नौकर-नौकरानी
कामुक, बोल्ड और रोमांचक हिंदी कहानियों का बेहतरीन संग्रह।
मेरा गुप्त जीवन- 109
मैंने कहा- कम्मो, तुमको भी यहाँ सोना पड़ेगा आज की रात और मैं छोड़ूंगा नहीं तुमको भी!कम्मो हँसते हुए बोली- मत छोड़ना मुझको लेकिन भाभी का काम कर दो, वरना वो बच्चा कहाँ से लाएगी अपने जीवन में!मैं बोला- भाभी की मुराद तो पूरी करनी ही है लेकिन उनसे पूछ लो ...
दो मस्त कामवालियों को एक साथ चोदा- 1
देशी Xxx चूत की कहानी में मैंने अपने गाँव की दो चूतों को चोदा. दोनों मुझसे बड़ी थी पर दोनों बिन ब्याही थी. तब तक मैंने सेक्स का मजा नहीं लिया था.
चूत एक पहेली -19
अब तक आपने पढ़ा..
मेरा गुप्त जीवन -93
थोड़ी देर बाद मैडम मुझको और कम्मो को थैंक्स करके अपनी कार में वापस चल पड़ी।जब मैडम को छोड़ कर हम दोनों वापस आ रहे थे तो मुझको पारो मिल गई और कहने लगी- वाह छोटे मालिक, आप तो मुझको भूल ही गए?मैंने उसको खींच कर अपनी बाँहों में भर लिया और कहा- पारो, तुमन...
मेरा गुप्त जीवन-72
थोड़ी देर बाद नाश्ता करके भैया और भाभी अपनी कार में बैठ कर गाँव चले गए, मैं भी नाश्ता करके कॉलेज चला गया।आज कॉलेज के मुख्य गेट पर मुझको शानू और बानो मिल गई।पाठकों को याद होगा नैगीताल ट्रिप में ये लड़कियाँ उन चार लड़कियों का ग्रुप था जो मेरे संपर्क मे...
मेरा गुप्त जीवन -66
मैं भी मस्ती में था, कम्मो को एक मीठा सा चुम्बन प्रिया और कहा- कम्मो मेरी जान, आज इतवार है, कहीं भी नहीं जाना है। सिवाए तुम लोगों की चुदाई के और क्या काम है मेरे पास?कम्मो अब हंसने लगी और मुझको आलिंगन में ले लिया और खूब मुंह चूमने लगी।
मेरा गुप्त जीवन -52
अगले दिन नैगीताल से चल कर हम शाम को लखनऊ पहुँच गए।जब मैं कोठी पहुंचा तो शाम हो चली थी, कोठी के गेट पर राम लाल चौकीदार ने सलाम किया और पूछा- कैसा रहा नैगीताल?राम लाल ने बताया कि सब ठीक चल रहा है।अंदर से कम्मो ने मुझको पहले ही देख लिया था, वो मेरा ब...
मेरा गुप्त जीवन -42
प्रिय पाठको,मुझको जो ईमेल मिल रहीं हैं उनमें से कई लोगों ने सोमू के लंड के बारे में कई शंका की है कि कोई भी लंड का हर वक्त खड़ा नहीं रह सकता और इतनी देर तक चुदाई नहीं कर सकता। इसके विषय में काफी कुछ कहा है जैसे कि यह कोरी अर्चना है या मन का फ़ितूर ह...
मेरा गुप्त जीवन-37
इन दिनों कालेज में बड़ी गहमा गहमी थी, एक तो इलेक्शन थे दूसरे कई प्रोग्रामों की तैयारी चल रही थी। कॉलेज की ड्रामा क्लब का मैं भी सदस्य था। हालांकि मुझ को नाटकों में कोई रोल नहीं मिला था लेकिन प्रबंध के काम इतने ज्यादा होते थे कि शाम तक मैं थक जाता था।
मेरा गुप्त जीवन-36
चंचल दो रात हमारे साथ रही और फिर उसका पति लौट आया तो वो वापस चली गई। इन दो रातों को मैंने चंचल को और कम्मो को कई बार चोदा।4-5 बार छूटने के बाद चंचल ने हथियार डाल दिए लेकिन कम्मो अभी तैयार थी चुदाई के लिए तो उसको मैंने कहा- मैं लेट जाता हूँ और जैसी...
मेरा गुप्त जीवन -35
कम्मो की दर्द भरी कहानी सुन कर हम बहुत द्रवित हो गए लेकिन जो हो चुका था उसको तो बदला नहीं जा सकता ना, मेरे कहने पर पारो लेमन वाली बोतल उठा लाई और सबने ठंडी बोतल पी, पीने के बाद मन में कुछ शांति आई।
मेरा गुप्त जीवन-34
अभी तक आपने पारो की कहानी पढ़ी, अब आपको कम्मो की कहानी सुनाने की कोशिश करता हूँ।कम्मो मेरे जीवन में मेरी यौन गुरु बन कर आई थी, उसी ने मुझको यौन ज्ञान के ढाई अक्षर सिखाये थे। उसका ढंग ख़ास था क्यूंकि वो सब काम स्वयं करके दिखाती थी ताकि मुझको शक की को...