नौकर-नौकरानी
कामुक, बोल्ड और रोमांचक हिंदी कहानियों का बेहतरीन संग्रह।
मेरा गुप्त जीवन- 16
जैसे की मुझ को उम्मीद थी कि चम्पा जल्दी ही गर्भवती हो जायेगी और वैसा ही हुआ। वो शायद उस दिन की चुदाई के बाद से ही गर्भवती हो गई थी क्यूंकि उसको चुदाई में अब बिल्कुल ही आनन्द नहीं आ रहा था।और फिर सबने देखा कि उसके चेहरे पर एक चमक आ गई है जिसको देख ...
मेरा गुप्त जीवन- 15
और फिर चम्पा एक दिन नहीं आई और फुलवा ने बताया कि उसका पति आ गया है और वो अब शायद नहीं आ पायेगी।मैं चम्पा को बहुत मिस कर रहा था, चाहे फुलवा बाकायदा रोज़ आती थी, मेरी सेवा भी बहुत करती थी लेकिन चम्पा का साथ कुछ और ही रंग का था।फुलवा मुझको रोज़ चम्पा क...
मेरा गुप्त जीवन- 14
अब ढलती उम्र में कभी कभी सोचता हूँ कि यह कैसे संभव हुआ कि मेरी हरकतों को बारे में मेरे माँ और पिता को कभी कोई खबर नहीं लगी.यह सब शायद पहले कम्मो और बाद में चम्पा की होशियारी के कारण संभव हुआ। दोनों बहुत ही सतर्क रहती थी कि कभी भी हवेली में काम करन...
मेरा गुप्त जीवन- 13
चम्पा के साथ गुज़ारी गई कई रातों की कहानी सिर्फ इतनी है कि हर बार कुछ नया ही सीखने को मिलता था। उसके साथ यौन सम्बन्ध अब प्राय: एक निश्चित और सुचारू ढंग से होने लगा, वो दोपहर को केवल पंखे की ठंडी हवा के लिए आती थी और हम दोनों एक दूसरे से दूर ही रहते...
मेरा गुप्त जीवन- 12
जब उसकी आँख खुली तो मैं उसको बड़े प्यार से धीरे धीरे चोद रहा था। एक हॉट चुम्मी उसके होटों पर की और आखिरी धक्का मारा और मेरा फव्वारा छूट गया और चम्पा की चूत पूरी तरह से मेरे वीर्य से लबालब भर गई और तभी उसने झट मुझ को कस कर अपने बाँहों में समेटे लिया...
मेरा गुप्त जीवन- 10
चाय का खाली कप ले जाते हुए भी वो मुड़ कर मेरे लंड को ही देख रही थी।अब मैं समझ गया कि वो लंड की प्यासी है।
मेरा गुप्त जीवन- 9
मेरा जीवन कम्मो के साथ बड़े आनन्द के साथ चल रहा था, वह रोज़ मुझको काम क्रीड़ा के बारे में कुछ न कुछ नई बात बताती थी जिसको मैं पूरे ध्यान से सुनता था और भरसक कोशिश करता था कि उसके सिखाये हुए तरीके इस्तमाल करूँ और जिस तरह वह मेरे साथ चुदाई के बाद मुझको...
मेरी चालू बीवी-34
इमरानअब लण्ड का सुपारा आधा से लेकर एक इंच तक भी चूत के अंदर चला जा रहा था…मीनू ने इतनी कसकर लण्ड पकड़ा था कि…वो वहाँ से इधर उधर न हो इसीलिए चूत में भी ज्यादा नहीं घुस पा रहा था…वरना कुछ झटके तो इतने जोरदार थे कि लण्ड अब तक आधा तो घुस ही जाता…और तभी...
मेरा गुप्त जीवन -8
एक दिन ऐसे ही घूमते हुए मैं अपने घोड़ों के अस्तबल की ओर निकल गया जहाँ का मुखिया राम सिंह था। तब वो घोड़ों को घुमा रहा था, मुझ देखते ही बोला- आओ छोटे मालिक, आज इधर कैसे आना हुआ?मैं बोला- बहुत दिनों से घोड़ों को देखने नहीं आया था तो सोचा कि देखूं क्या ...
मेरा गुप्त जीवन -7
मेरा कम्मो से मिलना जारी रहा।लेकिन अब मैं महसूस कर रहा था कि मेरा लंड भी अब बहुत अकड़ता रहता था, ज़रा सा भी चूत का ख्याल आते ही वह एकदम तन जाता था और तब उसका बैठना बहुत मुश्किल होता था जब तक वो चोद न ले या फिर मुठी न मार ले… कई बार तो कम्मो ने बताया...
मेरी चालू बीवी-33
इमरानमगर मीनू की चूत बिलकुल अनछुई थी, उस पर अभी बालों ने आना शुरू ही किया था…
मेरा गुप्त जीवन- 6
फिर मैंने उससे पूछा- गाँव की औरतें कहाँ नहाती हैं?वह मुस्करा के बोली- क्या नंगी औरतों को देखने का दिल कर रहा है? मेरे से दिल भर गया है क्या?मैं बोला- नहीं रे, यों ही पूछा था।वो बोली- यहाँ से दो फर्लांग दूर एक छोटी नदी बहती है, वहीं सारी जवान औरतें...