अगले दिन रिंकी तो 9 बजे सोकर उठी तो अनिल ऑफिस के लिए तैयार हो चुका था, सीमा ने ब्रेकफास्ट मेज पर लगा प्रिया था। रिंकी को बड़ी शर्म आई क्योंकि वो ऐसे कपड़ों में थी… रात की बात कुछ और थी पर अब तो दिन था।
अनिल ने उसे उठा देखा तो उसके पास आया और उसके गाल को सहलाते हुए बोला- यू आर वैरी स्वीट! मुझे नहीं मालूम रात ये सब कैसे हो गया। अगर तुम्हें बुरा लगा हो तो आई एम रियली वैरी सॉरी… ऐसा फिर कभी नहीं होगा।उसकी आँखों में सच्चाई थी।
रिंकी जानती थी कि अनिल उसे बहुत प्यार करता है और ऐसा उसकी सोच में पहले कभी नहीं था। इसलिए जब अनिल वापस मुड़ने लगा तो रिंकी ने उसे हाथ से पकड़कर रोका और उसे टाई पकड़कर नीचे किया और उसके होंठों को चूमकर बोली- यू आर द बेस्ट जीजू इन द वर्ड! जो कुछ हुआ वो हम सबकी मर्जी से हुआ… मुझे इसका कोई अफ़सोस नहीं है।
अनिल मुस्कुरा कर बाय कह कर चला गया।
उसके जाते ही रिंकी फ्रेश होकर आई, तब तक सीमा चाय ले आई थी।रिंकी ने सीमा के गले लगकर उसे चूमा और बोली- थैंक यू… फॉर शेयरिंग सच ए नाइस हब्बी!
दोनों ने चाय नाश्ता किया और तभी विजय का फोन आ गया कि वो देर रात तक पहुँच जायेगा इसलिए रिंकी भी दोपहर को वापिस चली गई।
रात को विजय की फ्लाइट लेट आई… करीब 11 बजे वो घर पहुंचा… वो रिंकी के लिए बहुत सुंदर सलवार सूट लाया था और पहली बार वो सीमा के लिए भी सूट लाया था।सबसे बड़ी बात वो इस बार रिंकी के लिए दो शार्ट नाइटी भी लाया था।
रिंकी ने खुश होकर विजय को चूम लिया और रात को ही कपड़ों की फोटो सीमा को व्हाट्सएप कर दी।
आज तो विजय के साथ जोर आजमाइश तय थी। रिंकी के दिमाग में एक ही फितूर था कि अगले पंद्रह दिनों में कैसे भी विजय के मन में दूसरी चूत का लालच पैदा करना…बड़ी मुश्किल थी… वो अपनी तो चोदता नहीं, दूसरी की तो सोचता कैसे?
बस रिंकी ने शाम भर यही सोचा था कि बदलाव हरेक को अच्छा लगता है, शायद यही बात बात बना दे।वैसे अनिल और विजय की अच्छी पटती थी, दोनों हंसी मजाक खूब कर लेते थे और विजय सीमा के शांत स्वाभाव की तारीफ भी करता था।एक और बात जो रिंकी को याद आई कि विजय यह भी कहता था कि सीमा की स्किन ग्लो करती है।
बस अब तो रिंकी ने मन बना ही लिया कि विजय का सामूहिक जोर आजमाइश वो करा कर रहेगी।
आज विजय जल्दी सोने के मूड में था पर रिंकी ने बेड पर बिना कपड़ों के जाने की जिद करी… अब जब दो नंगे बदन साथ हों तो आग तो लगनी ही थी।रिंकी ने आज विजय का लंड खूब चूसा क्योंकि सिर्फ यही एक्ट है जो विजय को बहुत मजा देता था।
अब विजय को भी रिंकी की चूत चाटनी पड़ी और आज उसे भी मजा आया क्योंकि उसे चिकना बदन अच्छा लगता था और आज तो रिंकी ऊपर से नीचे चिकनी थी… रिंकी ने आज विजय को ऊपर खींचा और विजय ने मिशनरी पोजीशन में ही उसकी चुदाई की।
रिंकी ने चुदाई के वक़्त विजय से फुसफुसाकर पूछा- बाहर मन नहीं करता चुदाई का?तो विजय भी बोल उठा- अगर करे तो भी क्या? वहां तुम तो नहीं होती।रिंकी हंस कर बोली- तो क्या हुआ? मैं नहीं तो कोई और तो होती होगी और तुम्हारे डेलीगेशन में तो तुम्हारी सेक्रेटरी संध्या भी होती है, उसी से काम चला लिया करो!
यह सुनकर विजय हंस प्रिया पर हाँ उसकी स्पीड बढ़ गई…
सुबह 11 बजे सीमा का फोन आया, कोई ख़ास बात नहीं थी… उसे कपड़े बहुत पसंद आये थे।रिंकी बोली- विजय ऑफिस ले गए हैं, कूरियर कर देंगे। सीमा ने कहा कि मैं शाम को फोन करुँगी, विजय को थैंक्स बोल दूँगी।
रिंकी ने विजय को दिन में फोन करके कहा- शाम को जल्दी आ जाना, मूवी चलेंगे और डिनर भी बाहर ही करेंगे।शाम को रिंकी ने जीन्स टॉप पहना और हेयर स्टाइल भी चेंज किया।बिल्कुल गर्लिश लुक था उसका…
विजय के लिए भी उसने जीन्स और टी शर्ट ही निकाल कर रखीं।विजय आया तो उसे देखकर रोमांचित हुआ… वो भी फटाफट तैयार हो गया… आज दोनों जस्ट मैरिड का लुक दे रहे थे।
रिंकी ने मूवी में भी कार्नर की सीट ली थीं और आज शादी के दिनों के बाद पहली बार वो मूवी में विजय को दो बार चूम चुकी थी। दोनों पूरी मूवी हाथ पकड़ कर बैठे थे।
डिनर लेकर घर पहुँचते पहुँचते 11 बज गए, तभी सीमा का फोन आया… विजय के फोन पर ही था… विजय का मूड आज बहुत रोमांटिक हो रहा था तो उसने भी सीमा से खूब बातें करी और सीमा को यहाँ आने के लिए जोर प्रिया।
बेड पर रिंकी ने आज विजय की लाई नई नाइट ड्रेस पहनी… दोनों चिपक कर सो गए… हाँ आज विजय का हाथ रिंकी की नाइटी के अंदर था और रिंकी के हाथ में विजय का…अब रिंकी और विजय की सेक्स लाइफ मस्त होती जा रही थी।
एक हफ्ते की रिहर्सल के बाद आज रिंकी ने मन बनाया कि वो आज विजय को सीमा के बारे में सोचने को प्रेरित करेगी।रात को बेड पर उसने लैपटॉप पर पोर्न मूवी लगाई जिसमें एक लड़का अपनी बीवी और उसकी सहेली की एक साथ चुदाई करता है।
उसे देखते हुए रिंकी ने बड़े भोलेपन से विजय से पूछा- कहीं ऐसा भी हो सकता है? भला कोई पति अपनी बीवी के सामने दूसरी लड़की से कैसे कर सकता है?विजय विदेश में पढ़ा हुआ है तो बेबाकी से बोला- सब कुछ होता है! और बाहर तो ये आम बात है, आपसी रजामंदी से कुछ भी हो तो इसमें क्या बुराई है?
बस रिंकी को मौका मिल गया… उसने विजय का लंड चूसते चूसते उससे पूछ लिया- अगर मेरी कोई सहेली तुम्हें मिल जाए तो तुम भी कर लोगे?विजय की हालत लंड चुसवाने से पहले ही खराब थी तो वो भी बोल उठा- अगर तुम करने दोगी तब…
अब रिंकी विजय के ऊपर चढ़ गई और उसका लंड अपनी चूत में कर के जोर जोर से उछलने लगी… नीचे से विजय भी धक्के दे रहा था।रिंकी ने बहुत कामुक अंदाज में कहा- सोच लो आज तुम संध्या को चोद रहे हो!
विजय भी मूड में आ चुका था, वो बोला- तुम क्या करोगी?तो रिंकी बोली- मैं संध्या के पति से चुदवा लूंगी!
अब क्या था, चुदाई की स्पीड बढ़ गई और दोनों ही जल्दी ही खाली होकर निढाल होकर पड़ गए… फिर चिपक कर सो गए।हाँ आज सोते समय वो दो बदन एक जान थे।
सुबह रिंकी बहुत खुश थी, उसकी प्लानिंग कामयाब रही थी। बस अब जरूरत थी कि विजय की आग को भड़काया जाये।दिन में सीमा का फोन आया, वो कल एक दिन के लिए आ रही थी… पर वो विजय को लेकर असहज थी, इसलिए रिंकी ने उसे आश्वस्त किया की सीमा निश्चिन्त होकर आ जाये, ऐसा कल कुछ नहीं होगा।
सुबह ही सीमा आ गई थी… सीमा जब आई तो विजय ऑफिस जाने के लिए तैयार था। सीमा जीन्स टॉप में आई थी … विजय ने आते ही उसके ड्रेसिंग सेंस की तारीफ की तो सीमा ने हाथ मिलकर थैंक्स बोला।
सीमा के आने की वजह से उसने भी नाश्ता नहीं किया था, तीनों ने नाश्ता किया।विजय ऑफिस चला गया, शाम को डिनर बाहर लेने के लिए बोल गया था।अनिल दो दिन के लिए बाहर था, अतः वो कल शाम या परसों सुबह जाएगी।
सीमा रिंकी के लिए कैपरी और टॉप लाई थी… उसने अपने लिए लिया था, वैसा ही रिंकी के लिए भी ले लिया था। रिंकी को वो बहुत पसंद आया। शाम को दोनों यही पहनेंगी, यह तय किया उन्होंने!
दिन में रिंकी और सीमा ने गप्पबाजी की और जम कर सोईं… उन्हें मालूम था कि आज रात को सोने में लेट हो जायेंगे।
दो नम्बर का बदमाश-2
शाम को विजय 5.30 तक आ गया, तीनों 6 बजे तक निकल लिए क्योंकि कुछ मार्किट का काम भी था रिंकी को!रिंकी और रीना ने ग़ज़ब का मेकअप किया था और ऐसा ही तैयार उन्होंने विजय को किया था।
विजय के पास हालांकि सरकारी गाड़ी और ड्राईवर था पर आज उसने पर्सनल कार ही निकाली और ड्राईवर को भी छुट्टी दे दी।विजय के साथ आगे सीमा बैठी… रिंकी पीछे बैठी।
मॉल में पहुंचकर रिंकी को कुछ कॉस्मेटिक्स लेने थे। तभी उसे ध्यान आया की विजय भी पिछले दिनों अंडरगारमेंट्स के लिए कह रहा था। रिंकी विजय को लेकर अंडरगारमेंट्स लेने लगी तो सीमा ने अपने लिए फैंसी ब्रा सेट लिए।उधर विजय की आवाज आ रही थी कि यह तो बहुत खुला सा है पर रिंकी अपने आगे सुनती कहाँ है। उसने अपनी पसंद के 4-5 कलरफुल अंडरवियर विजय के लिए पसंद किये और आ गई सीमा के पास!
सीमा ने उसे अपना सेट दिखाया, रिंकी को भी अच्छा लगा और उसने भी एक सेट लिया।रिंकी ने कुछ लिपस्टिक और नेल पेंट लिए…
इस बीच विजय मूवी की टिकट ले आया… मूवी दस मिनट बाद थी। मूवी और डिनर के बाद 10.30 बजे तक घर पहुंचे। तीनों बहुत खुश थे।
सीमा अपने कमरे में कपड़े बदलने चली गई और रिंकी और विजय अपने कमरे में थे। रिंकी ने दरवाजा ढुका लिया था, बोल्ट नहीं किया था।रिंकी ने शार्ट नाइटी पहनी… ऐसी ही सेम नाइटी उसने सीमा को भी दिन में ही दे दी थी रात को पहनने के लिए।
हालाँकि सीमा रात को किसी खुराफात के लिए तैयार नहीं थी पर रिंकी ने कहा कि वो रात को विजय को निबटा कर, उसके कमरे में आ जाएगी, दोनों साथ सोयेंगी।
रिंकी ने विजय से कहा कि अंडरगारमेंट्स पहन कर दिखाओ!विजय बोला- कमरा बंद तो कर लो?तो रिंकी बोली- सीमा नहीं आयेगी और आ भी जायेगी तो क्या हुआ कोई तुम नंगे तो हो नहीं रहे?
विजय भी मस्ती के मूड में आ चुका था, उसने कपड़े उतारकर अंडरवियर पहन कर दिखाने शुरू किये। अंडरवियर में कपड़ा नाम मात्र को ही था और रिंकी की चमकती चूत और मम्मे उसकी नाइटी से झलक रहे थे.. इनको देख कर विजय का लंड तन गया था।ऐसा ही दिख रहा था जैसा विज्ञापनों में लंड का उभार दिखाते हैं।
रिंकी ने उसे अपने पास बुलाया और खड़ी होकर अपने रेड नेल पेंट से पुते लम्बे नेल्स से उसकी छाती और पीठ को खरोंचना शुरू किया। उसकी इस सेक्स क्रीड़ा से विजय का हाल बेहाल हो गया।
रिंकी ने एक हाथ उसके अंदर डाल कर उसका लंड पकड़ लिया और अपने दांतों से विजय के कान पर काट लिया।तभी गेट खुला और सीमा अंदर आ गई।
असल में रिंकी ने एक बदमाशी की थी, खड़े होते होते उसने सीमा के मोबाइल पर घंटी कर दी थी। सीमा ने जब मोबाइल अटेंड किया तो रिंकी की अवाज नहीं आई… कुछ फुसफुसाहट सी आ रही थी।
सीमा हालाँकि नाइटी बदल चुकी थी और उसे शर्म आ रही थी इसे विजय के सामने जाने में… पर उसने सोचा कोई परेशानी न हो गई हो रिंकी को, इसलिए भाग आई।
अब विजय सीमा को देखकर हैरान था, उसने सीमा का चिकना बदन इसे कभी नहीं देखा था। वो तो सीमा के चिकनी बदन का पहले ही दीवाना था, पर इस ड्रेस और इस माहौल में तो विजय को सीमा अप्सरा नजर आ रही थी।
उधर सीमा ने ऐसा सीन सोचा भी नहीं था… विजय का आधा लंड बाहर दिख रहा था… रिंकी और विजय चिपके खड़े थे।सीमा सॉरी बोलकर वापस अपने कमरे में आ गई, उसकी सांस बहुत तेज चल रही थी, उसकी चूत गीली हो गई थी।
एक मिनट बाद ही रिंकी कमरे में आई और उससे चिपट गई, दोनों के होंठ मिल गए।रिंकी सीमा को कमरे में ले जाने आई थी पर सीमा शर्म की वजह से नहीं जा रही थी, सीमा ने रिंकी को वापिस भेज प्रिया यह कह कर कि अच्छा तू जा मजे ले, में आती हूँ।
रिंकी वापस आ गई, विजय बिस्तर में था, रिंकी ने उससे कहा- सीमा को शर्म आ रही है, वो नहीं आ रही, पर वो नाराज नहीं है।विजय को यह सुन कर संतुष्टि हुई।
बेड पर दोनों चिपट गए, कपड़े तो नाममात्र के ही थे, वो भी उतर गए। रिंकी चढ़ कर बैठ गई विजय के ऊपर और बोली- आज तुम ये सोच कर मुझे चोदो कि तुम सीमा को चोद रहे हो।
विजय भी ताव में आ गया, उसने रिंकी की चूत में अपना लंड घुसाते ही कहा- सोचने की जरूरत क्या है? सीमा कोई दूर तो है नहीं, अगर तुम चाहो तो बुला लाओ… पर सीमा को कोई एतराज नहीं होना चाहिए!
‘हाँ मुझे कोई एतराज नहीं है!’ आवाज आई सीमा की… अरे, सीमा तो आ चुकी थी।रिंकी ने सीमा को बेड पर खींच लिया, उसने सबसे पहले तो सीमा की फ्रॉक उतारी और विजय ने उसको अपने से चिपटाया।
विजय और सीमा के होंठ मिल गए।विजय ने उसके गालों को पकड़ा हुआ था और बहुत प्यार से सीमा को चूम रहा था।रिंकी सीमा के पीछे से चिपकी हुई थी।
सीमा को लंड चूसने में मजा आता था, उसने विजय का लंड पकड़ रखा था। रिंकी ने सीमा को सीधा किया और उसकी चूत चूसने लगी और उसने विजय को कहा- इसको अपना लंड दो चूसने के लिए!विजय ने ऊपर आकर अपना लंड सीमा के मुँह के पास रखा, सीमा ने तुरंत उसे अपने मुँह में ले लिया और कस के चूसने लगी।
रिंकी ने अपनी जीभ के साथ अपनी उंगली भी सीमा की चूत में कर दी थी। सीमा की चूत और विजय का लंड मिलने को बेताब थे तो विजय घूम कर आया और रिंकी को हटा कर उसने अपना लंड सीमा की चूत में पेल प्रिया ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ और सीमा की टांगों को पूरा फैला प्रिया।
विजय के धक्कों की स्पीड बढ़ती जा रही थी, रिंकी सीमा के होंठ मिले हुए थे, सीमा हांफने लग गई थी, उसका पानी छूट गया था और विजय का लंड पूरा तना हुआ था।
अब उसने रिंकी की चूत पर धावा बोला, रिंकी की टांगों को उसने पूरा सर के पीछे तक उठा प्रिया था और राजधानी की स्पीड से उसकी चुदाई करने लगा।जल्दी ही उसने सारा माल रिंकी की चूत में डाल प्रिया।
तीनों वाशरूम में फ्रेश होकर आये। सीमा सोने के लिए अपने कमरे में जाने लगी पर रिंकी ने उसे रोक लिया, तीनों बेड पर लेट गए। रिंकी बीच में थी।
सीमा तो घोड़े बेचकर सोई।सुबह रिंकी ने उसे बताया कि सुबह 4 बजे उसने और विजय ने एक ट्रिप और मारा था।
अगले दिन दोपहर को अनिल का फोन आ गया कि वो कल सुबह जल्दी ही पहुँच जायेगा, इसलिए सीमा दोपहर बाद चली गई, जाने से पहले दोनों बहनों ने ये तय किया कि अगले महीने दशहरे की छुट्टियों में खजुराहो का प्रोग्राम बनायेंगे क्योंकि अब चारों को ही कोई दिक्कत नहीं थी, सबकी आपस में शर्म खुल चुकी थी।
पर दोनों ने यह तय किया कि अभी विजय और अनिल को ये नहीं बताएँगे कि उन दोनों ने ही दोनों की चुदाई कर रखी है।
तो फिर अगली कहानी में बताऊँगा कि खजुराहो में क्या गुल खिला।
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