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कोई मिल गया पठन समय: 11 मिनट पढ़ा गया: 1,005 बार

सेक्स की प्यासी आंटी और दोस्त की बहन की साजिश-7

दीप पाटिल

29 May 2020 को प्रकाशित

सेक्स की प्यासी आंटी और दोस्त की बहन की साजिश-7
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मेरी इस मस्त चुदाई की कहानी में आपने पढ़ा कि आंटी ने अंजू के संग अपने लेस्बियन सेक्स रिश्तों के बारे में बताया। उनकी इन बातों का सिलसिला अभी जारी है। इसमें आंटी कुलदीप के साथ अपने सेक्स सम्बन्धों के बारे में कह रही थीं।अब आगे..

आंटी- फिर मैंने कुलदीप को पटाया.. पर यहाँ अजंलि को भी कोई चोदने वाला चाहिए था.. क्योंकि वो भी अब कण्ट्रोल नहीं कर पा रही थी। तभी तुम यहाँ आए और तुम्हारी और कुलदीप की अच्छी दोस्ती हो गई। फिर तुम उसके घर के सबसे मिल-जुल भी गए तो अंजलि ने तुम्हें ही चुना। क्योंकि तुम पर कोई भी डाउट नहीं करेगा, पर तुम इतनी आसानी से हाथ नहीं आने वाले थे, ये हमें समझ में आ गया। क्योंकि कुलदीप हमेशा तुम्हारे बारे में अच्छा-अच्छा ही कहता था।‘फिर..?’

‘फिर अंजलि ने नया प्लान किया कि तुम्हें पहले चुदाई का शिकार बनाया जाए फिर तुम खुद अंजलि को चोदने के लिए कहोगे, पर मेरा दिल नहीं कर रहा था। तुम्हारे साथ मैं कुछ भी नहीं करना चाहती थी, पर अंजलि के जिद के सामने मैं कुछ नहीं कर पाई और मैंने ‘हाँ’ कर दी। पर दीप तुमसे सच कह रही हूँ कि धीरे-धीरे मैं अपने आप तुम्हारी तरफ खिंचती चली गई। मुझे खुद को पता नहीं चला और ये बात अंजलि के भी समझ में आने लगी, तो वो मुझसे नाराज होने लगी।’‘हम्म..’

‘फिर मैंने उसे मना कर कहा कि मैं तुम्हारी और दीप की सेटिंग करके दे दूँगी, इसलिए अब मैं जानबूझ कर तुम्हें अंजलि के बारे में कहती थी और तुम भी उसकी तरफ जाने लगे थे। ये बात मुझे भी अच्छी नहीं लगी, पर अंजलि की जिद सामने मैं भी मजबूर थी, क्योंकि वो मुझे भी ब्लैकमेल करने लगी है। वो चुदने के चक्कर में पागल हुई है। सच कहूँ तो मैं भी तुम्हें उसके साथ शेयर नहीं करना चाहती, पर मैं भी कुछ भी नहीं कर पा रही हूँ। तुम ही बताओ मैं क्या करूँ?’

मैं यह सुनकर पागल हो गया कि कोई इतनी भी बड़ी साजिश कर सकता है।तो मैंने आंटी को ‘सॉरी..’ कहा और उनको गले से लगा लिया। वो रो रही थीं उनको भी बुरा लग रहा था, पर वो भी कुलदीप की तरह फंसी थीं।मैंने उनको अपने करीब खींच लिया और चुप होने को कह रहा था क्योंकि उनको बहुत बुरा लग रहा था कि उनकी छोटी गलती के वजह से ये बात इतनी आगे बढ़ गई।

फिर मैंने आंटी को शांत किया और उनके होंठों को किस किया और उनका नाईट सूट निकाल कर उन्हें पूरी नंगी कर प्रिया। मैं भी पूरा नंगा हो गया और आंटी के बाजू में लेट गया।तो आंटी ने कहा- प्लीज़ अभी नहीं कर पाऊँगी.. मुझे कुलदीप की फ़िक्र हो रही है। मैं तुम दोनों को बहुत चाहती हूँ, पर अभी कुछ भी नहीं कर पाऊँगी।

तो मैंने भी यही सही समझा क्योंकि मैं भी कुलदीप के बारे में इतना ही इमोशनल था।

तो मैंने उनसे कहा- हाँ आप सही कह रही हो। अभी तो मैं उसे सुला कर आया हूँ.. कल उससे ठीक से बात करूँगा। आप उसकी टेंशन मत लो और वो आप पर नाराज भी नहीं होगा। फिलहाल अभी सोते हैं।फिर मैं कपड़े पहनने लगा तो आंटी ने कहा- रहने दो.. ऐसे ही सो जाओ।

मैं नंगा ही उनके बाजू में आकर सोने लगा। मैंने उनको मेरे पास खींचा और उनके मुँह में मेरा मुँह डाल कर चूमने लगा। नंगे होने से मेरा लंड आंटी को बार-बार टकराने लगा तो आंटी से भी नहीं रहा गया और वो मेरे लंड को हाथ से हिलाने लगीं।

मैं भी आंटी के मम्मों को चूसने लगा। फिर मुझे भी रहा नहीं गया और मैं भी उनके ऊपर चढ़ने लगा।

तभी आंटी ने कहा- रुको मैं दो मिनट में आती हूँ। ये कहकर आंटी बाथरूम गईं और मैं भी उनके पीछे आ गया।आंटी टॉयलेट करने के लिए नीचे बैठी हुई थीं.. मैंने उनसे कहा- रुको ना।

मैं कमोड पर बैठ गया और आंटी को मेरी तरफ मुँह करके बैठने को कहा।आंटी वैसे ही बैठ गईं तो मैंने कहा- अब करो ना।

तो आंटी चूत से मूतने लगीं और वो मूत मेरे लंड से नीचे से जाने लगा। मुझे अच्छा लग रहा था और तभी मैंने भी मूतना चालू कर प्रिया। तो आंटी ने जल्दी से मेरे मूतते लंड को अपनी चूत के ऊपर रखा तो मेरा मूत उनकी चूत पर गिरने लगा। ये बहुत मस्त लग रहा था फिर बाद में मैंने उनको वैसे ही उठा लिया। मैं उन्हें किस करते हुए बेड तक लाया और उनको बिस्तर पर लेटा प्रिया।

दस मिनट बाद मेरा लंड वापिस खड़ा हुआ तो मैंने उनसे पूछा- क्या मैं आपकी गांड में डाल सकता हूँ?तो उन्होंने कहा- हाँ, तुम्हें जहाँ पसन्द आए वहाँ डाल दो।

मैंने सोचा अब इधर भी ट्राय किया जाए.. तो मैंने कोशिश की, पर मेरा लंड तो केले जैसा था.. इसलिए मैंने उनकी चूत में ही डाल प्रिया। आज आंटी एक भी गाली नहीं दे रही थीं.. तो मैंने शुरुआत की।

‘साली कुतिया.. आज कुछ भी नहीं कहेगी क्या.. अरे मेरी रानी कुछ तो बोल..!’आंटी भी जोश में आ गईं और कहने लगीं- साले कुत्ते जोर से चोद ना.. ये कुत्ती की चूत इतने से नहीं फटेगी और जोर से चोद.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… रांड हूँ मैं.. तेरी बीबी नहीं भोसड़ी के.. इतने प्यार से मत चोद।

मैं हंसकर आंटी को और जोर से चोदने लगा। कुछ मिनट बाद मैंने उनकी चुत में ही माल गिरा प्रिया और उनके ऊपर ही गिर गया।

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आंटी तो आज 3 बार झड़ गई थीं और जैसे ही मैं झड़ा, तभी कुछ सेकण्ड में वो भी झड़ गई थीं।

फिर हम दोनों वैसे ही सो गए और सुबह आंटी जल्दी उठ कर बाथरूम में जाकर मूत के आईं। फिर से मेरे बाजू में आकर मेरे सर पर अपना हाथ घुमाने लगीं। मैं भी जग गया.. फिर क्या, सुबह-सुबह मुझे उनके मम्मे दिखे तो मैंने भी चूसना चालू कर प्रिया।

आंटी हंसने लगीं- तुम्हें मेरे दूध इतने पसन्द हैं?तो मैंने अपनी उंगलियां भी उनकी चूत में डाल दीं। वो एकदम से चिल्लाईं- ओह्ह क्या कर रहे हो.. फिर से क्या?

मैंने उनको फिर से नीचे खींचा और वापिस लंड उनकी चूत में पेल प्रिया। कुछ देर चुदाई के बाद मैं उनके घर से वापस आ गया। रूम पर आकर मैंने कुलदीप को जगाया और उसको रात को क्या हुआ वो सब बताया।

कुलदीप ने कहा- अभी प्रॉब्लम क्या है? अंजलि को समझाना है तो वो कौन समझाएगा?इतना कहकर वो मेरी तरफ देखने लगा और मैं उसकी तरफ घूरता रहा। कुछ समझ ही नहीं आ रहा था।

फिर थोड़ी देर बाद उसने कहा- यार कल का क्या प्लान बनाया जाए.. मेरी तो अब 3 दिन ऑफिस से छुट्टी है।तो मैंने कहा- ठीक है मस्ती से 3-4 दोस्त मिल कर दारू पिएंगे।‘आज क्या होगा?फिर मैंने कहा- आज 4 दोस्त नहीं पर हम 3 दोस्त जरूर मिल सकते हैं.. तू, मैं और आंटी..मैंने अभी इतना ही कहा था कि वो मुझे जोर-जोर से मारने लगा और कहा- नाम मत ले उस रंडी का!तो मैंने कहा- भाई धीरे.. वो सुन लेगी।उसने कहा- मैं उससे डरता हूँ क्या? क्या उखाड़ लेगी वो मेरा?मैंने कहा- उसकी छोड़.. पर सामने ही तेरा घर है.. कल की उतरी नहीं क्या?फिर थोड़ी देर बाद उसने कहा- एक काम कर.. जल्दी से बैग पैक कर, हम दोनों ही एक दोस्त के फ्लैट पर जाते हैं क्योंकि छुट्टी के वजह से मेरा ये दोस्त अपने गाँव जाने वाला है। उधर मैं पीने के बाद जोर से बात करूँगा तो किसी को पता नहीं चलेगा और यहाँ पिऊंगा तो सामने घर पर पता चलेगा। इससे अच्छा है कि हम दोनों उधर ही चलते हैं।

एक घंटे बाद हम दोनों उधर जाने के लिए घर से निकले तो अंजलि दिखी। मैंने उसे अनदेखा किया और वो वापिस सामने आकर कहने लगी- क्या सोचा है तुमने?तो मैंने उससे कहा- कुछ नहीं सोचा.. और मैं जल्दी ही ये फ्लैट छोड़ कर जा रहा हूँ।

इतना कहकर मैं आगे निकल आया.. कुलदीप मेरे साथ चल रहा था तो मुझे ऐसे बात करते हुए देख कर वो भी मेरे पीछे आ गया। हम दोनों बाइक पर बैठ कर उसके दोस्त के घर के लिए निकल गए।रास्ते में 6 बियर ले लीं। हम दोनों ने दोस्त के घर पर जाते ही बियर फ्रीज़ में रख कर हॉल में बैठ कर बातें करने लगे।

कुलदीप ने कहा- चलो बियर पीते हैं।पर मेरा पीने का मूड नहीं था, तो वो अकेला ही पीने लगा।मैं सोच रहा था कि इस मुसीबत से कैसे बाहर निकला जाए।

तभी कुलदीप ने कहा- क्या सोच रहे हो दीप?मैंने उससे पूछा- यही कि इस दिक्कत से कैसे बाहर निकलूँ?तब वो थोड़ा चुप हुआ और उसने कहा- सोच कर कुछ नहीं होने वाला क्योंकि अंजू किसी बारे में सोचती है तो वो किए बिना रहती नहीं है।मैंने कहा- तो तुम क्या कहना चाहते हो?वो रोने लगा और उसने कहा- तू समझ गया है.. तो क्यों फिर पूछ रहा है?मैंने कहा- यार, तुझे दारू चढ़ गई है।कुलदीप ने कहा- हाँ… और अंजू को सेक्स का नशा चढ़ गया है।ये कह कर वो फिर रोने लगा।

मैं उसे बहुत समझाने की कोशिश कर रहा था.. पर वो रोता ही रहा। फिर मुझे लगा शायद उसे सिर्फ आंटी ही संभाल पाएंगी।मैंने उससे पूछा- आंटी को बुलवाऊँ क्या?तो वो एकदम से गुस्सा हुआ और गाली देने लगा।मैंने उसे शांत किया और उससे कहा- आंटी भी इसमें फंसी है।‘क्या मतलब?’मैंने उसे सब बताया जो आंटी ने कहा था तो वो थोड़ा शांत हुआ और उसने कहा- ठीक है.. बुला ले, उनसे बात करते हैं।

मैंने आंटी को कॉल करके बुलाया और उनको सब कह प्रिया कि आप यहाँ आ जाओ.. हम सब मिल कर कुछ सोच कर इसे जंजाल से बाहर निकलने के लिए कोई रास्ता निकाल लेंगे।तो वो राजी हो गईं क्योंकि उनको भी कुलदीप से मिलने का मन था।वो आधे घंटे में आ गईं और कुलदीप के बगल में बैठ कर बातें करने लगीं।

मैं जानबूझ कर दूर खड़ा रहा और दोनों की बातें सुनता रहा। बहुत देर तक बातें हुईं तब तक कुलदीप ने 2 बियर पी ली थीं, उसकी वजह से उसे बहुत चढ़ गई थी।

फिर उसने आंटी को भी बियर ऑफर की तो आंटी भी पीने लगीं।

दोस्तो, इसके बाद क्या हुआ उसको जानने के लिए कल फिर मिलते हैं। इस हिंदी सेक्स स्टोरी पर कुछ कहना हो तो मुझे मेल करना।support@mohakkisse.comकहानी जारी है।

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां
n

neetuarora10

2 months ago

चाची की चूत का वर्णन बहुत ही कमाल का किया है।

सिमरन सधी

2 months ago

यार पड़ोसन आंटी वाला पार्ट 2 कब पोस्ट कर रहे हो? बेताबी से इंतज़ार है।

राकेश चौधरी

2 months ago

आंटी को पटाने का तरीका बहुत ही मस्त था। मजा आ गया पढ़कर।

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