होम पर वापस जाएं
रिश्तों में चुदाई पठन समय: 13 मिनट पढ़ा गया: 452 बार

तंत्र मंत्र और सासू मां की चुदाई- 1

सासू चोद

03 Apr 2013 को प्रकाशित

तंत्र मंत्र और सासू मां की चुदाई- 1
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

सास दामाद फिक्शन स्टोरी में पढ़ें कि मैं अपनी सेक्सी फिगर वाली माल सास की चूत गांड मारना चाहता था. मेरे ससुराल वालों की कई समस्याएं थी, मैंने उनका फ़ायदा उठाया.

मेरी सास श्वेता 43 साल की जबरदस्त सेक्सी फिगर की सुंदर औरत थीं… मतलब माल लगती थीं.मेरी शादी इनकी छोटी बेटी मोना से हुई थी, जो 19 साल की थी और थोड़ी लंगड़ाती थी.

इनकी बड़ी बेटी टीना 22 साल की थी, जिसके पति विशेष को पुलिस ने ड्रग स्मगलिंग में धर लिया था.मैं सुंदर, 28 साल का हूँ. साढ़े पांच फुट लम्बा, सामान्य डीलडौल और सामान्य चेहरे मोहरे का देहाती लौंडा.बस मेरे पास बेशुमार पैसा और ज़मीन थी जो मेरे पुरखों की पुश्तैनी जायदाद थी.

कहने को मैं एक फाइनेंस कम्पनी और स्कूल भी चलाता था पर ऐश बाप के पैसों की ही थी.

मैंने मोना की सुंदरता देख कर बिना दहेज़ के शादी की थी.उसके माता पिता दोनों स्कूल टीचर थे. पिता सरकारी, मां कॉन्वेंट की इंग्लिश टीचर. वो दोनों मुझसे बहुत प्रभावित थे.

मोना के पिताजी मेरे गांव के स्कूल में स्कूल टीचर थे.

उन्होंने मुझसे अपनी समस्या बताई कि एक बेटी की शादी अच्छी नहीं हुई, दूसरी थोड़ी लंगड़ाती है.मैंने मोना को देखा और मास्टर जी से उससे शादी करने को कह प्रिया.वो बहुत खुश हुए.

मोना भी खुश थी क्योंकि उसे नहीं लगता था कि उसकी शादी इतने अमीर घर में आराम से हो जाएगी क्योंकि वो लंगड़ाती है.

मैंने दहेज़ नहीं लिया था लेकिन शादी के बाद मोना को बुरी तरह से चोद चोद कर सारी कसर निकाल ली थी.

एक महीने तक मोना की चूत, गांड और मुँह, कहीं न कहीं मेरा लंड घुसा ही रहा.उसको पता था कि मैं उसको कभी भी चोद सकता हूँ, तो वो पैंटी नहीं पहनती थी और ज़्यादातर लेगी पहनती थी, जिसे सरका कर मैं उसे चोदता रहता था.

मैंने मोना की सारी ख्वाहिश पूरी की थीं, उसे बहुत खुश रखा था, वो मुझसे बहुत खुश रहती थी.

कॉन्वेंट पास मां की 11वीं पास बेटी थी, पर पढ़ाई करके करना भी क्या था उसे!

फिर मोना के पिता गम्भीर रूप से बीमार हो गए थे. उन पर भी एक पुराना क्रिमिनल केस निकल आया था.सासू मां पर उनके स्कूल में गबन का आरोप लगा था, पुलिस केस हो गया था.उनकी बड़ी बेटी टीना का पति ड्रग केस में अन्दर था.

उन्हें किसी ने बता प्रिया कि उन पर कोई बुरी आत्मा का साया है और तंत्र मंत्र करवाना पड़ेगा.

मुझे पता चला कि वो एक तांत्रिक के पास जा रही हैं.मैं जानता था वो तांत्रिक कितना हरामी था.

तो मैं उस तांत्रिक से मिला और उसे मुँह मांगे रूपये दे आया कि वो सासू मां को लौटा दे.

उस तांत्रिक को वैसे भी मैं काफी पुलिस के मामलों से बचा चुका था तो मुझे मानता था.उसने न केवल सासू मां को लौटाया बल्कि अपने हर साथी से कहा कि उन तक ये खबर पहुंचाओ कि सुंदर बहुत बड़ा तांत्रिक है. मुझ से भी बड़ा.

ढोंग करके न केवल वो सासू मां के घर गया बल्कि तीन चार और तांत्रिक भेजे और ये कहा कि उनके घर में जो बाधा है उसे सुंदर ही दूर कर सकता है. वो कई विद्या जानता है, इसीलिए इतना अमीर और सफल है.

इसलिए सासू मां मेरे घर आईं, उन्होंने मुझे पूरी बात बताई.उस समय वो लहंगा साड़ी में कमाल सेक्सी लग रही थीं.

सासू मां ने मुझसे मनुहार की कि उनके घर की बाधा हटा दूं.अगले दिन मैं मोना के साथ उनके घर गया था.

उधर मैंने थोड़ा ध्यान लगाने का नाटक किया, फिर गम्भीर आवाज में बोला- आपके मकान में कुछ बाधा है और एक आपके साथ ही आप पर सवार है.

उन्होंने बचने का उपाय पूछा.मैंने कहा- एक ही उपाय है … अनुष्ठान, पर ये बहुत कठिन होगा.वो बोलीं- कुछ भी होगा, मैं करूंगी.

मैं- मम्मी, आप समझी नहीं. ये दरअसल वाममार्गी अनुष्ठान है. मैं उसी का साधक हूँ. मांस, मत्स्य, मदिरा, मुद्रा, मैथुन वाला.वो मेरी बात को ध्यान से सुन रही थीं.

मैं- दो बातें हैं. ये बाधाएं बहुत खतरनाक हैं और अगर इनका इलाज न हुआ तो ये अन्य बाधाओं को भी बुलाती जाएंगी … और इनका अनुष्ठान के अलावा कोई इलाज नहीं है. दस दिनों बाद आपके साथ बड़ा अनिष्ट हो सकता है … और …ये कह कर मैं चुप हो गया.

सासू मां ने मेरी तरफ देखा और सवालिया नजरों से देखने लगीं- और क्या?मैं- और दूसरी बात ये कि आपके लिए अनुष्ठान इतना गन्दा होगा कि फिर शायद हमारा रिश्ता पहले जैसा न रहे.यह मैं मोना के सामने कह रहा था.

मम्मी बोलीं- तुम अनुष्ठान करो, मैं करवाऊंगी.मैंने कहा- सोच लो एक बार!वो बोलीं- सोच लिया. तुम शुरू करो.

मोना वहीं बैठी हमारी बातें सुन रही थी.

मैं सीरियस होकर बोला- मोना, मेरे खयाल में तुम्हें अपनी मम्मी को समझाना चाहिए कि मैं क्या कह रहा हूँ. अगर तुम्हारी मम्मी का कोई बॉयफ्रेंड हो तो बुला लो. वरना फिर मुझे कभी माफ नहीं कर पाओगी.वो थोड़े गुस्से से बोली- ये क्या बकवास कर रहे हो? अगर ऐसा कुछ है तो तुम ही मम्मी के बॉयफ्रेंड बन जाओ. ऐसी बात हम बाहर नहीं बता सकते. घर की बात घर में रहनी चाहिए.

मैं बोला- ठीक है. आज से अनुष्ठान शुरू होकर तीन दिन लगातार चलेगा. अनुष्ठान के दौरान मेरे अलावा कोई घर से बाहर नहीं जाएगा. न ही किसी से फोन पर बात करेगा.मोना और मम्मी ने हां में सर हिला प्रिया.

अब मैं बोला- मैं अभी अनुष्ठान की शुरूआत के लिए सारा सामान लेकर आता हूँ. तब तक आप तैयार रहिए.

इतना बोल कर मैं बाज़ार चला गया.उधर से मैंने चिकन, फिश, व्हिस्की की बोतलें, खरीदीं. केला, खीरा, रबड़ी, दही आदि लिया, फूल लिए और सासू मां के लिए कई तरह की मिनी स्कर्ट वाली लिंगरी ब्रा ले लीं.

मैं ये सामान लेकर वापस घर पहुंचा.यहां मैं अपने पाठकों को स्पष्ट बता दूं कि न मैं तांत्रिक था, न मुझे कोई तन्त्र विद्या आती थी. न मैं कोई असली का अनुष्ठान करने वाला था.

दरअसल अब मेरी सुंदर सेक्सी सासू मां को देख मेरे अन्दर की हवस जाग गई थी और मैं उनके सेक्सी बदन का आनन्द लेना चाहता था.

मैं सासू मां के घर पहुंचा.मैंने उन्हें अपनी लाई लिंगरी का सैट देकर कहा- नहाकर ये पहन कर आओ. केवल यही पहनना और कुछ नहीं!मोना को भी एक लिंगरी देकर कहा- तुम भी!

सासू मां वापस आईं.उन्हें देखते ही मेरा लंड टनटना उठा.

काली रंग की मिनीस्कर्ट और ब्रा में उनका 85 फीसदी बदन नंगा था.उनके चूचे ब्रा से छलके पड़ रहे थे. गोरी जांघें लम्बी थीं और स्कर्ट ज़रा सा झुकने पर नंगे चूतड़ या चूत दिख जाती.

पीछे से मोना भी आई.मैंने उन्हें नेहा के लिए एक चटाई और दो पाटा लाने को कहा.

चटाई पर पाटा रखे. फिर फिश, चिकन, व्हिस्की रखी, खीरा केला, रबड़ी दही कटोरियों में रखवाई. फूल माला रखी.

सासू मां से चांदी के सिक्के रखवाए.फिर मैंने कहा- देखिये सासू मां, अब मैं अनुष्ठान शुरू करने जा रहा हूँ. मैं आपसे संकल्प दिलवा कर और आपको बुरी शक्तियों से बचा कर अनुष्ठान पूरा करने को धागा बांध दूंगा, फिर आप मेरे बताए मंत्र को मेरी बताए अनुसार एक सौ बार पढ़ेंगी और तब आप अनुष्ठान में भाग लेने के क़ाबिल बनेंगी.

मैंने उनसे हाथ में व्हिस्की लेकर कहलवाया कि मैं श्वेता उम्र 43 साल अपने घर की और मेरे ऊपर चढ़ी बाधा दूर करने हेतु ये अनुष्ठान अपने दामाद सुंदर के साथ करने जा रही हूँ. इसे मैं विधि अनुसार पूरा करूंगी.फिर वो व्हिस्की ज़मीन पर छुड़वाई.

तदुपरान्त मैंने फ़र्ज़ी मंत्र बुदबुदाते हुए उनकी गर्दन में, कमर में काला धागा बांधा और कहा कि यही धागा आपके लिए अभी ज़रूरी है.

मोना पीछे खड़ी देख रही थी.मैंने सासू मां को फूल माला भी पहनाई.

अब, मैं थोड़ा खंखार कर कहा- अब गंदे पार्ट शुरू होंगे … आप पाटे पर बैठिए.

वो बैठ गईं.

मोना को देख कर मैं उसके हाथ पकड़ कर थोड़ा आंखों में फ़र्ज़ी आंसू भर कर बोला- मोना तुम मुझे गलत समझ रही होगी न?मोना ने मेरा चेहरा हाथों में भरा और बोली- बेबी, तुम मेरे लिए इतने अच्छे हो, मैं मान ही नहीं सकती कि तुम कुछ गलत कर सकते हो. मम्मी ने कम से कम बीस जगह पता किया है कि तुम बहुत बड़े तांत्रिक हो और अगर कुछ ऐसा वैसा मम्मी को करवाना ही है किसी से … तो उससे अच्छा है कि तुम ही करो. घर की बात घर में रहेगी.

सासू मां हमारी बातें सुन रही थीं.

मैंने मोना को भी काला धागा बांध कर कहा- अब इन्हें न उतारना!इसके बाद मैंने सासू मां से कहा- अब सासू मां, आपको ये मंत्र सौ बार पढ़ना है और ज़ोर ज़ोर से बोलकर. मन्त्र मैं लिख लाया हूँ.मैंने मंत्र लिखा कागज़ उन्हें प्रिया.

बाबा भूतियाबाबा चूतियामैं बाबा की नारीलहंगा पहने डारीबाबा ने फाड़ा लंहगाबाबा ने फाड़ी चूतचूत से निकलो बहुतबहुत ने खाई खांड़बाबा ने मारी गांडबाबा बहुत करो काममोरी गोदी में करो आराम.

ये मंत्र सौ बार जोर से पढ़ना है.पढ़ते वकत आपको अपनी वैजाइना को एक हाथ से लगातार टच करे रहना है.

मैं बोला और हर बीस बार के बाद एक खीरा या केला अपनी वजाइना में हल्का सा घुसेड़ के वापस रखना है.

अब मैं वहां से उठकर बाहर नॉर्मल होने आया क्योंकि मैं बहुत उत्तेजित हो रहा था.

मैं छत पर टहलने गया, थोड़ा रिलैक्स फील किया. तब रात के 9 बजे थे.मैं लगभग 40 मिनट बाद नीचे आया.

सासू मां ने आखरी बार मंत्र पढ़ा ही था.मोना वहीं थी.

मैं बोला- ठीक है. अब आप अनुष्ठान करने के काबिल हैं. हम शुरू करते हैं. अब आपको दो तीन बातें याद रखनी है. मेरी किसी भी बात को आपको मानना है बगैर कुछ सन्देह किए. आप अनुष्ठान में जितना बढ़ चढ़ कर मनोयोग से भाग लेंगी, उतना अधिक फल मिलेगा और शर्म बिल्कुल छोड़ देनी है. हमारा रिश्ता बिल्कुल भूल जाना है.

वो बोलीं- ठीक है.

अब भयंकर चुदाई का माहौल बन चुका था.

मैंने कहा- देखिए सासू मां, एक बात अच्छी तरह से समझिये. ये वाममार्गी नेहा है, इसमें केवल ऐसी गन्दी बातें होंगी, जो समाज में अच्छी नहीं मानी जाती हैं. अब पूरे अनुष्ठान भर मैं आपसे प्यार से नहीं बोल सकता, पर आपको प्यार दिखाना है.

मैं पालथी मार कर एक पाटे पर बैठा और एक थाली में कपूर रखकर जलाया.तब मैंने सासू मां से कहा कि मेरे सामने आकर हाथ जोड़ के खड़ी हो जाओ.

थाली के दूसरी तरफ मोना को पास बुला कर एक तरफ खड़ी किया और कहा- जो मैं कहूँ, उठा कर इनको देते रहना. एक थाली में व्हिस्की, चिकन, फिश, पैसे रबड़ी, दही, केला, खीरा रख लो.उसने वही किया.

मैं बोला- मैं मन्त्र पढ़कर जब बोलूं तब आप वो चीज़ थोड़ी सी थाली में डाल कर थोड़ी मुझे खिलाएंगी या पिलाएंगी. पैसा मेरे हाथ में देंगी व बाकी सब तो खाने पीने की चीज़ हैं.

मैंने धीमे से कुछ बुदबुदा कर फ़र्ज़ी से मन्त्र पढ़े, फिर जोर से बोला ‘श्वेता की मां का भोसड़ा, श्वेता की मां की चूत.’

और सासू मां से कहा कि शराब की एक दो बूंद थाली में डाल कर थोड़ी मुझे पिला. और ऐसा करते समय बोल

मैं बाबा की नारीनंगी नंगी डारी.

मोना हंस दी, सासू मां भी.

फिर भी उन्होंने व्हिस्की की बोतल से चुल्लू में व्हिस्की ली.कुछ थाली में पड़ी, कुछ मुझे पिला दी.

मैंने दोबारा मन्त्र पढ़े, अबकी बार मैं बोला- श्वेता की मां का भोसड़ा, श्वेता की मां की चूतउन्होंने अबकी चिकन खिलाया

फिर फिशचौथी बार में पैसे मेरे हाथ में दिए.

अब आखिरी बार मैं बोला- मेरे मन्त्र पढ़ने के बाद आप अपना नीचे का कपड़ा उतार देंगी. अपनी चूत को थाली में छुआ कर मेरी गोद में आकर बैठेंगी. फिर वापस वही जाकर खड़ी हो जाएंगी.

फर्जी अनुष्ठान के चलते मैंने अपनी बीवी के सामने अपनी सासू मां की किस तरह से चूत और गांड चुदाई का मजा लिया.वो सब आपको सास दामाद फिक्शन स्टोरी के अगले भाग में पढ़ने मिलेगा.

मुझे मेल जरूर करेंsupport@mohakkisse.com

सास दामाद फिक्शन स्टोरी का अगला भाग:तंत्र मंत्र और सासू मां की चुदाई- 2

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

तंत्र मंत्र और सासू मां की चुदाई

कुल भाग: 2
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

ससुराल में चुदाई की कामुक दास्ताँ- 5
रिश्तों में चुदाई

ससुराल में चुदाई की कामुक दास्ताँ- 5

Xxx डर्टी पोर्न स्टोरी में मैं अपने ससुर से चूत गांड मरवाने के बाद खुल कर बात करने लगी. हमने आपसे रिश्तों में चुदाई पर खुल कर बात की. ससुर ने अपने परिवार के सेक्स की बातें बताई.

17 मिनट 1,219
चूत की खिलाड़िन-1
रिश्तों में चुदाई

चूत की खिलाड़िन-1

उषा मस्तानीरसीली की रसभरी रातेंके आगे पढ़िए !

7 मिनट 680
रिटायरमेंट के बाद सेक्स भरी मस्ती-3
रिश्तों में चुदाई

रिटायरमेंट के बाद सेक्स भरी मस्ती-3

एक दिन सुबह सुबह सुमन आई और बोली- आगरा में मेरी छोटी बहन मनीषा रहती है. मनीषा की ननद भी आगरा में ही रहती है, उसकी लड़की का रिश्ता हैप्पी के लिये आया है. आप समय निकालिये तो चल कर लड़की देख आयें.

12 मिनट 365

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।