लीलाधर
सत्यापित कहानीकार (Verified)@llthhara
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
लीलाधर की रचनाएं
योनि का संजय- भाग 1
प्रिय पाठको, इस बार एक बिल्कुल नए मिजाज की कहानी लेकर हाजिर हूँ। आज की युवा पीढ़ी बहुत फास्ट और बिंदास है। उसमें टैलेंट है, सामर्थ्य है, और भविष्य का कोई भय या फिक्र भी नहीं है। इसी युवा पीढ़ी की एक लड़की (अब श्रीमती) ने अपने बेलौस स्वभाव में जो क...
आह’ उनका बॉस- 3
Xxx ऑफिस सेक्स कहानी में मेरे पति के बॉस बाजार में मिले तो उनकी वासना दृष्टि मेरी कामुक देह-यष्टि पर जम गयी. बॉस ने मेरे पति को पदोन्नति देकर हम दोनों को ऑफिस में बुलाया.
आह’ उनका बॉस- 2
ऑफिस पोर्न कहानी में मैं अपने पति के नए ऑफिस में उनके बॉस के साथ थी. उनको मेरी देसी जवानी भा गयी थी शायद. उनके हाथ मेरे जिस्म पर फिसलने लगे थे.
आह’ उनका बॉस- 1
हॉट इंडियन ब्यूटी को के सामने गोरी फिरंगनें भी पानी भरती हैं. ऐसी ही एक देसी सुन्दरी को जब उसके पति के बॉस ने देखा तो दोनों को ऑफिस में आमंत्रित किया.
पाठिका संग मिलन-6
उसने एक क्षण सोचा, फिर साँस खींची और कह प्रिया- लंड!और गिलास खाली कर प्रिया बिल्कुल मरदों जैसी फिल्मी स्टाइल में।स्त्री मुख से इस घोर वर्जित शब्द का उच्चारण एक तीखी गैस की तरह मेरे माथे में चढ़ गया। मैंने लपककर उसे खींचा और पलटकर अपने नीचे ले आया।“लंड...
पाठिका संग मिलन-5
मैं घूमकर उसके सामने आ गया उसके नुकीले उभारों के बीच। अभी तक हम अगल बगल बैठे थे। वह अपने वक्ष को ढकने लगी, मैंने उसकी कलाइयाँ पकड़कर लीं। उसके दोनों उरोज अजब चालू सी नुकीली डिजाइन के कपों में बंद थे और यूँ अलग अलग थे जैसे दो सहेलियाँ एक-दूसरे से म...
पाठिका संग मिलन-3
ट्रेन का कन्फर्म टिकट नहीं मिला। मैंने फ्लाइट बुक कर ली।विमान पूना में हवा में उतर रहा था। इसी शहर में … किसी लड़की से मिलने जाओ तो वह शहर भी कुछ स्पेशल-सा लगता है। रेलगाड़ी से धीरे धीरे घुसने में उस तरह का रोमांच महसूस नहीं होता जो वहाँ विमान से ...
पाठिका संग मिलन-2
“हा हा हा!” जलतरंग की सी हँसी- आप सचमुच तेज हैं, पहचान लिया!“कोई बड़ी बात नहीं। लीलाधर का नंबर गिने-चुने के पास ही है। और उनमें पाठिका सिर्फ एक ही है।”“अच्छा!”उसे गर्व हुआ होगा। मैंने उसके कसे वस्त्रों के नीचे वक्षों के फूलने की अर्चना की।
पाठिका संग मिलन-1
उनमें से एक पाठिका ऐसी है जिसके साथ संवाद का सिलसिला काफी आगे बढ़ा और अंततः स्वयं में एक कहानी बन गया। मेरी बहुत दिनों से इच्छा थी उस कहानी को आपके सामने लाने की, लेकिन वे, अपने स्त्री स्वभाव के अनुरूप, इसके पक्ष में नहीं थी।
केले का भोज-9
योनि खाली हुई लेकिन सिर्फ थोड़ी देर के लिए। उसकी अगली परीक्षाएँ बाकी थीं। रमेश को प्रिया वादा दिमाग में हथौड़े की तरह बज रहा था,‘जो इज्जत केले को मिली है वह मुझे भी मिले।’समस्या की सिर्फ जड़ खत्म हुई थी, डालियाँ-पत्ते नहीं।काश, यह सब सिर्फ एक दु:स्...