्या- ठीक है बस निकल ही गया हूँ।मैं- ठीक है।कुछ ही देर में सूर्या मेरे घर आ गया उसको देखते ही सोनाली बहुत खुश हुई और जा कर उससे गले लग गई।

तो मैं भी सोनाली के पीछे उसके गले लग गया.. मतलब सोनाली मेरे और सूर्या के बीच में थी.. तो मैंने उसके बालों को हटा कर उसकी पीठ पर किस किया।उसकी गाण्ड दबाते हुए बोला- चलो रानी.. शुरू करते हैं तेरी चुदाई..

हम तीनों कमरे में आ गए.. और हम दोनों मर्दों ने मिल कर सोनाली को जहाँ-तहाँ किस करना शुरू कर प्रिया।मैं बोला- यार कपड़ों में मजा नहीं आ रहा है..इतना सुनते ही हम तीनों अपने-अपने कपड़े उतारने लगे और कुछ देर में तीनों पूरे नंगे हो चुके थे।

सोनाली अपने एक-एक हाथ से हम दोनों के लंड को पकड़ कर मसलने लगी.. तो हम दोनों भी उसकी एक-एक चूची को पकड़ कर शुरू हो गए..दबाना.. पीना.. मसलना.. कुछ देर ये सब चला.. तो मैं अपना लंड लेकर सोनाली के मुँह के पास चला गया।सोनाली झट से मुँह में मेरा हथियार ले कर चूसने लगी और सूर्या सोनाली की चूत को चाटने लगा।कुछ देर ये सब चला.. फिर मैं चूत चाटने लगा और सोनाली सूर्या का लंड पीने लगी।

कुछ देर लौड़े को अन्दर-बाहर करने के बाद जब लगा कि अब गाण्ड में ज्यादा दर्द नहीं होगा.. तो सूर्या बिस्तर पर पीठ के बल लेट गया।मैंने सोनाली को बोला- जा कर उसके लंड पर बैठ..

तो वो जैसे ही बैठी.. सूर्या नीचे से झटका मारने लगा.. तो सोनाली के चूतड़ों कि टकराने के बाद जो हिल रहा था सो देख कर मजा आ रहा था।अब मैं भी पास गया और सोनाली को थोड़ा झुका प्रिया.. तो उसकी गाण्ड का छेद ऊपर को आ गया।मैंने भी अपना लंड उसकी गाण्ड के छेद पर रख कर एक जोरदार झटका मारा और पूरा लंड गाण्ड में सटाक से अन्दर चला गया।

सोनाली की गाण्ड फट गई.. वो इतनी तेज चीखी कि उसकी आवाजें पूरा गूँजने लगीं… शायद आस-पड़ोस वालों को भी आवाज़ का पता चल गया होगा और जिस-जिसने चुदाई के समय ऐसी आवाजें निकलवाई होंगी.. वे सब ज़रूर इन आवाजों को पहचान गए होंगे।

खैर.. मैं रुक गया.. जब सोनाली थोड़ी शांत हुई.. तो हम दोनों फिर झटके मारने लगे और इस बार हमने सोनाली के मुँह को हाथ से बंद कर रखा था।कुछ देर बाद मैं और सूर्या ने अपनी-अपनी अवस्था बदल ली.. मैं सोनाली की चूत और सूर्या उसकी गाण्ड मारने लगा।

उसके बाद एक-दो और आसनों में चुदाई की फिर हम सभी लोग डिसचार्ज हो गए।सोनाली पसीने से पूरी तरह लथपथ थी। मैंने उससे पूछा- एक और राउंड?तो बोली- अब नहीं हो पाएगा.. बहुत थक गई हूँ।हम लोग बाथरूम जाकर फ्रेश हो गए और कुछ देर बाद सोनाली सो गई।

सूर्या- तो अब मैं भी घर जाता हूँ..मैं- ठीक है जा..सूर्या- सोनिया की मुझे कब दिलवाओगे?मैं- मैं क्या करूँ.. तुम खुद ट्राइ करो..सूर्या- नहीं.. तुम बोलोगे तो शायद मान जाएगी।

मैं- ठीक है.. आज शाम को आता हूँ.. लेकिन बदले में मुझे क्या मिलेगा?सूर्या- जो तू बोल..मैं- सोनिया की चूत दिलाऊँगा.. तो बदले में मुझे तुम सुहाना से मिलवाओगे।सूर्या- साले.. अब तुम क्या मेरी दोनों बहनों को चोदोगे?

दोस्तो.. मेरी यह कहानी आपको वासना के उस गहरे दरिया में डुबो देगी जो आपने हो सकता है कभी अपने हसीन सपनों में देखा हो.. इस लम्बी धारावाहिक कहानी में आप सभी का प्रोत्साहन चाहूँगा। यदि आपको मेरी कहानी में मजा आ रहा हो.. तो मुझे ईमेल करके मेरा उत्साहवर्धन अवश्य कीजिएगा।कहानी जारी है।support@mohakkisse.com

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