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मेरी सहेली की मां बनने की चाहत-1

प्रीति शर्मा

05 Jun 2023 को प्रकाशित

मेरी सहेली की मां बनने की चाहत-1
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दोस्तो, मैं हूँ आपकी प्यारी प्यारी कामुकता से भरपूर दोस्त प्रीति शर्मा।अभी आपने कुछ दिन पहले मेरी कहानीसहेली के साथ चार लड़कों से गैंग बैंग का मजापढ़ी थी जिसमें मैं अपनी खास दोस्त चिंकी के साथ गैंगबैंग करके आई थी, चार लड़कों के साथ।

कुछ दिन मैं ठीक रही मगर बाद मुझे फिर से वही सब याद आने लगा। सच में गैंगबैंग तो बहुत ही मज़ेदार सेक्स है; एक साथ 4-5 लोग आपको एक साथ चोदते हैं; इससे हर औरत की, ज़बरदस्त चुदाई की, लंबी और खूब देर तक चुदाई की, एक से ज़्यादा लंड लेने की, ज़्यादा मर्दों के साथ खेलने की, वाइल्ड सेक्स की, रफ सेक्स की, गालियां खाने, गालियां निकालने की, मार खाने हर तरह की इच्छा पूरी हो जाती है। और अगर आपके साथ आपकी कोई खास सहेली भी हो, जैसे मेरे साथ चिंकी थी, तो उस सहेली के साथ आपका शर्म का पर्दा भी उठ जाता है।

चिंकी और मेरा एक दूसरी के सामने कपड़े बदलना या और किसी वजह से नंगी होना तो आम बात थी, मगर उस दिन तो हम दोनों एक दूसरी के सामने चुद कर बिल्कुल ही बेहया हो गई। अब तो आपस में बात करते वक़्त हम एक दूसरी को माँ बहन की गाली देना, गांड, फुद्दी, लंड, चुत सब बोलने लगी थी। अब तो जब भी हम मिलती, हमारी बातों का मेन मुद्दाइंडियन वाइफ सेक्सही होता था।

ऐसे ही एक दिन बाद दोपहर हम दोनों, मेरे ही घर पर बैठी बात कर रही थी, मैं अपनी बेटी को दूध पिला रही थी; चिंकी मेरे बूब्स को बड़े ध्यान से देख रही थी, उसकी शादी को भी तीन साल हो गए थे, मगर अभी उसको बच्चा नहीं हुआ था।मैंने पूछा- क्या देख रही है?वो बोली- क्या दूध पिलाने में सच में बहुत आनंद मिलता है।मैंने कहा- क्यों, तूने क्या अपने मम्में नहीं चुसवाए, तुझे पता तो है।

वो बोली- अरे वो नहीं यार, उन लोगों का या मेरे पति का मम्में चूसने का तरीका अलग होता है, वो सेक्स की ज़रूरत है, मैं पूछ रही हूँ, बच्चों के तरीके से।मैंने कहा- तो ले देख ले, तू ट्राई करके देख!मैंने अपनी बेटी चिंकी की गोद में डाल दी।चिंकी ने मेरी तरफ देखा, मैंने कहा- देखती क्या है, उठा अपना ब्लाउज़ और देख अपना दूध पिला के।

उसने अपने ब्लाउज़ के हुक खोले, अपना ब्रा ऊपर उठाया, और अपने मम्में का निप्पल मेरी बेटी के मुँह में प्रिया; मासूम बच्ची उसे ही दूध समझ कर चूसने लगी।चिंकी की आँखें बंद हो गई, शायद उसे बहुत आनंद या तृप्ति का एहसास हुआ।

मगर दूध ना होने के कारण मेरी बेटी रोने लगी, तो मैंने उसे चिंकी से लिया और अपने सीने से लगा लिया; वो मेरा दूध पीने लगी।चिंकी चुप सी हो गई।मैंने पूछा- क्या हुआ?वो बोली- यार कुछ पल के लिए मुझे माँ बनने का एहसास हुआ, बच्चों के दूध पीने में और बड़ों के मम्में चूसने के तरीके में ज़मीन आसमान का फर्क है, इसकी अलग संतुष्टि है, उसका अलग आनंद है।

मैंने पूछा- तो तेरा दिल भी करता है माँ बनने को?वो बोली- इसमें पूछने वाली क्या बात है, हर औरत का दिल करता है कि वो माँ बने।मैंने पूछा- तो दिक्कत क्या है?वो बोली- यार हम दोनों मियां बीवी कोशिश तो पूरी कर रहे हैं। हर बार वो अंदर ही पिचकारी मारता है। हम दोनों की सेक्स लाइफ भी बहुत अच्छी चल रही है, मगर पता नहीं क्यों बच्चा कंसीव नहीं हो रहा।मैंने कहा- तो डॉक्टर को दिखा।वो बोली- अरे यार डॉक्टर को भी दिखा लिया, सब ठीक है, हम दोनों की सभी रिपोर्टस ठीक आई हैं, पर पता नहीं क्यों, बच्चा कंसीव ही नहीं हो रहा।

मैंने मज़ाक में कहा- तो साली पति बदल के देख ले।वो बोली- मैं भी यही सोच रही हूँ, तू मेरी सहेली है, एक सलाह तो दे?मैंने पूछा- पूछ तो।वो बोली- तेरा पति कैसा रहेगा।हम दोनों हंस पड़ी।

खैर हमारा हंसी मज़ाक तो चलता ही रहता है, अब मैं आपको बताती हूँ, असली बात।

मेरे पति ने अपने बिज़नस को बढ़ाने के लिए, एक विदेशी कंपनी से समझौता किया, उस विदेशी कंपनी का माल हमें यहाँ मँगवा का इंडिया में बेचना था। अरुण जी ने भी मेरे पति की बहुत हेल्प की और मेरे पति की काम शुरू हो गया।

जब काम शुरू हो गया, तो उस कंपनी का एक मैनेजर यहाँ इंडिया आया, यह देखने कि जिस क्वालिटी का माल वो भेज रहे हैं, क्या उस क्वालिटी का माल आगे हम बेच रहे हैं, या नहीं।

अरुण जी से मैंने बात की, वो बोले- ये सब ड्रामा है, वो यहाँ आएगा, पर रिपोर्ट वो लिखेगा, जो तुम चाहोगे, बशर्ते तुम उसके मुँह में अपने शब्द डाल दो।मैंने कहा- वो कैसे?अरुण जी बोले- बहुत कुछ होता है, पैसा दे कर, गिफ्ट दे कर, कोई सुंदर लड़की दे कर। किसी भी तरह बस उसको खरीद लो।

मैंने अपने पति से बात की, वो बोले- देख लेंगे।

जिस दिन वो अंग्रेज़ अफसर इंडिया आया, तो मेरे पति ने उसका रहने का इंतजाम एक फाइव स्टार होटल में किया, उसको हर तरह की सुख सुविधा दी।एक दिन अपने घर डिनर पे भी बुलाया। थोड़ा, महफिल को और बढ़िया करने के लिए हमने अपने एक दोस्त को भी परिवार सहित बुला लिया। चिंकी और उसका पति भी आए थे। हल्का म्यूजिक, वाईन, स्कॉच, वेज, नॉन वेज, हर तरह का खाना पीना था। पार्टी बहुत ही मज़ेदार थी, हमें उस अंग्रेज़ मैनेजर को बहुत सारे गिफ्ट भी दिये।

38-40 साल का दूध से भी गोरा, गुलाबी रंगा का अंग्रेज़। कद कोई 6 फीट 2 इंच। जिम जाता होगा, इसलिए बॉडी भी अच्छी बना रखी थी। चिंकी ने तो मुझे कीचन में कह प्रिया- यार अगर मैं इस अंग्रेज़ से ट्राई करूँ, तो मेरा बच्चा कितना गोरा पैदा होगा।खैर मज़ाक की बात थी।

खाना वाना सब हो गया और अंग्रेज़ अपने होटल वापिस चला गया।अगले दिन पति जब काम से वापिस आए तो बड़े परेशान से थे। मैंने परेशानी का कारण पूछा, तो बोले- यार बहुत बड़ी मुसीबत में फंस गया हूँ, ये अंग्रेज़ का बच्चा तो बड़ा ही कमीना निकला। कहता है, जो कहोगे, जैसी कहोगे वैसे रिपोर्ट बना दूँगा, मगर मेरी एक शर्त माननी पड़ेगी।मैंने पूछा- क्या शर्त है उसकी?मेरे पति बोले- वो तुम्हें मांग रहा है, एक रात के लिए।

मैंने थोड़ा सोचा और फिर कहा- देखो, आपने मैंने, हम दोनों ने इस बिजनेस के लिए बहुत सी कुर्बानियाँ दी हैं, अगर वो एसा चाहता है, तो मैं तैयार हूँ।मेरे पति से मैंने इस बारे में बहुत खुल कर बात की और उन्हें इसके लिए समझाया और राज़ी कर लिया।

दरअसल बात ये थी कि मैं तो खुद उस अंग्रेज़ को देख कर लार टपका रही थी; मेरी तो दिल की मुराद पूरी हो गई थी। फिर मैंने सोचा कि यार चिंकी भी तो अंग्रेज़ से बच्चा पैदा करना चाहती थी, क्यों न अपनी दोस्त का भी काम करवा दूँ साथ में!मैंने चिंकी से फोन पे बात की, तो वो खुशी से उछल पड़ी।

हमने उस से अगले दिन शाम के 6 बजे की डिनर की एप्पोइंटमेंट फिक्स की। चिंकी घर पे बोल के आई के वो हमारे साथ किसी पार्टी में जा रही है, सो लेट ही आएगी।मेरे पति हम दोनों को शाम को अपनी गाड़ी से उस अंग्रेज़ के होटल में छोड़ आए।

हम जा कर लॉबी में बैठ गईं और दो मिनट बाद ही वो अंग्रेज़ आ गया, उसका नाम जॉर्ज था। हम तीनों पहले बार में गए, वहाँ हमने वाईन ऑर्डर की। सबने वाईन पी।जॉर्ज, हम सब बहुत खुश थे, जॉर्ज ने मुझसे चिंकी को साथ लाने की वजह पूछी।मैंने उस से कहा- इसकी वजह मैं आपको बाद में बताऊँगी।

उसके बाद खाना खा कर हम करीब 9 बजे जॉर्ज के रूम में चले गए।

रूम में जा कर जॉर्ज ने कहा- लेडीज़, मैं आपको एक बात बताना चाहता हूँ, मुझे बहुत पहले से ही भारतीय औरतें पसंद रही हैं। वहाँ इंग्लैंड में भी मैं अक्सर भारतीय औरतों को बुला कर उनके साथ सेक्स किया करता था। भारतीय औरतें, बहुत ही लाजवाब होती हैं। मगर एक बात और थी, क्योंकि जिन औरतों से मेरे संबंध रहे वो सब वेश्याएँ थी, तो मुझे हमेश कोंडोम पहन कर सेक्स करना पड़ता था, मगर मैं चाहता था कि मैं किसी भारतीय औरत से सेक्स करूँ, और वो भी बिना कोंडोम के। तो क्या मैं आपके साथ बिना कोंडोम के सेक्स कर सकता हूँ?मैंने कहा- बिल्कुल जॉर्ज, हम दोनों शुद्ध घरेलू औरतें हैं, और न ही हमारे किसी और मर्द के साथ संबंध है, तुम बिलकुल निश्चिंत हो कर हमसे सेक्स कर सकते हो।

वो बहुत खुश हुआ, उसने हम दोनों के होंठों पर एक एक किस की और बोला- मैं अभी आया!और वो बाथरूम में चला गया।

5 मिनट बाद जब वो बाथरूम से बाहर आया तो उसके बदन पर काले रंग की चमड़े की टाईट ड्रेस थी, हाथ में चाबुक, और मुँह पर भी नकाब था।हम देख कर बड़ी हैरान हुई कि ये सब क्या है।मैंने उस से पूछा भी- जॉर्ज, ये सब क्या है?वो बोला- सेक्स करते हुये मुझे मार खाना और मारना बहुत पसंद है, ये सब उसके लिए है।

हम दोनों को भी तो ये सब पसंद था तो हमने कोई आपत्ति नहीं जताई। हमारे पास आ कर वो हम दोनों के हाथ पकड़ कर बेड के पास ले गया।

पहले उसने मेरी साड़ी का आँचल उठाया और ब्लाउज़ में मेरे मम्में देख कर बोला- ऊ… क्या हिंदुस्तानी मम्मा है।फिर उसने मेरी साड़ी खोल दी; मैं पेटीकोट और ब्लाउज़ में रह गई। उसके बाद उसने चिंकी की भी साड़ी उतारी और ब्लाउज़ में से उसके भी मम्में दबा कर देखे। फिर जा कर बेड के बीचों बीच लेट गया और हम दोनों को अपनी अगल बगल बुलाया- आ जाओ हसीनाओ, मेरे आस पास अपने हुस्न का जादू बिखेर दो।

एक तरफ मैं तो दूसरी तरफ चिंकी आकर लेट गई।उसने हम दोनों को अपनी आगोश में लेकर हम दोनों का एक एक मम्मा पकड़ लिया और दबाया- वाह क्या बात है भारतीय मम्मों की, रसीले और मुलायम।चिंकी बोली- इसके मम्में तो दूध से भरे हैं।वो बोला- सच में? बहुत साल हो गए माँ का दूध पिये, आज पीऊँगा।

हम दोनों उसके सीने पर हाथ फेरने लगी।कसरत कर के पत्थर की तरह सख्त जिस्म कर रखा था उसने। वो कभी मेरी तरफ मुँह करता और मेरे होंठ चूसता तो कभी चिंकी की तरफ मुँह करके उसके होंठ चूसता।फिर बोला- चलो लेडीज़, अब मुझे नंगी हो कर दिखाओ, मैं तुम लोगों केनंगे जिस्मदेखना चाहता हूँ।

हम दोनों उठी और किसी रंडी की तरह अपनी ब्लाउज़ के बटन खोले, ब्रा खोली, पेटीकोट के नाड़े खोले और फिर अपनी अपनी पैन्टी उतार कर बिलकुल नंगी हो गई।जॉर्ज बोला- ओ हो, तुम लोगों की झांट कहाँ गई।मैंने कहा- हमने साफ कर दी।वो बोला- अरे नहीं, मुझे झांट वाली औरतें बहुत पसंद है। झांट हों, बगल में बाल हों।चिंकी बोली- पर अब क्या हो सकता है।जॉर्ज बोला- कोई बात नहीं, आ जाओ।

हम फिर से उसके साथ लेट गई।कहानी जारी रहेगीsupport@mohakkisse.com

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मेरी सहेली की मां बनने की चाहत

कुल भाग: 2
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10 मिनट 760

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

पंकज दूबे

1 month ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

पार्टनर

1 month ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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