होम पर वापस जाएं
Group Sex Story पठन समय: 18 मिनट पढ़ा गया: 271 बार

लंगोटिया यार का स्वागत बीवी की चूत से-4

सनी वर्मा

05 Oct 2021 को प्रकाशित

लंगोटिया यार का स्वागत बीवी की चूत से-4
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

दीपा पागलों की तरह विनोद का लंड चूस रही थी क्योंकि नीचे अनिल ने उसकी चूत में अपनी जीभ से आग लगा दी थी.

पर हाय री किस्मत … तभी घंटी बजी …

दीपा बोली- डिनर आ गया.

विनोद अनिल को दीपा के पास अकेला छोड़ना नहीं चाहता था क्योंकि वो जानता था कि उसके हटते ही अनिल दीपा की चूत में घुस जाएगा और विनोद वह पल देखने से चूक जाएगा, जिसकी उसे इतने दिनों से प्रतीक्षा थी.तो उसने दीपा से कहा- चलो कपड़े डाल लो.अब दीपा क्या कहती … उसकी चूत तो चुदने के लिए बेताब थी पर दीपा विनोद से ये नहीं कह सकती थी कि तुम जाओ मैं तो पहले चुदुंगी.मन मारकर दीपा उठी.

घंटी दोबारा बजी … दीपा बोली- रुको, आ रही हूँ.दीपा ने बाथरूम से गाउन डाला और पर्स लेकर आई.

अनिल और विनोद भी उठकर अपने अपने रूम में चले गए. अब एक बार रंग में भंग हुआ तो महफ़िल बर्खास्त.

विनोद ने पेग बना लिए.

जब तक दीपा डिनर लगाती, अनिल और विनोद ने एक एक पेग मार लिया. बीच बीच में दीपा ने आकर दो-चार सिप मार लिए.

डिनर लेते समय अचानक अनिल बोला- ये सतपुड़ा हिल्स कितनी दूर हैं?विनोद ने बताया कि 5-6 घंटे का रास्ता है.

अनिल का मन था वहां जाने का. दीपा भी झट तैयार हो गयी क्योंकि सतपुड़ा हिल्स में अपनी चूत फड़वाने का अलग ही मजा आएगा.

तो ये तय हुआ कि चूंकि कल सन्डे है तो विनोद सोमवार की छुट्टी लेगा. कल सुबह 5-6 बजे निकल चलते हैं और सोमवार को शाम तक वापिस आ जायेंगे क्योंकि रात की अनिल की फ्लाइट है.डिनर से फ्री होते होते रात के 10 बज गए. सामान भी लगाना था, सुबह जल्दी निकलना था. दीपा को टेंशन हो रही थी. उसने अनिल और विनोद को कहा- आप अनिल के रूम में जाकर गप्पें मारो, तब तक में तैयारी कर लूं.

दीपा ने जल्दी से ढेर सारे स्नैक्स, बियर, व्हिस्की, सिगरेट और जो कुछ भी हाथ लगा पैक कर लिया. अब बारी आई कपड़ों की … तो उसने अपनी नयी ड्रेस्सेस, शॉर्ट्स, टॉप वगेरा रखे और विनोद के भी कपड़े रखे.

11 बजते बजते दीपा ने सारे काम निबटा लिए.

ड्राइंग रूम में झाँक के देखा तो अनिल और विनोद सोफे पर ही सो गए थे.

दीपा चुपके से जाकर लाईट बंद कर आई और अपने रूम में आकर सो गयी. सुबह का 4 बजे का अलार्म लगा लिया था उसने.

रात को 2 बजे करीब विनोद ने आकर उसे दबोच लिया, वो सेक्स के मूड में था पर दीपा ने उस से कहा कि कल सतपुड़ा में जम कर सेक्स करेंगे, अभी सो जाओ, तुम्हें ड्राइव भी करना है.विनोद चूमा चाटी करके मन गया.

अगले दिन निकलते निकलते 6 बज गए. दीपा ने माइक्रो शॉर्ट्स पहनी थी यानि जरा सी ऊपर सरकाओ तो सीधे चूत के मुंहाने पर.विनोद और अनिल शॉर्ट्स और टी शर्ट में थे.

दीपा ने सुबह जल्दी उठकर पूड़ी सब्जी बना ली थी क्योंकि विनोद को बाहर निकलते ही पूड़ी आलू याद आते हैं.

सुबह सब ने कॉफ़ी ली और सिगरेट के गुबार उड़ाते वड़ोदरा से निकले. रास्ते भर नॉन वेज जोक्स चलते रहे. दीपा के होंठ और गाल तो दो दो मर्दों के चूमते चाटते थक गए. वो तो भला हो कि रास्ते में उसके मम्में सिर्फ दबे, टॉप उतरी नहीं! वर्ना उनके लंड तो रास्ते में ही खाली होने को तैयार थे.

और उनके लंड ही क्या खुद दीपा की चूत रात से नाराज थी, गर्म चूत पर जैसे बर्फ का पानी पड़ गया था. अब दीपा का मन भी कर रहा था कि अनिल उसे कस के पकड़ ले और चोद दे.उसने तो एक बार हंस कर कह भी प्रिया- मैं तो रात भर तुम्हारा इंतज़ार करती रही.

2 बजे तक ये लोग सतपुड़ा हिल्स पहुंचे. क्या खूबसूरत समां था. सीधे हनीमून पॉइंट गए … वहां तो जिसको देखो चिपटाए खड़ा था … खुले आम चूमा चाटी हो रही थी.

अब दीपा की आफत … कभी अनिल चिपटाए कभी विनोद!पब्लिक प्लेस पर तो वो ये भी नहीं कह सकती कि चलो दोनों आ जाओ.

चारों ओर जवां जोड़े अपने प्यार का इजहार कर रहे थे.दीपा जब हॉस्टल में थी तो उसने एक पोर्न फिल्म देखी थी जिसमें दोस्तों का एक ग्रुप घूमने गया था और वहां सभी ने ग्रुप सेक्स किया. तभी से उसके मन में एक ललक थी कि एक साथ दो लंडों का मजा कैसा होता होगा.चलो शायद ये सपना भी आज पूरा होगा.

देर शाम तक वे लोग अपने पहले से बुक होटल में आ गए. विनोद ने दो कमरे ऐसे बुक कराये थे जो अंदर से आपस में खुलते थे.

होटल में पहुँच कर दीपा विनोद अपने रूम में चले गए, अनिल अपने रूम में. ये तय हुआ कि एक घंटे सोया जाए, फिर फ्रेश होकर फिर घूमने चलेंगे.रात को हिल स्टेशन पर घूमने का आनंद ही कुछ और होता है … मौसम ठंडा … सर्द हवा … साथ में गर्म जिस्म … चिपकने में मजा आ जाता है.

कहीं कहीं बेन्च पड़ी थीं … जवान जोड़े चूमा चाटी में लगे थे.

दीपा की बड़ी आफत … पहले तो विनोद ने चूम चूम कर उसकी लिपस्टिक खराब कर दी… फिर वो सिगरेट लेने के लिए इधर उधर हुआ तो अनिल ने होंठ जड़ दिए.

घूम फिर के वे लोग थक गए तो एक रेस्तरां में डिनर लिया और होटल वापिस.

9 बज गए थे. रात पूरी जवां थी. अरमान उफान पर थे … अधूरी कहानी पूरी करनी थी.

दीपा विनोद अपने कमरे में गए और अनिल को बोल प्रिया- ड्रिंक करेंगे, तुम भी रूम में आ जाना कपड़े बदलकर!

विनोद ने रूम में पहुंचकर दीपा पर चुम्बनों की बरसात कर दी.दीपा बोली- यार, मुझे कपड़े तो बदलने दो!

पर विनोद ने तो उसे नंगी कर बेड पर पटक प्रिया और उसकी चूत में जीभ घुसा दी.दीपा को भी आग लग गयी पर वो बोली- मुझे 5 मिनट दो, मैं नयी वाली नाईट ड्रेस पहनती हूँ, फिर रात भर सेक्स करेंगे.

विनोद ने दीपा को छोड़ प्रिया और दोनों वाशरूम में घुस गए; शावर लेकर बाहर आये.

विनोद को तो क्या तैयार होना था. उसने बरमूडा और टी शर्ट डाली, पर दीपा को तो सुहागरात के लिए तैयार होना था. वो नाईट ड्रेस और मेकअप किट लेकर वाशरूम में घुस गयी.

जाते जाते उसने विनोद से कहा- डार्लिंग, एक सुट्टा तो लगवा दो.विनोद ने सिगरेट जला कर उसे वाशरूम में ही दी क्योंकि अनिल आने वाला था. दीपा ने दो चार सुट्टे मार कर सिगरेट विनोद को लौटा दी और वाशरूम का दरवाजा लॉक कर लिया.

बाहर अनिल आ गया. विनोद ने पेग बनाये और अनिल को दिए. अनिल ने इशारे से दीपा के लिए पूछा तो विनोद बोला- तैयार हो रही है.दोनों दोस्त गप्पें मारते हुए ड्रिंक्स का मजा ले रहे थे.

तभी दीपा बाहर आई … क्या परी सी लग रही थी. ड्रेस तो इतनी सेक्सी थी कि अनिल कि क्या औकात … विनोद भी लट्टू हो गया.दीपा ने अपने नेल पेंट से लेकर हेयर बेंड सब लाल रंग के कर रखे थे.

उसने आते ही विनोद को और अनिल को एक लाईट किस प्रिया और अपना पेग लेकर बेड पर बैठ गयी क्योंकि रूम में दो ही कुर्सी थीं.विनोद बोला भी कि मेरी गोद में बैठ जाओ.तो दीपा बोली- तुम मर्दों की गोद में आराम नहीं मिलता. एक मिनट में ही नीचे से हमला शुरू हो जाता है.

विनोद ने कुछ हैवी स्नैक्स आर्डर कर दिए थे, ताकि डिनर की जरूरत ख़त्म हो जाये.वेटर सामान ले आया. तीनों नीचे बैठ गए. जाम के साथ नमकीन काजू, कटलेट्स, हनी चिल्ली पोटैटो, यानि कुल मिला कर पेट भरने का पूरा इंतजाम.

विनोद ने टीवी पर अपनी पेन ड्राइव से एक पोर्न मूवी चला दी.दीपा झल्लाई- ये क्यों लगा दी?पर विनोद नहीं माना, अनिल भी बोला- चलो पांच दस मिनट देख लेते हैं, फिर बंद कर देंगे.

दीपा को अनिल के सामने देखना अच्छा नहीं लग रहा था, वो उठ कर बेड पर लेट गयी.

अब विनोद ने भी सोचा कि कहीं बात ना बिगड़ जाए तो उसने टीवी बंद कर प्रिया और दीपा को मन कर उठाने की कोशिश की.पर दीपा बोली- मैं थक गयी हूँ अब सोऊँगी.

विनोद ने अनिल की ओर देखा कि ये तो मामला खराब है.पर विनोद को मालूम था कि दीपा कैसे ठीक होगी. वो दीपा के एक ओर लेट गया और दीपा के मुंह से मुंह लगा कर सॉरी बोला और कहा- मूड मत खराब करो.

अनिल ने ‘जरा जरा बहकता है मेरा मन …’ गाना अपने मोबाईल पर चला प्रिया और कमरे की लाईट बहुत धीमी कर दी. विनोद के कहने पर वो भी बेड पर दीपा के दूसरी ओर लेट गया.

कमरे का माहौल धीरे धीरे रूमानी होता जा रहा था. अनिल ने दीपा के पेट पर हाथ रखा, उसने कुछ नहीं कहा. फिर अनिल ने अपना हाथ उसके मम्मों की ओर बढ़ाना चाहा तो दीपा ने हाथ पकड़ लिया पर पेट से हटाया नहीं.

विनोद ने धीरे से उसके कान पर से बाल हटाये और कान को जीभ से चाटा और दांत से दबाने की कोशिश की.दीपा हंसती हुई उठी, बोली- मुझे तंग मत करो.

यह तो तय था कि वो अब नार्मल हो गयी थी.

विनोद ने उसे वापिस लिटा लिया और बोला- चलो- कुछ नहीं कहेंगे.दीपा को मालूम था कि क्या कुछ नहीं कहेंगे, बस अभी थोड़ी देर में ही सब कुछ कहेंगे और करेंगे.

वो बोली- लाईट बंद कर दो और सो जाओ.अनिल उठा और लाईट बंद कर दी.

कमरे में घुप्प अँधेरा हो गया तो दीपा बोली- वाशरूम का दरवाजा हल्का सा खोल दो, थोड़ी रोशनी आ जाएगी.अनिल ने दरवाजा हल्का सा खोला, उससे इतनी रोशनी हो गयी कि बस अहसास हो जाए उठने बैठने का.

अब अनिल भी बेड पर आ गया और सीधा अपने होंठ दीपा के होंठ से मिला दिये. पीछे से विनोद ने भी उसके गाउन के अंदर हाथ डाला और पहले तो मम्मे दबाये फिर एक हाथ से उसकी जांघ सहलाने लगा.

अनिल ने दीपा के गाउन के अंदर हाथ डाला तो दीपा ने उसका हाथ पकड़कर बाहर कर प्रिया और उसके ऊपर चढ़ कर बैठ गयी और होंठों से होंठ मिला कर चूसने लगी.

विनोद उठा और उसने दीपा का गाउन उसके शरीर से अलग कर प्रिया.दीपा अनिल को छोड़ अब विनोद से चिपट गयी. उसने एक हाथ पीछे किया और अनिल को भी चिपटने का इशारा किया. पीछे से अनिल भी उससे चिपटा तो दीपा ने अपना एक हाथ पीछे करके अनिल का लंड पकड़ लिया.

विनोद ने दीपा की ब्रा ऊपर करके उसके मम्मे निकाल दिए और उन्हें चूसने लगा. अनिल ने भी मौका देख कर दीपा की पैंटी के अंदर हाथ डाल प्रिया और उसकी चूत जो पानी छोड़ रही थी, में उंगली कर दी और जोर जोर से मालिश करने लगा.

अब दीपा मस्त हो चुकी थी, वो बोली- अनिल और तेज करो ना!विनोद उठा और अपने सारे कपड़े उतार कर अपना लंड उसने दीपा के मुंह में दे प्रिया. अब दीपा मुंह से उसका लंड चूस रही थी और अनिल नीचे उसकी चूत चूस रहा था.

अनिल ने उसकी टांगें चौड़ा रखी थीं और जीभ पूरी उसकी चूत में थी. जैसे जैसे अनिल स्पीड बढ़ता वैसे वैसे ही दीपा विनोद का लंड लप लप करती. अनिल आगे हाथ बढ़ा कर उसके मम्मे मसल रहा था.

अब दीपा को ध्यान आया कि विनोद कहता है अनिल का लंड बड़ा और मोटा है तो क्यों न चूसा जाए.तो दीपा ने विनोद का लंड बाहर निकाला और बैठने की कोशिश की.

अब विनोद नीचे लेट गया. दीपा ने अपनी चूत तो उसके मुंह पर रख दी और अनिल का अपनी ओर खींच कर उसका बरमूडा नीचे खींचा और लंड को आज़ाद किया. हालांकि अभी थोड़ी देर पहले ही दीपा ने अनिल का लंड हाथ से मसला था.

पर अब वो मूसल सा लंड उसके हाथ में था और उसने उसका सुपारा चाटना शुरू किया. फिर धीरे धीरे उसका टोपा खला और पूरा लंड मुंह में ले लिया. अनिल का लंड निश्चित ही विनोद के लंड से बड़ा और मोटा था. दीपा के हलक तक जा रहा था और दीपा को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी. पर लंड की चाहत एसी होती है कि चाहे सांस बंद हो जाए जब तक वो चूत चोद नहीं लेता, दोनों में से कोई रुकता नहीं.

जल्दी किसी को कोई थी नहीं … दीपा ने विनोद को भी आगे खड़ा किया और अपने दोनों हाथों से एक एक लंड पकड़ लिया. कभी एक लंड कभी दूसरा. वो लोलीपॉप की तरह उन्हें चूसती रही. अनिल और विनोद भी उसके मम्मे मसलते रहे.

अपने मम्मों के बीच में अनिल का लंड रखकर दीपा ने उसकी मालिश करी तो अनिल को तो लगा कि वो छूट ही जाएगा.

अब दीपा भी खड़ी हो गयी. तीन नंगे जिस्म गुत्थम गुत्था को तैयार थे. अनिल और विनोद ने खड़े खड़े ही दीपा को अपने बीच में सैंडविच बना रखा था. दीपा कभी अनिल के होंठ चूमती, कभी विनोद के.

अब सब बेड पर आ गए और पहले विनोद ने दीपा की टाँगें चौड़ी की और अपना लंड पेल प्रिया.आज विनोद को भी जोश पूरा था. थोड़ी देर की धकापेल के बाद वो अलग हुआ तो अनिल ने धावा बोल प्रिया.

हालांकि दीपा की चूत पूरी चिकनी पड़ी थी पर अनिल का धक्का इतना जोर का था कि दीपा ने आँखें बंद कर ली और चीख पड़ी. अनिल ने लंड निकालना चाहा पर दीपा ने अपने नाखून उसकी पीठ पर गड़ा दिये और अब अनिल की तूफ़ान मेल शुरू हो गयी.

दीपा की ‘उहं … आह … मजा आ गया … और जोर से करो अनिल …’ ऐसी वासनामय सिसकारियों से पूरा कमरा भर गया.

अनिल ने 5-7 मिनट की रेलमपेल क बाद अपना माल दीपा की चूत में ही निकाल प्रिया और थक कर एक ओर लेट गया.

विनोद का लंड अभी तना खड़ा था, थक तो दीपा भी गयी थी पर विनोद का निकालना भी जरूरी था.अब विनोद ने दीपा की टाँगें चौड़ी की, दीपा ने तौलिये से अपनी चूत साफ़ करी. पर अनिल ने माल इतना निकाला था कि उसकी चूत से लावा जैसा निकल रहा था.

दीपा विनोद से बोली- रुको, मैं धोकर आती हूँ.

वह वाशरूम में गयी और क्लीन करके और पौंछ कर आई.

विनोद बोला- आज तो मुंह से ही निकाल दो.दीपा मुस्कुराई. उसे मालूम था कि विनोद को चुसवाना बहुत पसंद है और दूसरे मर्द के वीर्य के ऊपर उसका पति नहीं निकालना चाहता.

दीपा ने पूरे मन से विनोद का लंड चूसना शुरू किया और वो विनोद को जल्दी ही इस स्थिति में ले आई कि विनोद चीखने लगा- मेरा निकलने वाला है.उसका लंड दीपा ने मुंह से निकाला और अपने मम्मों पर सारा माल गिरवा प्रिया. और फिर लंड को चाट कर साफ़ कर प्रिया.

तीनों संतुष्ट हो गए थे और ऐसे ही नंगे बेड पर पड़े रहे.

दीपा ने सिगरेट जला ली और एक ही सिगरेट से तीनों ने सुट्टे मारे.रात अभी बाकी थी. अभी तो तीनों थक कर ऐसे ही सो गए.

रात को दीपा की आँख खुली, वो वाशरूम गयी, आई तो देखा अनिल भी आँख मिचमिचा रहा है.

दीपा ने उसका तना हुआ लंड फिर मुंह में ले लिया. विनोद सो रहा था.

अनिल के भी मन में दीपा के साथ अकेले सेक्स करने का मन था. उसने दीपा को खींच कर सोफे पर लिटाया और उसकी टाँगें फैला कर घुस गया उसकी चूत में.अनिल का मोटा लंड धमाल मचा रहा था. दीपा को उसने हर एंगल से चोदा और इतना चोदा कि दीपा की सिसकारियों से विनोद की आँख खुल गयी.

वो बोला- अरे अकेले ही शुरू हो गए? मुझे उठा लेते!विनोद भी आ गया. उसका लंड भी तैयार था. उसने दीपा को घोड़ी बनाया और अब पीछे से उसकी चूत में विनोद ने अपना लंड घुसा प्रिया.

दीपा के मुंह में अब अनिल का लंड था. विनोद के हर धक्के का हिसाब दीपा की जीभ अनिल के लंड से लेती.

थोड़ी देर में ही अनिल ने अपना फव्वारा दीपा के मुंह में ही छोड़ प्रिया और उधर विनोद ने भी अपना माल दीपा की चूत में गिरा प्रिया.दीपा चीखी- अरे होटल वाले नाराज होंगे!क्योंकि उसके मुंह और चूत से अनिल और विनोद का माल मीचे फर्श पर टपक रहा था.

दीपा वाशरूम में भागी.

वो फ्रेश होकर आई और बोली- अब मुझे सोने दो … कल मैं कहीं नहीं जाने वाली. सुबह देर तक सोयेंगे और फिर सीधा वापिस वड़ोदरा चलेंगे.

अनिल ने उनसे यह वायदा लिया कि वो दोनों जल्दी ही दुबई आयेंगे और वहां अनिल की वाइफ को भी इसमें जोड़ेंगे और चारों मस्ती करेंगे.

दोस्तो, कैसी लगी आपको दीपा की मस्ती!

यह कहानी बिल्कुल सच्ची और एक हफ्ते पुरानी है. इसको लिखने में दीपा ने मुझे कितनी ही बार मेल किये.

उम्मीद है आप सभी को कहानी पसंद आएगी.लिखियेगा मुझे : support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

लंगोटिया यार का स्वागत बीवी की चूत से

कुल भाग: 4
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

अपने साथ मौसी की लड़की को भी चुदाई का मजा दिलवाया(Apne sath mausi ki ladki ko bhi chudai ka maza dilwaya)
Group Sex Story

अपने साथ मौसी की लड़की को भी चुदाई का मजा दिलवाया(Apne sath mausi ki ladki ko bhi chudai ka maza dilwaya)

मैं पुजा पंजाब से हूं। आज मैं अपनी ओर मौसी की लड़की रेखा की चुदाई की कहानी लेकर हाजिर हूं। रेखा के बूब्स 32″, गांड 36″ की है, और मेरे बूब्स 34″, और गांड 38″ की है। रेखा मेरे से उम्र मे एक साल छोटी है। अब कहानी पर आती हूं।

8 मिनट 650
Mummy Ki Chut Me Kale African Lode
Group Sex Story

Mummy Ki Chut Me Kale African Lode

Hello dosto, Mera naam Sunny hai. Aur main Delhi ka rhne wala hun. Delhi me main ek flat me apni mummy ke sath rehta hun. Papa ne dusri shadi karli hai aur mummy ko divorce de diya hai. Main college student hun aur meri mummy sirf ek housewife hai...

14 मिनट 640
Mere Kaaran Meri Behen Chudi
Group Sex Story

Mere Kaaran Meri Behen Chudi

Hi friends !!! Jankar bahut acha laga ki aapne meri puraani indian sex story ko pasand kiya.. Please keep replying me on my mail.

12 मिनट 1,115

पाठकों की राय

1 टिप्पणी

श्रेयस पटेल

3 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।