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पहली बार चुदाई पठन समय: 18 मिनट पढ़ा गया: 1,225 बार

चाची ने भतीजे को चुदाई का पाठ पढ़ाया- 3

शरद सक्सेना

13 Nov 2020 को प्रकाशित

चाची ने भतीजे को चुदाई का पाठ पढ़ाया- 3
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सेक्स अफेयर चाची भतीजा कहानी में मैं अपनी जवान चाची को चोदकर अपने पहले सेक्स का मजा ले चुका था. लेकिन तब मुझे चाचा चाची की लाइव चुदाई देखकर जलन हुई.

फ्रेंड्स, मैं शरद सक्सेना उर्फ आशु एक बार पुनः आपको अपनी देसी चाची की चुदाई की कहानी के मजा देने के लिए हाजिर हूँ.

कहानी के दूसरे भागगर्म चाची की चूत में लंड पेलामें अब तक आपने पढ़ा था कि शाम को चाचा चाची की लाइव चुदाई देख कर मैंने मुठ मार ली थी और थक कर सो गया था. बाद में चाची ने मेरे सुपारे को मसल कर मुझे जगाया और प्यार करने लगीं. मैं भी उनके मम्मों पर अपना सर रख कर लेट गया.

अब आगे सेक्स अफेयर चाची भतीजा कहानी:

चाची ने मेरे बालों को सहलाते हुए पूछ लिया- आशु, तेरा लंड इतना चिपचिपा क्यों रहा है? क्या तूने फिर से मुट्ठ मारी है?मैं चुप रहा.

चाची ने एक-दो बार और पूछा.पर जब मैं नहीं बोला तो थोड़ा तुनक कर बोलीं- जब तुझे मुट्ठ मारकर ही काम चलाना है तो मैं अपनी चूत तेरे लिए क्यों खोलूं?इतना कहकर वे जाने लगीं.

मैंने तुरन्त ही उनका हाथ पकड़ा और सॉरी बोलते हुए कहा- न चाहते हुए भी मुट्ठ मारना पड़ा!

चाची ने मुझे घूरकर देखा और कमर पर हाथ रखती हुई बोलीं- अब ऐसी क्या मजबूरी थी कि तुझे मेरी चूत के होते हुए भी मुट्ठ मारना पड़ रहा है?‘चाची … व्वो …!’

‘हां-हां बोल न … शर्मा क्यों रहा है?’‘आप और चाचा की चुदाई इतनी गजब की चल रही थी कि मुट्ठ मारे बिना रह नहीं सका. पोर्न फिल्म भी आप दोनों की चुदाई के सामने बेकार है!’

‘तूने कब हम दोनों की चुदाई देखी?’‘कॉलेज से लौटने के बाद जब मैं आपके कमरे में आकर आपकी गोरी-गोरी बांहों में समा जाना चाहता था, तो आपका कमरा बंद था. मैंने देखा तो चाचा पहले ही आपकी चूत, गांड, चूची और मुँह का बाजा बजा रहे थे … बस फिर चुदाई देखने के अलावा कोई चारा नहीं था. इतनी मस्ती चुदाई चल रही थी आप दोनों की बस लाइव चुदाई देखकर हाथ काबू में नहीं रह सका और मैं अपने लंड को पकड़ मरोड़ने लगा. बेचारा लंड कितना बर्दाश्त करता सो घुट-घुट कर बेचारे ने अपना रस निकाल दिया!’

चाची हंस दीं और मेरे होंठों पर अपनी उंगली चलाती हुई बोलीं- चल जल्दी से खाना खा ले … अभी तूने लाइव चुदाई का मजा लिया, अब पूरी रात मुझे चोदकर मजा ले लेना!

मैंने चाची को जल्दी से अपनी बांहों में कस कर पकड़ लिया और उनके चूतड़ों को दबाते हुए बोला- चाची, आप सच में बहुत अच्छी हो!

चाची अपने को छुड़ाती हुई बोलीं- अब जल्दी से उठ, नहीं तो तेरी मम्मी आ जाएगी. मेरे कमरे में चलकर जो चाहे दबाना … जहां चाहे उंगली और लंड को डाल लेना!

फिर हम दोनों बाहर आ गए, मेरी मम्मी मेरा और चाची के आने का ही इंतजार कर रही थीं.

हम सबने मिलकर खाना खाया.थोड़ी देर तक हम सभी लोग साथ बैठे रहे.

चाचा पहले ही अपने ऑफिस चले गए थे.

जैसे ही मम्मी-पापा अपने कमरे में बंद हुए, मैंने चाची का हाथ पकड़ा और अपने कमरे की तरफ जाने लगा.

मेरी सेक्सी चाची, चुदक्कड़ के साथ ही बहुत ही समझदार हैं.वे तुरन्त ही बोलीं- तू चल, मैं सिर्फ दो मिनट में तेरे कमरे में आती हूं!

मैं खुशी-खुशी अपने कमरे में चला गया.

थोड़ी देर बाद चाची एक कटोरी रसगुल्ला लेकर अन्दर आईं.

‘अरे वाह … रसगुल्ला!’ कहते हुए मैंने एक रसगुल्ला खाने के लिए उठाया.

चाची ने मेरी हथेली पर चिकोटी काटते हुए कहा- बड़ा बेसब्र हो रहा है … इसको जरा तरीके से खाएगा तो रसगुल्ले की मिठास और अच्छी लगेगी!इतना कहकर चाची ने रसगुल्ले को एक किनारे रखा और मुझसे चिपट गईं.

चाची मेरी पीठ और चूतड़ों को सहला रही थीं.मैं भी उनकी पीठ और चूतड़ों को सहलाने के साथ ही दबा रहा था और उनकी गांड में उंगली करने का भरकस प्रयास कर रहा था.पर उनकी साड़ी बीच में आ रही थी.

‘आशु …!’‘हां चाची!’

गांड में उंगली नहीं जा रही है?’‘हां चाची, आपकी साड़ी …’आधी बात कहकर मैं चुप हो गया.

चाची ने तुरन्त ही साड़ी का पल्लू मुझे थमाया और खुद पीछे होकर गोल-गोल घूम कर अपनी साड़ी उतार दी.

अब उन्होंने मेरे लोअर को उतार दिया और मुझसे चिपक कर बोलीं- लो अब कोशिश कर … मेरी गांड में उंगली करने की!अब चाची के मुलायम चूतड़ों को दबाना और उनकी गांड के अन्दर उंगली करना पहले से थोड़ा आसान हो गया था.पर इस बार पेटीकोट बीच में अड़ंगा डाल रहा था.

‘अब क्या हुआ आशु, अब भी गांड में उंगली नहीं जा रही है क्या?’‘हां चाची, अब मेरी उंगली और आपकी गांड के बीच में पेटीकोट आ रहा है!’

‘ये तुम्हारी गल्ती है, तुमने पेटीकोट को बीच में आने दिया … साड़ी के साथ इसको भी उतार देते?’

मैंने झट से पेटीकोट का नाड़ा खींचा और पेटीकोट सरक कर नीचे, उधर चाची ने मेरी चड्डी को मुझसे अलग कर दिया.

मैं चाची की पैंटी उतारने लगा तो मुझे चाची ने रोक दिया और बोलीं- प्यार से और मजे से करो, जल्दी करोगे तो जल्दी झड़ जाओगे … चलो पहले मेरा ब्लाउज उतार दो … फिर गांड में उंगली करने की कोशिश करो!

मैंने चाची के ब्लाउज को उतारा और चाची ने मेरी बंडी को.हम दोनों में अब एक ही अंतर रह गया था.चाची अभी भी पैंटी और ब्रा में थीं और मैं बिल्कुल नंगा.

चाची मुझसे फिर से चिपक गईं और मेरे चूतड़ों को दबाने के साथ ही साथ अपनी उंगली मेरी गांड की दरार में चला रही थीं.

वे मेरी छाती के दोनों निप्पलों पर बारी-बारी से अपनी जीभ चला रही थीं जबकि मैं उनकी पैंटी के ऊपर से उनकी गांड में उंगली करने की कोशिश कर रहा था.

चाची बिना किसी जल्दबाजी के मेरे दोनों चूतड़ों को मसल रही थीं और लंड को मरोड़ रही थीं.तभी मेरे दोनों हाथ चाची की पैंटी के किनारे के कट से अन्दर चले गए और उंगली डायरेक्ट गांड के अन्दर घुस गई.

तभी चाची ने अपनी ब्रा को ऊपर उठाया और अपनी चूचियों को मेरे सीने से रगड़ती हुई बोलीं- अब तुम एक्सपर्ट हो गए हो मेरे लल्ला!

यह कह कर चाची ने मेरे कूल्हों को अलग करते हुए फैलाया और अपने दोनों हाथों की उंगलियों से मेरी गांड को कुरेदने लगीं.इसी बीच मैंने भी चाची की पैंटी को नीचे सरका दिया, जिसका चाची ने कोई विरोध नहीं किया.

दो पल बाद ही चाची भी पूरी नंगी थी. अब मैं चाची की गांड में आसानी से उंगली भी कर सकता था और उनके मुलायम चूचों को भी दबा पा रहा था.हम दोनों के बीच एक दूसरे में समा जाने की होड़ लगी हुई थी.

फिर मैं अपने घुटनों पर आया और चूत को चूमने लगा.

उसके बाद चुत की फांकों को उंगलियों से थोड़ा सा फैलाया और चूत पर अंगूठा रगड़ने लगा.वे आह आह करने लगीं.

मैं भी मस्ती से चुत से खेलने लगा और बीच-बीच में अपनी जीभ को चुत के दाने पर चलाता जाता.चूत की फांकें इतनी मुलायम थीं कि मैं दोनों फांकों को चबा लेता.

चाची मादकता से ‘उई उई.’ करती हुई कराहने लगतीं ‘आह आशु क्या कर रहे हो?’

थोड़ी देर बाद चाची मुझसे अलग हुईं और बाथरूम की तरफ चल दीं.

‘कहां जा रही हो चाची? अभी तो शुरुआत हो रही है!’‘क्या करूं … तू इतनी देर से मेरी बुर को रगड़ रहा है और चबा रहा है … तो पेशाब का प्रेशर बन गया है … बहुत जोर से पेशाब लगने लगी है, मूतने जा रही हूं!’

यह कहती हुई वे बाथरूम की तरफ अपनी गांड मटकाती हुई चल दीं.

चाची के गोल-गोल उभार दार चूतड़ क्या गजब के लग रहे थे. उनके हर के अंग उभारों की बात तो पूछो ही मत … ऐसे कटाव बन रहे थे कि क्या ही कहूँ.

जब वे घूम कर मुझे देख रही थीं तो उनके गालों में बनते डिंपल मेरी वासना को और अधिक भड़का रहे थे.इसी के चलते मैं भी चाची के पीछे-पीछे बाथरूम में घुस गया.

चाची पॉट पर बैठकर मूत रही थीं.‘सीई … ईईई.’ की आवाज के साथ उनकी चूत पेशाब छोड़ रही थी.

वे मेरी तरफ देखती हुई बोलीं- बहुत बदमाश हो गया है तू … अपनी चाची को मूतते हुए देखने आ गया है?

मैं उनकी बात को सुनकर अपना सर खुजलाते हुए बोला- नहीं चाची, मुझे भी मुतास लगी थी … जब आप मूतकर फारिग हो जाओगी तो मैं भी मूत लूंगा!वे बोलीं- तो जब मैं बाहर आ जाती तो तू आ जाता!

‘अरे तो कोई बात नहीं, आप मूतकर बाहर आ जाओ … फिर मैं अन्दर आकर मूत लूंगा!’इतना कहते हुए मैं वापिस मुड़ने लगा.

‘अरे आ जा … कोई बात नहीं. अब अपनी चाची से कैसी शर्म … कल रात तो तुमने अपनी चाची की चुदाई भी कर ली है और अभी मेरी चूत, चूची, गांड से खेल भी चुके हो. अब मूतते हुए भी देख लेगा तो तेरी चाची की चूत का कुछ बिगड़ नहीं जाएगा!’इतना कहते हुए चाची खड़ी हो गईं.

‘चल अब जल्दी से मूत ले!’

मैं मूतने लगा कि तभी चाची ने पीछे से मेरे लंड को पकड़ लिया.

वे लंड को दबाती हुई बोलीं- चल आज मैं अपने प्यारे भतीजे को अपने हाथ से मुता देती हूं!

मेरे लंड ने धार छोड़ना शुरू कर दिया था.चाची लंड को हिला-हिलाकर चारों तरफ मूत की धार से दीवारों को गीला करने लगीं.

फिर वे मेरे सुपारे पर अपना अंगूठा रगड़ती हुई बोलीं- तेरा सुपाड़ा बड़ा गुलगुला सा है!‘हां चाची, आपकी चूत के फांकों की तरह फूला हुआ है!’

‘चल, फिर बिस्तर पर चल … चूत और लंड का मजा लेते हैं!’मैंने चाची को गोद में उठाया और कमरे में आकर पलंग पर लिटा दिया.

चाची ने अपनी टांगें फैलाते हुए कहा- अब मेरा राजा बेटा अपनी चाची की चूत चाटेगा न!

यह सुनकर मैं झट से उनकी टांगों के बीच बैठ गया.वैसे ही वे बोलीं- अरे आशु, मैं तो चूत धोना ही भूल गई!वे अपनी चुत धोने जाने के लिए उठने लगीं.

‘अरे चाची, रुको तो जरा!’वे रुक गईं तो मैं उनकी चूत को सूंघने लगा.

फिर मैं एक गहरी सांस लेते हुए बोला- चाची, इतनी सुगंधित चूत को चाटने का अपना एक अलग ही मजा है!वे हंस दीं और चुत पसार कर चटवाने लगीं.

तभी उन्हें कुछ याद आया तो उन्होंने उठ कर रसगुल्ले वाली कटोरी लाने का कहा.मैं कुछ कहता, तब तक वे उठ कर रसगुल्ले वाली कटोरी उठा लाईं और उसकी चाशनी को अपनी उंगली में लेकर उसे अपनी चूत के ऊपर टपकाने लगीं.

मैं समझ गया कि अब नमकीन के साथ मीठी चुत का मजा भी मिलेगा.वे कुछ सोच कर रसगुल्ले को उठा कर उसे अपनी चुत पर दबाती हुई शीरा टपकाती हुई बोलीं- ले आशु … नमकीन खाने के बाद मीठा भी खा ले!

मैं वापस चुत पर पिल पड़ा और चप-चप करके चूत पर बिखरे रस को चाटने लगा.

मीठा और नमकीन मिक्स स्वाद का मजा आया तो मैं बोला- वाह चाची, अब आपकी बुर मीठी हो गई!‘अरे पगले अभी कहां!’यह कहते हुए चाची ने रसगुल्ले को तोड़ कर उसके एक टुकड़े को अपनी चुत की फांकों के बीच से अन्दर दबाया और उसे चूत के अन्दर डालती हुई बोलीं- आशु, अब बता इस रसगुल्ले की मिठास कैसी है?

‘वाह चाची … आज आप अपने भतीजे को चुदाई में पीएचडी ही करा दोगी!’‘अरे मेरे भोले राजा, तूने अभी अपनी इस रंडी चाची के जलवे देखे कहां हैं … अभी तो एक-दो बार ही हमारा तुम्हारा मिलन हुआ है!’

‘चाची मेरा मन कर रहा है कि इस रसगुल्ले के टुकड़े के साथ आपकी बुर भी चबा जाऊं!’‘हां तो चबा ले न मेरे राजा … बस इतना ध्यान रखना कि लंड अन्दर जाने में कोई तकलीफ न हो!’

‘चाची, मुझे भी कुछ करना है!’मैंने रसगुल्ले की कटोरी लेते हुए कहा.

‘हां-हां जो चाहे कर ले, मेरा पूरा जिस्म तेरा ही हो गया है!’‘ठीक है तो पलट कर लेट जाओ और अपने चूतड़ों को फैलाकर गांड का छेद खोल दो!’

‘हां ले मेरे राजा!’कहती हुई चाची पलट लेट गईं और उन्होंने अपने चूतड़ों को पूरा फैला दिया.

जैसे ही मैंने रसगुल्ले के रस को उनकी गांड में चुआना शुरू किया, चाची बोल उठीं- वाह मेरे आशु, तूने तो सही में पीएचडी कर ली है? मेरी गांड में सुरसुराहट होने लगी है … अब तू मेरी गांड भी अच्छे से चाट ले, चाहे तो अपनी जीभ से मेरी गांड भी चोद लेना!

मैंने चाची की रसीली गांड में मुँह लगा दिया. सच में बहुत मजा आ रहा था … गांड में लगे रस को चाटने में!

चाची मादकता से सिसिया रही थीं और मैं उनकी कुलबुलाती हुई गांड को चाट रहा था.

‘मजा आ गया मेरे राजा!’‘मजा लेना हो तो मेरे जैसे नए लड़के से मजा लेती रहा करो मेरी डार्लिंग चाची!’‘हां मेरे राजा आशु, अब तू अपनी चाची के नीचे आ जा … अब तेरी चाची रसगुल्ला खाएगी!’

यह कहते हुए चाची अपने बालों का जूड़ा बनाती हुई बैठ गईं और मैं बिस्तर में सीधा लेट गया.

चाची मेरी जांघों पर बैठ गईं और मेरा तना हुआ लंड उनकी चुत से रगड़ खाने लगा.

जैसे ही लौड़े ने चाची की चूत को महसूस किया, साला सलामी ठोकते हुए उनकी चूत से टकराने लगा.चाची ने बड़े प्यार से लंड को चूमा और मेरी तरफ देखती हुई बोलीं- अपने दोस्त को बोलो कि थोड़ी तसल्ली रखे … थोड़ी देर बाद इसे चूत चोदने को मिलेगी!

‘चाची, यह लौड़ा है इसमें दिमाग किधर होता है … यह तो अपनी सहेली की खुशबू पाकर झट से मिलने के लिए तड़प उठता है!’

‘वह तो ठीक है मेरे राजा, अगर इसकी तड़प इतनी जल्द मिटा दी तो सारा मजा खत्म हो जाएगा!’

फिर मेरी तरफ झुकते हुए चाची मेरे दोनों निप्पलों पर रसगुल्ले की चाशनी लगाकर बारी-बारी से चूसने लगीं.

उसके बाद चाची ने मेरी नाभि में रस डाला और जीभ की नोक को नाभि में चलाने लगीं.

कसम से लौड़े की मां चुद गई थी.

उसके बाद चाची ने रसगुल्ले को आधा तोड़ा और मेरे लौड़े के सुपारे पर फंसा दिया.उसका रस टपक कर मेरे लंड से टकराते हुए जांघों पर गिरने लगा जिसे चाची कुतिया के जैसे चाटने लगीं.

उसके बाद चाची से नहीं रहा गया तो वे लंड को पकड़ कर अपनी चूत पर सैट करने लगीं.

मैं थोड़ा मुँह बनाते हुए बोला- चाची, क्या आप मेरी गांड नहीं चाटोगी?

चाची मेरे गालों को नोंचती हुई बोलीं- मेरा राजा बेटा … टाइम-टाइम पर मजा लेना चाहिए … अगर एक साथ मजा ले लोगे तो फिर आगे मजा कहां से मिलेगा? फिर तेरा यह लंड भी तो फुदक रहा है, अगर इसको चूत के अन्दर जाने नहीं दिया तो यह यहीं उल्टी कर देगा!

चाची का अनुभव तो सही था.मुझे भी ऐसा लग रहा था कि कहीं बीच में मेरे लंड से माल बाहर न निकल जाए.

फिर चाची ने गप्प से लंड को अन्दर ले लिया.मुझे एक अजीब सी खुजली हो रही थी.

चाची गांड उछालती हुई झटके मार रही थीं.उनकी भरी हुई चूचियां मस्त उछल रही थीं.

फिर चाची लौड़े से नीचे उतरीं और पलंग पर हाथ और छाती टिकाकर घोड़ी पोजीशन पर आ गईं.मैं चाची के पीछे आ गया.

जिस तरह से चाची अपने दोनों पैर फैला कर घोड़ी बनी थीं उससे उनकी चूत और गांड दोनों के छेद खुले हुए थे.

बस फिर क्या था, मेरी जीभ लपलपाने लगी और लार टपकने लगी.मेरे मुँह से लार टपक कर उनकी गांड पर गिरती हुई चूत की तरफ बढ़ रही थी.

मैं उस लार को इतनी जल्दी चाची की भोसड़ी में कैसे घुस जाने देता, सो मेरी जीभ ने उसे वहीं पकड़ लिया.उस लार को रोकते हुए मैं चाची की गांड और चूत को एक बार फिर से चाटने लगा.

चाची ‘हूं हूं.’ कर रही थीं.‘आह आशु … आज तो मेरी मां चोद दी तूने!’

बड़ी मुश्किल से उनकी आवाज निकल रही थी.

दोस्तो, मेरी इस सेक्स अफेयर चाची भतीजा कहानी में आपको अभी और मजा मिलना बाकी है.प्लीज अपने कमेंट्स जरूर भेजेंsupport@mohakkisse.com

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चाची ने भतीजे को चुदाई का पाठ पढ़ाया

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