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सेक्स सम्बन्धी जानकारी पठन समय: 5 मिनट पढ़ा गया: 1,122 बार

यौन परिकल्पना सेक्स फ़ैंटेसी-2

अरुण

29 Nov 2010 को प्रकाशित

यौन परिकल्पना सेक्स फ़ैंटेसी-2
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दोस्तो, मैं अरुण एक बार फिर से आपसे मुखातिब हूँ।

वासना में डूबी कामुकयौन परिकल्पना सेक्स फ़ैंटेसीके पहले भाग को आप लोगों का ज़बरदस्त समर्थन मिला, इससे मैं भी उत्साहित हूँ, ये लेख आप लोगों को कहानियों से अलग लगे फिर भी पसंद आये, इसके लिए धन्यवाद।

पुरुष अपनी बात को बेहिचक कह देते हैं, लिख देते हैं लेकिन अब आज की नारी भी बहुत बिंदास हो गई है और कुछ ने अपनी कामुक कल्पनायें मुझे लिख भेजी हैं, जिनके आधार पर मैं यह दूसरा भाग लिख रहा हूँ।

पिछले भाग में मैंने साधारण कामुक कल्पनायें ही लिखी थी लेकिन इस बार में कुछ असाधारण सेक्स फैन्टसी लिख रहा हूँ।ये यौन परिकल्पनाएँ मुझे लड़कियों ने ही लिख कर भेजी हैं, मुझे फैन्टसी के मामले में लड़कियाँ लड़कों से भी ज्यादा बोल्ड और वाइल्ड लगी।कुछ ने वाट्सएप्स या फोन पर भी मुझसे अपनी बात बताई।तो लीजिए पेश हैं

ये शब्द जब मैंने पहली बार एक लड़की के मुखारविन्द से सुने तो मैं हक्का बक्का रह गया, कि कहीं यह कोई मानसिक विकार तो नहीं है, लेकिन उसके बाद दो और लड़कियों ने भी फोन सेक्स के दौरान सेक्स में अपनी जो सेक्स फैन्टसी बताई की वे अक्सर बहुत ज्यादा उत्तेज़ना पाने के लिए क्या क्या सोचती हैं, अपनी सगी माँ को भी चुदाई के खेल में शामिल करती हैं, फैन्टसी सुनाते समय जो जो लड़कियों ने बोला, वही मैं यहाँ जस का तस लिख रहा हूँ।

‘अह्ह्ह्ह अरुण, ये देख ये मेरी मम्मी है, लगती है न क्या मस्त रंडी, कुतिया…?तू इसका मस्त बदन देख, तू इसकी सेक्सी अदाएँ देख, बहुत चुड़दकड़ है ये साली…आज तू इस रंडी को मेरी मम्मी को पूरा नंगा कर, मेरे सामने इसके पूरे कपड़े उतार…

इस दौरान वो अपनी मम्मी को माँ बहन की गालियाँ दे रही थी और मुझे भी देने को बोल रही थी। ये सब कहते हुए उसकी उत्तेज़ना बढ़ती ही जा रही थीआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह्ह…उईईईईईई…ऐसा सब कुछ… और फिर वो अपनी मम्मी के बाल, चेहरा, बूब्स, गांड और चूत के बारे में मुझसे सेक्सी सेक्सी बातें करने को कहने लगी, अपनी मम्मी के गुप्त अंगों को चूसने-चाटने-खाने को बोला, यहाँ तक की अपनी मम्मी की गांड पे चांटे मारने, थप्पड़ का जिक्र भी किया।इसके अलावा भी बहुत सी गंदी गंदी बातों का जिक्र किया, जिसे यहाँ लिखना मुझे भी अजीब लग रहा है।

यह भी उपरोक्त से मिलती जुलती सेक्स फैन्टसी है, लेकिन यहाँ माँ की जगह अपने पति का जिक्र है, ऐसी फैन्टसी अधिकतर उन विवाहित लड़कियों की थी जिनके पति उन्हें सेक्स में या तो अच्छे से संतुष्ट नहीं कर पाते हैं या फिर उनकी वाइल्ड सेक्स फैन्टसी को पूरा नहीं कर पाते!कुछ पति मुखमैथुन से परहेज़ करते हैं या सेक्स में कुछ नया उत्तेजक खेल ट्राय नहीं करते हैं क्योंकि यह फैन्टसी बताते हुए वो बोल रही थी कि इसके सामने सेक्स कर इसको दिखा दिखा के चोद… बता दे आज इसको कि मस्त चुदाई कैसे की जाती है… ले चाट मेरी चूत… मैं नंगी पड़ी हूँ पैर चौड़े करके, इसको दिखा कि चूस कर कैसे चाटी जाती है चूत…मेरे बूब्स का दूध पी ले, इन्हें मसल डाल, कुचल डाल इत्यादि इत्यादि।

एक ने तो यहाँ तक कहा कि मेरे पति को एक कुर्सी पर बाँध दो, फिर करो सब कुछ…

और एक ने कहा कि मेरे पति खुद मुझे नंगी करके तुम्हारे हवाले करें, मेरे बूब्स तुम्हारे हाथों में दे, मेरी चूत खुद चौड़ी करे तेरे लौड़े के लिए…और इन सबके साथ गंदी गंदी गालियाँ अपने पति के लिए…

दोस्तो, सुनने में ये सब बहुत अजीब और गन्दा लग रहा होगा लेकिन मैं बता दूँ कि जो कुछ मैंने लिखा यह 100% सही है और ऐसा ही मुझे बताया इन लड़कियों ने…

दोस्तो, फैन्टसी वही होती है जो आपको ज्यादा से ज्यादा मज़ा देती है लेकिन हक़ीक़त में नहीं हो पा रही हो, तो उसे हम मन ही मन सोचते हैं और सोच या सपना हमेशा असल से कई गुना ज्यादा ही होता है और ज्यादा ही मज़ा भी देता है।

उपरोक्त दोनों फैन्टसी में वासना के साथ साथ कहीं न कहीं अपने गुस्से का इज़हार भी है और अपने गुस्से के गुबार को निकाल देना ही सही रहता है।ये लड़कियाँ और विवाहिता बहुत ही शिक्षित और अच्छे घरों की है, इनमें से एक तो डॉक्टर भी है और मुझे ये सब शेयर करते हुए भी उन्होंने काफी सुकून महसूस किया।

कुछ और फैन्टसी में अब अगले भाग में लिखूँगा।मेरे इस लेख पर अपने सुझाव या आपत्तियाँ जो भी हों, कृपया मुझे जरूर लिखें।

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श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

यौन परिकल्पना सेक्स फ़ैंटेसी

कुल भाग: 3
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