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Group Sex Story पठन समय: 15 मिनट पढ़ा गया: 691 बार

सेक्स में नो फुल स्टॉप- 4

सनी वर्मा

17 May 2022 को प्रकाशित

सेक्स में नो फुल स्टॉप- 4
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साली और बीवी सेक्स कहानी में पढ़ें कि पति ने साली से सेटिंग करके अपनी बीवी को भी चुदाई के खेल में शामिल करके ग्रुप सेक्स का मजा लिया.

दोस्तो, आपने मेरी कहानी के तीसरे भागछोटी बहन के पति से चुद गयीमें पढ़ा किमाधुरी के लिए आज की रात कातिलाना रात थी. बस अब बात यह थी कि सुमन के बेड पर कुछ ऐसा माहौल बने कि सुमन खुद अनुज को लेकर माधुरी के पास आ जाये और फिर तीनों सेक्स करें.

अब आगे साली और बीवी सेक्स कहानी:

शाम को अनुज अपने टाइम से आ गया था.

माधुरी ने अगले दिन की अपनी फ्लाईट बुक करवा ली थी दिन में ही.सुमन ने बहुत जिद की उससे अभी और रुकने की … पर उधर मनीष आ रहा था तो माधुरी ने अपनी फ्लाईट बुक करवा ही ली.

आज माधुरी और सुमन बहुत फ्रेश और खुश थे.एक तो सुमन को बहुत दिनों बाद दिन में आराम मिला था और बॉडी मसाज के बाद दोनों बहुत रिलैक्स महसूस कर रही थीं.

अनुज के आने से पहले दोनों नहाकर फ्रेश हुईं.इतने दिनों बाद दोनों साथ साथ नहायीं. नहाकर दोनों ने ही फ्रॉक डाली.वही वाली फ्रॉक जो दुबई में होटल में डाली थी.

सुमन बोली भी- इन फ्रॉक के साथ तो बड़ी हसीन रात की कहानी जुड़ी है.तो माधुरी मुस्कुरा दी- अब तो हर फ्रॉक के साथ एक हसीं रात जुड़ी है तेरी और मेरी. हमें कितने अच्छे पति मिले हैं जो हमारा कितना ख्याल रखते हैं.

माधुरी ने आगे कहते हुए सुमन को भड़काया- मनीष तो मेरी हर ख़ुशी का ख्याल रखता है तो मैं भी उसकी हर ख़ुशी का ख्याल रखती हूँ, चाहे वो बात मुझे पसंद हो या न हो. मैं मनीष का दिल कभी नहीं तोड़ती.

वह अपनी बात से सुमन के दिल को मजबूत कर रही थी कि सुमन भी आज रात को बेड पर अनुज की जिद के आगे झुक जाए.

सुमन मुस्कुरा कर बोली- हाँ ये तो है. वहां दुबई होटल में भी तूने आखिर मनीष की जिद पर ही उससे मेरे मम्मे मसलवा ही दिए थे.माधुरी बोली- मजे तो तूने भी लिए न … और उसे तुझे कोई दिक्कत भी तो नहीं हुई आज तक. और मैंने मनीष को जितना तुझसे तय हुआ था उससे आगे बढ़ने भी नहीं प्रिया. अबकी बार आएगी तो सारी लिमिट ख़त्म, अबकी बार तीनों मजे करेंगे.

सुमन ने अपनी जुबान निकाल कर उसे चिढ़ा प्रिया.पर हाँ … हँसते हँसते सुमन ने कहा कि वो रात उसकी जिन्दगी की हसीं यादगार रात रहेगी.बात हंसी में आगे बढ़ गयी.

पर यह तो था कि सुमन को उस रात का ख्याल आकर गुदगुदी तो हुई थी.सुमन ने डिनर लगा प्रिया.अनुज बोला- आज जल्दी क्यों?सुमन बोली- डिनर करके आइसक्रीम खाने चलेंगे.

बाहर से मस्ती करके अच्छे मूड में तीनों 10 बजे तक लौट आये.

माधुरी के तो पूरे चेहरे पर अनुज ने आइसक्रीम पोती थी, तो वह तो घर आते ही नहाने और फिर सोने का कह कर चली गयी.जाते जाते उसने सुमन की निगाह बचा कर अनुज को आँख मार दी.

अनुज ने भी मुस्कुरा कर उसे जवाब प्रिया- अकेले अकेले नहायेंगी?माधुरी बोली- आपकी बीवी के साथ तो बचपन से जवानी तक नहाई हूँ. अब आपकी हिम्मत हो तो आ जाइए, आज आपके साथ भी नहा लूंगी.सब हंस पड़े.

माधुरी ने अपने कमरे का दरवाजा बंद कि पर लॉक नहीं किया.अनुज ने यह देख लिया कि उसने रूम लॉक नहीं किया है.

वह और सुमन अपने कमरे में चले गए.

अनुज ने तो डोर लॉक करते ही सुमन को गोदी में उठा लिया.उसने सुमन को एक चोकलेट दी जो वो ऑफिस से आते समय खरीदता हुआ आया था.

सुमन बोली- आज ज्यादा मस्ती आ रही है?अनुज बोला- हाँ, कल की कसर आज निकालनी है.

दोनों वाशरूम में घुस गए.शावर लेते समय भी अनुज सुमन को चूमता चाटता ही रहा और मम्मे मसलता रहा.

सुमन बोली- मेरे मम्मे तो तुमने मसल मसल कर लाल कर दिए हैं. अब निप्पलों पर काटते भी हो, क्या दर्द नहीं होता मुझे. एक बार तुम्हारे निप्पल काट कर देखती हूँ.अनुज बोला- औरतों के चार मम्मे होने चाहिए थे. एक बार दो मसल लिए, थोड़ी देर बार दूसरे दोनों!

सुमन बोली- सब समझ रही हूँ, तुम्हें दूसरे के मम्मे चाहियें मसलने के लिए.अनुज हंस पडा.

सुमन बोली- दूसरी वाली के मम्मे उसका वाला कल इतना रगड़ेगा कि पूरे हफ्ते की कसर निकाल लेगा.अनुज बोला- तुम्हें कैसे मालूम?सुमन बोली- रह चुकी हूँ इनके साथ. और मेरे और माधुरी के बीच कुछ छिपा नहीं है.

अनुज ने मुस्कुराते हुए पूछा- कहीं मनीष ने तुम्हारे भी तो नहीं रगड़ दिए?सुमन हंस कर बोली- उसकी इतनी हिम्मत कहाँ … और अगर रगड़ भी देगा तो क्या तुम्हें ऐतराज है?अनुज तुरंत बोला- नहीं मुझे ऐतराज क्यों होगा जब तुम्हारे और माधुरी के बीच कुछ बटा ही नहीं है.

बात आगे बढ़ती … इससे पहले सुमन ने अपने मम्मे अनुज के मुंह में ठूंस दिए.नहाकर दोनों नंगे ही बेड पर आ गए.

नींद आँखों से कोसों दूर थी.अनुज ने पोर्न लगा दी.

दोनों देर रात तक एक दूसरे को छेड़ते मूवी देखते रहे.

रात का एक बज गया.दोनों गर्म हो रहे थे.अनुज ने सुमन को लिटाकर उसकी टांगों के बीच अपना मुंह लगा प्रिया और उसकी पानी बहाती चूत का सारा रस चाट लिया.

तब अनुज ने चोकलेट खोल कर उसको आधी सुमन की चूत में डाल दी.सुमन उसे रोकती भी रही पर अनुज ने कुछ चोकलेट उसके मम्मों पर भी मल दी.फिर लगा सुमन के पूरे बदन को चूमने चाटने!

सुमन ने भी उसके लंड पर अपनी चूत से कुछ चोकलेट निकाल कर मल दी और दोनों 69 होकर एक दूसरे को चाटने लगे.अब सुमन पूरी गर्म हो चुकी थी और चाह रही थी कि अनुज उसके अंदर आ जाए.

अनुज ने उसकी चूत में उंगली डाल कर जोर जोर से मालिश शुरू की और उसके मम्मे रगड़ने शुरू किये.

सुमन की कसमसाहट बढ़ती गयी और उसकी आहें निकालनी शुरू हुईं.तब अनुज बोला- आज तेरे मम्मे कुछ ज्यादा ही कड़क हो रहे हैं. मुझे लग रहा है कि तुझे मैं नहीं मनीष मसल रहा है.

सुन कर सुमन और कसमसा गयी. उसे दुबई के होटल की रात याद आ गयी.उसने अनुज की खुशामद करते हुए उससे ऊपर आने को कहा.

अनुज आहिस्ता से उसके ऊपर आया और अपना लंड पूरा पेल प्रिया सुमन की गहराई में.पर बजाय चुदाई की स्पीड बढाने के वह रुक गया और सुमन से बोला- अगर बुरा न मानो तो क्यों न आज माधुरी को भी बुला लें यहाँ … तीनों मस्ती करेंगे.

सुमन चौंकी पर बिना नाराज हुए बोली- माधुरी ऐसी नहीं है, बुरा मान जायेगी. तुम मेरी चोदो न! पूरे मजे दूंगी मैं ही!

अनुज ने उसे पेलना शुरू किया और फिर स्पीड रोक ली.सुमन बोली- रुको नहीं, बहुत मजा रहा था. रुको मत प्लीज़!

अनुज बोला- एक काम करो, तुम दोनों तो साथ सोती-नहाती रही हो, एक बार तुम चली जाओ उसके पास. अगर वो तैयार हो तो मुझे बुला लेना, वर्ना कोई बात नहीं.सुमन ने मना भी किया.पर अनुज की जिद के आगे वो मजबूर हो गयी.वह कपड़े पहनने लगी तो अनुज बोला- कपड़े तो उतरने ही हैं तो पहनना क्यों? जब तक तुम आवाज नहीं दोगी … प्रोमिस, मैं बेड पर नहीं आऊंगा.

सुमन बोली- अगर उसका रूम लॉक हुआ तो मैं उसे जगाऊंगी नहीं और न ही तुम मुझ पर फिर दवाब दोगे.अनुज बोला- मंजूर है. उसे मालूम था कि दरवाजा तो खुला है.

सुमन और अनुज साथ साथ दबे पाँव नंगे ही माधुरी के रूम की ओर गये.दरवाजा धकेला तो खुला था.

सुमन अंदर घुसी, अँधेरा था.उसने हल्के से माधुरी को आवाज दी.पर वह तो मकड़ी की भांति पसर कर गहरी नींद का बहाना कर सो रही थी.

सुमन ने अनुज की ओर देखा और आगे बढ़ बेड पर लेटी माधुरी की चादर हटाई तो देखा कि वह बिना कपड़ों के नंगी सो रही है.

अनुज ने सुमन को आगे बढ़ने का इशारा किया.सुमन बेड पर चढ़ गयी और धीरे से माधुरी से चिपट गयी.

माधुरी कसमसाई और उसने एक आँख खोल कर सुमन से पूछा- कमीनी तू यहाँ कैसे? और वो भी बिना कपड़ों के?सुमन ने उसे चूमते हुए कहा- कल तू चली जायेगी तो सोचा कि आज कुछ मस्ती कर लूं तेरे साथ, तेरे मम्मे चूस लूं, रगड़ लूं तेरा दाना!कहकर सुमन चिपट गयी माधुरी से और उसके होंठ से होंठ भिड़ा दिए.

दोनों कस कर चिपट गयीं.माधुरी ने सुमन से पूछा- आज तेरी चूत को अनुज ने कैसे छोड़ प्रिया?इस पर सुमन बोली- अब तेरी चूत अनुज के दिमाग पर हावी है. वह कह रहा है कि पहले माधुरी की चूत चुसवा दो, फिर चुदाई की बात करूँगा.

तो माधुरी बोली- ले आती उसे भी अपने साथ, मुझे क्या फर्क पड़ता है कि वह चूसे या तू चूसे.सुमन बोली- लायी हूँ न साथ!

इतना कहते ही अनुज आगे आ गया और माधुरी को होंठ पर चूम लिया.माधुरी बोली- वाह अनुज, आपके तो मजे आ गए … एक के साथ एक फ्री. आ जाओ आप भी लग जाओ!

कह कर माधुरी ने टांगें खोल दीं और अनुज सीधा उसकी टांगों के बीच घुस गया.

उसने माधुरी की टांगें चौड़ाई और अपनी जीभ घुसा दी उसकी मखमली चूत में!ऊपर सुमन ने अपने मम्मे माधुरी के मुंह में ठूस दिए.

माधुरी की सीत्कारें शुरू हो गयीं.अनुज के हाथ उसके मम्मे मसल रहे थे.

तभी अनुज उपर हुआ और माधुरी के ऊपर लेट कर उसे पूरा काबू कर लिया.अब दोनों की जीभ आपस में टकरा रही थीं और अनुज का एक हाथ उसकी चूत की फांकों को रगड़ कर दाने को मसल रहा था.

सुमन बेड से नीचे उतर आई और उसने अनुज को ऊपर धकेला.अब अनुज का लंड माधुरी के हाथ में आया तो उसने उसे सीधा अपने मुंह में रख लिया और टोपा ऊपर कर थूक लगाया और लपर लपर चूसने लगी.

नीचे सुमन ने माधुरी की टाँगें चौड़ा कर उसकी चूत में अपनी जीभ घुसा दी.

माधुरी अब चुदासी हो रही थी और अनुज का लंड भी अपनी माशूका के अंदर जाने को बेताब था.माधुरी अनुज से बोली- अंदर आ जाओ.

तीनों ने एक दूसरे को ढीला छोड़ा.

अब सुमन माधुरी के सर की ओर अपनी टाँगें चौड़ा कर बैठ गयी और उसने अपनी चूत माधुरी के मुंह पर रख दी.माधुरी ने तुरंत अपनी जीभ सुमन की चूत में कर दी.

नीचे अनुज ने माधुरी की टांगों को खोल कर उपर चौड़ा करके उठाया और अपना मूसल घुसेड़ प्रिया उसकी चूत में!माधुरी चीखी- पराया माल है तो फाड़ दोगे क्या?

अनुज ने धीरे धीरे स्पीड देनी शुरू की.माधुरी के मुंह में सुमन की चूत थी और सुमन के हाथ उसके मम्मे मसल रहे थे.साली और बीवी सेक्स के खेल में तीनों वासना के ज्वर में बह रहे थे.

अनुज को मालूम था कि यह चुदाई का आखिरी मौका है, इसके बाद पता नहीं कब मौक़ा मिले.

माधुरी की जीभ और चूत दोनों मौज ले रहे थे और सुमन के लिए यह मौका था माधुरी का अहसान उतरने का!और अब माधुरी और सुमन दोनों के लिए ही थ्रीसम चुदाई के मौके खुले थे.

मजे की बात यह कि दोनों के पतियों को पूरी कहानी मालूम नहीं.अब सुमन माधुरी के ऊपर से हट गयी ताकि अनुज उसे पूरी स्पीड में चोद कर भरपूर मजा दे सके.

सुमन खुद चुदासी हो रही थी, वह माधुरी के पास लेट गयी और अनुज से बोली- एक बार मेरी भी खुजली मिटा दो, अब तो मैंने तुम्हारे दिल की पूरी कर दी.बात सही थी.

अनुज ने माधुरी को छोड़ा और फटाफट घुसेड़ प्रिया अपना लंड अपनी बीवी की चूत में!सुमन को मालूम था कि अनुज अब ज्यादा देर नहीं टिक पायेगा तो उसने नीचे से धक्के देते हुए अनुज को उकसाया.

अनुज ने पूरे दम खम से चुदाई की स्पीड बढ़ाई.इधर माधुरी को अहसास हो गया था कि अब सुमन उसे खलास करके ही छोड़ेगी.

तो वह उठी और सुमन की ऊपर बैठते हुए अनुज के होंठ से होंठ भिड़ा दिए.अनुज की चुदाई रुक गयी.

अब माधुरी ने बैठे बैठे ही अपनी टांगें चौड़ा दीं और अनुज को अंदर आने का इशारा किया.क्या सीन था.नीचे सुमन लेटी थी टांगें फैलाये और अपने हाथों से अपने मम्मे मसलती.उसके ऊपर उकडू बनी माधुरी बैठी थी अपनी टांगें चौड़ाये और उसकी चूत में घुसा था अनुज जो संभाल कर उसे चोद रहा था.

अब तीनों का पतन का समय हो चुका था और एक ही झटके में अनुज ने अपना सारा माल माधुरी की चूत में निकाल प्रिया.तीनों वहीं निढाल होकर लुढ़क गए.

सोते समय माधुरी ने बताया कि उसकी फ्लाईट सुबह 9 बजे की है.तो तीनों फ्रेश होकर सो गए.

सुबह फटाफट तैयार होकर सुमन तो अपने स्कूल गयी और अनुज और माधुरी एयरपोर्ट के लिए तैयार हो गए.

सुमन के जाते ही माधुरी अनुज से बोली- जल्दी से आ जाओ, एक सेशन करेंगे.अनुज बोला- लेट हो गए तो फ्लाईट निकल जायेगी.माधुरी बोली- फ्लाईट 10 बजे की है, मैंने झूठ बोला था.

तब तक माधुरी ने अनुज की ज़िप खोल कर उसका लंड बाहर निकाल लिया और लगी चूसने!अब अनुज बोला- ऐसे नहीं, करना है तो ढंग से करेंगे.

माधुरी ने जल्दी से अपने और अनुज दोनों के कपड़े उतार फेंके.दोनों गुत्थमगुत्था हो गए और रात की सारी कसर निकाली.

माधुरी ने अनुज को चूम कर कहा कि उसे ऐसा मजा सेक्स में कभी नहीं आया जितना पिछले दो दिनों में आया है. पर अब उन्हें रुकना होगा. कहीं ऐसा न हो कि आपस के रिश्ते खराब हो जाएँ.

तब माधुरी बोली कि सुमन से उसे दिक्कत नहीं है; उसे तो जैसा वो कहेगी वह करेगी. पर एक बार मनीष का मन टटोलना होगा. अगर वह भी तैयार है तो फिर उन्हें ऐसे मस्ती करने में कोई ऐतराज नहीं और अगर मनीष या अनुज को कोई दिक्कत महसूस होती है तो ये यहीं फुल स्टॉप!

दोस्तो, कैसी लगी मेरी साली और बीवी सेक्स कहानी?लिखियेगा मुझे मेरी मेल आईडी पर!support@mohakkisse.com

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सेक्स में नो फुल स्टॉप

कुल भाग: 4
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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

विनी

1 month ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

निहाल वमान

1 month ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

अनाड़ी भोपाल

2 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

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