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पतिव्रता बीवी की चुदाई पुराने आशिक से- 7

जय फेंटेसी मैन

27 May 2026 को प्रकाशित

पतिव्रता बीवी की चुदाई पुराने आशिक से- 7
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Xxx वाइफ स्टोरी में मेरी बीवी का एक्स बॉयफ्रेंड मेरे घर आया था. मैंने जानबूझ कर उन दोनों को अकेले रहने का मौक़ा दिया और उनकी हरकतों पर नजर रखी.

दोस्तो! कैसे हैं आप सब? मेरी पुरानी सच्ची घटना पर आधारितपतिव्रता बीवी की चुदाई उसके पहले प्यार सेपोस्ट किया था, जिसे सभी पाठकों ने काफी पसंद किया था और सैंकड़ों मेल मुझे प्राप्त हुए थे।

कई लोगों ने आगे की कहानी पोस्ट करने का अनुरोध किया था।

मैं यहाँ बताना चाहता हूँ कि मेरी पिछली सच्ची दास्तान की कहानी को मैंने अधूरा ही छोड़ दिया था और जान-बूझकर कहानी को समाप्त करने हेतु पत्नी को पुराने आशिक को घर चले जाने की बात कही थी।

परंतु वास्तव में यह सही नहीं था।वो कहानी लिखते-लिखते मेरा काफी समय लग रहा था, इसलिए मैंने कहानी को रोक दिया था।

अब उसी Xxx वाइफ स्टोरीपतिव्रता बीवी की चुदाई पुराने आशिक से- 6को मैं जहाँ से समाप्त हुआ था, वहीं से शुरू कर रहा हूँ।

संजना और उसके पहले आशिक की चुदाई देखने के बाद मैं अपने कार्यालय चला गया और फिर 05.30 बजे शाम को जब घर आया, तो अंदर से दोनों की कुछ आवाज आ रही थी।मैंने फिर खिड़की के रास्ते अंदर छुपकर देखा, तो संजना अभी नाइटी में थी और बेड पर लेटी थी और दिनेश उसके बगल में सिर्फ गमछा लपेटे हुए था।संजना के बाल बिखरे हुए थे और थकान उसके चेहरे से झलक रही थी।

दिनेश संजना की चुचियों को नाइटी के ऊपर से ही मसल रहा था और बीच-बीच में उसके निपल की घुंडी को दबा दे रहा था।

संजना बोली, “अब बस कीजिए ना! क्यों तंग कर रहे हैं? मैं बहुत थक गई हूँ, थोड़ा आराम करने दीजिए ना!”दिनेश उसकी नाइटी को जांघ तक ऊपर उठाते हुए बोला, “जान! एक बार और करने दो ना!”

संजना बोली, “आप तो बोले थे कि सिर्फ एक बार करने दो, परंतु आप तो सुबह से 3 बार मेरे साथ सेक्स कर चुके हैं, वो भी 1-1 घंटा तक! थकते हैं कि नहीं? घोड़ा हैं कि क्या हैं पता नहीं! मेरा पूरा शरीर दर्द कर रहा है, मैं सुबह से 5-6 बार झड़ चुकी हूँ, अब मुझमें हिम्मत नहीं है!”

संजना के मुँह से यह सुनकर मैं समझ गया कि दिनेश ने मेरी बीवी को आज पूरा दिन भर चोदा है और उसकी जवानी का रस जी भर के पिया है।

दिनेश बोला, “क्या करूँ जान? तुम्हारा ये गदराया जवानी देखकर मन ही नहीं भरता है!”संजना बोली, “देखिये मेरा नीचे कितना सूज गया है! इस तरह से कोई सेक्स करता है? ऐसा लगता है जैसे अपनी बीवी का सब गुस्सा मेरे वेजीना से ही निकाल दिए हैं! मेरा हस्बैंड देखेगा और पूछेगा कि इतना कैसे सूज गया, तो मैं क्या बोलूँगी?”

दिनेश बोला, “आज उससे सेक्स नहीं करना!”वह बोली, “अरे! वो बिना सेक्स किये मुझे एक भी दिन नहीं छोड़ते हैं!”

दिनेश मायूस होकर बोला, “एक मेरी बीवी है जो मुझे सेक्स करने ही नहीं देती है!”इस बात पर संजना उठ गई और दिनेश के बालों पर हाथ फिराते हुए बोली, “ये सब नसीब की बात है, मैं चाह के भी कुछ नहीं कर सकती!”

दिनेश बोला, “ठीक है, तुम आराम करो, मैं जाता हूँ अपने रूम!” और जाने लगा।

तभी संजना ने उसका हाथ पकड़ लिया और बोली, “आपके लिए मैं हल्का दर्द बर्दाश्त नहीं कर सकती क्या!”और फिर उसने दिनेश को अपनी बाहों में कस लिया।

दो मिनट के बाद दिनेश ने ही पहल करते हुए संजू के कान को अपने मुँह में लेकर चुभलाने लगा।संजना को गुदगुदी हुई और हँस पड़ी।

दिनेश ने अब संजना की नाइटी को ऊपर उठाते हुए उसे उसके बदन से अलग कर दिया।संजना ने अंदर कुछ नहीं पहना था, वह पूर्णतः नंगी थी।

उसकी चुची पर कहीं-कहीं दांत के निशान थे।

दिनेश अब संजना के पीठ तरफ आकर अपने दोनों हाथों को आगे बढ़ाते हुए उसकी चुची का मर्दन करने लगा।संजना “ईस्ससस……” कर उठी!

दिनेश उसकी कोमल और गदराई चुचियों को बड़े बेरहमी से मसल रहा था और संजू के गर्दन को चाट रहा था।

इसी बीच दिनेश का गमछा भी खुल चुका था, दिनेश भी अंदर से नंगा था और उसका लंड फुफकार मार रहा था।

दिनेश ने अब संजू की चूत में एक उंगली घुसा दिया और अंदर-बाहर करने लगा। संजना “ईस्स” कर उठी!

एकाएक संजना बोली, “मुझे टॉयलेट जाना है, करके आती हूँ!”तभी दिनेश ने कुछ ऐसा बोला, जिसे सुनकर मुझे और संजना दोनों को आश्चर्य हुआ।

दिनेश ने बोला, “छोड़ो ना बाथरूम जाने, तुम यहीं कर दो ना!”

संजू हँसकर बोली, “बेड पर क्या?”दिनेश बोला, “नहीं, मेरे मुँह में……!”

संजू बोली, “मजाक नहीं, मुझे सच में सुसु आई है!”दिनेश बोला, “मुझे तुम्हारा सुसु पीना है!”संजू बोली, “छीः! ये कोई बात नहीं हुई? क्या बोल रहे हैं आप!”

ये कहकर संजू बाथरूम जाने के लिए जैसे ही खड़ी हुई कि दिनेश झट से संजना का हाथ पकड़कर रोक लिया और वो नीचे बैठ गया और संजना की एक टांग को अपने कंधे पर उठा लिया और संजना की चूत को अपने मुँह में भरकर चूसने लगा।

संजना बोलती रही, “प्लीज! पहले बाथरूम से आने दीजिये ना!”पर दिनेश उसकी चूत को पागलों की तरह पूरा मुँह में भरकर चूसने लगा।

लगभग 2 मिनट की चूत चुसाई के बाद संजना को भी अब मजा आने लगा था।

वो दिनेश के बालों को पकड़कर अपने चूत चुसवा रही थी और मुँह से “आह…. आह…!” की आवाजें निकाल रही थी।

05 मिनट बाद संजू बोली, “अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है, मेरा सुसु निकल जायेगा! मुझे बाथरूम जाने दीजिये!”

पर दिनेश ने चूत चूसना जारी रखा और फिर वही हुआ जिसका मैंने सोचा भी नहीं था।संजना की चूत से पेशाब की धार छूटने लगी!

ये देख कर दिनेश ने अपना मुँह संजना की चूत के मूत्र छेद के सामने कर दिया।संजना ने ना चाहते हुए भी पेशाब करना शुरू कर दिया था और दिनेश उसे अपने मुँह में ले रहा था।

पेशाब का वेग तीव्र था जिससे दिनेश के मुँह में जाने से “छुररर ररररर……..” की आवाज आने लगी।दिनेश उसे किसी जूस की तरह अपने अंदर करते जा रहा था।

संजना ने भी अब आँखें खोल ली थी और बड़ी वासनामय आँखों से ये सब देख रही थी।संजू का पेशाब का वेग दिनेश के मुँह में नहीं आ पा रहा था, दिनेश के मुँह से पेशाब का कुछ भाग नीचे फर्श पर भी गिर रहा था।

ये सब देख कर संजना ने बीच में ही प्रेशर डालकर अपने पेशाब को रोक ली और बोली, “छीःई….. कितने गंदे हैं आप!”दिनेश बेशर्म की तरह बोला, “कितना नमकीन है, बहुत टेस्टी लगा!”संजना उसको झूठी पिटाई करते हुए बोली, “कितना गंदा है आप! छीः!”

संजना बोली, “छोड़िये! अभी भी मेरा सुसु पूरा नहीं निकला है, मैं बाथरूम से आती हूँ!”ये कहकर संजना बाथरूम चली गई।

दिनेश का लंड अभी भी सख्ती से खड़ा था।

5 मिनट बाद संजू फिर से रूम में आई तो दिनेश ने उसे फिर से दबोच लिया और संजना के मुँह में अपना जीभ डालते हुए किस करने लगा।संजना भी पूरा साथ दे रही थी।

एकाएक संजना बोली, “आपका मुँह से तो बड़ा नमकीन-नमकीन स्वाद आ रहा है!”दिनेश हँस कर बोला, “वो तुम्हारा पेशाब का टेस्ट है! क्या तुम भी ट्राई करोगी मेरा पेशाब?”संजू बोली, “छीः! ऐसा सोचियेगा भी नहीं! आप तो जानवर हैं!”

दिनेश बोला, “अरे पागल! सेक्स में पागलपन में ही तो मजा आता है! जितना पागलपन दिखाओगी उतना मजा बढ़ेगा!”संजू बोली, “छीः! ऐसा पागलपन हमसे जिंदगी में कभी नहीं होगा!”

ये बोलते हुए संजू दिनेश के मुँह में अपना जीभ घुसाकर बेतहाशा चूसने लगी।वो पागलों की तरह चूस रही थी।

अब दिनेश ने उसी अवस्था में खड़े-खड़े संजना की चूत में अपना पूरा टाइट हो चुके लंड को घुसा दिया।संजू थोड़ा चिहुँक उठी और फिर आँखें बंद कर ली।

अब दिनेश खड़े-खड़े ही संजना की चूत में लंड अंदर-बाहर करने लगा, जिससे संजना के मुँह से “आह… ओह… स्ससस…” की आवाजें निकल रही थीं।

लगभग 5 मिनट के चुदाई के बाद संजना अपने चरम के करीब थी।वो दिनेश को बेतहाशा मुँह में चूसते हुए बोली, “प्लीज! और जोर से कीजिये!”

दिनेश ने अब अपना स्पीड बढ़ा दिया।संजू तो जैसे स्वर्ग में गोते लगा रही थी।वह दिनेश के गाल पर हाथ फेर रही थी।

संजू अब अपने झड़ने के अंतिम कगार पर थी और दिनेश के चेहरे को देखते हुए “आह… आह… और जोर-और जोर से!” कहकर कांप रही थी।यह कहते हुए उसने दिनेश के बालों को कसकर पकड़ कर अपने मुँह को उसके मुँह से सटा लिया और बेतहाशा झड़ने लगी।

कुछ ही सेकंड में संजना का तूफान शांत हो गया और वो निढाल दिनेश की बाहों में सिमट गई।

दिनेश का अभी भी नहीं झड़ा था, पर अब वो सिर्फ संजू की चूत में लंड डाले शांत था।कुछ मिनट के बाद संजना सामान्य हुई और अपनी चूत से दिनेश का लंड निकाली।

दिनेश का लंड अभी भी खड़ा था।

वो बोली, “आपने मेरा सुसु क्यों पिया? इससे आपको इन्फेक्शन भी हो सकता है!”दिनेश बोला, “मुझे तुम्हारा गंदा से गंदा चीज भी पसंद है, मैं तुमसे इतना प्यार करता हूँ!”

संजना अब समझ गई थी कि ये वाकई में बहुत प्यासा है।उसने माहौल को पुनः सामान्य बनाते हुए मुस्कुरा के बोली, “अच्छा बाबा! अब ज्यादा इमोशनल अत्याचार नहीं करो!”

संजना फिर हँसकर बोली, “लेकिन जो भी कहो, बड़ा नमकीन था!”

दिनेश तो जैसे यही सुनना चाहता था।वो बोला, “हाँ जान! आखिर मेरे जान का जो था!”

दिनेश मौका का फायदा उठा कर बोला, “अच्छा जान! मेरा पियोगी?”संजू इस बात पर झूठा गुस्सा दिखाते हुए बोली, “मैं अब सचमुच के आपको पीट दूँगी!”

दिनेश का अब तक वीर्य नहीं निकला था।दिनेश अब संजना के चुची से खेलने लगा और बोला, “अभी मेरा नहीं हुआ है, अब मेरे पप्पू को शांत करो ना!”संजू बोली, “अब 6.30 बजने वाला है, मेरा पति आते होंगे!”

दिनेश बोला, “वाह रे वाह! स्वार्थी, अपना मजा कर ली और मुझे प्यासा रख दिया!”संजू बोली, “तो मैं क्या करूँ? आपका जल्दी निकलता भी तो नहीं है और वैसे भी आपने मेरा कचूमर निकाल दिया है!”

दिनेश का लंड खड़ा होकर फुफकार मार रहा था।

एकाएक मुझे एक खुराफात सूझी।मैंने मेन दरवाजा में जाकर बेल बजाई और फिर से खिड़की पर झांकने लगा।

दोनों घबरा गए।

मेरी बीवी बोली, “मैंने कहा था ना कि वे आने वाले हैं!”उसने तुरंत उठकर नाइटी पहन ली और दिनेश को बोली, “जाइये अपने रूम में!” दिनेश जिसका लंड अभी भी खड़ा था, बेचारे की तरह मुँह बनाये था और बोला, “मेरा क्या होगा इसका?”मेरी Xxx वाइफ संजू हँस के बोली, “जाइये! मुठ मार लीजिये!”

दिनेश गमछी लपेटते हुए रूम से अपने रूम में चला गया।

संजू ने 2 मिनट में दरवाजा खोला।मैंने पूछा, “देर लगा दी?”वह बोली, “कुछ काम कर रही थी।”

मैंने पूछा, “कैसी है तबीयत दिनेश की?”वो बोली, “नहीं पता, वो अपने रूम में ही है।”

मैंने मन में बोला, ‘4-4 बार चुदवा कर बोलती है कि उसे नहीं मालूम!’

खैर, मैं फ्रेश हुआ और दिनेश के रूम में गया।वो बेड पर बैठा तो था पर बड़ा बेचैन लग रहा था।

वो हाफ पैंट और गंजी पहना था।उसके पैंट से उसके लंड का उभार थोड़ा-थोड़ा अभी भी था।उसका अभी तक वीर्य नहीं निकला था और वो झड़ा नहीं था जिसके वजह से वो बेचैन था।

मैंने उससे पूछा, “कैसी है तबीयत?”वो बोला, “ठीक है।”

मैं फॉर्मेलिटीज के बाद अपने रूम में आ गया।संजू ने हमारे लिए नाश्ता और चाय बनाई, हमने चाय पी।

हम तीनों एक ही रूम में थे।दिनेश बार-बार संजना को देख रहा था।

एक बार दोनों की नजरें मिलीं तो दिनेश ने मायूस होकर अपने लंड की तरफ उसे आँखों से ही इशारा किया, मतलब वो कह रहा हो कि इसे तो प्यासा ही छोड़ दी ना!ये देखकर संजू मन ही मन मुस्कुरा दी।

मैंने एक चीज नोट की कि संजू की चाल बदल गई थी यानी कि उसे चलने में थोड़ा दिक्कत हो रही थी।आखिर हो भी क्यों ना, 4-4 बार 1-1 घंटा चुदवा चुकी थी वो!

एकाएक मैंने जानबूझकर बोला, “मुझे थोड़ी नींद आ रही है, मैं थोड़ा देर सो लेता हूँ।”उस समय कोई 7.30 हो रहा होगा।

दिनेश उठकर अपना रूम चला गया और मैंने आँखें बंद करने का नाटक कर लिया।

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