जूजा जीअब तक आपने पढ़ा कि पंकज की बातों को सुन कर मैं पंकज से बोली- मेरी चूत और गाण्ड की बातों को छोड़, तुम अपनी बीवी की चूत और गाण्ड की चिंता करो पंकज… मेरे महा चोदू पति ने अब तक तुम्हारी बीवी की चूत और गाण्ड चोद-चोद कर उसके दोनों छेद चौड़े कर दिए होंगे। तुम्हें शायद नहीं मालूम कि नरेन को औरतों की गाण्ड मारने का बहुत शौक है और अब तक वो अपने लंड कम से दो-तीन बार ज़न्नत की गाण्ड में डाल चुका होगा।अब आगे :पंकज मेरी बातों को सुन कर बोला- कोई बात नहीं, नरेन अगर ज़न्नत की चूत और गाण्ड की छेद चौड़े कर रहा है तो मैं भी तुम्हारी चूत और गाण्ड की छेद बड़े कर दूँगा।फिर थोड़ी देर के बाद पंकज ने मेरे पीछे से मेरे ऊपर चढ़ गया और अपना लंड मेरी चूत से सटा कर एक हल्का सा धक्का मारा और उसका सुपारा मेरी चूत में समा गया।मैंने भी अपने बिस्तर की चादर को पकड़ कर अपनी कमर को पीछे की तरफ धकेला और पंकज का पूरा लंड मेरी चूत में समा गया।अब पंकज ने मेरी कमर को पकड़ कर अपना कमर चला करके मुझे चोदना शुरू कर प्रिया। इस आसन में पंकज का लौड़ा मेरी चूत की बहुत गहराई तक पहुँच रहा था और मुझे भी मज़ा मिल रहा था।पंकज ने तब अपने दोनों हाथों को नीचे से बढ़ा कर मेरे दोनों रसीले पके आमों को, जो हवा में झूल रहे थे, पकड़ लिया और मसलने लगा।थोड़ी देर तक मेरी चूचियों से खेलने के बाद पंकज मेरी चूत की घुंडी से खेलने लगा और इसी तरह से वो मुझे चोदता रहा। थोड़ी देर के बाद पंकज ने चूत में अपना लंड का पानी छोड़ प्रिया और मेरी चूत को भर प्रिया।मैं भी पंकज के साथ-साथ झड़ गई और बिस्तर पर औंधे लेट कर सुस्ताने लगी। पंकज भी मेरी पीठ पर पड़ा-पड़ा सुसताने लगा।थोड़ी देर सुसताने के बाद पंकज मेरे ऊपर से हट गया और मैं भी तब पलंग पर उठकर अपनी चूत को पहले चादर से पोंछा और फिर बाथरूम चली गई।जब मैं बाथरूम से नहा-धो कर निकली तो देखा कि पंकज अपने लंड को पकड़ कर सहला रहा है और उसका लंड फिर से खड़ा हो गया है।मैंने पंकज से पूछी- क्या बात है? तुम्हरा हथियार फिर से खड़ा हो गया है? अभी उसको अपने हाथ से ही ठंडा करो और मैं अभी चाय-नाश्ता बनाने जा रही हूँ।पंकज मेरी तरह देखते हुए बोला- अरे रानी, तुम चीज़ ही ऐसी हो कि तुम्हारी याद आते ही यह पिस्टन तैयार हो जाता है तुम्हारे सिलेण्डर में जाने के लिये !तुम्हारी चूत बिल्कुल मक्खन मलाई जैसी है, जी करता है उसको मैं हमेशा चूमूँ, चाटूं और चोदूँ।ठीक है.. अभी तुम चाय-नाश्ता बनाओ और मैं भी बाथरूम जा रहा हूँ। लेकिन चाय-नाश्ते के बाद मैं तुम्हारी गाण्ड मारूँगा।लोग कहते हैं किसी औरत की चुदाई तब तक पूरी नहीं होती, जब तक उसकी गाण्ड में लंड ना पेला जाए। इसलिए मैं अभी नाश्ता करने के बाद तुम्हारी गण्डिया में अपना लाण्डिया पेलूँगा।
सामूहिक चुदाई का आनन्द-6
जूजाजी
21 Jan 2020 को प्रकाशित
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सामूहिक चुदाई का आनन्द
कुल भाग: 8
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भाग 2
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भाग 3
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भाग 4
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भाग 5
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भाग 6
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