टीन स्कूल गर्ल फर्स्ट सेक्स का मजा मैंने लिया उसी के घर में! मैं उसके पैर की मोच की मालिश करने उसके घर गया था. तो आप भी एक कमसिन लड़की की पहली चुदाई पढ़ कर मजा लें.
दोस्तो, मैं कुलदीप आपको अपने घर के पास रहने वाली पूजा की मालिश करके उसे चोदने वाली सेक्स कहानी सुना रहा था.कहानी के पहले भागकमसिन लड़की के पैर की मोच और मालिशमें अब तक आपने पढ़ा था कि पूजा की मालिश से उसकी हवस जाग गयी थी. वह मुझसे और मैं उससे सेक्स का मजा लेना चाहता था, पर अभी शर्म बाक़ी थी.एक रात उसने मुझसे फोन पर बात की और बात करती हुई ही सो गई थी.
अब आगे टीन स्कूल गर्ल फर्स्ट सेक्स का मजा:
अगले दिन सुबह मैंने एक चाल चली. मैंने आंटी को कॉल करके कह प्रिया कि मुझे थोड़ा काम है, आज नहीं आऊंगा.
ये चाल इसलिए … क्योंकि मैं जान गया था कि आंटी मेरे मालिश करके चले जाने के बाद रोज बाजार जाती हैं तो मैंने ऐसा कह प्रिया था.मैं पूजा से अकेले में मिलना चाहता था.
तब मैं पूजा के घर के बाहर एक कोने में छुपकर देखता रहा कि आंटी कब बाजार के लिए निकलें और मुझे पूजा के साथ अकेला रहने का वक्त मिल जाए.
कुछ देर इंतजार करने के बाद पूजा की मम्मी बाजार के लिए निकल कर जाती दिखीं.मैं बहुत खुश हुआ कि चाल कामयाब रही.
मैंने जाकर बेल बजाई.अन्दर से आवाज आई- कौन?‘मैं कुलदीप हूं.’
पूजा ने धीमी गति से आकर दरवाजा खोला.मेरी नजर उस पर पड़ते ही वह थोड़ा शर्मा गई और उसने नजरें झुका लीं.
उसने कहा- आप तो नहीं आने वाले थे!मैंने कहा- काम हो गया तो बस आ गया, तो क्या तुम मेरे आने से खुश नहीं हो?
पूजा- नहीं नहीं, ऐसी बात नहीं है. बस यूं ही पूछ लिया.
मैंने जानबूझ कर कहा- आंटी कहां हैं?पूजा- मम्मी बाजार गई हुई हैं.
फिर हम दोनों पूजा के कमरे की ओर चल पड़े.पूजा लंगड़ा रही थी तो मैंने उसको सहारा प्रिया और हम दोनों कमरे में आ गए.
मैं किचन में गया और तेल गर्म कर लाया.पूजा आज भी छोटी शॉर्टस और टॉप में थी.
वह लेट गई और मालिश के लिए तैयार हो गई.
मैंने सबसे पहले पैर के तलवे से मालिश करना शुरू की और धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ा.आज आंटी नहीं थीं, तो तेल मालिश के जरिए पूजा की कामवासना को और भड़काने का मौका अच्छा था.
मैंने मौका देख कर अपना हाथ पूजा की शॉर्टस के अन्दर पूरी जांघ में उसकी पैंटी तक ले गया.पूजा ने अपने हाथ से बेडशीट को पकड़ लिया.
ऐसा मैंने बार-बार किया.पूजा अब गर्म होने लगी थी.
मैंने पूजा से पूछा- कैसा लग रहा?उसने कहा- बहुत अच्छा लग रहा है.
मैंने कहा- क्या और मजे लेना चाहती हो!उसने हां में सर हिला कर मुस्कुरा प्रिया.
‘और भी मजा आएगा, बस तुम मेरा साथ दो!’पूजा ने कहा- ठीक है.
अब मैंने पूजा की दोनों हाथों में तेल लगाया और बड़े प्यार से नाजुक नाजुक दाब देते हुए मालिश की.उसने भी अपनी जांघें फैला दीं.
फिर मैंने पूजा को उलटा लेटने को कहा और अपने हाथों में तेल लेकर पूजा की पीठ पर टॉप के अन्दर से ही मालिश शुरू की.पूजा ने ब्रा पहनी हुई थी, तो मैंने ब्रा की हुक खोल दी और पूरी गर्दन तक मालिश करता रहा.
वह बिल्कुल शांत पड़ गई थी और बस मालिश का मजा लेने लगी थी.
थोड़ी देर बाद मैंने पूजा को पलट कर सीधा कर प्रिया और हाथ में तेल लेकर पूजा के पेट में नाभि के चारों ओर लगा कर हल्के हाथों से मालिश शुरू कर दी.
नाभि के आस-पास मालिश करने की वजह से पूजा और उत्तेजित होने लगी.बीच-बीच में वह अपने होंठों को दांत से चबाती रही.
मैं मौका देख कर अपने हाथ पूजा के स्तनों तक ले गया.पूजा के ब्रा का हुक पीछे से खुला हुआ था तो पूजा के स्तनों में ब्रा की पकड़ ढीली पड़ गई थी.
मैं थोड़ी हिम्मत करके अपने हाथ को स्तनों के पास ले गया और अपनी उंगली से पूजा के एक स्तन को टच करके छेड़ प्रिया.पूजा ने गहरी सांस ली और तुरंत अपनी आंख उठा कर मुझे देखा.
मैंने अपना हाथ तुरंत वहां से अलग कर लिया.पूजा ने कुछ नहीं कहा.
थोड़ी देर बाद मैंने फिर से हिम्मत की, अपने हाथ से पूजा के स्तन को छेड़ा.इस बार उसने कुछ नहीं कहा.
मेरी हिम्मत और बढ़ गई.
अब मैं बार बार पूजा के स्तनों को छेड़ने लगा था.मौका मिलते ही बीच बीच में हल्का सा दबा भी देता.
पूजा गर्म हो चली थी, उसकी सांसें तेज हो गई थीं.ये सब देख मेरा 7 इंच का लंड भी पूरा तन गया था.
अब मुझसे रहा नहीं गया.मैं दोनों हाथों को ब्रा के अन्दर ले गया और पूजा के दोनों स्तनों को तबियत से दबा प्रिया.उसने कुछ नहीं कहा और एक लम्बी सांस ली.
उसके निप्पल खड़े हो गए थे जो इस बात का संकेत दे रहे कि पूजा पूरी तरह गर्म हो गई है.
अब मैं उस पर टूट पड़ा और पूजा के दोनों दूध जोर-जोर से दबाने लगा.बीच-बीच में उसके निप्पलों को भी खूब छेड़ता.
मैंने स्तनों को ब्रा से आजाद कर प्रिया.
कुछ देर बाद मैं अपने हाथ पूजा की नाभि के पास मालिश करते करते नीचे तक खेलने का मन पक्का करने लगा.
जब उसकी तरफ से हरी झंडी दिखी तो मैं अपनी एक उंगली पूजा की पैंटी में अन्दर ले गया.उसने अपने बाल पूरे शेव कर रखे थे.उसकी चूत पूरी फूल गई थी.
पूजा ने कुछ नहीं कहा, तो मैंने अपनी उंगली और अन्दर डाली और उसकी चूत के भगनासे को हल्के हाथों से सहला प्रिया.उसने अपनी दोनों टांगों को आपस में कस कर जोड़ प्रिया.
इससे मेरी उंगली और नीचे नहीं जा पाई पर मैं चूत के दाने को ही रगड़ने लगा.
कुछ देर के रगड़ने के बाद पूजा की सांस तेज हो गई, उसने अपनी टांगों को फैलाया और वह ढीली पड़ गई.
अब मैं अपने हाथ चूत के होंठों पर ऊपर से नीचे फेरने लगा.पूजा बिन पानी मछली के जैसी तड़प उठी.
मैंने धीरे-धीरे उसकी शार्टस और पैंटी उतार दी.पूजा अपने हाथों से चूत को छुपाने लगी.
कुछ देर बाद मैं पूजा की टांग के नीचे आ गया और दोनों टांगों के घुटने मोड़ते हुए टांगों को मोड़ प्रिया.फिर पूजा के हाथ को चूत के ऊपर से हटाया प्रिया.
क्या कमाल की चूत थी उसकी … हल्के भूरे रंग की चूत के नम होंठ … एकदम गुलाबी रंग की चूत की पंखुड़ियां.बिल्कुल छोटी सी फूली हुई बंद चूत बड़ी ही प्यारी सी लग रही थी.
मैं हाथ में तेल लेकर चूत के चारों ओर रगड़ने लगा.पूजा आंखें बंद करके मालिश का मजा ले रही थी.
अठरह बरस की शोला जवानी
फिर मैं झुका और अपनी जीभ को पूजा की चूत में फेर प्रिया.पूजा झट से आंखें खोल कर देखती हुई बोली- ये क्या कर रहे हो?
मैं बोला- मेरे हाथ थक गए हैं तो मैं जीभ से मालिश कर रहा हूं.ये कह कर मैं पूजा की चूत में अपनी जीभ लगातार फेरता रहा.
पूजा लगातार अपनी कमर उठा-उठा मेरा साथ दे रही थी.मैं बीच-बीच में अपनी जीभ पूजा की चूत में डालने का प्रयास करता.कुछ देर ऐसा ही लगा रहा, फिर जब पूजा अति चुदासी हो गई … तो मैं रूक गया.
पूजा- रूक क्यों गए?मैं- अब मेरी जीभ भी थक गई.
पूजा बहुत ही बेचैनी से कहने लगी- पर अभी तो सबसे ज्यादा मजा आ रहा था!
मैंने कहा- इससे भी ज्यादा मजा दे सकता हूँ, पर तुम रोकना मत. बस मजे लेती रहना.पूजा- ठीक है, पर जल्दी करो.
फिर मैंने अपने सारे कपड़े निकाले.मेरा लंड पूरी तरह तन गया था. गहरे भूरे रंग के 7 इंच लम्बे और मोटे लंड के बार-बार झटके देख कर पूजा शर्मा गई.
उसने अपनी आंखें दूसरे तरफ कर लीं और चोर नजरों से लौड़े को देखती रही.
मैं पूजा की दोनों टांगों के बीच आ गया और अपना लंड का टोपा निकाल कर पूजा की चूत के होंठों पर ऊपर से नीचे तक रगड़ने लगा.पूजा ‘आ…ई…’ की आवाज निकालने लगी.मेरा लंड और तन गया.
मैं लंड को बार-बार पूजा की चूत के भगनासे से चूत के छेद के पास ले जाकर हल्का अन्दर करके बाहर निकाल देता.इस सब क्रिया से पूजा बहुत ही ज्यादा चुदासी हो गई और अपनी कमर ऊपर नीचे करती हुई उठाने लगी.
अब पूजा की चूत से चूत रस निकलने लगा था.पूजा अपने मुँह से बेचैनी से कराहने वाली आवाज निकाल रही थी.
मैं पूजा की चूत में अपना लंड फंसा कर उसके ऊपर लेट गया, उसकी गर्दन से होते हुए कान और गाल पर चूमना चालू कर प्रिया.पूजा के होंठों में मैंने अपने होंठ रख दिए और बारी-बारी से दोनों होंठों को बेतहाशा चूमने लगा.
पूजा भी मेरा खूब साथ देने लगी.उसने मुझे कसके पकड़ लिया और अपने नाखून गड़ाने लगी.
फिर मैंने अपने लंड को पूजा की चूत में अन्दर तक पेलने का सोचा.पर डर था कि कहीं ऐसा करने से पूजा की चूत फट ना जाए. क्योंकि पूजा की चूत बहुत छोटी और मेरा लंड बहुत बड़ा था.
पर मैं मंजिल से इतना पास आकर खाली हाथ जाना नहीं चाहता था.
मैं लंड को पूजा की चूत में ऊपर नीचे करते हुए रगड़ने लगा, जिससे पूजा की चूत और खुल गई.अब मैंने लंड का दबाव पूजा चूत पर बढ़ाया, लंड थोड़ा अन्दर जाकर किसी चीज से जा टकराया.
मैं समझ गया कि ये क्या है!यह पूजा की चूत की झिल्ली थी, जो पूजा के कुंवारेपन का सबूत थी.
मैं बहुत खुश हुआ, पर झिल्ली आसानी से लंड को अन्दर नहीं जाने देने वाली थी.उसके लिए खून बहाना जरूरी था.
मैंने लंड को थोड़ा सा बाहर खींचा और एक गहरी सांस लेकर अपनी पूरी ताकत से लंड को पूजा की चूत में पूरी गहराई तक उतार प्रिया.
लंड पूरी तरह से चूत में समा चुका था.लंड में टाईट चूत का दबाव और गर्म-गर्म खून का अहसास होने लगा था.आखिरकार मिशन पूरा हुआ, छोटी चूत की तंग गलियों में मेरा मोटा लंड अपनी जगह बना चुका था.
पूजा ने जोर की आवाज निकाली- आह आई …ई … मर गई. इसे बाहर निकालो आई.
यह कहती हुई वह छटपटाने लगी और मुझे जोर का धक्का देकर कहने लगी- बाहर निकालो प्लीज, बहुत दर्द हो रहा है … तुमने कहा था कि मजा आएगा पर तुमने मुझे दर्द प्रिया है झूठे … आह.
पर मुझे मालूम था कि एक बार लंड बाहर निकाल लिया तो पूजा दुबारा लंड अन्दर नहीं डालने देगी.मैं पूजा की सब बातों को अनसुना करके उसके ऊपर दबाव बनाए हुए लेटा रहा.
जब पूजा का विरोध थोड़ा कम हुआ, तो मैं धीरे-धीरे झटके देने लगा.
अब पूजा का विरोध धीरे-धीरे खत्मे हो गया था.उसने अपने आपको मेरे नीचे सरेंडर कर प्रिया था.
मैंने झटकों की गति बढ़ा दी थी.पूजा को भी मजा आने लगा था.उसने अपने दोनों पैरों से मुझे जकड़ लिया था.
मैं एक साईड से धक्का देता रहा और दूसरी ओर से पूजा को चूमता रहा.
थोड़ी देर की चुदाई के बाद हम दोनों अलग हुए.
मैंने देखा कि पूजा की चूत, मेरा लंड … खून और कामरस से सना हुआ था.पूजा ये सब देख डर गई और बोल पड़ी- ये खून!
मैंने कहा- ये तुम्हारी चूत की झिल्ली के फटने के वजह से हुआ. अब तुम्हारी चूत पूरी तरह खुल गई है. अब और खून नहीं निकलेगा.
फिर मैंने पूजा को डॉगी पोजिशन में लाकर अपना लंड उसकी चूत में सैट किया और अपने दोनों हाथों से पूजा की कमर पकड़कर अपनी तरफ खींचते हुए एक ही झटके में अपना पूरा लंड चूत में पेल प्रिया.चूत अभी भी काफी टाईट थी, पर काम रस के कारण लंड चूत में आसानी से चला गया.
पूजा ने ‘आ … उई … मां …’ करके आवाज निकालना शुरू कर प्रिया.शुरू में धीरे-धीरे, फिर बाद में गति बढ़ा दी.
अब मैं पूजा की चूत की तेजी से चुदाई करने लगा था.बीच-बीच में मैं पूजा के स्तनों को भी खूब दबाता रहा.
कुछ देर बाद मैंने पूजा को उल्टा लेटा प्रिया और उसकी कमर के नीचे तकिया लगा प्रिया.इससे उसकी चूत उभर कर दिखने लगी.
फिर मैंने लंड सैट किया और लंड अन्दर डाल प्रिया. पूजा को अपने पूरे शरीर से दबोच कर बेतहाशा चुदाई करने लगा.
इसके बाद मैं लेट गया. अब पूजा मेरे ऊपर आ गई और खूब कमर हिला-हिला कर चुदवाने लगी.मैं भी नीचे से झटके देता और उसके स्तनों को दबाता.
कुछ देर बाद पूजा झड़ गई और मेरे बगल में तिरछी होकर लेट गई.मेरा खेल अभी बाकी था.
मैंने लेटे लेटे ही पूजा के पीछे से ही लंड घुसाया और पूरी स्पीड से उसे चोदने लगा.कुछ देर बाद मैं भी पूजा की चूत में ही झड़ गया.
इस तरहसे मिअने टीन स्कूल गर्ल फर्स्ट सेक्स का मजा लिया.
मैंने जल्दी से कपड़े पहने और पूजा को प्यारा सा चुम्बन देकर वहां से निकल गया क्योंकि आंटी कभी आ सकती थीं.
शाम को जब पूजा से बात हुई तो उसने बताया कि बहुत जलन हो रही है और चूत सूज गई है. पर आज बहुत मजा आया.मैं दो दिन गया ही नहीं.
बाद में पूजा ने बताया कि उसकी चूत दो दिन तक सूजी रही.
उस दिन चुदाई नहीं हुई मगर बाद में उसने खुल कर चूत पेश की.
अब जब जब आंटी घर में नहीं होती हैं, पूजा खुद कॉल करके चुदवाने के लिए बुला लेती है.
इस तरह से लॉकडाउन में मेरे लिए चूत चुदाई का जुगाड़ हो गया था.
आपको मेरी ये सच्ची टीन स्कूल गर्ल फर्स्ट सेक्स कहानी कैसी लगी, प्लीज कमेंट्स में बताएं.लेखक के आग्रह पर इमेल आईडी नहीं प्रिया गया है.