Xxx वाइफ सेक्स स्वापिंग कहानी में जीजू से चुदने के बाद साली ने अपने पति को अपनी बहन के स्वप्पिंग के खेल के बारे में बताया, उसे भी अदल बदल कर चुदाई के लिए उकसाया.
कहानी के चौथे भागबहन के सामने चुद गयी जीजू सेमें आपने पढ़ा कि सीमा अपने जीजू से अपनी बहन के साथ थ्रीसम सेक्स करते हुए चुद गयी थी.
अब आगे Xxx वाइफ सेक्स स्वापिंग कहानी:
सतीश की फ्लाइट आने को थी.उसे वापिस लुधियाना जाना था.
रास्ते भर सीमा सतीश को छेड़ती रही.वो बहुत एक्साइटेड थी सतीश को स्वैप सेक्स के बारे में बताने के लिए.
सतीश को भी तीन दिनों से चूत चोदने को नहीं मिली थी तो उसका मन भी मचल रहा था.
रात को बेड पर सीमा ने जानबूझकर एक फोरसम सेक्स की मूवी लगाई.वो चाहती थी कि सतीश इस बारे में कुछ बात करे.
पर आज तो सतीश को चोदने की जल्दी थी.सीमा ने पूछा- क्यों वहां नहीं मिली कोई चोदने को?सतीश बोला- तेरे बिना चुदाई का मजा कहाँ आता है!
सीमा बोली- इसका मतलब कि अगर मैं होती तो तुम किसी और को भी चोद लेते.सतीश बोला- अगर तू किसी पठान के मोटे लंड को लेने को तैयार हो जाती तो मैं भी किसी हसीना को चोद लेता.
सीमा ने अब उसका लंड अपनी चूत में लेते हुए कहा- सच बड़ा मजा आता तब तो. आज तुम मेरी चुदाई ये सोच कर करो कि तुम किसी अरेबियन हसीना को चोद रहे हो. वो तो बहुत सुंदर होती हैं.
अब तो सतीश की चुदाई की स्पीड बढ़ गयी.उसके दिमाग में तो बेले डांसर की लचकती गांड और मम्मे आ रहे थे.आज सतीश जल्दी ही खलास हो गया.
सीमा का हुआ नहीं था.वो झगड़ी- इतनी जल्दी क्यों कर प्रिया. अब मैं क्या करूं? काश सच में कोई पठान होता तो उसका लंड तो तुमसे दोगुणा मोटा होता और वो देर तक मुझे चोदता.
सतीश हंसा- बोल तो ऐसे रही है जैसे तू कर ही लेती?सीमा बोली- अगर तुम कर लेते तो मुझे क्या दिक्कत है. कर तो तुम्हारी मर्जी से ही रही हूँ.
सतीश बोला- मेरी मर्जी होगी तो तुम किसी से भी चुद लोगी?सीमा बोली- हाँ, पर तुम भी किसी और की चोदोगे तो!
ये सुन कर हरीह के लंड में दोबारा तनाव आ गया.
सीमा बोली- अगली बार जब तुम कहीं बाहर जाओगे तो मैं भी चलूंगी. सुना है, मसाज पार्लर में ऐसा होता है कि पति पत्नी को अदल बदल कर चुदाई मिल जाती है मसाज के साथ.
सतीश हंसा- रीमा ने तेरा दिमाग खराब कर प्रिया है. पिछले दिनों कमल भी कुछ ऐसी बकवास कर रहा था.सीमा ने उसके मुंह में अपने मम्मे ठूंसते हुए कहा- ये बकवास नहीं सच है. किसी से न कहो तो एक राज की बात बताऊँ? रीमा और अशोक जीजू भी शायद अपने किसी दोस्त के साथ अदल बदल वाला खेल खेलते हैं. पक्का तो मुझे नहीं मालूम, पर रीमा की बातों से मुझे ऐसा लगा. और फिर इसी बातें किसी को बतायी थोड़े ही जाती हैं. चुपचाप मजे कर लिए जाते हैं.
उसकी बात पूरी होते होते सतीश का लंड दोबारा तन गया और उसने सीमा की टांगें चौड़ाकर सेकंड राउंड की शुरूआत करी.
अबकी बार सीमा उसे उकसा रही थी- जल्दी मत झड़ जाना. वरना सुमन नाराज हो जायेगी. देखो कमल तो कितनी स्पीड से चोद रहा है मुझे!
सतीश का दिमाग घूम गया कि ये कमल और सुमन कहाँ से आ गये.पर सुमन का नाम सुन कर उसकी स्पीड बढ़ गयी.उसने भी एक जबरदस्त चुदाई को अंजाम प्रिया.
काम निबटाकर सतीश ने सीमा से पूछा- ये हमारे बेड पर कमल और सुमन कहाँ से आ गए?सीमा बोली- कहाँ से आये और कहाँ गए, इसे छोड़, यह बताओ कि चुदाई में मजा आया न?सतीश बोला- हाँ यार, मजा बहुत आया.
सीमा बोली- कमल ने आज मेरी तो चोद-चोद के मजा दिला प्रिया.दोनों हंस पड़े और लिपट कर सो गए.
अगले दिन दोनों बहुत खुश उठे.
सीमा ने सतीश से कहा- अगर रात को कोई जरूरी काम न हो तो मूवी चलें? और डिनर भी बाहर लेंगे.सतीश बोला की दोपहर बाद बताता हूँ.
दोपहर सतीश की हाँ के बाद सीमा ने सुमन से भी बात कर लीं.हाल में बॉक्स वाली सीट लीं.ये चारों ही थे.
मूवी भी काफी हॉट थी. सतीश और कमल इधर उधर बैठे थे, सीमा और सुमन बीच में थीं.
सुमन की पहल पर हाल में बदमाशी तो खूब हुई.इंटरवल में सतीश और कमल बाहर कुछ लेने गए तो सुमन ने रीमा से आपस में सीट बदल लीं.
अब अँधेरे में जब ये दोनों वापिस आये तो कमल का हाथ टटोलते हुए सीमा के मम्मों पर लगा तो वो चौंक गया.सुमन और सीमा दोनों हंस दीं.
कमल बोला- चुपचाप सीट बदलो.सीमा ने उसका हाथ पकड़ते हुए कहा- हम सीट तो नहीं बदल रहीं, तुम हाथ लगा सकते हो.झेंप कर कमल ने हाथ छुड़ा लिया.
पर मूवी में चारों की आपस में चुहलबाजियाँ चलती रहीं.डिनर लेकर घर आते काफी लेट हो गए.
अगले दिन सीमा ने सुमन को घर बुलाया.कमरे में इधर उधर की बात करने के बाद सीमा ने उससे पूछा- तुझे Xxx वाइफ सेक्स स्वापिंग का अंदाज है कुछ?
सुमन हंस दी, बोली- कमीनी, तेरे मन में क्या चल रहा है? रात को कमल ने मेरी चूत का भोसड़ा बना प्रिया. मैंने बस इतना ही पूछा था की सीमा के मम्मे पसंद आये क्या. वो तो रात भर मुझे तू समझ कर चोदता रहा है.सीमा ने उसे चूमते हुए कहा- एक राज की बात बताऊँ, मेरा शक है कि रीमा और जीजू अपने एक दोस्त के साथ अदल बदल कर सेक्स करते हैं. वो चारों आपस में बहुत मस्ती करते हैं. किसी को कुछ नहीं मालूम. वो तो मैं रात को रुकी थी, तो कमरे से आती आवाजों से शक हुआ. डोर लॉक था और सुबह किसी ने कुछ बताया नहीं. पर मेरा शक पक्का है कि अदल बदल कर चुदाई कर रहे थे. अगर तू तैयार हो तो हम लोग ट्राई करें?
सुमन बोली- तू पागल हो गयी है. ये सब बाते मूवीज में होती हैं या हाई सोसाइटी में. किसी को पता चल गया तो क्या होगा? और पता नहीं सतीश या कमल चाहेंगे या नहीं.सीमा बोली- सतीश तो तैयार है. उसका लंड तो तेरा नाम सुनकर ही खड़ा हो जाता है.
दोनों हंस पड़ी ये सुनकर.
सुमन ने सीमा का हाथ पकड़ कर कहा- मुझे सोचने दे और मैं एक दो दिन में कमल की नब्ज चेक करके तुझे बताऊंगी. क्या राकेश और रचना को भी शामिल करना है?सीमा बोली- उन्हें क्यों?
सुमन मुस्कुराते हुए बोली कि एक बार वो और राकेश बहक गए थे. हम लोग रोज व्हात्सप्प पर चैट करते, घंटों बात करते फोन पर. मौक़ा मिलने पर चूमा चाटी भी हो जाती. पता नहीं कैसे रचना को शक हो गया. उसने बजाये शिकायत करने के, मुझसे नजदीकी बढ़ा ली. हम दोनों लेस्बियन हो गई. फिर जब उसने कहा कि वो चाहती है कि हम चारों सेक्स करें, तो मुझे होश आया क्योंकि कमल तैयार नहीं होता. तो हमने अपने को रोक लिया. फिर तुम लोगों से दोस्ती हुई तब से सब नार्मल है. पर हाँ राकेश बहुत अच्छा आदमी है और रचना बहुत सलीकेदार. कोई दिक्कत नहीं होगी, अगर हमारे हसबेंड्स तैयार हैं तो.
ये तय हुआ कि पहले सुमन कमल से बात करे, फिर रचना और राकेश से.
तेरा साथ है कितना प्यारा-3
अब बातें कुछ ऐसे बनी कि सब की हाँ हो गयी.अब सवाल आया कि कहाँ किया जाए.पहली बार में समय काफी चाहिए था.
राकेश के फ्लैट पर देर रात तक रुकने में सतीश और कमल के घर वाले पूछ सकते थे.
इसका हल भी रचना ने निकाला.उसने मसूरी का प्रोग्राम बनाया दो रात का.कमरे भी तीन बुक कर लिए.
तीनों लड़कियों ने जाने से पहले पूरा दिन पार्लर में निकाला जैसे वो हनीमून पर जा रही हों.
सतीश के पास बड़ी गाड़ी थी, जिसमें छह लोग आ जाते.ड्राइवर को नहीं लिया.
तय तारीख को सुबह ही तीनों जोड़े निकल लिए.
सभी ने शोर्ट ड्रेस पहनी थीं.सारा प्रोग्राम सुमन ने बनाया था.उसने लड़कियों को बोल प्रिया की पूरे ट्रिप में कोई ब्रा-पैन्टी नहीं पहनेगी.पैन्टी न पहनने के लिए सीमा तैयार नहीं हुई तो सिर्फ पैन्टी पहनने की बात हुई, ब्रा कोई नहीं पहनेगी.
इसी तरह लड़कों को भी कमल ने कह प्रिया की वे बरमुडा या शॉर्ट्स के नीचे अंडरवियर नहीं पहनेंगे.
गाड़ी में बियर और सिगरेट सतीश ने पहली ही रखवा ली थीं.सुमन और सीमा घर से तो सलवार सूट पहन कर आई थीं पर रचना के फ्लैट में उन्होंने भी फ्रॉक पहन लीं.
फ्लैट में रचना और सुमन ने सबको कुछ बात साफ़ साफ़ कह दीं.सभी को मालूम है कि हम मस्ती के लिए जा रहे हैं और एक नया तजुर्बा करना चाहते हैं, जिसके लिए सभी न अपने मन से हाँ कही है. किसी पर कोई जोर जबरदस्ती नहीं नहीं.अगले तीन दिन कोई किसी से जबरदस्ती नहीं करेगा, किसी को कोई बात अच्छी नहीं लगेगी तो कोई दबाव नहीं प्रिया जाएगा उस पर, पर कोई किसी की बात का बुरा नहीं मानेगा.पब्लिक प्लेस पर सभी तहजीब के दायरे में रहनेगे.कमरे में तमीज तहजीब का कोई काम नहीं होगा.
सब हंसे उसकी इस बात पर.सबने हाँ किया कि सब तैयार हैं इस मस्ती के लिए.
आखिरी बात सीमा ने कही- गाड़ी में कौन किसके पास बैठेगा, इस पर किसी का कोई जोर नहीं. जो लड़की जिस लड़के के पास जगह मिले बैठ ले या अपने मन से बैठ ले.रास्ते में उतरने पर सीट बदलती रहेंगी. बियर और सिगरेट से किसी को कोई परहेज नहीं होगा. बोलो मंजूर?सबने शोर करके कहा- मंजूर.
अब गाड़ी चल पड़ी.शहर से बाहर निकलते ही गाड़ी में धमाल शुरू हो गया.
नॉन वेज जोक्स तो ऐसे चल रहे थे जैसे गाड़ी तेल से नहीं इन्ही जोक्स से चल रही थी.
सबके हाथ में बियर की केन और सिगरेट थीं.लड़के हैरान थे कि इन लड़कियों को ये बियर और सिगरेट किसने पीनी सिखाई.पर सब खुश थे.
गाड़ी सतीश चला रहा था. उसके पास सुमन बैठी थी.सतीश के हाथ बार बार उसकी नंगी जाँघों पर मचल रहे थे.सुमन उसे झटक रही थी- चुपचाप गाड़ी चलाओ.
पीछे की सीट पर राकेश और सीमा थे जो सबसे ज्यादा हल्ला मचा रहे थे और बात बात पर चूमा चाटी हो रही थी.
सबसे पीछे की सीट पर रचना और कमल थे.पीछे होने से सबसे ज्यादा फायदा तो कमल ही उठा रहा था.बार बार रचना की आवाज आती- अरे यहाँ नहीं, होटल पहुँचने दो.
यानी कमल बार बार वाघा बोर्डर क्रॉस कर रहा था.
आखिरकार रचना उठी और कमल की और मुंह करके उसकी गोदी में चढ़ गयी और उसके होंठों से होंठ भिड़ा दिए.ये देख सबने खूब हूटिंग की.
वो तो सुमन ने ऐनाउन्स कर प्रिया की चलती गाड़ी में कोई फिजिकल नहीं होगा, वरना सतीश से गाड़ी नहीं चलेगी.
रास्ते में लंच लेकर गाड़ी आगे बढ़ी.अब ड्राइविंग राकेश कर रहा था.
सबने तय किया कि अगर मस्ती ज्यादा हुई तो रात तक भी मसूरी नहीं पहुंचेंगे.
इसलिए अब आगे राकेश के साथ कमल बैठा और पीछे की सीट पर तीनों लड़कियां और सबसे पीछे अकेला सतीश.दोपहर बाद तक सब लोग होटल पहुँच गए.
तीनों के कमरे बगल बगल में थे.दो कमरे तो अंदर से मिले हुए थे.
तीनों जोड़ों ने अपने अपने कमरे में चेक इन किया और एक घंटे बाद बाहर लॉबी में मिलने का तय करके रूम में चले गये.
रचना ने सब लड़कियों को कह प्रिया- एक घंटे आराम कर लेना, कोई चुदाई में मत लग जाना, वरना रात का मजा खराब हो जाएगा.
एक घंटे बाद तीनों जोड़े नीचे माल रोड पर थे.
हंसी मजाक और लिपटा लिपटी से मस्त सबने बड़ा अच्छा समय व्यतीत किया.सबके मन में होटल वापिस जाकर चुदाई का खेल खेलने की इच्छा जोर मार रही थी.
डिनर लेकर रात 9 बजे तक सब लोग वापिस होटल आ गए और सभी रचना और राकेश के रूम में इकट्ठे हुए.
रचना ने अपना तय किया प्रोग्राम सबको बताया कि सब जोड़े पंद्रह मिनट बाद यहीं इकट्ठे होंगे.जैसा हम लड़कियों ने पहले ही तय कर लिया था हम अपने साथ लायी नाईट ड्रेस पहन कर आएँगी और ऊपर से गाउन पहन कर आएँगी.जो जैसा प्रोटेक्शन यूज़ करते हों, वो साथ लायेंगे.हम लोग यहीं नए जोड़े बनायेंगे और फिर नयी जोड़ी अपने अपने कमरे में चली जायेगी.सुबह 8 बजे यहीं सब मिलेंगे.
एक बात जो रचना ने गंभीर होकर कही वो ये थी कि आज हम लोग एक नयी रिलेशनशिप में आ रहे हैं. सभी को सभी की इज्जत करनी होगी, सेक्स के दौरान नरमी और प्यार का भाव रखना होगा, अपशब्द नहीं बोले जायेंगे और इस टूर के बाद कभी यदि आपस में पति पत्नी की सहमति बनी तो ये दोहराया जाएगा वरना नहीं.
सभी सहमत थे.
Xxx वाइफ सेक्स स्वापिंग कहानी का मजा लेते रहें.अपने कमेंट्स लिखते रहें.
Xxx वाइफ सेक्स स्वापिंग कहानी का अगला भाग:मिशन चुदाई- 6