Xxx न्यू चुदाई कहानी में अपनी नयी चुदाई की घटना बता रही हूँ. मेरा पुराना चोदू मेरे साथ नहीं था और मेरी चूत लंड मांग रही थी. तो मैंने एक नए लंड का इंतजाम किया.
प्यारे मित्रो, मैं अनु! आप सबने मेरी कहानी के पिछले भागक्लासमेट को चुदाई के लिए पटायामैं अपनी Xxx न्यू चुदाई कहानी को आगे ले जाने के लिए पुनः हाज़िर हूँ।
सुरभि ने बताया हमें कि चुदाई के लिए काजल का घर जगह सेफ भी थी और किसी को शक हो ऐसा भी नहीं था.काजल बोली- पर ध्यान रखना पड़ेगा कि उस बीच और कोई पड़ोसी ना आए. नहीं तो गड़बड़ हो जाएगी.
हमने सारी प्लॅनिंग कर ली कि कैसे क्या कब.
और इधर दीपक के साथ 3 महीने में कुछ ना हो पाने के कारण उससे बोल प्रिया था मैंने गुस्से में- ऐसा कब तक चलेगा अपनी बहन का कुछ करो … नहीं तो भूल जाओ फिर मुझे!उधर दीपक भी जुगाड़ करने में लगा हुआ था.
काजल बोली- कल घर पर ठीक 11 बजे आ जाना!और इधर गगन ने कहा- अनुक्ति, मैं तुम्हें घर छोड़ देता हूँ!
तभी काजल बोली- गगन, कल तक रुक जा ना अनुक्ति के लिए!और सभी हंसते हुए उठे.
गगन ने मुझे रूम तक छोड़ा और कहा- कल मिलते हैं!मैंने भी कहा- हाँ कल मिलते हैं.
बस फिर आकर इतनी खुशी हुई कि क्या ही बोलूं.आख़िर वो दिन आ ही गया जिसका मैंने करीब 3 महीने से इंतज़ार किया था.
दूसरे दिन हम लोग काजल के घर पर पहुंच गये.सब कुछ सेट अप कर लिया था.
आयुष और सुरभि अभी नहीं आए थे, हम जल्दी ही आ गये थे.
काजल के पापा और मम्मी दोनों जा चुके थे
गगन आते ही बोला- काजल, हम लोग शुरू करते हैं.काजल ने मुस्कुराते हुए कहा- रुका नहीं जा रहा? ह्म्म्म्?काजल ने कहा- ठीक … चलो मेरे साथ!
वो अपने कमरे में ले गयी और कहा- मस्ती कम ही करना. और किसी चीज़ की ज़रूरत पड़ी तो बताना!
हम दोनों अंदर आ गये और दरवाजा लॉक कर लिया.
और गगन ने मुझे पीछे से ही अपनी बाँहों में भर लिया.मैंने कहा- सब्र रखो!गगन बोला- अब सब्र ना हो पाएगा।
मैंने कहा- पहले ये बताओ कि इसके पहले किया है या पहली बार है?उसने कहा- ऐसा क्यों पूछ रही हो?मैंने कहा- चिंता मत करो, सिर्फ़ जानना चाहती हूँ कि खिलाड़ी नये हो या पुराने?उसने कहा- खेलने तो दो एक बार … फिर बताता हूँ।
मैंने कहा- पहले मेरे सवाल का जवाब दो.मैं अड़ गयी.
तो फिर उसने कहा- मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है लेकिन लड़कियां दोस्त हैं. उनके साथ किया है मैंने सेक्स करीब 4 लड़कियों के साथ!मैंने कहा- क्या बात है!उसने कहा- तुम?मैंने कहा- हाँ कर चुकी हूँ. और एक बाय्फ्रेंड भी है.
तब मैंने सिर्फ़ दीपक के बारे में ही बताया।
उसने कहा- अब शुरू करूं?मैंने हाँ में इशारा किया.तो उसने अपनी शर्ट उतार दी.
उसके सीने में हल्के बाल थे.उसने आज आने से पहले ही सारे बालों को साफ कर लिया था.और उसने कहा- थोड़ा साथ दो तो रफ सेक्स करने में मज़ा आता है. क्या बोलती हो?मैंने कहा- ठीक है ज़्यादा नहीं पर!उसने कहा- ठीक बता देना ज़्यादा हो तो!
मुझे दीवार से सटा कर उसने मेरे दोनों हाथ को पीछे कर अपने एक हाथ से पकड़ लिया और मेरे टॉप के नीचे से हाथ डालकर मेरे मम्मे मसलने लगा ब्रा के ऊपर से ही!मैंने कहा- धीरे … टॉप फट जाएगा.
उसने कहा- टॉप ही फटेगा. उसकी चिंता मत करो!वह मेरे मम्मों को मसलते हुए मुझे किस करने लगा।
फिर वो अपने एक हाथ से मेरी जीन्स के ऊपर से ही चुत को मसलने लगा मेरी गर्दन को चूमते हुए!
मुझे इसी पोज़िशन में घुमा कर उसने मेरी गांड में हाथ फेरते हुए 3-4 चमाट लगाए और मुझसे बोला- अनु ठीक है?मैं भी मुस्कुरा दी.
मैंने मेरे दोनों हाथों को आज़ाद कराया और मैंने जीन्स उतार दी.उसने फिर मेरे टॉप को निकाल प्रिया.
और फिर मुझे दीवार से सटा प्रिया और मेरी गांड को निहारते हुए मेरी पैंटी के ऊपर से ही चूत को मसलने लगा.मेरी चूत गीली हो चुकी थी और मसलने के कारण पैंटी भी!
उसने धीरे से मेरी पैंटी भी उतार दी.
अब वह मेरी चूत में उंगली डालकर मेरी चूत को चोदने लगा और उंगली निकालकर खुद ही चाटने लगा.
तब उसने मेरी ब्रा को खोलकर फेंक प्रिया और मुझे पलंग पर बैठा प्रिया.मुझे पलंग पर बैठा कर मेरे सामने बैठकर वह मुझे निहारने लगा और मुझे घुटनों के बल बैठा कर मेरे दोनों हाथों को पीछे कर मेरे बूब्स पर टूट पड़ा, निप्पल के साथ खेलने लगा अपनी जीभ से और दांतों से!
मुझे भी सिहरन सी हो रही थी और मैं चुदने के लिए और बेताब हुए जा रही थी.
तब वह मेरी गर्दन को चूमने लगा, पूरी गर्दन चूमी और अपने दोनों हाथों से मेरे बूब्स मसलने लगा, फिर मेरे निप्पल को चूसने लगा.वह मेरे दोनों निप्पल को ऐसे चूसे जा रहा था मानो उनमें से दूध पी कर अपनी प्यास बुझा लेगा.
इधर मेरे मुंह से हल्की सिसकारिया निकल रही थी- ह्म्म्म आह आआ ह्ह्ह्ह।
मैं उसके सीने पर टूट पड़ी, उसके निप्पल को चूमते काटते हुए उसकी जीन्स को खोलने लगी.मैंने पूरी जीन्स खोल कर उससे अलग कर दी.उसका लंड बिल्कुल सलामी दे रहा था.
और फिर वो भी पूरा नंगा होकर मेरी चुत पर टूट पड़ा, अपनी जीभ से मेरी चूत को चाटने लगा.अपनी जीभ से जो उसने मेरी चूत को चाट कर मुझे आनंद प्रिया है, मैं शायद शब्दों में ना बयान कर पाऊं.
ये पल, ये अनुभव काफ़ी लंबे समय के बाद मिला था मुझे मानो जैसे प्यासे को पानी मिल गया हो.मैंने आँखें बंद कर के अपने शरीर को बिल्कुल ढीला छोड़कर इस पल का मज़ा लिया.
चूत को छोड़कर उसने कहा- मेरे लंड को भी!मैं समझ गयी और उठी.
उसने कहा- मुझे लंड चुसवाना बहुत पसद है!मैं भी शिद्दत के साथ उसके लंड पर टूट पड़ी, लंड अपने मुंह में पूरा अंदर लेकर बाहर किया और अपनी जीभ और होंठों से लंड के टोपे को ऐसा चूसा कि गगन खुश होकर बोला- तुम तो कमाल हो यार!
और फिर मुझे लेटाकर अपने लंड को मेरे मुंह के पास लाकर 69 पोज़िशन में आकर उसने कहा- मैं धीरे धीरे तुम्हारे मुंह को चोदने वाला हूँ, तकलीफ़ हो तो इशारा करना!
और वो धीरे धीरे अपने लंड को मेरे मुंह के अंदर बाहर करने लगा.
कुछ देर में मैंने इशारे से उसे मना किया.
फिर वो हटा और कॉन्डोम निकाला और मुझे खींचकर आगे करा, पलंग के किनारे दोनों पैर मेरे ऊपर कर वो नीचे ही खड़ा रहा और अपने लंड को मेरी चुत के ऊपर रगड़ने लगा.मुझे तड़पते देख खुश हुआ और बोला- कैसा लग रहा है?मैं कुछ ना बोली.
फिर कॉन्डोम पहन कर सीधे लंड को अंदर किया धीरे से!मुझे थोड़ा सा दर्द सा हुआ.पाठकों की जानकारी के लिए … उसकी लंबाई 5’11 है, लंड साइज़ 5.2 इंच!
और इसी पोज़िशन में वो मुझे चोदने लगा.कुछ देर में फिर उसने कहा- तुम ऊपर आ जाओ.
मैं भी मुस्कुरा दी.
वो अब मेरे बूब्स को मसल रहा था और मैं आगे पीछे अपने दोनों हाथ उसके घुटनों में रख कर चुद रही थी, ऊपर नीचे हर तरीके से चुद रही थी.
मुझे चोदते हुए उसने मेरे दोनों हाथों को पीछे कर अपने एक हाथ से पकड़ लिया और मुझे झुका कर किस करता, मेरे बूब्स को अपने एक हाथ से मसल देता.तो मेरी अहहह हहा निकल जाती.
तब मैं थक गयी.मैंने उसे बताया तो उसने फिर अगले ही पल मेरे एक निप्पल पर काटते हुए उसने एक लंबा किस करते हुए मुझे घुमाया और मैं नीचे और वो ऊपर आ गया.
उसने मुझे खींचा, पलंग के किनारे किया, खुद खड़ा होकर मेरी टाँगों को अपने कंधों पर रखा, अपने लंड को मेरी चूत में सेट किया और पेलने लगा मुझे!मेरे मुंह से ‘अह हाहा हहा हा’ की आवाजें निकल रही थी।
इस चुदाई का महीनों से इंतज़ार था जो आज नसीब हुआ.मैंने गगन से कहा- मेरा होने वाला है!उसने कहा- किनारे आ जाओ!
मेरी और मेरी सहेली की चूत की कामुकता-3
और वो स्पीड से करने लगा, मेरे दोनों हाथों को अपने हाथों से पकड़ कर फुल स्पीड से चोदने लगा.
कुछ पल में मैं झड़ गयी पर वो रुकने का नाम नहीं ले रहा था.
गगन ने कहा- अनुक्ति, अपने दोनों हाथ सीधे ऊपर कर लो. मुझे तुम्हारे दोनों झूलते हुए मम्मे देखने हैं जब मैं तुम्हें झटके से चोदूँ!
मैंने ऐसा ही किया. अब वो मुझे झटके दे कर चोद रहा था और मेरे हिलते हुआ मम्मे देख कर खुश हो रहा था.
इसी तरह चोदने पर कुछ देर के बाद गगन ने बोला- मेरा होने वाला है, कहाँ निकालूं?मैंने कहा- जहाँ तुम चाहो!
उसने तुरंत अपने लंड को बाहर निकाला, कॉन्डोम को हटाकर सीधे मेरे मुंह के पास ले आया.
मैंने ऐसा सोचा नहीं था कि ये ऐसा करेगा.
उसने कहा- तुम घूम जाओ और अपनी गर्दन को पलंग से लटका लो!मैंने कहा- पर मुझे मुंह नहीं पसंद!उसने कहा- प्लीज़, मेरे लिए!मैंने कहा- मुझे निगलना नहीं है.तो फिर उसने कहा- ठीक है, निकाल देना … पर मेरा होने तो दो प्लीज़!
मैंने अपने मुंह को लटका लिया और कहा- आराम से करना!उसने कहा- बिल्कुल जैसा तुम कहो!
और अपने लंड को आधा मेरे मुंह के अंदर कर धीरे धीरे मेरे मुंह को चोदने लगा.कुछ देर में ही उसने अपना माल मेरे मुंह में निकाल प्रिया.
मैंने इशारा किया तो उसने लंड मेरे मुंह में से निकाला और उस ने कपड़े पहन कर दरवाजे से काजल को आवाज़ दी और पूछा कि बाथरूम कहाँ है.उसने कहा- कमरे से सीधे आगे चले जाओ.
गगन ने मुझे गोद में उठाया और सीधे बाथरूम में ले जाने लगा.
अब तीनों वहीं बैठे हुए सामने से देख रहे थे और मैंने कपड़े नहीं पहने थे।
वह मुझे ऐसी ही नंगी ले गया और बाथरूम में ले जाकर मुझे छोड़ प्रिया और कहा- तुम नहाओ, मैं कपड़े ले कर आता हूँ.
मैं ठीक से नहा कर ही आई.तो कपड़े दिए उसने!
उसमें ब्रा और पैंटी नहीं थे.मैंने ब्रा पैंटी मांगी.तो वह बोला- गीली पैंटी में तुम्हारी चुत की खुशबू है, वो मैंने रख ली है. ब्रा से तुम्हारा साइज़ याद रहेगा तो ये दोनों नहीं दूँगा.
तभी उसने कहा- मेरा मन तो 1 राउंड और करने का है.मैंने कहा गुस्से में- निकलो यहाँ से अब!मन तो मेरा भी नहीं भरा था. पर यहाँ सभी हैं तो कैसे हाँ करती.
वह हंस कर मुझे छेड़ने लगा.पर कुछ ना बोलते हुए मैं कपड़े पहन कर बाहर आई.
मुझे देख सभी मुस्कुराने लगे और मेरी Xxx न्यू चुदाई के बारे में पूछने लगे- कैसा रहा?मैंने कहा- बहुत ही बढ़िया!
क्यूँकि मैंने ब्रा नहीं पहनी थी तो आयुष की नज़र मेरे मम्मों पर टिक गयी.मैं भी जानबूझकर झुक कर बैठी जिससे उसकी नज़र मेरे बूब्स पर ही टिकी रही।
आयुष बोला- तुम बहुत सेक्सी हो, मैंने देखा तुम्हें अभी गगन की गोद में!मैं कुछ ना बोली और दूसरी बात करने लगी.
तभी सुरभि बोली- काजल, अब तुम्हारी बारी! जाओ जल्दी!आयुष तो उतावला था ही … वो उठा और काजल को उठा कर सीधे अंदर ले गया.
तभी गगन के पास कॉल आया.उसने बात करी और कहा कि कुछ ज़रूरी काम आया है तो उसे जाना पड़ेगा.वो वैसे ही चला गया।
सुरभि और मैं बैठ कर बातें करने लगी.वो भी उतावली थी सेक्स को लेकर!मैंने भी उसे और उकसा प्रिया बातों बातों में … और चुदाई की बात करने लगी.
मैं उसके पास जाकर चिपक कर बैठ गयी.
करीब 20 मिनट के बाद उसके अरमान जागे और उसने कहा कि वो अभी वर्जिन ही है, सिर्फ़ लड़की के साथ ही किया है.मैंने कहा- गगन या आयुष दोनों में से कोई पसंद है?तो वो बोली- हाँ. पर वो दोनों तुम दोनों के साथ हैं.
तब मैंने कहा- मुझे कोई प्राब्लम नहीं है, तुम्हें है क्या?वो सोच कर बोली- नहीं।
मैंने कहा- फिर गगन या आयुष?वो बोली- गगन तो चला गया और आयुष थोड़ा ठरकी जैसा है.
तो मैंने कहा- थोड़ा रुक जा, मैं तेरी जुगाड़ करती हूँ पर ये बात किसी को बताना मत!सुरभि बोली- ठीक है. पर अभी क्या करें?मैंने कहा- मतलब?
वह बोली- मेरा तो अभी मूड बन चुका है.मैंने कहा- रुक जा, अभी गड़बड़ हो जाएगी. ऐसा कर … तू मेरे साथ चल, आज मेरे रूम पर रुक जा!सुरभि बोली- ठीक है!
बातें करते करते मेरे दिमाग़ में आया कि सब ने मुझे नंगी देखा तो अब मेरी बारी!मैंने सुरभि को बोला- इनकी चुदाई देखनी है?वो बोली- हाँ क्यू नहीं!
हम दोनों उठी और सीधे कमरे के पास जाकर दरवाजे को धीरे से धक्का देकर देखा.वो खुला ही था।
हम सीधे जाकर अंदर घुस गई.
वे दोनों घबरा गये, उन्हें लगा कि कोई आया है.मैंने कहा- कुछ घबराओ मत. बस देखने का मन था तो आई हैं.
आयुष का लंड काजल की चुत के अंदर ही था.काजल सकपका कर बोली- ऐसा कौन करता है?आयुष बोला- मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है. पर शर्त है कि हम नंगे हैं तो तुम्हें भी होना पड़ेगा.
बस फिर क्या था … मैंने टॉप उतारा!और इधर सुरभि मुझे देख कर शर्मा रही थी।
मैंने उसे किस करते हुए कहा- यही समय है सही!
उधर आयुष खड़ा हुआ और एक हाथ से मेरे मम्मे को मसला और सुरभि को बोला- जल्दी कपड़े उतार!
हम दोनों ने उसे पूरा नंगी किया.आयुष ने मेरी जीन्स उतारी.
अब हम दोनों सुरभि और मैं एक दूसरी को किस करने लगी.उधर काजल की ठुकाई चालू हो गयी.
काजल की ठुकाई के बाद सुरभि की चूत का पानी आयुष ने अपनी उंगली और जीभ से चाट कर निकाला.
हम चारों ने कपड़े पहने और बाहर आए.
अब तो 5 लोगों का चुड़दकड़ ग्रुप बन गया.
शाम हो गयी थी.
तभी मेरे पास विकास का कॉल आया और उसने कहा- अनु, आज तुमसे मिलना है. दीपक भी आ रहा है. तुम सीधे मेरे पास ही आओ!तब अपना प्रोग्राम बदलते हुए सुरभि को मैंने कहा- यार आज नहीं … फिर कभी मेरे रूम पर चलना!उसने कहा- ठीक है।
चुड़दकड़ ग्रुप में और क्या रासलीला हुई.मैं आगे की कहानी में आपको अपडेट करूँगी.
मैं सीधे विकास के फ्लैट पर गयी.वहाँ नया क्या हुआ? ये अगली कहानी में!
दोस्तो, आगे की कहानी और रोमांच भरी है.
यह Xxx न्यू चुदाई कहानी कैसी लगी?आप मुझे कमेंट करके बतायें।support@mohakkisse.com